10 साल का लड़की का बीएफ

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मैंने हाथ से दीदी की सलवार के नाड़े को पकड़ा और खींच दिया, सलवार खुल गई, मैंने दीदी की तरफ देखा तो उनके होश उड़ गये थे, मैंने एक हाथ से सलवार को उतारना शुरू कर दिया और खुद सोफे पर दीदी के साथ थोड़ी से जगह में लेट गया. उस वक्त फरवरी का महीना था, जब मैं यहां आया तब यहाँ पर कोई मेरे जान पहचान का नहीं था. संजय शर्मा, वो अमृतसर से है, उसका ट्रान्सफर दिल्ली में हुआ है और बेचारे के कोई रिश्तेदार भी यहां नहीं हैं, तो वो मुझसे रहने के लिए कोई ठिकाने लिए पूछ रहा था.

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बीएफ हॉट सेक्सी बीएफहम एक ही सोसाइटी में रहते थे तो ये हमारे लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था. सर्दियों के दिन थे तो इसलिए अधेरा था और मैं नीचे से ऊपर वाले चौबारे में फूफा जी के पास चला गया.

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कन्धे पर तेल लगाने की वजह से मेरे हाथ उनके चूचे जो आधे से ज्यादा खुले थे, उनपे टच हो रहे थे और नीचे मेरा लंड उनकी चूत में घुसने को बेकरार था. उसके उठे हुए दूधिया स्तन कलश हैं, उभरे हुए मस्त कूल्हों की वजह से कोई भी उसकी और आकर्षित हो जाता है. पूछने पर बताया कि आस्ट्रेलिया वाले लड़के ने आगामी नवंबर में आना है और प्रिया की शादी नवंबर में ही होगी.

जैसे ही मैं पहुंचा, मैंने उसे अपनी बांहों में ले लिया, वो भी मेरा साथ दे रही थी. उस वक्त फरवरी का महीना था, जब मैं यहां आया तब यहाँ पर कोई मेरे जान पहचान का नहीं था. मैं दीदी को वो टच फील करने लगा, फिर मैं भी दीदी की जांघ पे हाथ फिराने लगा.

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रियल चुदाई कहानी का पिछला भाग :छोटी बहन की कामुकता जगा कर बुर चोदन करवाया-1आपने मेरी इस रियल चुदाई कहानी में अब तक जाना कि मेरी बहन ने मुझे मजदूर लड़के से सेक्स करते देखा और मुझे धमकाने लगी.

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સેકસી જંગલ मैंने अपने दोस्तों से सुना था कि काम वाली बाई भी दे देती है, यदि उसको सही से पटा लिया जाए. इसलिए मेरी बहन सोनी सुबह सीधे कॉलेज जाती थी और कॉलेज से सीधा घर आती थी.

रात को पुलकित घर में ही रुकता था तो देर रात में भी चुपचाप दोनों घर की छत पर या कहीं और दूसरे कमरे में जाकर सेक्स भरी हरकतें करते थे. हम एक ही सोसाइटी में रहते थे तो ये हमारे लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं था. करीब पांच मिनट बाद मेरे ऊपर से उठे और मुझे थैंक्स बोला।पापा उन अंकल लोगों को बोले- अब तीनों मिल कर आरती को सेटिस्फाई करो, इसका बहुत गजब चुदाई करवाने का स्टेमिना है।तभी तीनों अंकल मेरे बेड में ऊपर आ गए और बोले- साली कुतिया,क्या चुदाई करवाती है!तभी मैं सुरेश अंकल को बोली- कमीने, बहुत जड़ी बूटी खाता है तो आ फाड़ मेरी चूत को!और मैंने उन्हें पकड़ कर अपने ऊपर चढ़ा लिया.

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तभी दीदी ने अपना सर नीचे कर लिया; मैंने भी हाथ से दीदी के सर को पकड़ा और उसका फेस ऊपर कर दिया, दीदी ने एक पल मेरी तरफ देखा. इसके बाद मैं फिर से उठा और कोल्ड ड्रिंक फिर से भाभी की नाभि में भर कर बर्फ के दो टुकड़े उठा लिए. कार को दीदी का बॉस दयाल ड्राइव कर रहा था और पीछे की सीट पर दीदी के ऑफिस के दो बड़े ऑफिसर राकेश और सतीश बैठे हुए थे.

जोया कढ़ाई वाले एक सलवार सूट में थी लेकिन वह मेकअप में किसी एक्ट्रेस से कम नहीं लग रही थी. भाभी ने उठते हुए मुझे पकड़ा और मेरे लंड को जोर से अपनी चूत पर दबा दिया और कहा- मुझे भी चुदना है तुझसे.

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जब वो घर जाने लगा तो मेरे पास आया और बोला- जो हुआ सो भूल जाना और अपनी स्टडी पर ध्यान देना.

10 साल का लड़की का बीएफ: कुछ ही पल में मेरा विरोध कम हो गया और धीरे धीरे मैं भी पूरा साथ देने लगी. फिर मैंने गाड़ी मार्केट की ओर घुमा दी और वहां से उसके लिए एक टॉप खरीद कर लाया, वो गाड़ी में ही बैठी रही.

उसने मुझे देखा, मैंने भी उसे देखा, उसका ध्यान बाजू में गया और वो समझ गया. भाभी भी मेरा सर पकड़ कर अपने चूचे पर दबा रही थीं, लग रहा था कि जैसे वो मुझे इनको आज़ाद करने को बोल रही हों. अपने नाम की ही तरह वो किसी भी साधु की तपस्या भंग करने का हुनर रखती है.

खाना खाकर मैं सोने लगा तो माँ दूध लेकर आयी तो मैं जान कर नहीं उठा तो वो चली गयी और कुछ देर बाद फिर आयी और मेरे सिर पे तेल लगा के मालिश करने लगी.

फिर अंधेरे में कपड़ों की सरसराहट से मुझे कुछ यूं लगा कि वो साया स्त्री या पुरुष जो भी रहा हो, वो अपने कपड़े उतार रहा है. जो बाइक में बार बार ब्रेक लगा रहे हो?मैंने भी मौका देख कर बोल दिया- भाभी जब पीछे बाइक पर कोई खूबसूरत हूर बैठी हो, तो मन क्यों नहीं करेगा. मैंने ऊपर जा कर छत का दरवाजा लॉक कर दिया और अब उस रात मैं और ललिता अकेले मैरिज हॉल की छत पर थे.