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बातें करते हुए भी मेरी नज़र उनके उभारों पर ही होती थी जिसे भाभी भी बखूबी समझती थी. बीएफ वीडियो कुंवारी लड़कियों कीबदले में मम्मी भी उनसे कह रही थीं- आह भड़वे साले मादरचोद … चोद दे कमीने … क्या हुआ आज तेरे लंड में बड़ी सुर्खी आई हुई है … आह चोद अन्दर तक लंड पेल दे हरामी.

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वो शायद अपने पति के बारे में बात नहीं करना चाहती थी … इसलिए उसने बात बदल दी. मेरी दीदी ने अमित के हाथ से गाड़ी की चाबी ले ली और बोलीं- गाड़ी मैं चलाऊंगी. मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सब ये लिंक खोल कर जरूर पढ़ेंगे और दुबारा मुझसे वही सब बातें दुबारा नहीं पूछेंगे.

कभी लंड के टोपे पर थूक लगा कर चूसती और कभी उसकी जीभ मेरे टट्टों पर चलती. उसी समय निशु के पास उसके एक ग्रुप के लड़के का कॉल आया, वो उससे बात करने लगा. वो बार-बार यही प्रक्रिया दोहरा रही थी और मेरी हालत इधर जान निकलने जैसी हो रही थी.

मगर मैं गर्मा गया और मैंने बर्तन रखने की कोशिश की तो मौसी गिरने लगीं. सरोज मुस्कुराने लगी और कहने लगी- हाँ हाँ, ठीक है, कोई बात नहीं एडजेस्ट कर लेना.

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बस इतना कह कर प्रियंका अपना मोबाइल खोल कर मेरे लंड की पिक्स अनामिका को दिखाने लगी. मर्द को तो पराई औरत को कहीं भी देखने को या छूने को मिल जाए, उसे तो उसी में मज़ा आ जाता है. कुछ देर होंठों को चूसने के बाद रमेश नीचे खिसक गया और उसके चूचों को मुंह में लेकर चूसने लगा- उम्म … पुच … पुच … आह्ह … ऊंह … हम्म … आह्ह … क्या बूब्स हैं तेरे रेहाना.

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छोटी सी फूली हुई हल्की गोरी चूत थी उसकी! क्या बताऊँ … आह!उसकी चूत हल्की ब्राउन रंग की थी।मैंने उसको सूंघा तो उसकी खुशबू से मैं पागल हो उठा। मैंने उस पे किस कर दी और नीचे से ऊपर पूरी जीभ से चाटा.

मैं दोनों चाचियों के बड़े बड़े चूचों को नीचे झुक कर अपने मुँह में लेने लगा. मेघा अब जोर से सिसकारने लगी- ओह्ह … मेरे राजा … ये क्या कर रहे हो … तुम ऐसा नहीं कर सकते … ये गलत है … मैं शादीशुदा हूं … आह्ह … तुम्हारा लंड हटा लो यहां से … आह्ह … नहीं … मत करो।मैं- अगर ये गलत है तो फिर तुम अपनी चूचियों को क्यों मसल रही हो? जो खेल शुरू किया है उसको हमें खत्म भी करना चाहिए. हम दोनों बार बार मोबाइल के सामने देख देख कर जोर जोर से बड़बड़ा रहे थे.

वहां से उसने मुझे फोन किया और बोली- क्या नर्स से सैटिंग कर ली!मैंने कहा- हां, शराब पीने के लिए इन नर्सों के बैठने का कमरा है. तुम्हें कभी किसी भी चीज की जरूरत हो तो तुम मुझसे कह दिया करना; मैं हमेशा तुम्हारे लिए खड़ा हूं. आँटी बोली- कच्छी तो अब तुम ही अपनी पसंद की लाना क्योंकि तुम्हारे अंकल को इन बातों में कोई इंटरेस्ट नहीं है.

कुछ देर बाद बैठे हुए दीपिका ने अपनी एक टांग को दूसरी पर चढ़ा लिया जिससे उसकी ऊपर और नीचे वाली टांगों से साड़ी पीछे खिसक गई और उसकी मोटी, सुंदर, गुदाज़, गोरी पिंडली देखकर मेरे लण्ड में कसाव आना शुरू हो गया था.

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ई वाला बीएफ फिर प्रीति मिली, उससे मुझे ख़ुशी तो मिली … पर तुम्हारे साथ अगर मजे नहीं किए … तो मेरा यहां आना सफ़ल नहीं होगा. कुछ देर तक यूं ही उसकी चूचियों को मसलने और उसके होंठों को चूसने के बाद मैंने उसे नीचे से पूरा नंगा कर दिया.

सनी मान गया और पब्लिक सेक्स का प्रोग्राम हमने अगले दिन के लिए फिक्स कर दिया.

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मतलब जब दीदी ने अपनी चूत की फोटो निकाली थी, उस वक्त दीदी गीली हो चुकी थीं. मैंने दीदी को ऐसे ही उठाकर सीधा दीवार से चिपका दिया और जोर जोर से चोदने लगा. डाक्टर बोला- कि उस दर्द को बाद में देख लेंगे।फिर डाक्टर ने मेरे स्तन छोड़ दिये और मुझे स्ट्रेचर पर लेटने के लिए कहा.

मेरी जवानी ऐसी है कि मर्द अगर देख ले तो पैंट में ही उसके लंड का पानी निकल जाए. अभी करीब 10 मिनट ही हुए होंगे कि कविता ने मेरा दरवाजा पीटना शुरू कर दिया. वो भी मुझसे बात करके खुश थी और मुझसे बात करने में इंट्रेस्टेड भी लग रही थी.

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मेरे पास कन्डोम नहीं था, तो भाभी बोलीं- तुम ऐसे ही चोद दो … मैं दवा ले लूंगी. क्योंकि सासू माँ तो ज़्यादातर दवाइयों के कारण बेहोशी की हालत मैं ही सोती रहती थी. तीसरे दिन इतवार को लगभग चार बजे जब अंकल अपने बिज़नेस का हिसाब किताब देख रहे थे तो आँटी ऊपर आई.

उनके एक निप्पल को मैंने काली ब्रा से निकाल कर चूसा और थोड़ा काट लिया जिससे वो सिसकारने लगी लेकिन मैंने तुरंत उनके मुंह को बंद कर दिया. मैंने काफी दिनों से ऐसा सम्भोग नहीं किया था, जिसमें मैं संतुष्टि प्राप्त कर रही थी. इस तरह बीतते समय के साथ हर उम्र की महिला ग्राहकों के लिये मेरा नजरिया एक नादान उम्र के निश्छल आकर्षण से हटकर उनके जिस्म को छूने और टटोलने की ओर हो गया था.

मैंने गीतिका की पैंटी में दोनों तरफ अपनी उंगलियां डाली तो गीतिका ने अपने चूतड़ ऊपर उठा लिए और मैंने उसके चूतड़ों और टांगों में से उसकी पैंटी को निकालकर पलंग के एक साइड में फेंक दिया. शायद वो सब भी गोली खा कर आए थे, जिससे कि पंद्रह मिनट की चुसाई बाद भी उनके लंड नहीं झड़े थे.

मैंने पूछा- और तुम!उसने कहा- मेरा नाम गुड़िया है, मैं नबाव गंज की हूँ. उसने जैसे ही मेरा अंडरवियर उतारा, तो मेरा तना हुआ लंड सीधा उसके होंठों पर जाकर टकरा गया. मैं उनकी चूचियों के निप्पल बारी बारी से अपने मुँह में भर कर चूसने लगा.

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मैंने बाहर आकर देखा कि सिस्टर सहित सभी स्टाफ वहीं अपने कम्बल लेकर अपनी कुर्सियों पर बैठे थे. क्या पार्क में घूमने गए थे? मुझे लगा कि तुम जम कर सेक्स कर रही होगी. वैसे तो स्कूटी नयी ही थी, पर काफी दिनों से खड़ी हुई थी, जिसके कारण थोड़ी बहुत उसने दिक्कत तो की, पर फिर भी मैंने उसे स्टार्ट कर ही लिया.

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मतलब सारे आपरेशन वही डाक्टर करता था।मैंने ये बात मम्मी से कही तो मम्मी ने मुझे डाँट दिया और बोली- ज्यादा ड्रामा मत करो. थोड़ी दर्द होगी लेकिन दो चार बार अंदर बाहर करने पर छेद मतलब भर ढीला हो जायेगा।तेल नहीं है. इस बार शायरा ने मुझे पहली बार कुछ करने से मना किया था, इसलिए मैं शायरा की तरफ देखने लगा.

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डिल्डो और लंड में फर्क होता है लेने में।तब तक गीत ने नेहा के दोनों कन्धों को पकड़ कर नेहा की चूत में डिल्डो डाल दिया था और गीत अब अपना डिल्डो नेहा की चूत के अंदर ही अंदर करती जा रही थी.

बसन्त अंकल बोले- अरे, भई, कमरा खाली करवाने की क्या जरूरत है? बेकार में किराये का नुक्सान होगा, राज तो अपना बच्चा है, तुम ऊपर ही सो जाया करो और मैं भी यहाँ डिस्टर्ब नहीं हूँगा. [emailprotected]हॉट सेक्सी भाबी की चुदाई कहानी का अगला भाग:पड़ोसन भाभी को ब्लू फिल्म दिखा कर चोदा- 2. आँटी बहुत देर तक ऊपर उछल कर शांत हो गई और नीचे उतरकर मेरे साथ लेट गई.

सिसक-सिसक कर मैं मजे लेने लगी और खुद ही अपनी चूचियों को दोनों हाथों से मसलने लगी. जैसे शमा जैसी सीधी सादी लड़की को शाही सर ने सिर्फ थोड़े से पैसे का लालच दे कर 5 मिनट में ही रंडी बनने के लिए पटा लिया. मारुति की बीएफमैं- अअअ अअअअ क्या मस्त लंड है तेरा कुत्ते … और चोद अपनी मालकिन को आह मजा आ गया.

मैंने उसे अपनी कसम देते हुए कहा- प्लीज़ देखो, यहां न तो माँ बाबू जी का डर है. गीत ने अपने मम्मों को संजय की छाती में पूरी तरह से दबाया हुआ था और वो उसके होंठों को चूस रही थी.

मेरे लंड ने जोश में आकर उसकी चूत को जोरदार सैल्यूट मारा और मैं पुनः चूत पर झुक गया और उसके होंठ खोल कर भीतर निहारने लगा. फिर मैंने उसकी गांड के छेद को उँगलियों से खोला और संजय को बोला- एक मिनट रुको सभी, अब चुदाई का असली आसन बनेगा. लाइट आते ही निष्ठा ने मुझे धकेल कर अलग कर दिया और उसने अपने घुटने मोड़ कर सीने से लगा कर फिर करवट लेकर लाज की गठरी बन गयी.

मैंने गीतिका की पैंटी में दोनों तरफ अपनी उंगलियां डाली तो गीतिका ने अपने चूतड़ ऊपर उठा लिए और मैंने उसके चूतड़ों और टांगों में से उसकी पैंटी को निकालकर पलंग के एक साइड में फेंक दिया. मैंने अपना सारा वीर्य आँटी की चूत में डाला और लण्ड चूत से बाहर निकाला. आप मुझे कभी भी याद कर सकती हैं।हमारी यह सब बातें हैंगआउट पर हो रही थीं।मुझे भी जब घर के काम से फुर्सत मिलती तो मैं उनसे बात कर लिया करती थी.

एक बार जब मैं उस दोस्त के घर गया तो …हाय फ्रेंड्स, अन्तर्वासना पर मैंने बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं.

तो मैंने कहा- दादी यह तो बहुत छोटी है?दादी- नहीं, छोटी नहीं है, यही उम्र होती है ब्याने और दूध देने की!और दादी यह कहकर उठकर चली गई. फिर वो पेट पर चाटते हुए नाभि पर आ गये और मेरी नाभि में जीभ डालकर चूसने लगे.

तभी पूजा ने अपनी आंखें खोल दीं और बोली- आह अब बस कर अमन … मत तड़पा … जल्दी से अपना लंड घुसा दे मेरी चूत में … आह. मैं रोज ट्यूशन पढ़ाते समय एक कप कॉफी पीता था, जो सलोनी भाभी खुद या कभी कभी उनकी नौकरानी बना कर मुझे दे जाती थी. दोनों चाची मेरे गालों पर किस कर रही थीं और छोटी चाची कहने लगीं कि मेरे राजा तू तो लम्बी रेस का घोड़ा निकला.

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मेरी बहन की उम्र 26 और मेरी 24 है।हम परिवार में तीन लोग हैं- मां, मैं और मेरी बड़ी बहन। मेरे पिता का देहांत दो साल पूर्व हो गया था. मेमरानी ने चूचियां जड़ से ऐसे दबायीं कि चूची का आगे का भाग सामने को फूल सा गया. दीपिका- अच्छा ये बताइये, क्या आप हर रोज ड्रिंक करते हैं?मैं- नहीं, कभी कभी.

मेरी कमर 22 इंच की है और मेरी गांड भी बड़ी उठी है, जो कि 30 इंच की है. उसी समय अनीता ने कहा- मान गए सर आपको … तीन रंडियों को एक साथ धूल चटा देना बच्चों का खेल नहीं है. बिहार के सेक्सी बीएफ साड़ी वालीवापसी में सूरज ने मुझसे कुछ ना कर पाने के कारण माफी मांगी … और ये बात किसी और को ना बताने की गुजारिश की.

आगे हम दोनों के बीच क्या हुआ, इसका मजा मैं आपको अगली होमोसेक्सुअल स्टोरी में लिखूंगी.

एक दिन मैंने छुप कर साली के कमरे में झांका तो …दोस्तो, एक बार फिर से आपका प्यारा शरद सक्सेना एक नई सेक्स कहानी के साथ आपके सामने हाजिर है. लेकिन मैं भी एक खेली खाई हुई औरत थी … इस तरह हार नहीं मान सकती थी उसके लौड़े के आगे!इसलिए मैंने भी पूरा मन बना लिया था उसके लौड़े को अपनी गांड में लेने के लिए और सोचा ‘जो होगा देखा जाएगा!’विजय उठकर खड़ा हो गया और अलमारी में से जाकर नीविया क्रीम की डब्बी लेकर आ गया और मुझे घोड़ी बनने के लिए बोला.

जब मैं आखिरी दिन गयी तो डाक्टर ने कहा कि एक सप्ताह के बाद एक बार आकर चेक करवा लेना!मम्मी ने कहा- ठीक है. उन्होंने हंसते हुए कहा- हां … मगर अभी बीच में मैं थोड़ी हेल्थी हो गई थी. सेक्स की हिंदी कहानी में पढ़ें कि मैं पार्क में घूम रहा था कि कुछ लोग एक प्रेमी जोड़े को डांट रहे थे.

उधर से वो लेडी बोली- यार तो इसमें पूछने की क्या बात है? उसको लेकर फार्म हाउस पर आ जा.

हम दोनों की नज़रों के मिलते ही भाभी की आंखों से आंसू बहने लगे थे, शायद उनको कुछ याद आ गया था. आपको अपने लंड चुत में कुछ करना हो, तो जल्दी से कर लीजिएगा, मगर मुझे मेल करना न भूलियेगा. शायरा मुझे झूठमूठ का डांट तो रही थी मगर शर्म से उसके गाल लाल हो रहे थे.

डब्ल्यू डब्ल्यू एक्स एक्स सेक्सी बीएफमेम रानी ने और ज़ोर से नितम्ब से मुझे दबाया तो लंड की पूरी जड़ तक की लम्बाई चूत में जा घुसी. मैंने पूछा- तो तुमने रेस्पॉन्स क्यों नहीं दिया?वो बोली- मैंने आज से पहले ऐसा कभी कुछ नहीं किया … लेकिन जब तुम कर रहे थे … तो मैं बस तुम्हें फील कर रही थी.

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हमने मिलने का ज़्यादा प्रयास नहीं किया क्योंकि हमें पता था कि हम दोनों एक ही कॉलेज में जाने वाले हैं. वो बोली- राज, फ़ाड़ दे मेरी चूत … और तेज़ चोद मुझे आहह उहह आऊहहह आहह हहहह आहहह!मैंने उसे गोद में उठा लिया और चोदने लगा. गीत की गांड में पहले भी लंड घुसा होने की वजह से वो थोड़ा खुली हुई थी और अब संजय ने दूसरा झटका लगा कर अपने लौड़े को गीत की गांड में और अंदर तक उतार दिया.

उसने मेरे जिस्म के किसी कोने को छोड़ा ही नहीं और न ही एक जगह ज्यादा देर रूकी. उसमें से ढेर सारी क्रीम मेरी योनि में मल दी और उंगली से योनि के भीतर तक क्रीम लगा दी. करीब दो मिनट तक यूं ही झूला झुलाते हुए मामी की गांड चोदने में मैं पूरा पसीना पसीना हो गया था.

पहले पहल तो मुझे भी हल्का सा दर्द हुआ … क्योंकि उसकी चुत इतनी ज्यादा टाइट थी कि लंड फंसता सा लग रहा था. किसी ने सच ही कहा है कि बरसात में बहते हुए आंसुओं को कोई देख नहीं सकता … आज कुछ वैसा ही लग रहा था. अंकल फिर अपने लंड को मेरी चूत में घिसने लगे और एक झटके में लंड चूत में डाल दिया.

दो मिनट बाद मैं भी फिर से मस्त हो गयी और जोर जोर से सिसकारते हुए कहने लगी- आह्ह … कमॉन बेबी … आह्ह … फक मी (चोदो मुझे) … आ्हह … लव यू भाईजान. फिर रोहिणी ने बताया कि उसने उन लोगों को पहले ही मेरे बारे में बता दिया था.

अब मैं फिर से अपनी एक और रसीली हिंदी चुदाई कहानेया की ओर आपको ले जाना चाहता हूं.

मेरे मुँह से एक कामुक सिसकारी निकल गई- आह हहहह हहह … श्यामू और जोर से मालिश कर न मेरी चूत की. कुंवारी लड़कियों वाली बीएफमैंने पोर्न देखकर अपनी हवस को शांत करने की कोशिश की लेकिन कोई खास मजा नहीं आया. कुमारी लड़की का बीएफ दिखाइएइससे सलोनी भाभी बहुत गर्म हो गईं और पागलों की तरह मेरे बालों में हाथ डाल कर मेरे सर को अपने मम्मों पर दबाने लगीं. फिर रेहाना ने रमेश को उसका फोन वापस किया और कपड़े पहन कर जाने लगी और जाते हुए बोली- ये बात किसी को बताना नहीं.

मैंने कहा- ये सब तुमने कहाँ से सीखा?सौरभ- मेरे दोस्तों ने बताया था.

इसलिए मैंने खाने की चीजों को जानने या उस विषय पर सोचने में समय नहीं गँवाया, बस स्टाल में खड़ी लड़की से पूछा- सादा खाना भी है या नहीं?तो उसने एक ओर इशारा किया. शायरा ने ऊपर तो पतला सा कुर्ता पहना ही हुआ था, नीचे भी उसने सफेद रंग की पतली और एकदम स्कीन टाईट लैग्गीस पहनी हुई थी और वो‌ भी‌ अब भीगकर उसके नितम्बों से चिपक गयी थी‌. जैसे ही दीपिका कुछ लेने के लिए सीधी हुई उसे हल्का सरूर लगा और बैठते ही बोली- ओह्ह, मुझे कुछ लग रहा है।मैंने कहा- क्या लग रहा है?दीपिका- अच्छा लग रहा है.

मैं उनके पास सोफ़े पर बैठ गयी और सूरज सामने वाले सोफ़े पर बैठ कर हम दोनों को देखने लगा. कुछ लोग मुझसे औरतों की कांटेक्ट एड्रेस मांग रहे थे, लेकिन मैं उन सभी लोगों को फिर से यह बता देना चाहता हूं कि मैं जिससे भी मिलता हूं. मेरी मम्मी बाद में मुझसे बोली- सरोज, तू इस लड़की की पिटाई कर रही है, अपने दिन भूल गई? यह बात बता कर भाभी के चेहरे पर फिर मुस्कान फैल गई.

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उसके बाद वो मेरी ज्वालामुखी के मुँह पर अपने काले नाग का मुँह रख कर उस पर धीरे धीरे से मालिश करने लगा.

ये लड़की चालू लग रही थी, अब तक उससे बात करके इतना तो मैं समझ ही गया था कि ये क्या चाहती है.

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हम सभी में आपस में बातचीत होती रही और साथ में रश्मि और माताजी घर के काम निपटाने के साथ ही बातें भी करती जा रही थीं मगर मेरी नजर रश्मि की चूचियों और उसके पेन्डुलम के सामान ऊपर नीचे होते चूतड़ों पर ही टिकी थी. इधर नेहा की जीभ को अपनी जीभ के ऊपर रख कर उसके दोनों होंठों को चूसना शुरू कर दिया. नई-नई जवान हुई काव्या का सौंदर्य और बदन की कसावट देखकर मैं सोचने लगा कि अगर मैंने काव्या को ना चखा होता, तो बाद में बहुत पछताता.

जिन लोगों ने मेरी पिछली कहानियाँ पढ़ी हैं, वे तो पहचान ही गये होंगे. हम सभी में आपस में बातचीत होती रही और साथ में रश्मि और माताजी घर के काम निपटाने के साथ ही बातें भी करती जा रही थीं मगर मेरी नजर रश्मि की चूचियों और उसके पेन्डुलम के सामान ऊपर नीचे होते चूतड़ों पर ही टिकी थी.

मैंने नीचे होकर उनकी चूत को अपने मुंह में भर लिया और चूत के बाहरी ओष्ठ को काटने और खाने लगा.

पर टाईम पास के लिए जॉब भी करती हूँ, मेरी शादी को ‘*’ साल हो गया है और मेरे हज़्बेंड दुबई में रहते हैं. दीपिका को किचन दिखाने के बहाने मैं उठकर अपनी किचन में जाने लगा तो दीपिका मेरे पीछे आ गई और जब उसने पीछे की बालकॉनी देखी तो बोली- सर, ये तो बहुत ही शानदार बालकॉनी है. भाभी के एक पाँव को मैंने अपने पांव पर चढ़ा लिया और बीच में रुक रुक कर लण्ड को अंदर चलाता रहा और डालकर सो गया.

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खैर … वो छोड़ो, तो हुआ ऐसा कि अगले साल पूजा और मैंने साइन्स ले ली लेकिन मुस्कान ने कॉमर्स ली. भाभी- आंह उफ़ … संजय … कितना मज़ा आ रहा है यार … तुम्हारा लंड तो मेरी बच्चेदानी तक पहुंच रहा है … आह अब तो जब जब मेरा मन करेगा, मैं तुम्हारी पैंट की ज़िप को खोल लूंगी, तुम्हारा लंड निकाल लूंगी और अपनी चूत में ले लूंगी. मैंने भाभी के चूतड़ों पर अपना गाल फिराया और उन्हें चूसना शुरू कर दिया.

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हो सकता है ये हॉट साली की चूत कहानी कुछ पाठकों को पसन्द आए और कुछ मुझे गाली भी दें … जो भी हो, पर एक प्रार्थना है कि ये सेक्स कहानी केवल और केवल काल्पनिक है, इससे ज्यादा कुछ नहीं है. उसने अपने पैरों को मेरी कमर में लपेट लिया और झटके मारने लगी।वो बोली- बताओ किस किस को?मैंने कहा- अपनी चाची, बुआ को, दोस्त की बहन को, पड़ोसन आंटी और बुआ, मकान मालकिन की बेटी को और तीन चार अजनबी औरतों को।वो बोली- तभी दुकान से मेरे पीछे पड़ा हुआ था।अब हम दोनों के झटके तेज होने लगे और आह हहह उम्मह की आवाज गूंज रही थी।उसकी चूत ने मेरे लंड को जकड़ लिया और लंड फंसने लगा. उधर अनीता बिस्तर के नीचे जाकर पैरों के बीच घुटने के बल बैठ गई और मेरी गोलियों को चाटते हुए अपने मुँह में भरने लगी.

बाकी दिनों तो मैं उसे देखते ही छुप जाता था या फिर किसी दूसरे रास्ते वहां से निकल‌ जाता था … मगर आज मैं छुपा नहीं, बल्कि उसके सामने ही रोजाना की तरह घर के लिए पैदल चल पड़ा. लंड झड़ते ही सूरज ज़ोर ज़ोर से सांसें लेता हुआ बेड पर लेट गया और मैं अधूरी रह गयी.

असली आनन्द तो रूह के मिलन से आता है और रूहें आपस में तब मिलती हैं, जब दोनों पूर्ण तृप्त हों.

जब मेरा पूरा माल निकल गया, तो रश्मि ने अपनी उंगलियां वीर्य पर चलाकर उसे अपनी चूत के चारों ओर फैला दिया. फिर उस दिन हम दोनों ऐसे ही नॉर्मल रहने लगे … लेकिन हमारे पति लोग नार्मल नहीं थे. मेरा मन तो कर रहा था कि पूरी नंगी ही बाहर जाकर अभिषेक के लंड से चुद जाऊं … पर लाजवश मैं ऐसा नहीं कर पा रही थी.

वहां शेल्फ के अन्दर जाकर सिलिंडर का बोल्ट खोलकर नया सिलिंडर फिक्स किया. तो दोस्तो, जब उस दिन हम पहली बार मिले तो हमारे बीच में इतना ही सब कुछ हुआ था जो मैंने आपको बताया. मैंने लण्ड निकाला और आँटी के चूतड़ों को थोड़ा फैला कर नीचे से चूत में लण्ड डाल दिया.

इधर मैं अपने लंड से भाभी के मुँह को चोदने लगा और उधर भाभी अपनी चूत का दबाव मेरे मुँह पर बना रही थीं.

ई वाला बीएफ: एक बालकॉनी पीछे की तरफ थी जो मेरे और बचे पोर्शन के मास्टर बेडरूम के लिए इकट्ठी थी. उसने मेरी एक टांग अपने कंधे पर ले ली और अपना लौड़ा एक ही झटके में मेरी चूत में उतार दिया.

मैं ऊपर को बढ़ा और उनकी टांगों को चूमता हुआ उनकी चुत के नीचे जांघों के मक्खन जैसे अंग को चूमने चाटने लगा. ये मेरी कलम का गुण या दोष है कि मैं सेक्स को गंदे तरीके से नहीं लिख पाता हूँ. वो बोली- अब मुझे उम्मीद है कि अब तुम सीधे ही अपनी आंटी की गांड नहीं चोदेगे और पहले उसकी चूत में लंड दोगे.

मैं तो पहले ही निर्वस्त्र था, तो इस चुंबन के दौरान मेरा बड़ा हथियार उसके बदन को स्पर्श करके सुमन को अपना दीवाना बना रहा था.

वो मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चुत से सटा कर मेरे लंड पर धीरे धीरे बैठने लगीं. चाचा ने जोर से कहा- चलो साहिल … क्या सोच रहे हो!मैंने अपने आपको संभाला और घर से बाहर निकल कर कार की तरफ़ चलने लगा. भाभी एकदम घबरा गई और बोली- देखो रानी, यह गलत काम मत कर लेना, यह घर की इज्जत का सवाल है, किसी ऐरे गैरे से अपनी चूत मत मरवा लेना, मैं कुछ इंतजाम करती हूँ.