देहाती गांव के बीएफ

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बुर चाटने वाला सेक्सी: देहाती गांव के बीएफ, अब जब मुझे अपनी काम वासना से राहत और निजात मिली, तो मेरी नजर परमीत पर पड़ी.

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मैंने उसे गोद में उठाया और रूम में लाकर बेड पर पटक दिया और उसकी काली कच्छी के ऊपर से उसकी चूत चाटने लगा. जूही चावला के सेक्सी फोटोपर दीदी भी कोई दुश्मन तो थी नहीं, वो जानती थी कि कुछ ही पल में मनु खुद उछल उछल कर चूत में डिल्डो लेने लगेगी.

उसकी चुदास समझ कर मैंने भी बाइक को जानबूझकर गड्ढे में से निकालना शुरू कर दिया. मौसेरी बहन की चुदाईये मस्त और कामुक बातें सोचते हुए मैं और भी मस्ती से लंड पर उछलने लगी.

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स्वीटी आंटी झट से मेरे कमरे में अन्दर आईं और उन्होंने दरवाज़ा बंद कर दिया. देहाती गांव के बीएफ करीब ढाई बजे में जाने लगा, तो अंशी की सहेली मुझको किस करने लगी, वो बोली- शुभम मुझे कभी मत छोड़ना … मैं तुम्हारी बन कर रहने को तैयार हूं.

उसने मेरी बायीं बाज़ू उठा कर अपने गिर्द लपेट ली और मेरे साथ जुड़ कर बैठ गयी.

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फिर दीदी ने नीचे घुटने के बल बैठकर मेरे पेन्ट को निकाला और इस काम में मैंने भी उनकी मदद की. मगर मेरा और अक्षय का जाने का मन नहीं था क्योंकि हमारे पास माल था जिसके साथ हमने कुछ किया नहीं था. थोड़ी देर सोचती रही फिर बोली कि आप मुझे बेबी कह सकते हैं … बेबी मेरा घर का नाम है लेकिन ये नाम इतनी लड़कियों का होता है कि कोई रिस्क नहीं है.

नीरज हंसने लगा और टिश्यू पेपर से अपना लंड और आलिया की गांड साफ करने लगा. मैं चिल्ला रही थी, पर वो और ज़ोर ज़ोर से लंड को मेरी कोमल सी गांड में घुसाए जा रहे थे. अब दोनों तरफ ऐसी कामाग्नि भड़की कि दोनों एकदम से एक दूसरे के होंठों को बुरे तरीके से काटने लगे.

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चित्रा- हां चोद दे बहनचोद … आहह वैसे भी अब मेरी चुत चुद चुदकर पूरी खुल गई है. करीब 6 या 7 दिन बाद अंकल का फोन आया- गोविंद घर पर आ जा, मुझे तुझसे कुछ बात करनी है.

हम लोगों में चलने की भी हिम्मत नहीं थी मगर किसी तरह से हम लोग मेन रोड पर पहुंचे.

मैं संजू के ऊपर से हट गया और संजू से पूछा- कैसा लग रहा है?वो आंखें मूंदे ही बोली- आह … एक नया अनुभव और नया अहसास हो रहा है.

घड़ी पर नजर पड़ी, तो सात बज चुके थे और हम तीनों सहेलियां ऐसे ही पड़ी थीं. मेरी जान निकाल दी तुमने; कितना दर्द दिया तुमने! पर कोई बात नहीं … इस दर्द में भी मज़ा आ रहा था. और हमने अपनी ड्यूटी इस तरीके से सेट करवाई कि दोनों का नाईट ऑफ एक साथ हो.

मेरी परीक्षा होने के कारण मैं गांव नहीं जा सकता था … तो भाभी ने मम्मी से बातों बातों में कहा कि परीक्षा के दौरान वो मेरा ख्याल रखेंगी, जैसे खाना और कपड़े धोना आदि … और वो मुझे इन पांच दिन अपने घर रख सकती हैं. वो बोला- साली, तेरी चुदाई की शुरूआत मैं तेरी गांड चोद कर ही करूंगा. मेरे लंड का इतना बड़ा साइज़ है कि मैं किसी की चूत को चोद कर उसकी चूत के छेद को भोसड़ा जैसी गुफा बना सकता हूँ.

मैं उसकी पीठ पर चढ़ कर उसके मम्मों को मसलता हुआ उसकी गांड को मस्ती से चोद रहा था.

फिर मैंने उनकी मैक्सी को और ऊपर किया और उनकी नाभि को, पेट को किस करने लगा. उसने मेरी पैंटी को खींच कर उतार दिया और सीधा मेरी चूत में जीभ देकर चाटने और चूसने लगा. ब्लोवर के आगे उसके कपड़े सूख गए थे, उसने अपने को सही किया, अपने कागज़ इकट्ठे किये और रवि को उठाया.

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मज़े की वजह से मुस्कान सिसकारियाँ निकालने लगी- उई आह्ह उह्ह … स्सिसि … सिस्सीसी चोदो तेज ऐसे ही आह्ह्ह … ह्ह्ह्ह उईईइ सीसी.

उनको ये नहीं पता था कि मैं अन्दर आ गया हूँ और उनको झांटें बनाते हुए देख रहा हूं. मैंने उससे पूछा- तुमने तो कभी सेक्स किया नहीं था … फिर तुम्हें ये सब कैसे पता?उसने कहा कि मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सारी हिंदी सेक्स कहानी पढ़ी हैं और पोर्न भी देखी है … तो मुझे पता है.

देहाती गांव के बीएफ बाल सामान्य लंबे सिल्की और आजाद थे, जो हवा में तैर कर बिजलियां गिरा रहे थे. हम दोनों अपनी जगह पर जम से गए थे … कुछ देर चुप रहने के बाद जेठजी ने फिर से बोलना शुरू किया.

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उसको किसी केस के सिलसिले में जाना था और साथ ही वो कुछ एडवांस भी ले गयी.

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जब मैंने पूछा, तो उसने बताया कि मोम्मे सुडौल और टाइट करने के लिए उसने एक लोशन लगाया था ताकि मुझे चूसने में मजा आए. अब संजय ने कहा- तुम दोनों आपस में ही लगी रहोगी, तो हमारा क्या होगा?उसकी आवाज से हमारी मदहोशी टूटी और हम खड़े हुए. ये सब मैं इसलिए बता रही हूँ क्योंकि जब मैं थोड़ा घूमने फिरने लायक बड़ी हुई, तब इन जगहों पर मैं सहेलियों के साथ अकसर घूमने चले जाया करती थी.

उसके बाद मैंने तेल की शीशी ली और उसकी गांड में उंगली से तेल अंदर तक लगा दिया. दोस्तो, आपकी प्यारी कोमल एक नई सेक्स कहानी के साथ एक बार फिर से आपके सामने हाज़िर है. करीब आधे घंटे बाद जब वो चारों तैयार होकर बाहर आईं, तब हमारी आंखें खुली की खुली रह गईं.

मेरा जिस्म उसके चूमने और चाटने दबाने से हल्का लाल हो गया था।फिर उसने मुझे घोड़ी बना लिया और पीछे से मेरी कमर को पकड़ कर मेरी चूत में लंड डाल कर मुझे चोदने लगा.

मुझे तो तैयार होने का बिल्कुल मन नहीं था, पर परमीत के सजने संवरने को देख कर मुझे भी तैयार होना पड़ा. राजन असमंजस में था, बोला- सोना है तो अपने रूम में जाओ, मैं कहाँ सोऊंगा. मैं तुमको तुम्हारी सहमति से ही पाना चाहता हूँ … किसी तरह की जोर जबरदस्ती से मुझे भी बुरा लगेगा.

थोड़ी ही देर में रानी भी दुबारा से कामवासना की मार से घायल हो गयी और लगी सीत्कार भर भर के चुदवाने. अगले ही मिनट में नंगी ही उठ कर आंटी ने खाने की टेबल पर व्हिस्की की बोतल, दो गिलास और पानी नमकीन आदि सजा दिया. प्रियंका हमारी बातें सुन कर बोल उठी- अरे, इनको तुम झेल नहीं पाओगी, ये रोज़ तेरी गांड मारेंगे.

और मैंने सासु माँ की नाईटी गले से पकड़ी और फाड़ने लगा।नाईटी का पतला कपड़ा मेरे ज़रा से ज़ोर लगाने से ही फट गया. मैंने कहा- लेकिन उसको ट्रेनिंग तो कोई और दे रहा था?अब ट्रेनर चिड़ते हुए बोला- भाई तू अपने काम से काम रख ना.

यह वहाँ की सुविधा शुल्क था शायद।हमने अन्दर जाकर देखा तो कई जोड़े थे जो खुले में ही एक दूसरे की बांहों में थे, एक दूसरे को चूम रहे थे. वो बहुत जोर से ‘आहह आआह हहहह आहह हहह हम्फ़फ़ … फ़क … बहनचोद … गांड फाड़ दी बहन के लंड ने … आहह माँ मर गयी … बहनचोद बाहर निकाल भोसड़ी के … चीखी. अब रवि ने अपना दांव खेला और कहा- हर बात यहाँ नहीं हो सकती, रात को मेरी उसी क्लाइंट से दोबारा मीटिंग है, उसके बाद तुम मेरे होटल आ जाओ वहीं बात कर लेंगे और उसके बाद ही तय करेंगे कि ये बिजनेस किसके खाते में जायेगा.

वो अपनी नंगी चूचियों को मेरे सीने से सटाकर मुझसे लिपट गई और मेरी गर्दन को चूमने लगी.

उस खुशी के बदले मुझे मेरा इनाम मेरी गीत की एक बहुत अच्छी पिक के रूप में मिला. मैंने फिर सुहास के लंड को अपने मुँह में लिया और उसकी चुसाई शुरू कर दी … क्योंकि मुझे उसके लंड का स्वाद बहुत ही अच्छा लग रहा था. वो डरते हुए कहने लगी कि यार गांड में कैसे ले पाऊंगी … तुम आगे ही कर लो.

खाने के बाद दीदी ने हम सभी मर्दों से कहा कि तुम लोगों के लिए आज सरप्राइज होगी. उनके गर्म गर्म लंड का स्पर्श पाकर मेरी तो चड्डी गीली होने लगी। काफी देर तक मैं उनका लंड सहलाती रही।तभी अचानक से शहर की रोशनी मेरे चेहरे पर पड़ी तो मैंने तुरंत पूछा- कौन सा स्टेशन है?तो उन्होंने कहा- इटारसी आ रहा है।मैं तुरंत उठकर अपने आपको ठीक किया.

मैंने पूछा तो उसने बताया कि बस अड्डे नहीं जाएगी बस! आगे जाम बहुत है, सबको यहीं उतरना पड़ेगा।यह सुनकर तो जैसे मेरे अंदर से पूरा जोश ही निकल गया. एक इंच भर भी लंड गांड में नहीं गया था कि मेरी आंखों से आंसू निकलने लगे. ऐसे ही एक साल पूरा निकल गया और मैं गर्मी की छुट्टी में वापस मुम्बई आ गई.

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प्रीति मेरे लौड़े को देख कर बोली- इतना मोटा तुम्हारा लंड मेरी इतनी छोटी सी चूत में कैसे समा जाता है? बनाने वाले ने एक एक चीज़ को बखूबी तरीके से बनाया है.

इस वजह से रोजी की चुदास और भी भड़कने लगी।रोजी अब अपनी गांड उचकाकर खुद धक्के मारने लगी तो मैंने भी धक्के मारने शुरू कर दिए. मैं भी आगे पीछे करके उनके मुँह में लंड पेल रहा था और जिंदगी का असली मजा ले रहा था. रवि ने उसे समझाया कि ऐसा नहीं हो सकता, बिजनेस मीना ढूंढ कर लायी थी और ऊपर से रवीना यहाँ थी नहीं तो वो क्या करता.

लंड की प्यासी वो औरत मेरे सीने को चूमती हुई मेरे पेट से होती हुई नीचे मेरी पैंट तक पहुंच गई थी. जिसका जिक्र मैंनेमिशन मामी की चुत चुदाईमें किया था और वादा भी किया था कि अगली सेक्स कहानी को भी मैं जरूर लाऊंगा. सेक्सी शायरी हिंदी मेंऔर यह कह के और भी अच्छे से सहलाने लगा।वो बार बार गलती कर रही थी लिखने में तो मैंने अपनी कुर्सी हल्की पीछे की और कहा- यहाँ आकर लिख। वो मेरी तरफ पीठ करके लिखने लगी.

चित्रा- अभी तुम्हारे जीजा जी भी सो रहे हैं और मैं भी थोड़ी थकी हुई हूँ. उफ्फ … क्या मस्त गान्ड थी यार!जब बार बार मैं उससे रगड़ रहा था तो अब शायद उसको भी मज़ा आ रहा था। तभी वो भी कुछ नहीं बोल रही थी.

हम दोनों पूरा जोर लगा कर अपनी बहनों को चोद रहे थे और वो दोनों कामुक आवाजें कर रही थीं- आहह आह या ओह आहह. मैंने उसके हाथ से ग्लास लेकर आधा उसे पिलाया और आधा मैंने पीया।इसके बाद मैंने उसे बेड पर बिठाया. मैं- मैं तो कल से यहां से चला जाऊंगा, यानि कल से इस घर में आप एक ही मर्द रहेंगे.

मैं उसे होंठों पर किस करने लगा और हल्के हाथ से उसके दूध भी मसलने लगा. इधर मैंने भी अपने सारे कपड़े खोल दिए थे और मेरा लंड फुंफकार मार रहा था. फिर आवाज लगा कर बोला- भाई कितनी देर और लगेगी?मैंने कहा- बस पांच मिनट भाई.

राजन निढाल सा पड़ा था, वो उठा और एक बार फिर शावर के नीचे खड़ा होकर फ्रेश होकर आया.

मैंने उससे पूरी बात समझी और तुरंत उसके साथ अपनी बाईक पर अस्पताल के लिए निकल गया. अंकल मस्ती में बोल रहे थे- आह … आज मेरी गांड का उद्घाटन कर ही दो जानू.

नीरज ने कहा- वाह संजना, इतना खूबसूरत और गदराया जिस्म मैंने आज तक नहीं देखा है. वासना में गाली देते हुए सुरभि बोली- पहली बार इतना मोटा और लंबा लंड मिला है. वो इस पोज में लगभग पांच मिनट चुदी होगी कि वो बोली- आह जीजा जी, मैं आने वाली हूँ.

उन्होंने मुझे अपनी दमदार बांहों में जकड़ लिया और पूरी ताकत से मुझे चोदना शुरू कर दिया. !!”वसुंधरा के दोनों उरोज़ मेरे चूमे जाने की वज़ह से गीले हो कर रह-रह कर कौंध से रहे थे और बारम्बार चूमे जाने के कारण गोरे रंग के दोनों वक्ष कुछ-कुछ गहरे रंग के दिखाई पड़ रहे थे. मलाई जैसे मुलायम चिकने और बेहद हसीन पैरों के स्पर्श से मेरी चुदास कई गुना बढ़ गई और मैंने दीवानावार रानी के पैरों को चाटना शुरू कर दिया.

देहाती गांव के बीएफ मैंने आरती की टांगों को फैला दिया और उसको बेड पर लिटा कर उसकी चूत में मुंह दे दिया. जब हमारी दोस्ती आगे बढ़ी तब मुझे उसने बताया कि वहां एक लड़का था और फिर बाद में उसने लिंग परिवर्तन का ऑपरेशन करवाया था.

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वो मुझे सहलाते हुए बोलने लगे- तूने आज मेरी लंड की प्यास शांत की है, बोल तुझे क्या चाहिए. रास्ते में मुझे आइस क्रीम वाला दिखा, तो मैंने नीतू से पूछा- तुम्हें कौन सा फ्लेवर पसंद है?उसने चॉकलेट बोला, मैंने एक ब्रिक चॉकलेट आइस क्रीम की ले ली और स्टूडियो आ गए. उसके कुछ देर बाद मेरे चूतड़ों को पीटते हुए हसन ने मेरी गांड पर ही अपना वीर्य त्याग दिया.

तो उसने प्रतीक्षा को डांटते हुए समझाया- तू बिल्कुल पागल है, अक्ल नहीं है तुझे।प्रतीक्षा बोली- क्या हुआ दीदी?संयोगिता ने कहा- अगर ज्यादा देर तक चूत में लंड से धक्के लगवाने हैं तो लंड के सुपारे को हमेशा खोल कर चूसना चाहिए. भाबी के नहाने के समय की फोटो के कारण उसके बदन पर चिपकी हुई पानी की बूंदें किसी मोती की नक्काशी सी लग रही थीं. अक्षरा सेक्सीअपनी फ्रेंची को जांघों से सरका कर निकाला और अपने लंड को उसके चूतड़ों के बीच में लगाकर उसके ऊपर लेट गया.

उसकी चुदास देख कर मैं उसके ऊपर चढ़ गया और पूरी ताकत के साथ धक्का लगा कर उसे चोदने लगा.

सांसें हम दोनों की उखड़ी हुई थी और हो भी क्यों न … सालों बाद दोनों विपरीत लिंग के संपर्क में आ रहे थे. अब तो वो चलते चलते भी लंड पकड़ लेती, मेरा गाल काट लेती, अपने से चिपका लेती और जब मौका मिलता चुदाई हो जाती है.

दोस्तो … मेरी पिछली कहानियांदोस्त का स्वागत बीवी की चूत सेऔरअधूरे मिलन की तड़पआपने पसंद की. पर सिल्क ने मेरे सीने पे हाथ रख कर मुझे पीछे धकेला और कहा- जाओ फ्रेश हो लो. वो टॉयलेट सीट पर बैठ गयी और फिर बहाने से अपनी चूत धो ली और अंदर उंगली कर क राजन की निशानी को साफ़ किया.

मैंने भी सेक्स किया है, पर चुदाई को लाइव देखने का मजा एक अलग बात है.

कमरे जाकर में अन्दर से दरवाजा लॉक करके और हम दोनों बिना देर किए एक दूसरे को चिपककर ऐसे किस करने लगे. संजू ने उसके मुँह के ऊपर चूत सटाकर हाथ हटा दिया, जिससे संजू की चूत में निकला मेरा सारा वीर्य धीरे धीरे प्रियंका के मुँह में जाने लगा. मुझे मजा आने लगा लेकिन तुरंत ही उसने अपने मोटे लंड का सुपारा मेरी गांड के छेद पर रख दिया.

वीडियो गाना सेक्सी वीडियो गानाहम कुछ बोल भी नहीं सकते थे क्योंकि अब उन चारों ये हमारे मुँह पर पट्टी बांध दी थी. रास्ते में राहुल बोला- आप क्या लेने के लिए जा रही थीं?मैं- अरे मैं अभी हॉस्टल से आई हूं, तो मैं ज्यादा कपड़े नहीं लाई थी, इसलिए थोड़े कपड़े लेने थे.

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कुणाल ने रवि को बेड पर लेटने का इशारा किया और फिर चुदाई रोक कर मीना से कहा कि वो रवि का लंड अपने चूत में बैठ कर ले. फिर मैं दीदी और परमीत के बीच लेट गई और मनु दीदी के बगल में चिपक कर लेट गई. लेकिन जो गलती सोनू की है, उसका इल्जाम मैं अपने ऊपर क्यों लूँ?”मैं समझा नहीं?”मैं क्षमा चाहते हुए बोल रही हूं, आप बुरा मत मानियेगा।”नहीं बेटा, मैं बुरा नहीं मानूंगा।”पापाजी, मैं अपनी जिस्मानी भावना को अगर मार भी दूं पर कल को हमारा बच्चा नहीं हुआ तो आपके और हमारे दोस्त और रिश्तेदार ही मुझे बांझ बोलेंगे.

मैंने उसकी फ्रेंची पकड़ कर नीचे खींच दी और पूरे से उतार कर बेड के नीचे गिरा दी. जिसका जिक्र मैंनेमिशन मामी की चुत चुदाईमें किया था और वादा भी किया था कि अगली सेक्स कहानी को भी मैं जरूर लाऊंगा. दो साल में मुंबई से वापिस घर आता है। सास भी क्या करे? दो-दो साल बिना चुदवाये कैसे रहे?इसलिए तो पहले ही अपनी शादी के बाद से ही मेरी सास यही करने लगी थी, फिर मुझे भी अपनी शादी के एक साल बाद पता चला कि मेरी बीवी भी कई मर्दों के साथ सो चुकी है.

मेरे जीवन में और भी बहुत सी मस्त कहानियां हैं, जो मैं बाद में समय निकाल कर लिखूंगा. मैंने सोचा इस पर ट्राई करके देखता हूं, अगर इसके लंड को टच तक भी कर पाया तो बहुत बड़ी उपलब्धि होगी मेरे लिये. तो मैंने पूछा- क्यों नाम बताने से डरती हो क्या?वो बोली- शुरुआत आपने की है, तो पहले आप आपका नाम बताएं.

उसे अलग खड़ा कर मैं उसकी एक चूची को चूसने लगा तथा दूसरे को मसलने लगा. वो कहते हैं ना कि एक मर्द और एक औरत जब काफी टाइम एक दूसरे के साथ बिताते हैं, तो उनके मन में सामने वाले के लिए कुछ ना कुछ फीलिंग्स तो आ ही जाती हैं.

उसने मेरे सर को पकड़कर घुमाया, तो मैंने स्वतः ही उसके सुपारे पर जीभ फिरा दी.

मैंने उसकी कच्छी की साइड से अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में घुसा दीं और उसकी चूत के दाने को मसलने लगा. वन प्लस सिक्सवाह … शादी और बेबी होने के बाद तो स्वीटी आंटी क्या मस्त माल बन गई थीं. विवो वीडियो डाउनलोडमैंने धीरे-धीरे निप्पल छोड़ कर वसुंधरा का पूरा वक्ष चाटना-चूसना शुरू कर दिया, जगह-जग़ह चुम्बन लेने शुरू कर दिए. मेरी रस बहाती चुत देख कर वो बोले- अरे जान, तुम्हारी जवानी की कद्र तुम्हारा पति ने की ही नहीं.

जिम के बाकी लड़के भी उन दोनों की तरफ नीची नजर से देख रहे थे मगर कोई कुछ बोलने की बजाय सब मजे ले रहे थे.

जीजा जी- ठीक है फिर क्या?मैं- हम दोनों टीम एक-एक कमरे में कुल दस क्लू ढूंढने होंगे. वो दोपहर बाजार गया और ‘अनवांटेड 72’ की गोली लाकर चुपके से ममता को दे दी. फिर मेरी कमर को जोर से पकड़ कर थोड़ा जोर लगा कर अपने लौड़े को सीधे अन्दर धकेल दिया.

अब मैं उसके मम्मों के निप्पलों को अपनी जुबान से चाटने लगा और बीच-बीच में उन्हें दांतों से पकड़ कर खींच भी देता था. फिर मैं धीमे से दीदी को पेलने लगा, जिससे दीदी कामुक आवाजें करने लगीं. करीब बीस मिनट की लंबी चुदाई के बाद मेरा पानी निकल गया और मैं उसकी चूत के अन्दर ही छूट गया.

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मैंने सिगरेट का एक लंबा कश खींच कर सिगरेट बुझाई और धुआं नीतू के मुँह पर छोड़ते हुए उसके होंठों को चूमने लगा. एक दो बार उसने रॉड को उठाने के बहाने से मेरी नाक पर लंड को छुआ दिया. https://thumb-v9.xhcdn.com/a/Q5F81H_an5m_vRiPit4TTw/018/156/159/526x298.t.webm.

मेरी कहानीमेरे भैया मेरी चूत के सैय्यांको आप लोगों ने पसंद किया उसके लिए आप सभी का धन्यवाद.

फिर थोड़ी दूर बाद रास्ते में एक मेडिकल स्टोर पड़ा, मैंने अंशी को रोका और उसे एक आइसक्रीम पार्लर के पास खड़ा कर दिया.

राजन असमंजस में था, बोला- सोना है तो अपने रूम में जाओ, मैं कहाँ सोऊंगा. मैंने उसकी पेंटी, खोल कर साइड में फेंक दी और लंड उसकी चुत पर रगड़ा, पर मुझे महसूस हुआ कि उसकी चुत बिल्कुल बन्द है और छोटी सी बहुत प्यारी है. देवता सेक्सीमुझे उनके मस्त बड़े बड़े चूचे आज कुछ जरूरत से ज्यादा ही गहराई दिखा रहे थे.

वैसे वो कोई ज्यादा सुन्दर तो नहीं थी, पर उसका बदन बहुत ही कसा और मादक था. थोड़ी ही देर में रानी भी दुबारा से कामवासना की मार से घायल हो गयी और लगी सीत्कार भर भर के चुदवाने. मैं उससे बोला- क्या आशा को तुम मेरे लिए बुला रही हो?नीतू हंस कर बोली- वैसे ख्याल बुरा नहीं है, अभी आप उसी से मजे लो.

दीदी ने नीचे उतर कर घुटने के बल बैठकर मेरे लंड को मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगीं. परमीत की व्यस्तता चुदाई में इस समय थोड़ी कम ही थी, शायद उन लोगों ने हमारी चुदाई का लाईव टेलीकास्ट देखने के लिए चुदाई को थोड़ा धीमा किया हुआ था.

परमीत और हसन, दोनों ही इस अवस्था में कुछ देर रुक गए और फिर कुछ देर में संयत होने लगे.

बंध्या तू पहली लड़की है जो मेरे जीवन में एक साथ दो लंड को लेने के लिए तैयार हुई है. वो बोली- अंदर आ जाओ।मैं डर डर के अंदर जाने लगा तो वो बोली- डरो मत, यहां कोई भी नहीं है. ”शाबाश!”और प्रोग्राम शुरू हो गया।अगले ही मिनट में एक लन्ड पिस्टन की तरह मेरे चूतड़ों के बीच में चल रहा था दूसरा मेरे मुंह में अंदर बाहर हो रहा था।मेरी दोनों जगह से चुदाई हो रही थी धकाधक … फचाफच!और ये सारी रात चला। चारों ने दो दो बार अपना माल मेरे अंदर झाड़ा।चारो लौंडों को मैंने चूसा भी और उनसे मरवाई भी।सुबह तक मेरा सारा शरीर दर्द कर रहा था।मैं चुपचाप घर आयी और सो गयी.

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मेरे लंड से जब गर्म गर्म वीर्य की तेज पिचकारी किसी लड़की, औरत, सेक्सी भाभी या चुदक्कड़ आंटी की चूत की दीवारों से टकराती है तो वो अंदर तक आनंदित हो जाती है. मैं अभी भी अस्त व्यस्त थी, तो मैं घर जाने लायक तैयार हो गई और संदीप ने घर ठीक कर लिया. जीजा जी- ठीक है फिर क्या?मैं- हम दोनों टीम एक-एक कमरे में कुल दस क्लू ढूंढने होंगे.

इतना सुनना था कि उसने मेरी चड्डी पर हाथ रख कर कहा- हाय … आज तो मेरी चूत फटने वाली लगती है. सच कहूं तो मैं अब जेठजी या खुद को रोकने के बिल्कुल मूड में नहीं थी.

उधर लंड चुसवा कर उग्र हो चुका हसन परमीत को चोदने के लिए पोजीशन बनाने लगा.

पर मैं बार-बार यही सोचती थी कि मेरे इतने कड़क भैया, दीदी की बात मान क्यों गए. थोड़ी देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी जिससे संजना मजे और कराहने जैसी मिली आवाज में सीत्कारने लगी।इसी तरह से मैंने संजना को अलग अलग पोजीशन में करीब आधे घंटे तक खूब जी भर के चोदा।इधर जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने संजना को कहा- संजना, अब मेरा बीज निकलने वाला है. मेरे शिश्न-मुंड के अपनी योनि के भगनासे पर हो रहे लगातार घर्षण के कारण वसुंधरा के मुंह से लगातार निकलने वाली सीत्कारों और सिसकियों में इज़ाफ़ा हो रहा था लेकिन अब मुझे इस ओर ध्यान देने की होश कहाँ थी.

उसका कारण यह है कि उसे देख कर कोई भी यही कहेगा कि ये 20-21 साल की चंचल बाला है. रवि ने मोटरसाइकिल निकाली, थोड़ी दूर ही गए होंगे कि अचानक तेज बारिश शुरू हो गयी. फिर उसने मुझे घुमा लिया और मेरी टीशर्ट को ऊपर उठा कर मेरी नंगी पीठ पर चुम्बन जड़ दिया.

समाज की चक्की में उसकी नैतिकता और स्वयं की हवस के दो पाटों के बीच में पिसना तो हमें जिन्दगी भर ही है.

देहाती गांव के बीएफ: मुस्कान ने तो एक बार अपनी चूत मेरे होंठों के पास भी कर दी थी और मैंने उसपे एक किस करके उसे छोड़ दिया और पूरा ध्यान सीमा को चोदने पे लगा दिया।सीमा की चूत से ऐसे रस निकला जैसे वो पेशाब कर रही हो. अगर वो ऐसा करते, तो मैं उन्हें नहीं रोकती … क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले ही मेरे पति ने बातों से ही मेरी चूत को गीला कर दिया था.

दीदी ने डिल्डो को जितना पकड़ा था, सिर्फ उतना ही बाहर बाकी रह गया था, उसके अलावा पूरा डिल्डो परमीत की चूत ने आसानी से गटक लिया था. इस बीच मेरे होंठ उसके मुँह से हट गए थे और उसकी दर्द भरी कराहें निकलना शुरू हो गई थीं. दीदी की गर्दन तरफ का हिस्सा ही बिस्तर पर था बाकी उसकी गांड और टांगें पूरी हवा में उठी हुई थीं … शायद दीदी काफ़ी गर्म हो गयी थी.

ई!मैंने भी पीछे से पूरा लौड़ा उसकी गांड में आगे पीछे तेज स्पीड से करना शुरू कर दिया ताकि वो अपने झड़ने का पूरा मज़ा ले सके।आगे से सतीश भी बिना रुके उसे चोदे जा रहा था।सीमा के झड़ने के बाद हमने पोजिशन बदल ली.

हम दोनों के पास पासपोर्ट तो पहले से ही थे, बस वीजा का इंतजाम करना था, जोकि एक एजेंट के माध्यम से बड़ी मुश्किल से जुगाड़ करके हो ही गया. मैंने इस सबसे दिमाग लगाना छोड़ा और अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगा कर उसकी चूत पर सुपारा रख दिया. मैंने उनकी साड़ी को ऊपर किया, तो वो गुस्सा हो गईं और बोलीं- जो करना है … ऊपर से ही कर लो … और शांति से करो.