किस वाली बीएफ

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शबनम को लगा कि अंकित सच में उससे प्यार करता है और उसकी परवाह करता है. हॉट सेक्सी चुदाई वालाघर आकर मैंने प्रीति मेम को आवाज़ दी, तो वो बोलीं- फूल कमरे में रख दो और नहा कर तैयार हो जाओ.

अन्तर्वासना की कामुकता भरी सेक्स स्टोरीज के चाहवान मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम कविता है, मैं जयपुर राजस्थान से हूं. मराठी सेक्सी स्कूल गर्लमैंने उसे पैर फैलाने को बोला, जिससे मेरे लंड के लिये रास्ता हो जाए.

ठीक है बेटी मेरे पास आज के लिए एक प्लान है, तुम बस वैसा ही करती जाना जैसा कि मैं तुम्हें कह रहा हूं.किस वाली बीएफ: शालिनी जी बहुत ही ज्यादा गोरी थी, बदन भरा भरा था मगर मोटी नहीं कह सकते थे उसको, पेट भी समतल था.

उसे तो जैसे जन्नत मिल गयी, वो आंखें बंद करके उसी बेंच पर लेट गया। मैं उसका लन्ड लगभग 20 मिनट तक चूसता रहा।मेरे गाल दुखने लगे।उसने मुझे उठा कर घुटनों के बल बैठा दिया और अपना थोड़ा सा लन्ड मेरे मुंह में देकर तेजी से लन्ड पर हाथ फिराने लगा.वो मेरी टी-शर्ट निकालने लगी, मैंने हाथ आराम से उठा दिया … जैसा मैं भाई ले लिए करती थी.

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बीच बीच में गांड में उंगली भी डाल देता था।लगभग बीस मिनट की मालिश के बाद मालविका पलट गई और अब उसके पेट औऱ चूचों की मालिश होनी थी.कुछ देर उसी पोजीशन में रहने के बाद मैंने दीदी को कुतिया बना दिया और पीछे से अपना लंड दीदी की फुद्दी पर घुमाने लगा.

मैं दोबारा से उसके होंठों को चूसते हुए उसके चूचों को दबाना शुरू कर दिया और उसकी स्कर्ट को खोलने लगा. किस वाली बीएफ ”चौधरी साहब याद है एक बार आप कह रहे थे कि मैं कुछ हट के करना चाहता हूँ.

दो तीन दिन निकल जाने के बाद एक दिन वो सवेरे आयी, तो उसने सलवार कमीज पहनी थी.

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थोड़ी देर में मैं उन्हें देखकर सोचने लगा कि वो इतने दिनों से प्यासी थी. नेट की सर्फिंग के दौरान ही मुझे एक लेडी मिली और मैंने उसे अपने मॉम को चोदने के सपने के बारे में बताया. चंडीगढ़ तो भरा पड़ा है काल गर्ल्स से … एक से एक कॉलेज गर्ल्स, वर्किंग गर्ल्स मिल जाती हैं वहां तो इस काम के लिए!मुझे बहुत हैरानी हुई कि मौसी को इतना सब कुछ पता है … लेकिन इस बात पे बहुत गुस्सा आया.

खुद भी पूरा मजा ले रहे थे और मुझे भी उतना ही मजा दे रहे थे।कहानी जारी है. कभी भी कोई भी परेशानी या तकलीफ हो बेझिझक मुझे बताना, जितना भी मेरे से हो सकेगा, मैं हमेशा मदद के लिये तैयार मिलूँगा. ” समीर ने अपने सिर को झुकाये हुए कहा।बेटे तुम ज्यादा चिंता मत करो, यह हवस की आग होती ही अंधी है.

मेरे पति अब खाना ख़त्म कर चुके थे और हाथ धो कर सामने वाले कमरे में चले गए, मैं बस उनका साथ दे रही थी।वो बार बार मेरी तरफ देख रहे थे मुझे उनका इस तरह देखना अच्छा नहीं लग रहा था।अचानक मैंने गौर किया कि वो मेरे उभरे हुए वक्ष को बार बार देख रहे हैं. मैंने थोड़ी हिम्मत करते हुए अपनी उँगलियों से उनकी कलाई को छुआ तो उन्होंने अपने हाथ में मेरी उँगलियों को पकड़ लिया. अब मैंने अपने लंड को जन्नत का दरवाजा दिखाया और उसे एक हाथ से दबा लिया ताकि वो फिसले न; फिर मैंने कम्मो की आंखों में झांका.

अब मेरी चचेरी बहन मेरे सामने नीले रंग की ब्रा पेंटी में थी तथा उसकी पेंटी से थोड़ी गीली थी।उसने आँखें बंद कर ली. शबनम को लगा कि जैसे अंकित के साथ आज इतनी बार उसका पानी निकला है जितना पिछले 20 सालों में उसके शौहर के साथ नहीं निकला.

तो वन्दना बोली- जीजू आपका कमरा वो सामने वाला है जो कि नीतू के कमरे के साथ नीचे ही था.

मैं उसके गले में अपनी नाक से सूंघते हुए धीरे धीरे उसकी टी-शर्ट के गले के अन्दर तक चूमने लगा.

यह कहते हुए हम तीनों अब जोश से अपनी अपनी मंज़िल की तरफ बढ़ने लगे और तीनों उटपटांग आवाजें मुँह से बड़बड़ाने लगे. रोहन- ओके ओके … वैसे एक बात बताइये … आप इस वक़्त ऑनलाइन कैसे?सोनिया- अरे वो मेरे हस्बैंड एक पार्टी में गए हैं. कुछ दिनों के बाद पापा का भी स्वर्गवास हो गया, तो भैया ने मुझे अपने पास ही रहने के लिए पटना बुला लिया.

मैं- आपके चूचे इतने मोटे कैसे हुए?परवीन- एक तो तेरा अंकल पहले बहुत चूसता था. तो मैंने कह दिया कि पापा ने कुछ मंगाया है। पापा नहीं ले सकते तो मैंने ले लिया।फिर मैंने उसे बैग में रख लिया उसके बारे में सोच-सोचकर मेरी चूत गीली हो गयी।फिर कोलेज के बाद मैं अपने घर आ गयी और नकली लंड मेरे बैग में था।शाम के टाइम हमारे घर में कोई होता नहीं। उस टाइम नवंबर का महीना चल रहा था। तो मैंने नकली लंड को बैग से बाहर निकाला वो काफी सॉफ्ट था। वो असली की तरह लग रहा था। वो 18 सेमी लम्बा था और 4. मुझे आज दीदी की वो चुदाई करनी थी, जिससे वो पागल होकर मुझे अपनी जिन्दगी के मजेदार चुदाई के किस्से सुना दें.

क्या तुम मुझे किसी और के साथ बिस्तर में देख सकते हो?तो मैंने एकदम से जवाब दिया- हाँ, क्यों नहीं देख सकता? मैं तो चाहता हूँ कि एक बार हम ये सब करें.

मेरी उससे सारे स्टाफ के सामने बहस हुई, तो मुझे बड़ी ज्यादा बेइज्जती सी महसूस हुई. उसके हाथ मेरे बालों में आ गए थे और मेरे हाथ उसके बोबों पर लग गए थे. उसके मम्मों को मैं अपने हाथों में लेकर ऐसे मसलने लगा … जैसे वो किचन में आटा गूँथ रही थी.

उसकी कामुक सिसकारियां सुन कर मैं और ज्यादा उत्तेजित होता जा रहा था. मेरी जीभ जितनी अन्दर जा सकती थी, उतनी अन्दर डाल कर उसके रस को चाट चाट कर पीने लगा. धीमे-धीमे समय बीत रहा था, करीबन दस बजे मुझे भूख लगने लगी थी, लेकिन मैं अपने प्लान में कोई समझौता नहीं करने वाला था.

वो नाश्ता रखकर मेरे पास आकर बैठ गई- अभी मुझसे नाराज हो?मैं चुपचाप टीवी देखता रहा, मुझे अपने प्लान के मुताबिक चलना था.

इससे नेहा‌ ने भी मेरे होंठों को अब थोड़ा जोरों से चूसना शुरू कर दिया. खुद से करती थी। आजाद जिंदगी इसीलिये चुनी थी कि घर में नहीं कर सकती थी। साथ रहने वाली लड़की के पास डिल्डो था और हम दोनों रोज रात आपस में कर लेती थीं।”गुड.

किस वाली बीएफ मैंने मेरे हस्बैंड को और उस व्यक्ति को जो हमें अनजान की तरह मिला … खूब मजा दिया. मैंने भी कपड़े पहन लिए थे मैंने भी जाते हुए उसकी चुचियों को मसला और नीचे हॉल में आकर बैठ गया.

किस वाली बीएफ मैं सिर्फ गांड को सहला रहा था और उनके मोटे मम्मों को मुँह से मसल रहा था. ” महेश ने अपने एक हाथ को अपनी बेटी की नंगी जाँघ पर रख कर उसकी जाँघ को सहलाते हुए कहा।पिता जी यह आप क्या कर रहे हैं? मैंने आपको पहले भी बताया था कि मैं समीर भैया के लिये ये सब क्यों करती हूं.

मैं क्या अगर किसी को भी आलिया जैसी चुत चुदाई को मिल जाए, तो कोई भी ऐसे ही चोदेगा.

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वो- तुम्हें पता है मैंने क्यों मना किया?मैं- मुझे कैसे पता होगा?वो- तो तुम रुके क्यों?मैं- क्योंकि तुमने कहा था … तुमको कुछ दिक्कत है क्या?वो- वो … वो … पार्थ सुनो न … मेरे अभी पीरियड्स चल रहे हैं. कुछ देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया. इन दिनों मोहन भैया अकेले थे, तो वे हंसी मजाक करते हुए मुझे अपने साथ घूमने जाने के लिए बोलते थे.

हेलो, मैं मनीषा दिल्ली से … मैं आपके सामने एक बार फिर हाजिर हूं अपनी नई कहानी लेकर अंतर्वासना पर!मेरी पिछली कहानियोंमैंने अपने पति की तमन्ना पूरी कीमैंने दूसरे लंड से चुदने की इच्छा पूरी कीपर मुझे बहुत से मेल आये, मैंने पुरजोर कोशिश की कि मैं सबके जवाब दूं. मेरे मम्मों पर पहुंच कर उसने एक पल के लिए मम्मों को निहारा और अपने होंठों पर जीभ फेर दी, जैसे उसे उसकी फेवरेट मिठाई दिख गयी हो. मैंने उन दोनों की पैंट खोल दी और उनके कहने से पहले ही उनकी अंडरवियर भी खोल दी.

सिर्फ तुम्हें बता रही थी कि ज्यादातर लड़कियों को मर्दाना लड़के पसंद आते हैं, शर्मीले नहीं.

मगर वो मेरे दर्द से इतर पूरी स्पीड से गांड में लंड से धक्के मारने लगा. जब मुझसे रुका नहीं गया तो मैंने उसको सेक्स करने के लिए ऑफर दिया लेकिन उसने मना कर दिया. मैंने उनसे कहा- भाभी आपको अगर बच्चा ही चाहिए, तो वो तो ऐसे भी हो सकता है.

फिर जब उसकी माँ आ गईं … तो मैं उसके पास बैठ कर पढ़ाई की बातें करने लगा. जब हम दोनों के बीच में सारी बातें साफ हो गईं तो उसने मुझसे पूछा- तुम सच बताना, क्या तुमको वो सब करने में मजा नहीं आया?उसके सवाल का मेरे पास कोई जवाब नहीं था. वो मेरे कंधे, गर्दन पीठ का ऊपरी हिस्सों को बेतहाशा चूमने और चाटने लगी.

मैंने कहा- अच्छा हमारे आपके रिश्ते के बारे उन्हें पता चलेगा, तब उन्हें दुःख नहीं होगा क्या? तब तो हमारी दोस्ती टूट जाएगी. मैं कितना किस्मत वाला हूँ।अपनी इतनी तारीफ सुन मेरी तो बांछें खिल गई, मुझे अपने आप पर घमण्ड सा होने लगा, पहली बार मैं किसी मर्द से अपनी ऐसी तारीफ सुन रही थी।वो मुझे ऊपर से नीचे तक घूरे जा रहे थे।उन्होंने मेरी पीठ सहलाते हुए कहा- जानती हो, आज तक मैंने 10 से भी ज्यादा लड़कियों की चुदाई की है.

कहानी के पिछले भाग में मेरी सारी बातें मेरे भाई के दोस्त ने सुन ली थी. कोई 15 मिनट की धुआंधार चुदाई के बाद उसकी गरमी अब ढलान पर आने लगी थी. मैंने चौंकने का नाटक करते हुए कहा- अरे ऐसा क्या करोगे तुम?रशीद ने कहा- अम्मी बातों में मेरा टाइम मत ख़राब करो.

इस तरह से बातें करते हुए वो धीरे-धीरे अपनी बहन की चूत चुदाई कर रहा था.

पर मैंने महसूस किया कि जब भी मैं कभी उनके पति के बारे में पूछने लगता, तो श्वेता मैडम बात बदल देती थीं. 5 इंच मोटा है और मेरे लंड पर नसें उभरी हुई हैं।मैंने बहुत भाभियों और आंटियों को चोदा है वो सभी मेरे लंड से खुश हुई।अब आते है मेरी एक आप बीती पर।दोस्तो, मेरे पड़ोस में मेरी एक चाची रहती है जिसका नाम सुमन है और चाचा अफ्रीका में रहते हैं. तकरीबन एक घंटे गरबा खेलने के बाद अचानक उनकी आंखों में मुझे एक इशारा सा दिखा.

चूंकि तब कम्पनी से होटल में रुकने का पैसा बहुत ज्यादा नहीं मिलता था इसलिए मैं एक दूसरी कंपनी के दवा प्रतिनिधि दोस्त मुकेश कुमार जो कि दरभंगा बिहार से बालाघाट में नियुक्त था, के साथ उनके घर में रुकता था और जब वो छिंदवाड़ा आता तो मेरे घर ही रुका करता था. फिर मोहिनी और मेरी वाइफ दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए … और मैं मोहिनी के पीछे से उनकी गांड चाटने लगा.

बॉस ने भी अपना लंड पैंट की जिप खोल कर बाहर निकाला और पीछे से मेरी गर्म चुत से सटा दिया. मैं दिखने में बहुत अच्छी लगती हूँ और शहर से हूँ तो मॉडर्न कपड़े पहनती हूँ, जिससे लोगों को मेरे जिस्म का आकार और भी अच्छे से दिखता है. इस डर्टी सेक्स स्टोरी में अब तक आपने पढ़ा कि दो बार चुदाई करवाने के बाद पूजा पेशाब के लिए टॉयलेट जाने लगी तो मैंने उससे पेशाब की धार का मजा लेने की इच्छा जाहिर की.

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एक सप्ताह बाद मैं जब ऑफिस में था, मुझे संजना का मेसेज आया- आज रात का खाना मेरे घर पे खाओगे.

” नीलम ने खुश होते हुए कहा।बेटी शुक्र है तुम्हें समझ में तो आया, मगर यह इतना आसान भी नहीं है इसके लिए तुम्हें सारी शर्म छोड़नी होगी. फिर मैं नीचे बैठ गयी और अपनी गांड के नीचे कपड़े रख लिए और नकली लंड को अपनी चूत पे फिराने लगी। मैं अपनी चूत में लंड का थोड़ा सा टोपा घुसाती और बाहर निकाल देती। इसमें ही मुझे बहुत मजा आ रहा था. वह है कि इस समस्या को लेकर पुरुष अक्सर शर्मिंदगी महसूस करते हैं और समस्या के बारे में खुल कर किसी अच्छे सलाहकार से सलाह या परामर्श लेने से कतराते हैं.

बीच बीच में गांड में उंगली भी डाल देता था।लगभग बीस मिनट की मालिश के बाद मालविका पलट गई और अब उसके पेट औऱ चूचों की मालिश होनी थी. अब वो बुरी तरह मस्ता चुकी थी, मेरा मुंह उसकी चूत के ऊपर था तो उसने अपने दोनों पैर मेरी पीठ पर रख दिए और उन पर एड़ियाँ रगड़ने लगी, साथ में मेरे बाल पकड़ कर खींचने लगी. तीन बेटी एक दमानउस वक़्त मैं लगभग 21 साल का था और सुनीता दीदी, हाँ! उनका नाम सुनीता था, वो लगभग 35 साल की थी.

30 बज गये।नीलम अपने कमरे में बैठी हुई अपने ससुर का इंतज़ार कर रही थी. उसकी नजरों में एक अजीब सा गुस्सा सा दिख रहा था, जैसे वो इस बात से नाराज हो गई हो कि मैंने उसकी चूत को बिना झड़े ही क्यों छोड़ दिया.

दोस्तो, वन्दना की एक खासियत है कि वो किसी भी तरह के सेक्स को न नहीं करती. उस आदमी ने अपने दोनों हाथों से अपनी पत्नी के मम्मों को पकड़ रखा था और वो मम्मों को बड़ी बेदर्दी से मसल रहा था. फिर मुझे याद आया कि ये तो वही लड़की है, जिसकी फोटो मुझे शादी के लिए आई थी.

निश्चित ही नायरा के मम्मे पिंकी से बड़े थे पर जिस स्टाइल से पिंकी ने चुसाई की और करवाई है वो अदा अनोखी थी. ये सुनते भी मैंने कहा कि मेरे पास तो कंडोम है ही नहीं … कुछ हो गया तो?इस पर भाबी ने बोला- उसकी ज़रूरत नहीं है … तुम मुझे ऐसे ही चोद दो. रवि ने कहा- आपको कैसे पता कि मैं शादी के लायक हो गया हूं? मैंने तो अभी कुछ देखा ही नहीं है आप मुझे कुछ सिखाओ.

चाचा का लंड काफी मोटा भी था और गर्म भी। मैं चाचा का लंड लेने के लिए मचल उठी थी.

मैंने अपने हाथों से अपनी सास की पीठ, पेट और गांड को सहलाना शुरू कर दिया. उसके बाद मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और थोड़ा सा थूक अनीता की गांड पर भी मल दिया.

अब जैसे ही मैंने उसके कुर्ते को उठाया उसके दोनों सफेद कबूतर मेरे सामने आ गए. उसने एक सेक्सी नाइटी पहनी हुईं थी, उसके साइज 38 के बूब्स आधे बाहर दिख रहे थे. फिर अपने हाथों से उनके निप्पलों को मसलते हुए मैं पीछे से धक्के लगाने लगा.

तो दीदी बोलीं कि चल रेशमा के घर चलते हैं … बहुत गर्मी भी थी … सो बस हम दोनों आ गए. मगर कुछ तो पसंद नहीं आते और कुछ को मैं अपने डर के कारण जवाब नहीं दे पाती थी. लेकिन अपने प्यारे बेटे को निराश तो नहीं कर सकती ना मैं!”तब फिर हम किस चीज़ का इंतज़ार कर रहे हैं आंटी.

किस वाली बीएफ मैं तुम्हारा बहुत ही बड़ा कर्ज़दार हो चुका हूँ क्योंकि तुमने समय रहते मेरी लड़की को सही रास्ते पर लाने के लिए मेरी बहुत बड़ी सहायता की है. मगर जल्दी ही नेहा को इसका अहसास हो गया, इसलिए उसने मेरा हाथ पकड़ लिया.

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मेरे पैरों तले से जमीन खिसक गई, जिसका साथ था, अब वह भी साथ नहीं रहा था. उसके बाद क्या क्या हुआ, सब लिखूँगा तब तक मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा. शर्म के कारण नेहा अब दोहरी हो गयी और ‘नहींईईई … ऐसा मत करो … प्लीईज … ऐसे ही कर लो … मुझे शर्म आ रही …’ कहते हुए अपने सिर को‌ इधर उधर करने लगी.

” नीलम ने बिना अपनी नज़रें हटाये ज़ोर से साँस लेते हुए कहा। नीलम ने अपनी ज़िंदगी में कभी इतना बड़ा और मोटा लंड नहीं देखा था।बेटी मैंने तुम्हारी शर्म ख़त्म करने के लिए ही अपनी धोती हटायी है. अपने जेठ के जवान बेटे की गर्म सांसों को मैं अपनी चूत पर महसूस कर रही थी. सेक्सी ओपन वीडियो फोटोउसके बाद मैंने उसको कम से कम 10 मिनट तक चोदा पैर अपने कंधे पर करके … और अपना माल फिर गिरा दिया.

खैर शुक्रवार को भाभीजी का फ़ोन बार बार आता रहा और मुझे मजबूरन उठाना ही पड़ा.

वो मेरे स्तनों को मसल रहा था और मैं उसके लण्ड को सहलाने का मज़ा ले रही थी।वो मेरे स्तनों को दबाते-दबाते दूसरा हाथ मेरी चूत पर ऊपर से फिराने लगा. कुंवारी बुर में लंड आराम से तो कभी घुसने वाला है नहीं जब तक जोर नहीं लगेगा चूत बिल्कुल भी जगह नहीं देगी.

उसने बोदका के दो पैग बनाए और हम दोनों अपनी थकान उतारने के लिए मजा लेने लगे. तभी कमरे का दरवाज़ा खुला और समीर अंदर दाखिल हो गया। समीर जैसे ही अंदर दाखिल हुआ अपने पिता और अपनी पत्नी को बिल्कुल नंगा एक दूसरे की बांहों में देख कर उसका मुँह खुला का खुला रह गया।ससुर बहू की कहानी चुदाई की … अगले भाग में जारी रहेगी. यह मेरे मुंबई वाले फ्लैट से ज्यादा कंफर्टेबल है।श्लोक- और रकुल आपको कैसा लगा?रकुल- अच्छा है लेकिन एडजस्ट होने में थोड़ा समय लगेगा। मुझे खुशी है कि सीमा यहां पर है। हम दोनों नए दोस्तों की अच्छी कटेगी।श्लोक- वैसे नील बहुत होशियार है, उसे इतनी सुंदर बीवी मिली इसीलिए उसने मुझे शादी में नहीं बुलाया।नील हंसते हुए- नहीं यार, ऐसी बात नहीं है.

मैंने कहा- हां माँ जी … उन्हें कोई शिकायत का मौका नहीं मिलेगा, आप बिल्कुल चिंता ना करें.

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सोनिया- फिर तुमने किया क्यों नहीं?रोहन- क्योंकि मुझे लग रहा था कि अगर मैं तुम्हें मैसेज या कॉल करूंगा, तो तुम समझोगे कि यह लड़का वाकयी चंपू है. मुझे घुमा कर उसने अपना लन्ड मेरे होंठों से लगा दिया और वीर्य की नदी बहा दी। उस दिन मुझे जो परमसुख मिला उसे शब्दों में बयाँ करना मुश्किल है. अब तक ऐसा कोई कारण नहीं था कि मुझे संदेह हो कि यह एक लड़का हो सकता था, जो मुझ पर प्रैंक खेल रहा था.

विकी अब गजन से बोला- हरामी, इसकी चूत पहले मैं मारूँगा। फिर तुम चाहे पूरी रात मार लेना।गजन बोला- ठीक है भाई।आगे आकर गजन ने लंड मेरे मुंह में घुसा दिया, मेरी रिसती हुई चूत से घिसा हुआ लंड उसने मेरे ही मुंह में ठूंस दिया था और विकी ने मेरी चूत पर लंड टिका कर एक जोरदार झटका मारा. अगर तू उसका लंड लेना चाहती है तो जाकर उसके लंड से अपनी चूत की प्यास बुझवा ले. बॉस ने मेरी चुदास भड़कते हुए समझ ली और मेरी चूत में अपना खड़ा लंड एकदम से डाल दिया.

मेरे पैरों तले से जमीन खिसक गई, जिसका साथ था, अब वह भी साथ नहीं रहा था. अब मैंने भाभी को बोला- भाभी, आप मेरे लंड को प्यार नहीं करोगी?उन्होंने मुझसे कहा- मैंने कभी ऐसा नहीं किया. तभी चाची आईं- कहां खो गए हो बेटे?मैं- आपकी दोनों दीदियों की गांड की दरार में खो गया हूं चाची.

कुंवर साहब ने मुझे बेड पर लेटा कर मेरे पैर फैला दिए और मेरे ऊपर चढ़ गए. करीब दस मिनट तक चोदने के बाद सीमान्त ने अपना पूरा माल मेरी गांड में निकाल दिया.

नेहा को बांहों में भरकर मैं अपनी पीठ के बल बिस्तर पर लेट गया था,‌ जिससे नेहा मेरे ऊपर आ गयी और मैं उसके नीचे था.

अरे तो चोदना था न तभी?”नहीं यार … वो साला प्यून दूर से हम दोनों को देख रहा था. हिंदी ब्लू फिल्म सेक्सी चलने वालीसोनिया- क्या?रोहन- तुमने कहा था ना … ‘अगर पूरे सामने आ गए तो क्या होगा?’सोनिया ने शरमाते हुए कहा- वो मैंने तुम्हें चिढ़ाने के लिए यूँ ही बोल दिया था. भाभी की सेक्सी जवानीलेकिन जब मैं खुद तुमसे कह रहा हूँ कि मैं चाहता हूं तो इसमें किसी भी प्रकार की गुस्से वाली कोई बात ही नहीं है. शॉवर की गिरती बूंदों के बीच मुझे उसका साथ बड़ा ही मस्त अहसास दे रहा था.

मैंने अपना एक हाथ आलिया के कातिलाना मम्मों पर रख दिया और हल्का सा दबा दिया … जिससे वो और ज्यादा मदहोश हो रही थी.

इतने में मोहिनी उठ कर बोलीं- डरो शरमाओ मत बेटा … मेरे सामने भी तुम जो करना चाहती हो, अब सब कर सकती हो … अच्छा ही है, मैं भी एंजाय करूँगी. अब मेरे धैर्य की सीमा जा रही थी, मैं मुकेश को किनारे कर खुद बीच में आ गया और धीरे धीरे एक हाथ से ब्रा के अंदर की गोलाई नापने लगा. मैंने अपनी जीभ उसके भोसड़े में डाली और बोला- ले तेरी माँ की चूत … साली रंडी … आज इस चूत को फाड़ ना डालूं, तो बोलना … तेरी माँ का भोसड़ा साली …वो बोली- पैंट खोल ना बहन के लौड़े.

फिर मेरे हस्बैंड ने मुझे ऐसे ही घोड़ी बनाए रखा और अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगे. मेरा कुछ और काम करने का मन नहीं कर रहा था क्योंकि मेरे दिमाग में सिर्फ सोनिया ही घूम रही थी. परीशा के इस तरह से दर्द के कारण बिलबिलाने से मुकुल राय भी घबरा गया, उसने परीशा की ओर देखा, उसकी बंद आँखों से आँसू बह कर उसके गालों पर आ रहे थे।बेटी मैं बाहर निकाल लेता हूँ.

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उनके लंड को देख कर मेरे अंदर भी थोड़ी सी हवस पैदा होनी शुरू हो गई थी. उस रात हमने तीन बजे तक जम कर चुदाई की और फिर मैं नीचे अपने रूम में आ गया. परीशा अपनी आँखों को खोलते हुए- नहीं नहीं पापा, बाहर मत निकालना … पूरा अंदर कर दो … मेरी फिकर मत करो.

अब उसने अपनी दूसरी टांग भी मेरे कंधे से निकाल दी और मेरे मुँह पर बैठ सी गई.

मैं इतनी खोई हुई थी कि मेरी वासना में मुझे याद नहीं शायद मेरे मुख से सिसकारियां भी निकल गयी हों.

उसकी चूत ने लंड को सहन कर लिया था और अब रस निकलने के कारण चूत में लंड को आने जाने में सुगमता हो चली थी. रोहन- थैंक्स टू यू … इतना मज़ेदार ऑर्गैस्म …सोनिया- बसससससस … स्टॉप इट रोहन … नहीं तो मैं चली जाउंगी. सेक्सी वीडियो मोनाट्यूबलाइट की तेज रोशनी में उसके ठोस तने हुए उरोज, उसका सुगठित बदन दमक उठा.

वो अगर मेरे साथ अकेली होती तो वहां से चली जाती थी और अगर नेहा‌ या सुलेखा भाभी के साथ होती, तो तुरन्त ही बातों का विषय बदल देती थी. पागल, मार डालेगी क्या?”उफ्फ दीदी तुम्हारे होंठ हैं ही इतने रसीले … मैं क्या करूँ. फिर विकी ने मुझे पलटने के लिए कहा और गजन ने सामने से मेरी चूत में लंड को डाल दिया.

मैंने रात भर खूब सोचा कि मैं अपने नए दोस्तों की किस तरह मदद कर सकता हूँ. काफी देर बात करते-करते आधी रात हो गई, तब सोने का सोचने लगे।रवि ने कहा- आज मुझे कुछ सिखाओगे या नहीं?सब लोग हंसे और मेरी पत्नी ने रवि को डांटा।फिर हम सो गए।लेकिन कुछ देर बाद ही मेरी आंख खुल गई और मुझे सेक्स की बहुत तलब लगी हुई थी। मैंने पत्नी को अपनी तरफ खींचकर होठों पर प्यार किया.

इधर संजना ने भी अपना रोता हुआ चेहरा छुपा के मेरे सीने में दबा दिया था.

मैं- थैंक्यू सर!हालांकि ब्लाउज को सेक्सी कहने से मैं जरा गर्म हो गई थी. मैं लंड साफ़ करके फिर से आलिया के पास आ गया और एसी फुल करके आलिया के पास लेट गया. मैंने लंड को निकाल कर अनीता की गांड के छेद पर रगड़ा तो मेरी सिसकारी निकल गई.

जापान की लड़कियों की मैंने कम्मो को समझा दिया कि अगर कोई पूछे तो बोल देना कि डांस करते टाइम पैर मुड़ गया था. दस मिनट किस करने के बाद मैं बोला- आप मुझे गलत तो नहीं समझी न?भाभी जी बोलीं- मैं आपको पसंद करने लगी हूं.

इतना कह कर मैंने आंटी को अपनी तरफ घुमा लिया और उन्हें किस करने लगा. मुझे उम्मीद है कि आप इस सेक्स कहानी को मेरी मॉम निशा के मुँह से सुनना ज्यादा पसंद करेंगे. भैया जी कहां हैं?वो वितृष्णा से बोलीं- शराब पी कर पड़े हैं और सो रहे हैं.

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मैंने कहा- मेरी भाभी ने मुझे कुछ सिखाया है … क्या तुम्हें भी किसी ने कुछ सिखाया है?इस पर वो कुछ नहीं बोली. खैर थोड़ी देर में संजय पानी लेकर आया और बोला- आप आराम से बैठिये, इसे अपना ही घर समझें. उसका लंड वाकई में ही बहुत बड़ा था जैसा कि मैंने बाकी लड़कियों से उसके बारे में सुन रखा था.

कुछ दिनों के बाद पापा का भी स्वर्गवास हो गया, तो भैया ने मुझे अपने पास ही रहने के लिए पटना बुला लिया. सोनिया- तो मिस्टर चम्पू, आपको देख कर लग रहा है मानो आपने कुछ ऐसा देख लिया हो, जो आपको नहीं देखना चाहिए था.

उनके निप्पलों और ब्लाउज को देख कर पता चल रहा था उन्होंने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी.

कहानी के पिछले भाग में मेरी सारी बातें मेरे भाई के दोस्त ने सुन ली थी. हालांकि मुझे कुछ ही पलों में उसके लंड का स्वाद अच्छा लगने लगा और मैंने मस्ती से उसका लंड चूसने लगी. फिर उन्होंने ऋतु को उन दोनों के लंड सहलाने के लिए कहा तो मेरी बीवी उन दोनों के लंड को सहलाने लगी.

मैं जब भी उसे चोदता हूँ, हर बार ये ही लगता है, जैसे उसे पहली बार चोद रहा हूँ. उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चूत में अपना लंड पेल दिया. वह पूरी तरह से गीली थी … वो बस अंकित को अपने अन्दर महसूस करना चाहती थी.

जिसमें कुछ का नाम लिख रहा हूँ … आप इन सेक्स पोजीशनों के बारे में मेल करके डिटेल ले सकते हैं.

किस वाली बीएफ: मैंने पहली उसकी चूत पर अपनी उंगलियां फिराईं और फिर उसकी चूत में दो उंगलियां डाल कर आगे पीछे करने लगा. लेकिन वो मुझे पूछने लगी- क्या हुआ? सब ठीक रहा?हां, सब ठीक! लेकिन लग रहा था कि वह नशे में थी.

इतने में मोहिनी उठ कर बोलीं- डरो शरमाओ मत बेटा … मेरे सामने भी तुम जो करना चाहती हो, अब सब कर सकती हो … अच्छा ही है, मैं भी एंजाय करूँगी. दूसरा पैग खत्म होते ही वन्दना का फ़ोन आया और उसने मुझे रूम में बुला लिया. मैं भी चाची के साथ पम्प की नीचे खड़ा हो गया और हम दोनों एक दूसरे के बांहों में आ गए.

उसने अपनी जीभ से एक बार में उसकी पूरी चूत को चाटा और ना चाहते हुए भी शबनम के मुंह से एक लम्बी आह निकल गयी- आह!शबनम के मुंह से एक चीख सी निकली.

मुझे यह भी बतायें कि मेरी ऑडियो सेक्स स्टोरी कैसी लगी?[emailprotected]. हर बार जब अंकित धक्का मारता था जवाब में शबनम नीचे से अपने कूल्हों को उछाल कर उसका साथ दे रही थी. कल, दोपहर 12 बजे मुझे फिर कॉलेज बाथरूम में मिलना और हम दोनों फिर से वही मज़ा करेंगे.