चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म

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देसी गर्ल फक स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने रिश्तेदारी में आयी कमसिन लड़की को सेट करके अपने घर बुलाकर उसकी कुंवारी बुर की सील तोड़ी. रिया चक्रवर्ती की चुदाईशिराज ने दरवाजा खोल कर मुझे हंसते हंसते अन्दर बुला लिया और हम पढ़ाई के बारे में बातें करने लगे.

मैंने उन्हें किचन की पट्टी पर लेटाकर उनकी चूत में अपनी उंगली डाल दी और उन्हें फिर से उत्तेजित करने लगा. स्कूल का सेक्स वीडियोआप मुझे बताइये क्या चाहिए आपको?उस महिला को देखकर बताने में मैं झिझक रहा था, इसलिए कुछ बोल ही नहीं सका.

मेरा आज पहली बार है और इतना बड़ा कैसे ले पाऊंगी?मैंने कहा- क्या तुमने पहली रात को भी अपने पति का नहीं लिया था?उसने कहा- मैंने बहुत सारे सपने देखे थे अपनी सुहागरात के … और मैं उस दिन बेड पर अपने पति का इंतजार कर रही थी.चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म: मस्ती में आकर मैंने बलदेव के मोटे काले लंड को मुँह में भर कर थूक थूक कर गीला करके चाटना शुरू कर दिया.

मैंने अपने मन में कुछ सोच कर कहा- नहीं भाभी, मैं चूत तो नहीं चोदूंगा, पर एक काम कर सकता हूँ.आज अकेले उसके घर पर उसके साथ उसे इस रूप में देखकर मेरे लंड से पानी रिसने लगा.

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मैंने उससे पूछा- शर्मा क्यों गई हो?वो मेरी तरफ देख कर बोली- आज किसी ने पहली बार मुझसे डार्लिंग कहा है.किसी नई महिला के साथ नई घटना के साथ मैं फिर हाजिर होऊंगा, तब तक के लिए नमस्कार.

पर यहां तो मैंने उस कोमल दाने को ऐसे मरोड़ कर बाहर खींचा की रेशमा उस ट्रेन के कूपे में ही मूतने लगी. चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म उसने लिखा था- मैं तुम्हारी बात से सहमत हूँ और हम दोनों को ये ट्राई करना चाहिए.

कविता बोली:देखो यार, कोलकाता में दारू और सिगरट पीना लड़कियां कॉलेज में ही सीख जातीं हैं, तो मैं भी सीख गयी.

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पांच मिनट ऐसा ही खेल चलता रहा था तो मेरा मोटा और लंबा लंड डंडे जैसा सख्त हो गया. इस बात पर रेशमा हंस कर बोली- ऐसे तगड़े धक्के दे रहे हो मेरे मालिक, तो चीख निकलेगी ही ना?वो बात तो सही कर रही थी. रेशमा- चुप करो बदमाश, उस सुअर का नाम लेकर क्यों मजा ख़राब कर रहे हो? ऐसे लौड़े को चूसने के लिए तो मैं इतने दिन से तड़प रही थी मेरे राजा जी, अब देखो कैसे आपको मजा दिलाती हूँ.

ये हार्ड वैक्स इसी काम के लिए आता है, इसको गर्म अवस्था में लगाया जाता है. वह मुझसे कहने लगी- साले मार मुझे किसी रंडी के जैसे मार … मेरे गाल पर चमाट मार. शुरू के 9 महीने तक तो वो साथ में रहे लेकिन उसके बाद वो सूरत चले गए और मैं अपने देवर और ससुर जी के साथ घर पर अकेली रहने लगी.

सुमैत्री ने मेरे होंठों को चूमा और बड़ी बेताबी से मेरे लंड को सहलाने लगी. फिर मैंने सिगरेट उसे दी और उसने धीरे धीरे मेरी आंखों में देखते हुए चुन्नी से अपने चुचे फिर से ढक लिए और चली गयी. उससे जुड़ी हुई सेक्स कहानी का अगला भाग मैं आपके लिए लिख कर भेज रहा हूँ, मजा लीजिए.

मैंने उसको किस करते करते अपने हाथों को उसके टॉप के नीचे से डालकर ब्रा तक ले गया और उसके मम्मों को ब्रा के बाहर से ही दबाने लगा. वीरेन्द्र सर भी कुछ ज्यादा सीनियर नहीं थे, महज तीस बत्तीस के होंगे.

अब वो हमेशा मेरे लिए कुछ न कुछ खाने के लिए लाने लगे, मेरे लिए साड़ी खरीद कर लाने लगे और यहां तक कि मेरे लिए गाउन भी खरीद लाते थे.

अब आगे :जैसा उसने कहा था, मैंने बेल नहीं बजायी और सीधा अन्दर चला गया.

दो तीन बार मैंने लंड पेलने की कोशिश की, पर हर बार नाकामयाबी ही हाथ लगी. मैं दीदी को नीचे से पेल रहा था और दीदी ऊपर से गांड उठा उठा कर चुद रही थीं. मेरा नाम सुनते ही भाभी एकदम खुश हो गईं और मुस्कराती हुई अन्दर से भागती हुई आईं.

मैंने मार्किट से मैनफोर्स का पान फ्लेवर का बड़ा पैकेट ख़रीदा क्योंकि वह एक्स्ट्रा डॉटेड और एक्स्ट्रा रिब्ड कंडोम है. कुछ मिनटों में छटपटाती अर्चना दीदी शांत हुईं तो धीरे-धीरे क़मर हिला कर मजा लेने लगीं. तो मैं समझ गई कि मुझे ही कुछ करना पड़ेगा, अपने बाप से चुदने के लिए मुझे अपना रंडीपना दिखाना ही पड़ेगा.

उनका रंग थोड़ा सा साँवला है।तो अब मैं गाँव की चुदाई की कहानी पर आता हूँ.

दोस्तो मुझे आशा है कि आपको मेरी यह हॉट टीचर मैम Xxx कहानी पसन्द आई होगी. उम्र का तकाजा था या पता नहीं क्या था कि मैं अलग अलग लड़कियों को पटाना और उनके साथ सोना मेरी आदत बन गई थी. पानी में रहकर चोदने में चूत चुदाई का मजा आ रहा था, साथ में सुगंध भरा माहौल और सेक्सी संगीत भी मजा दे रहा था.

सरिता भाभी खुश होकर बोली- मुझे मालूम था हर्षद, तुम मेरी बात नहीं टाल सकते. मैं डर गया और उससे माफी मांगने के लिए मैंने 5 मैसेज कर दिए, पर उसका कोई जवाब नहीं आया. फिर मन में आया कि सबसे बेहतर विकल्प तो शनाया की सहेली सुमन और उसका बॉयफ्रेंड अमित है या फिर मेरे साथ पढ़ने वाली मेरी दोस्त श्रुति और उसका बॉयफ्रेंड गौरव है.

पापा- आह मजा आ गया जान!मम्मी भी अपने होंठों से अपने दांतों को दबाती हुई हल्के हल्के ऊपर नीचे होने लगीं.

मैंने उसे हाई कहा और बाहर आकर शनाया से पूछा कि आज के दिन मानसी यहां क्या कर रही है?शनाया ने कहा- यही तेरा गिफ़्ट है. मेरा एक हाथ उसकी गर्दन को पकड़े हुए था और एक हाथ टी-शर्ट के ऊपर से ही उसके चूचों को सहला रहा था.

चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म मैंने अपनी आंखें खोलीं तो देखा मौसी की चूचियां मेरे सीने को एक बाजू से दबा रही थीं. नसीब से उस समय वो भी घर पर अकेली थी तो उसने मुझे झट से ऊपर बुला लिया.

चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म लगभग 15 मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ गया और निढाल होकर उसके साइड में गिर गया. मेरी पिछली कहानीपुराने लौंडेबाज से मुलाक़ात हुई तो गांड मराईमें मैं आपको बता चुका था कि मैं एक शहर में जॉब कर रहा था.

अचानक हल्की सी आवाज से नींद खुली और मैं ध्यान से सुना तो ये चूड़ियां खनकने की आवाज थी.

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उसके अन्दर की लाल रंग की ब्रा साफ साफ दिख रही थी क्योंकि उसने सफेद रंग की पतली सी टी-शर्ट पहनी हुई थी. कुछ ही देर में उसके घुटने दुखने लगे थे, तो मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेलने लगा था. मैंने फिर से ललिता भाभी को बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी टांगों को फैला कर चोदने लगा.

पापा- हां पूरा मजा लो यार … लाइफ के में जवानी एक बार ही आनी है जान. आपको अब तक की कहानी पढ़ कर कितना मजा आया? मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं. ‘आअहह हह हम्म्म्म अम्म्मीईई …’उसकी करहाने की आवाजें सुनकर मैं रेशमा से बोला- साली रंडी, इतना क्यों चिल्ला रही है कुतिया, कहीं बाहरवालों ने सुन लिया तो पूरी ट्रेन छोड़कर यहीं तेरा चुदाई का सिनेमा देखने आ जाएंगे.

रेशमा जैसे ही मेरे पास आने को हुई तो मैंने झट से उठ कर मेरी पैंट उठायी और उसका बेल्ट निकाल कर फिर से सोफे पर बैठ गया.

और आनन्द ने कहा- यार मेरी बीवी तो ख़ुशी ख़ुशी तैयार हो गयी। वह तो शायद खुद ही यह बात मुझसे कहना चाहती थी।दरअसल दो दिन पहले जब हम तीनों आपस में बैठ कर दारू पी रहे थे तो ख्याल आया की क्यों न हम लोग ‘वाइफ स्वैपिंग’ करें और एन्जॉय करें?सबने हां कह दी थी. तो मैंने कहा- तुम्हारे पैर चूम लूं, चाट लूं … तुम्हारे अंडरआर्म्स को प्यार कर लूं … ओर घंटों तक बस तुम्हारे पूरे बदन को चाटता रहूँ. लेकिन टॉवल से सिर्फ मेरे मम्मों और मेरी चूत के ऊपर का थोड़ा सा हिस्सा ही ढका हुआ था.

उसके बाद मैं घर आया, तब तक संजय के लौड़े का माल मेरी गांड से निकल कर बहने लगा था. इस बार भी मैं करीब 30 मिनट तक लगा रहा और उसकी गांड में ही रस छोड़ दिया. दस मिनट तक मैं भाभी के दोनों मम्मों से खेलता रहा, फिर उनके गोरे गोरे पेट को सहला कर चूमने लगा, उनकी नाभि को चूमने लगा.

टी-शर्ट खोलने के बाद मैं उसकी गर्दन के पास किस कर रहा था, कभी लिपकिस कर रहा था, कभी उसके होंठों को उंगली से मसल रहा था. परन्तु उस रात में कुछ ऐसा हो गया कि मैंने उसके साथ जमकर सेक्स किया.

अंधेरे में ज्यादा कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था, बस अंदाजा लगाया जा सकता था. वो समझ गई और बोली- ठीक है मैं कल कितने बजे आऊं?मैंने उससे कहा- तुम कल 11 बजे आ जाना. एक एक बढ़ के एक काल गर्ल और पैसे उधार लेने आयी भाभियाँ लड़कियां मेरे लंड के नीचे आती रहती थी.

थोड़ी ही देर में मौसी ने अपनी गांड मेरे लंड से चिपका दी और लंड के साथ छेड़छाड़ करने लगी.

वो मेरी मुँह से चुदाई शब्द सुनकर मेरी तरफ देखने लगी और फिर हंस कर अपने होंठ काटने लगी. उस गार्डन में इतने कपल्स आते थे कि उसका नाम ही फिज़िकल गार्डन हो गया था. मैं शाम होने का इंतजार करने लगा, वक़्त काटे नहीं कट रहा था।आखिरकार रात आ ही गयी, रात के 8 बज गए थे और अंधेरा हो गया था.

उसने मेरे लौड़े को साफ किया और कहने लगी- खुश हो कि नहीं … आई लव यू. तो मैंने भी अपनी ग़लती मानते हुए आंखों से ही उसकी माफ़ी मांग ली और उसके मस्तक पर प्यार से हाथ फेरते हुए मैंने उसका माथा चूमा.

फिर ऐसे ही थोड़ी देर इधर उधर की बातें हुईं, भाभी अपने पति से सटती जा रही थीं. अब अञ्जलि ने मुझे कमर से हल्का सा कस कर पकड़ लिया और अपने पैर के पंजों पर उठ कर मेरी गर्दन पर किस करने लगी. अब मैंने ललिता भाभी की पीठ पर हाथ फेरते हुए कहा- अरे भाभी, यह तो मेरा फ़र्ज़ था.

कपड़े कैसे सिलते हैं

चुदी तो ठीक, नहीं तो कोई और सही सोचने वाला मैं, आज नम आंखों से उसको सॉरी लिख रहा था.

छठे दिन उन्होंने मेरे घर वालों को बताया- मेरे पति की रिपोर्ट अब नेगटिव आ गई है. सोफे की तरफ मेरी पीठ थी और मैंने झुककर तौलिया उठाया, उसके बाद मैंने एक उंगली से अपनी चड्डी को ठीक की, जो कि मेरी गांड के दरार पर घुस गई थी. वो दर्द से मिश्रित आह की आवाज निकाल कर बोलीं- आह मेरे अनाड़ी देवर जी, जरा प्यार से अपनी भाभी की चूत पेलो न!उनकी ये आह अत्यंत मजेदार थी.

मैंने अपने हाथों को उसके पेट के तरफ ले जाकर उसकी बाथ गाउन की बेल्ट खोल दी. खाना बनाने के बाद मैंने नजरें नीचे किए हुए देवर और ससुर को खाना दिया और खाना खाने के बाद अपने कमरे में आ गई. घोड़े का सेक्सी पिक्चरमैंने हाथ फेर कर झांटों के कड़ेपन का अहसास किया तो समझ आया कि मैडम अपनी चूत साफ़ करने पर विशेष ध्यान नहीं देती थीं.

जैसे ही मैंने दरवाजा खोला, नेहा भाभी ने कपड़े बदल लिए थे वो एक नाइटी में थीं. कुछ दिन बाद उसने अपनी सहेलियों को भी मेरे पास भेजना शुरू कर दिया था.

मुझे अच्छे से समझ में आ गया था कि मुझसे ही इस टीचर से काम हो जाएगा. मेरा एक हाथ उसकी बूब्स पर था और दूसरा उसकी चूत पे!जब मुझे लगा कि वो गर्म हो रही है तो मैंने उसे कसकर बांहों में दबा लिया।उसने कहा- अजीब सा फील हो रहा है. चुदाई का खेल अपने चरम रोमांच पर था और घचाघच घचाघच चुदाई करते हुए महंत चुत की बखिया उधेड़ रहा था.

पूरे दस मिनट तक दीदी की गोरी गोरी चिकनी गांड पहली बार चुदाई कर तृप्त होकर थोड़ी देर में सुमंत उनसे अलग हो गया. तभी जीजा के मुँह से निकला- मादरचोद रंडी तुझको तो पूरे मुहल्ले के लड़कों से चुदवाउंगा. मौसी बेड के पास आयी और मुझे आवाज देने लगी- हर्षद, सो गए क्या?मैंने कोई जबाब नहीं दिया तो उसे लगा मैं सो गया हूँ.

मैं फिर से उन्हें किस करने लगा और ब्लाउज के ऊपर से ही ललिता भाभी की चूचियों को मसलने लगा.

इसलिए मैंने पीछे से गांड में धीरे धीरे पूरा लंड जड़ तक पेल दिया और चुदाई करने लगा. मौसी ने हंसते हुए कहा- अच्छा अब तेरा लंड तेरे बस में नहीं है, ये क्यों नहीं कहता कि मौसी की गांड फाड़ना चाहता है.

कुछ देर ऐसे ही करने बाद पापा सीधा हो गए और मम्मी की कमर नीचे तकिया लगा कर उनकी टांगें चौड़ी करके कंधे पर रख लीं. जब वो बैठी थी तो पीछे से उसकी साड़ी नीचे खिसक गई थी, जिससे उसकी गांड की लकीर मुझे साफ साफ दिखाई दे रही थी, उसके पिछवाड़े का मस्त नजारा साफ दिखाई दे रहा था. जब भी उसका लंड अन्दर से बाहर की ओर निकलता था तो मुझे हर बार ऐसा लग रहा था जैसे मेरी पेशाब निकल जाएगी.

मैंने एकदम से उसका मुँह चुम्बन के लिए ऊपर किया तो उसने अचानक ही मेरा मुँह चूम लिया. फिर मैंने देखा कि उसकी पैंटी से पानी टपक रहा है तो मैंने उसकी गांड पर एक और स्टिक मारी. मैं भी चुपके से उन दोनों की सारी बातें और करतूतें वीडियो में कैद कर रहा था.

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उनकी 45 की उम्र में 36D-32-40 का फिगर और कातिल मुस्कान किसी का भी लंड खड़ा कर दे. मैंने भी लंड की नोक को गांड पर घिसा और कहा- हां यार विलास … अब मैं भी नहीं रुक सकता. फिर मैंने उसे दीवार से सटा दिया और उसका चेहरा दीवार से चिपका कर हार्ड सेक्स शुरू कर दिया.

हमने कभी किसी की शादी में जाकर, कभी काम के नाम पर भारत के हर नगर में चुदाई की है. बस ऐसे विचार आते ही मैंने उसके होंठों में अपने होंठ रख दिए और लंड को चूत की फांकों में फंसा दिया. लड़की को सेक्सी फिल्मइसके बाद नैना और उसके ससुर के बीच ऐसा कुछ होने लगा, जिससे कि नैना उनके ऊपर आकर्षित होने लगी.

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मेरी पिछली कहानीभाभी की प्यासी चूत और बच्चे की ख्वाहिशआप सबने पढ़ा ही होगा कि मेरा सबसे करीबी दोस्त विलास और उसकी पत्नी सरिता के साथ मेरे संबंध कैसे बने थे. उसने मुझको चिपका कर अपना एक हाथ आगे से मेरे अंडरवियर में डाल दिया और मेरा लंड पकड़ कर दबाने लगा.

इस बीच वो भी अपने लंड को सहला रहा था, जिससे वो भी दो बार झड़ चुका था. मुझसे रहा नहीं गया तो मैं अपने एक हाथ से उसके सर को सहलाने लगा, साथ में अपनी उंगलियां, उसके घने और लंबे बालों में फिराने लगा. उस वक्त तक मोनिका और मैंने नाइटी पहन ली थी और उन दोनों के आने का इंतजार कर रही थीं.

उसका टमाटर जैसा सुपारा बाहर निकल आया था और चमकीली बूंदों से लबरेज था.

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मां पापा के लंड को पकड़ कर बोली- सब मिल कर मजा करते हैं, जैसे सेक्स मूवी में चुदाई होती है.

मैं उनसे छूटने के लिए जोर लगाने लगी और बोली- ये क्या कर रहे है आप पापा जी … छोड़िये ये सब गलत है. ओ से नाम लिस्ट बॉयमोनिका बोली- राज, जरा देख तो, ये ठेले वाला क्या क्या बेच रहा है?वो बोला- आवाज से पता नहीं लग रहा है मामी … मैं देख कर बताता हूँ. मौसी की सेक्सी फिल्मअब सुनीता की नींद उड़ चुकी थी, वह पूरी तरीके से गर्म हो गई थी लेकिन घरवालों के कारण कुछ नहीं कर सकती थी. मैंने थोड़ी देर बाद फिर उसकी चादर में हाथ डाल दिया और उसकी चूचियों पर हाथ घुमाने लगा.

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मेरी नज़र उसके टॉप पर पड़ी जो कि उसके मोटे मोटे चूचों की वजह से उभरा हुआ था. मैंने उसकी गांड मारनी शुरू कर दी और ड्यूरेक्स का स्प्रे उसकी चुत में डालता रहा. फिर उसके दोस्त ने मुझे कुतिया बना दिया और मेरी चूत में लंड को सैट कर दिया.

सौतेली मां थी मेरी, मगर मेरी जान, मेरी रखैल, मेरा प्यार सब कुछ थी वो!मेरे पापा की दूसरी बीवी है वो!वो मुझसे सिर्फ नौ साल बड़ी है. सही वक्त और मौका देख कर लंड के ऊपर ज्यादा सी वैसलीन लगा कर सुपारे को गांड पर रख दिया और हल्के हल्के गांड पर घुमाते हुए गांड के अन्दर जोर लगा कर डालने लगा. मुश्किल से 10 मिनट ही मैंने उसकी चूत में उंगली की होगी कि वो अकड़ गई और झड़ गयी.

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सोनाली मदहोश होकर अपने हाथों से मेरा सर सहलाकर बोली- आह हर्षद बस करो ना … अब मैं और नहीं सह पाऊंगी. कोई पांच मिनट बाद मेरा लावा भी फूटने को आया तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और वो भी जोर जोर से कामुक आवाजें निकालने लगी. पर मैं अंदर झाँकता रहा।मुखिया जी माँ को अपनी जाँघों पर बैठने का इशारा करने लगे.

फिर जरा गांड हिलाकर लंड सैट किया तो सुपाड़ा अन्दर चला गया और मैं जम कर बैठ गया.

पहले मुझे उसके बारे में नहीं मालूम था कि वो भी इसी कॉलेज में है, पर जब वो मुझे दिखाई दिया, तो मुझे जानकारी हुई थी.

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इसके बाद मैंने सना से कहा- फोटो वाली पोजीशन बनाओ जिसमें उसने अपनी गांड उठा कर फोटो शूट करवाया था. उस दिन मैंने कसम खा ली कि मैं इस मास्टर की जीएफ का पता लगा कर उसे ही चोदूंगा. पहले वो ठीक थे लेकिन उनकी सेक्स ड्राइव दिन ब दिन कमजोर होने लगी है.

अब वो अपनी मीडियम साइज की चूचियों के साथ पहले से ज्यादा सेक्सी लगने लगी थी और अब उसकी सारी की सारी ब्रा उसे छोटी होने लगी थीं. अब ललिता भाभी दर्द से कराहते हुए बोलने लगीं- उई राज … लगती है … थोड़ी धीरे मसलो.

पापा ने अपनी बहू की गांड को सहलाया तथा नाईटी को हाथों से निकाल कर अलग रख दिया.

फिर उसको कुतिया बनाए हुए ही चूत से लंड खींच कर गांड दबाते हुए बार बार लंड पेलने और निकालने लगा. भाभी को अपनी चूचियां चुसवाने मजा आने लगा था तो वो अपने हाथ से अपने दूध पकड़ कर मास्टर को पिलाने लगी थीं. वो खड़ा हुआ तो मैंने उसका लोवर चड्डी समेत उतार दिया और उसके लंड को हाथ से सहला कर मुँह में भर लिया.

जवाबी शायरी ”मैंने प्यार से उसके होंठों को चूमते हुए कहा- जितना दर्द होना था मेरी जान … हो गया. वो मुझे क्यों बुलाती हैं या वो ये सब क्यों करती हैं, इससे मुझे कोई लेनादेना नहीं है.

वो दर्द और आनन्द से मिश्रित बिलबिलाती हुई बार बार छोड़ देने की गुहार कर रही थी. लंड हाथ में आते ही मेरे मुँह से निकला- वाह क्या कड़क लंड है यार … एकदम सख्त और लोखंड सा है!मैं रोहित का लंड हिलाने लगी, उसे चारों तरफ से देखने लगी और अचानक से लंड पर ताबड़तोड़ चुम्मियां लेने लगी. करीब पांच मिनट की धुंआधार चुदाई के बाद मैं रुका और अपना लंड बाहर निकाल लिया.

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अगर महंत सचेत न रहता तो दीदी की चूतड़ों की थाप से उसके लंड की गोलियां फूट जातीं. अञ्जलि ने भी अपने बालों को बल देते हुए घुमाया और अपना जूड़ा कस कर बांधने के बाद, वहीं रखे हुए, वॉटर प्रूफ हेड कवर से अपने बालों को ढक लिया. मगर पापा मूड में थे, वो बोले- यहीं करते हैं न यार … तुम्हारी चूत के रस को तो मैंने पिया ही नहीं है.

मैंने उन्हें चूमते हुए कहा- भाभी, आपको तो मालूम ही है कि ये मेरा किसी लड़की के साथ पहली बार का मामला है. मैंने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर लीं और तीन दिन बाद ट्रेन से उसके शहर पहुंच गया.

दस मिनट चोदने के बाद मैंने लंड बाहर निकाल लिया और फिर से चूत के दाने को उंगली से मसलने लगा.

उसने लंड के सुपारे पर अपने मुँह से थूका और मेरे लंड को चिकना कर दिया. मैंने नंदा को सीधा लिटाया और उसके ऊपर आकर लंड को उसकी चूत में डालने लगा. पानी का गिलास ख़ाली कर ही रहा था कि तभी साबिरा की अम्मी का मोबाइल बजा.

जैसे ही उसकी गांड का छेद थोड़ा सा बेखबर हुआ और खुला, मैंने अपना कड़क लंड उसकी गांड में दबा दिया. विलास ने कहा- मेरी मौसी से मिले कि नहीं हर्षद?मैंने कहा- हां, भाभी ने मेरी उनके साथ पहचान करवा दी है. मैं एकदम से सन्न रह गया और आंगन में पहुंचते ही मैंने उलाहना देते हुए शैली से कहा- मामी, तुम्हारी ननद मुझे काट ही खाएंगी.

दोस्तो, मैं आपका प्यारा आजाद गांडू!मेरी पिछली कहानी थी:मेरी मकान मालकिन ने मेरा लंड देख लियाआज फिर से आपकी सेवा में एक गांड फाड़ चुदाई कहानी लेकर हाजिर हूँ.

चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म: उस समय मुझे अपनी मौसी को चोदने का भूत सवार था इसलिए मैंने सोने का नाटक जारी रखा, पर लंड में कहां दिमाग होता है. तब भी अभी के लिए मेरी हां है, क्योंकि आपके साथ कुछ यादें बन जाएंगी और कुछ नया टेस्ट भी हो जाएगा.

मैंने भाभी को उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी एक टांग उठा कर चोदना शुरू कर दिया. अब मैंने और नेहा भाभी मिलकर उनको किसी तरह सहारा देकर बिस्तर पर सुलाया. पतली कमर पर गोल गोल कटोरे जैसे भारी चूतड़ और चिकनी मोटी मोटी कदली जैसी जांघों को बीच पावरोटी की तरह फूली और सुनहरे रोएंदार गुलाबी बुर अपना जलवा बिखेर रही थी.

लड़की- तुम्हारा बहुत बड़ा है … धीरे … करो लग रही है … आह … आह … बस … बस …लड़की चूत उचका रही थी, साथ में नखरे भी कर रही थी.

उसने भी अपने हाथों की मदद से मेरी जींस की ज़िप खोल दी और मेरा लंड बाहर निकाल दिया. मैंने कहा- रुको, कोई देख लेगा!उसका हाथ पकड़ कर मैं ग्राउंड के पास नई बन रही इमारत में ले गया. भाभी की तरफ से ये बड़ा सीधा सा इशारा था कि बिना चूत के काम चला रहे हो क्या.