यूपी की बीएफ फिल्म

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पापा… कभी कोई इच्छा नहीं होती है क्या?”होती तो है… पर क्या कर सकता हूँ… सुमन तो छूने पर ही गन्दी गालियाँ देती है. भारतीय सेक्सी अश्लील वीडियोशगुन की रात से एक रात पहले सभी नाच रहे थे, लड़के अलग, लड़कियाँ अलग!नाचते-नाचते बहुत थक गई, पसीने से कुर्ती भीग गई.

जाने का मन उसका भी नहीं था और ना मेरा उसको जाने देने का ! लेकिन जाना भी ज़रूरी था क्योंकि अगली दिन भी मिलना था।वो चली गई अगले दिन आने का कह कर !दोस्तो, अभी एक और दिन था घर वालो के आने में और उसमें मुझे सारा काम करना था, मतलब पूरा सेक्स !तो मैं उसके लिये नई शरारत सोचने में लग गया।तो यह था मेरा और मेरी प्यारी शिष्या के प्रेम-मिलन का दूसरा दिन. हॉट गर्ल की सेक्सी वीडियोमैंने कोशिश की लेकिन उसकी चूत इतनी तंग थी कि जा ही नहीं रहा था … 2-3 बार कोशिश करने के बाद भी नहीं गया तो वो बोली- जाओ, रसोई से तेल ले आओ….

फिर तौबा रे, उसका सख्त लण्ड मेरे चिकने गोलों को चीरता हुआ पेटीकोट समेट चूतड़ों के मध्य घुस गया.यूपी की बीएफ फिल्म: !!!मैं- वो तेरे आदेश का पालन कर रहे थे और अगर मैं साथ न देती तो तू उनका क़त्ल करवा देता! मेरी वजह से किसी बेक़सूर की जान जाये, यह पाप मैं अपने सर नहीं ले सकती.

तभी दीदी ने फिर पूछा- बोल न नेहा, क्या करते हो तुम दोनों?” अनीता दीदी ने नेहा की बड़ी बड़ी चूचियों को अपने हाथो से मसल डाला.कई बार तो रीटा सबके सामने सबकी नजरें बचा कर राजू से घोड़ा घोड़ा खेल खेल कर अपनी उधड़ी सलवार में से ही राजू का लण्ड अपनी चूत में सरका लेती थी.

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अमित ने एक एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए, संतरे के आकार के मेरे मम्मे देखकर उनकी आँखों में चमक आ गई और मेरी चूत के दर्शन करते ही वो पागल से हो गए और अपने होंठ मेरी चूत पर रखकर चूमने-चाटने लगे.उसकी आवाज़ में दर्द और गले में कुण्ठा थी… वो रो रहा था… मैंने दूसरे हाथ से उसके चेहरे को छुआ.

मैं अगले दिन सुबह 8 बजे छत पर जाने वाला था पर कोहरा होने के कारण मैं 9-30 पर छत पर गया…अपनी नहीं रक्षिता की. यूपी की बीएफ फिल्म इससे मम्मी की चूत भी सामने से खुल गई और गाण्ड की गोलाईयाँ भी बहुत कुछ खुल कर लण्ड फ़ंसाने लायक हो गई थी.

मैं भी भाभी को घुमाने के लिए मेट्रो वाक मॉल ले गया लेकिन भाभी के दिल की बात जानने के लिए मैंने कार जापानी पार्क की तरफ ले ली.

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क्या स्वाद था।बुआ मस्ती के मारे सीत्कारने लगी। उसकी आहें कमरे में गूंजने लगी- आह्हह्ह आह्ह्ह राज मैं मर जाउंगी राज आह्हह्ह…. मनीषा ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और मेरे बिस्तर पर आकर बैठ गई और हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे. मैं भी पूरी गति से चोद रहा था और वो जोर जोर से चिल्ला रही थी- और जोर से! और जोर से! ऐसे ही! मुझे जीभर कर चोदो मेरे राजा.

मेरी मस्त साली शिखा 19 साल की है पर चूची 34, कमर 30 और गांड 36 तो कुल मिलाकर चोदने के लिये मस्त चूत थी. एक तरफ नीना मेरे लंड पर सवार थी तो पीछे से अमित उस चूत में अपना घोड़े के लंड जैसा मूसल लंड डाल दिया. मम्मी ने कहा- बहन जी, मेहरबानी कैसी? यह भी तो आपके बेटे जैसा है!मम्मी ने मुझे आवाज़ लगाई, कहा- हैरी, तुम आंटी के घर जा कर सो जाया करो कुछ दिन! आंटी की तबीयत ठीक नहीं है.

फिर हमने कपड़े पहने, उसने बिस्तर की चादर बदली, मैंने उसे चूमा और बाहर आकर अपने कमरे में सो गया. कभी कभी पीछे से करता है ना ?’‘ओह ‘ मेरी भी हंसी निकल गई। ‘तू तो एक नंबर की छिनाल है री ? तू मना नहीं करती क्या ?’‘अपने मरद को मना कैसे किया जा सकता है ? मरद की ख़ुशी के लिए वो जब और जैसे चाहे करवाना ही पड़ता है। क्या आप नहीं करवाती ?’‘धत्. मैंने एक हाथ से उसकी चूची दबानी शुरु कर दी और दूसरे हाथ से उसकी चूत को सहला रहा था.

उस घने जंगले में पानी का स्रोत ढूंढने लगा… मेरी चूत को अपनी हथेलियों में भरकर उसने दबा दिया. बस फिर क्या था, मैं चूमता गया उसकी आँखों, माथे और फिर नीचे की ओर गले में, सब जगह! बस उसने आँखें बंद कर ली.

उसने मेरे गुलाबी होंठों को चूम लिया, एक हाथ मेरी कुर्ती में डाल मेरे मम्मे दबा दिए.

वो खिड़की से उतर के थोड़ी देर बाद चोरी से मेरे घर अंदर आ गई जिसके लिए मैंने पहले से ही दरवाज़ा खुला रखा था.

फिर मैं धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा और बीच-बीच में हल्के धक्के मार देता जिससे उसकी चीख निकल जाती. फिर मैंने उनसे कहा- भाभी! भैया का कितना बड़ा है?तो भाभी ने कहा- वैसे तो तुम मुझे चोदना चाहते हो और अभी भी मुझे भाभी बोल रहे हो? तुम मुझे प्रिया कह कर बुलाओ, मुझे अच्छा लगेगा और ऐसे सवाल पूछ कर क्यों समय खराब कर रहे हो? फिर मैंने इस बेकार के सवालों को छोड़ते हुए प्रिया के बाल पकड़ लिए और फिर से उसके होंठ चूसने लगा ताकि उसका जोश खत्म ना हो और चुदाई में ज्यादा मजा आये. झड़ने ही वाला था… तभी चौकीदार ने सर के चूतड़ों पर ज़बरदस्त डंडे बरसाए… सर का लण्ड बाहर निकल गया.

मेरा नाम सोनिया जैन है, 26 साल की हूँ, मेरा एक भाई है, वो मुझसे दो साल बड़ा है।बात उन दिनों की है जब मैं 18 साल की थी, तब मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं पता था, मुझे सेक्स की बातों से भी डर लगता था।एक दिन मैं भैया की अलमारी में कुछ ढूँढ रही थी, मुझे वहाँ से कुछ सी. दो इंच की चूत पूरी तरह चुदरी हुई और अब चुद कर फटने को तैयार थी और चौदू लौड़ा नन्ही चूत को चौद कर भौंसडी बनाने को तैयार था. मगर उसका लण्ड तो जैसे कभी झड़ने वाला ही नहीं था…मैं अपनी गाण्ड को जोर जोर से ऊपर-नीचे करने लगी.

थोड़ा हाथ से भी करो रानी…मैं तुम्हें सिखाऊँगा कि कैसे मर्द को खुश किया जाता है, वेरी गुड… ऐसे ही करो !रागिनी ने हाथ से लण्ड सहलाना शुरु किया और अंडकोष चाटने लगी- अब ठीक है, अंकल?मैंने जवाब दिया- हाँ बेटी, बहुत अच्छा… सही कर रही हो.

मैं- आई लव यू जोजो! तुम जितना कहो सेक्स करुँगी पर इनसे नहीं करुँगी!जोजो तो तरस आ गया … उसने मुझे कपड़े पहनाये … बाइक पर छोड़कर आया. लेकर बाबूलाल को देते हुए कहा- टाइम का ध्यान रखना! ठीक 10 बजे!बाबूलाल चला गया, ऑफिस का टाइम खत्म हो चुका था, मैं घर चली आई, घर आकर मैं खूब रगड़ रगड़ कर नहाई, कोई दस बार अपनी चूत को साबुन से धोया, आदत के अनुसार साड़ी के नीचे पेन्टी नहीं पहनी।घर में मैंने कह दिया कि जिमी के साथ शादी में जा रही हूँ।ठीक 9. इसी दौरान मैं अपना लंड धीरे धीरे कशिश के चूत के अन्दर डालता जा रहा था…तभी कशिश के सब्र का बाँध टूट गया और वो चिल्लाने ही वाली थी कि मैंने उसके मुहं को अपने हाथ से बंद कर दिया.

मेरी आनन्द से भरी सीत्कारें कमरे के माहौल को और कामुक बनाने लगी… मेरा हाथ खुद ब खुद उसके बलिष्ठ शरीर से फिसलता हुआ उसके कूल्हों पर जा पहुँचा … मैं उसकी गोलाइयाँ मसलने लगी…अच्छा जी…!!! यह बात. वी पर स्टार माक्स पर एक इंग्लिश मूवी आ रही थी उसमें हीरो हिरोइन को चूम रहा था। तभी भाभी आ गई, उनको देख कर मैंने एकदम टी. यह कह कर मैं वहाँ से चल दिया, दीदी भी मेरे पीछे आने लगी, शायद श्यामलाल ने दीदी की छुट्टी कर दी थी.

मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा कभी करुँगी… मैं सच कह रही हूँ।’‘लेकिन अच्छा लगा ना?’‘हाँ, बहुत अच्छा.

उसकी पीठ पर हाथ फ़ेर कर उसे उत्तेजित करने का प्रयत्न करता था। उसके जिस्म की कंपकंपाहट मुझे भी महसूस होती थी। पर उसने कभी भी इसका विरोध नहीं किया। एक बार सर्वांग आसन कराते समय मैंने उसके चूतड़ों को भी सहलाया और दबाया भी। उसके चूत का गीलापन भी मुझे दिखाई दे जाता था…. दस मिनट बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया तो मैं बोला- इस बार भी मुँह में निकालने का इरादा है?तो वो शरमा कर बोली- नहीं! इस बार मैं तुम्हें जन्नत की सैर करवाऊँगी!और उसने मेरे पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया.

यूपी की बीएफ फिल्म एक झटके से जाने क्या हुआ मुझे अपनी दोनों जांघों के बीच कुछ गर्म-गर्म रिसता हुआ सा महसूस हुआ…… मेरे मुँह से आनन्द भरी आहें निकलने लगी… बंद आँखें जब खुली तो वो मेरे ऊपर था और लम्बी लम्बी सांसें ले रहा था…उसकी गर्म-गर्म सांसें मेरे पसीने से गीले बदन को ठंडक पहुँचा रहीं थी…मैंने उसे उसकी गर्दन पर एक चुम्बन किया… और कुछ देर हम उसी तरह लेटे रहे…कुछ देर बाद. प्रेषक : रोहित खण्डेलवालदोस्तो, आपके बहुत सारे मेल मिले ! मुझे ख़ुशी हुई कि सबको मेरी कहानी पसंद आई … गुरूजी को धन्यवाद जिन्होंने मेरी कहानी आप लोगों तक पहुँचाई ….

यूपी की बीएफ फिल्म अभी उसका लंड पूरा टाइट नहीं हुआ था इसलिए मेरे मुंह आराम से आ गया और मैं फिर से उसका लंड चूसने लगी. जब भी किसी को जरूरत होती है वो मुझको बुलाती है और मैं उसकी सेक्स की जरूरत को पूरा करता हूँ.

मेरे दोस्त के बगल वाले घर में एक लड़की रहती थी, उसका नाम कविता था, 18 साल की उम्र होगी, छोटे-छोटे चूचे, मस्त गांड और गोरा बदन!जब से मैं गया था वो मुझे देखती रहती थी.

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और अलग हो गई… हम दोनों एक दूसरे की आँखों से एक दूसरे का मन पढ़ रहे थे…!!!पढ़ते रहिए ![emailprotected]. ?अभी देता हूँ मेम… कहकर मैं गरम पानी बाल्टी में ले जाने लगा… शुक्र है वो क्या कहत है गीजर ख़राब था…मैंने देखा कि मेम काली ब्रा और पैंटी में बाथरूम में इन्तज़ार कर रही थी…उनकी पतली पेट में वोह नाभि के पास जो तिल था मानो काला हीरा. सचमुच की रांडों जैसी हो गई थी कि तभी पहलवान छूटने लगा और दोनों हाथों से मेरे चूचों पर जो माल गिरा था उसे मेरे चूचों पर मसलने लगा…महामंत्री खड़े खड़े तमाशा देख रहा था.

एक चुम्बन ने क्या कर दिया… या फिर शायद यह यौवन ही था जिसने यह सब करा दिया…मैं उसकी ओर थोड़ी टेढ़ी होकर लेट गई. बताओ ना तुम्हारे नितम्बों का साइज़ क्या है ?बहुत ही मस्त हैं पर साली मधु से ज्यादा सुन्दर नहीं हैं।क्या तुम्हे गांड मरवाना पसंद है ?ओह …. चूँकि भैया के आने का समय हो गया था इसलिए कुछ देर अपना लण्ड चुसवाने के बाद मैं वापिस अपने कमरे में लौट आया.

मैंने अपनी जिन्दगी में पहली बार चूत को इतनी पास से देखा था। चूत पर छोटी छोटी झांटें….

उन की सिसकियाँ और बढ़ गई- आआह्ह्ह ओह्ह्ह् ओफ्फ्फ उम्म्म अह्ह्ह्हअउन की चूत इतनी गीली थी कि मेरा लंड हर धक्के के साथ अंदर समाता जा रहा था, थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड अंदर समा गया. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कैसे उसे ठीक करूँ…मुझे फिर वही तरकीब याद आ गई…उद्यान में सामने ही काँटों वाला पौधा था, उस पर गुलाबी रंग के फूल लगे थे…मैं फूल तोड़ने गई. मुझे लगा कि अब मेरी लण्ड का पानी निकलने वाला है तो मैं और जोर जोर से आंटी को पेलने लगा.

यूँ तो मैं अब तक चार पाँच बार झड़ चुकी थी लेकिन चूत में लंड डलवाने से होने वाली तृप्ति अभी तक नहीं हुई थी इसलिए मैं जल्दी ही अपने चरम पर पहुँच गई और नीचे लेटे लेटे ही अपने चूतड़ उछाल उछाल कर लंड अन्दर लेने लगी. मुझे चुदाई में बहुत मज़ा आ रहा था इसलिए मैंने उनकी बातों पर दयाँ नहीं दिया और ट्रेन के हिलने की गति के साथ ही हिल हिल कर लंड लेने लगी. अब वो फिर मेरी चूत में उँगलियाँ करने लगा… और मुझे अपना लण्ड चूसने पर मजबूर करने लगा…विश्वास रख.

फिर सुनील मेरे सामने आ गया और उसने मुझे अनिल के लौड़े पर बिठा दिया। अब अनिल मेरे नीचे था और मैं अनिल का लौड़ा अपनी गाण्ड में लिए उसके पैरों की ओर मुंह कर के बैठी थी. ’ की आवाज निकलने लगी, पर मैं पूरी तरह से उनकी भरी भरी चूचियों को दबाता रहा उनके चुचूकों को ऊँगलियों के बीच लेकर मसलने लगा।मैडम अब सिसकारियाँ भरने लगी- नहीं.

मुकेश तिलमिला उठा उसने मेरे गाल पर कस कर दो चांटे मारे और मेरे दोनों हाथ कसकर पकड़ लिए. थोडी देर तक उसका लंड चूसने के बाद उसने अपना लंड मेरे मुंह में से निकाल लिया और मुझसे बोला. अब सुनीता का रंग बदला-बदला सा लग रहा था। मैं चुप रहा और उन्हें देखता रहा!चाय पीने के बाद सुनीता ने ब्लू फिल्म लगा दी और आकर बिस्तर पर बैठ गई, करीब 15-20 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे के बदन को रह-रह कर नोचते रहे।मैंने हाथों से उनकी चूचियाँ जोर से दबाई तो उनकी आवाज निकली- आआह्ह्ह धीईरे!यह सुन कर मैं समझ गया कि सुनीता चुदवाना तो बहुत चाहती है… लेकिन बड़े आराम से! किसी भी प्रकार की कोई जल्दबाजी नहीं.

सिपाही कमरे में घुसा और कमरा तलाशने लगा, मेरे पास आया और सर झुका कर कहने लगा- क्षमा कीजिए महारानी जी ! यहाँ कोई नहीं है.

‘तो अब मैं जाता हूँ, राधा की इच्छा पहले है… इनकी जब इच्छा हो मुझे मोबाईल पर बता दे!’ मैंने भी नखरा दिखाया. राजू का लण्ड दुबारा छत की तरफ तना देख रीटा डर कर चीख मार के भागने लगी तो राजू ने रीटा को उठा किंग साईज़ बैड पर पटक दिया और रीटा की अंगुलियों में अंगुलियाँ पिरो कर फड़फड़ाती रीटा को दबोच कर चित कर लिया. यह सुनने के बाद मेरी खुशी का ठिकाना न रहा क्योंकि आज मेरे पास वो मौका था जो मुझे कई दिनों से नहीं मिल रहा था.

ऐसा न हो कि प्रेम की राहों में मैं अपने सबसे प्यारे दोस्त को भी न खो दूँ… साथ ही साथ मेरे मन में एक और बात थी जिसका जवाब मुझे ढूंढे नहीं मिल रहा था… वो था उसका उसकी उम्र में इतनी बड़ी सोच रखना. टिकेट हाथ में आते ही मेरी आँखों के सामने उस टीटी का जवान बदन घूम गया और मेरे अन्दर की सेक्सी औरत ने अपना काम करना शुरू कर दिया.

और तिरछी आँख से उसे देखा!वो भी एक दम मस्त हो गई थी।मैंने कहा- फिर शुरू करें?उसने भी हाँ में हाँ मिला दी और मैं उसका हाथ पकड़ के उसे रेडरूम में ले गया।रेडरूम में घुसते ही मैंने रूम लाक कर दिया और अपनी जींस उतार दी. !मैंने जोर से धक्के लगाये तो दीदी बोलती ही रही- फाड़ दे इसे ! आज मौका है ! तूने मुझे खुश कर दिया तो कल तुझे निशा की चूत भी मारने दूंगी ! निशा और मैं दोनों रात में एक दूसरे की चूत रगड़ती हैं ! चल बना दे इस चूत का भोसड़ा, जैसा मेरी मम्मी का है…मैंने पूछा- तुमने देखा है मम्मी का भोसड़ा ?तो बोली- अरे दिन भर में कई बार दिख जाता है. हम दोनों पूरे जोश में थे, सब कुछ भूल चुके थे कि हम कहाँ हैं, हमारा रिश्ता क्या है और समय क्या हुआ है.

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(यह लड़की को गर्म करने की सबसे महत्त्वपूर्ण जगह होती है)यह सब क्या जीजू?”क्या करूँ! तुम तो दया करो इस गरीब पर! तेरी दीदी का आजकल रेड सिग्नल है! ऊपर से जिस दिन से आई हो इस बार, तेरे बदलाव देख कर रोक नहीं पा रहा हूँ अपने आप को!”अब जाओ जीजू! इस वक़्त समय और जगह सही नहीं है!”जीजू ने बिना कहे मेरी कमीज़ उतार दी और ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मे दबाने लगे.

पर सोनिया को अपने काम के सिवा और कुछ नहीं सूझता। हालांकि वो भी सुनील को अपना अच्छा दोस्त मानती है लेकिन सिर्फ़ और सिर्फ़ दोस्त।यहाँ सोनिया अपनी सारी चिंता सुनील के साथ बांटना चाहती है. नेहा पीछे चिपक के बैठी थी, उसके उरोज मेरी पीठ में दब रहे थे… उसके बदन की गर्मी मेरे अंदर सिहरन पैदा कर रही थी…. सब मिलकर मुझसे सुख भोग रहे थे …सर ने सुमित से कहा- अपने कपड़े खोलकर और सिर्फ अंडरवीयर पहन कर इसके ऊपर चढ़ कर घस्से मारो!सुमित ने वही किया … मेरी जांघों को फैलाया और घस्से मारने लगा …सर- ऐ कभी लड़की नहीं चोदी क्या.

फाड़ डालो मेरी चूत को ! बहुत मज़ा आ रहा है ! आज जी भर के चोदो मुझे, सारी रात चोदो. मैंने उसके टोपे की चमड़ी को नीचे किया तो उसका गुलाबी सुपारा ऐसे चमकने लगा जैसे कोई मशरूम हो !मैंने झट से उसका सुपारा अपने मुँह में भर लिया, मैं उकड़ू बैठ गई और ज़ोर ज़ोर से उसके लण्ड को चूसने लगी।वो तो आ. हिंदी फिल्म सेक्सी वीडियो सॉन्गमुझे लगा कि मामी अब बाहर निकलेगी तो मैंने मामी को पेट के नीचे हाथ डाल कर पकड़ लिया और ऊपर से ऐसा जोर लगाया कि लंड अन्दर धंसने लगा.

(एक रहस्य प्रेम कथा)मिक्की ! मेरी जान, मेरी आत्मा, मेरी प्रेयसी, मेरी प्रियतमामैं तुमसे प्रेम करता था, आज भी करता हूँ और करता रहूँगा…. पेंटी भी निकल दो… उम्म्मशशांक : अब मैं तुम्हारे पैर क अंगूठे को चूस रहा हूँ और लिक करते हुए ऊपर आ रहा हूँ….

मैंने राजू का लंड तैयार करते हुए उससे कहा,’चलो राजू तुम अपना अधूरा काम पूरा करो !’मेरी बात सुनते ही राजू हँसते हुए मेरे पीछे आ गया और बोला ‘क्यों नहीं मैडम अभी लो !!’अब सब लोगों ने अपनी अपनी पोज़िशन ले ली. यह सुन कर मुझे शर्म आने लगी और मैं कमरे से बाहर आ गया और रोने लगा क्योंकि आज तक कभी मुझे कोई भी लड़की शादी लायक नहीं लगी थी और जब लगी तो वो भी मजाक निकला. मैंने उनसे पूछा- बुआ की तबीयत कैसी है?तो उन्होंने कहा- वो शायद बच नहीं पाएगी इसलिए वो चाहती है कि मनीषा(चित्रा की बड़ी बहन) की शादी जल्द से जल्द हो जाए.

मैंने उससे खुलने के लिए सामने आकर पूछा- कहाँ गई थी?तो उसने सर झुका कर जवाब दिया- कुछ सामान लाना था. हाय!!वो मेरे होंठ चूस रही थी और मेरी जांघें सहला रही थी, मैं मचल रही थी- नहीं कामिनी! प्लीज मत करो! आ. अह उहऽऽमैं उस का उत्साह बढ़ा रही थी!साले चोद दे मुझे!हाँ! मेरी रांड देखती जा!उसने मुझे पलट लिया और घोड़ी बना कर चूत मारने लगा.

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मुझे कुत्ता बिल्ली आसन सबसे ज्यादा पसंद है।ये भला कौन सा आसन हुआ ?तुम आदमी हो या पजामा ?ओह. ‘अरे दीदी अपनी जगह है, साली अपनी जगह, फिर तुम आधी घर वाली तो हो ही, तो चुदवाने का हक तो तुम्हें है ही… चल अब मस्त हो जा… चुदवा ले!’ जीजू ने लण्ड घुसेड़ते हुये कहा.

फिर उसने मुझसे कहा- सब मैं ही उतारूंगी या तुम भी कुछ उतारने वाले हो?मैंने उसे बोला- मैंने तुम्हें कब मना किया है, तुम्हें जो उतारना है उतार दो. फिर शालू ने कहा- मेरी चूत क्या तेरा बाप मारेगा?फिर एक बार शालू की चूत मार कर हम तीनों नंगे ही सो गए. बोलते बोलते मैंने अपने खाना लगे हुए हाथों से उसको निकालने की नाकाम कोशिश की और इधर उधर से ऊँगली डाल कर टिकेट पकड़ने की कोशिश करते हुए उसे अपने बूब्स के दर्शन करवाती रही.

मैं टॉयलेट सीट का ढक्कन लगा कर उस पर बैठ गया, अनु को मैंने अपनी गोद में बैठा लिया। फिर उसके मोमे भूखे भेड़िये की तरह चूसने लगा. आंटी उठी और मेरी पैंट को उतार कर मेरे लंड को सहलाने लगी और फिर मुँह में लेकर चूसने लगी. ‘अब आँखें चोदेगी क्या…?’दोनों मुस्करा दी और फिर धीरे से आँखें बन्द करके सपनों की दुनिया खो चली.

यूपी की बीएफ फिल्म कुछ देर के बाद हम बाथरूम में गए और एक दूसरे को साफ़ करने लगे मगर आयशा ने फिर मेरा लण्ड पकड़ लिया और वहीं चूसने लगी. आह……सॉरी सॉरी करने लगी।मैंने कहा- शीला मैं छुटने वाला हूँ !तो शीला बोली- गांड में नहीं, मैं तुम्हारा रस अपनी चूत में लेना चाहती हूँ !मैं रुक गया, अपना लंड निकाला और शीला को सीधा लिटा कर उसकी चूत में अपना लंड डाल कर तेज धक्के मारने लगा। शीला भी चूतड़ उछाल कर मेरा साथ देने लगी और जोश में आकर आह …… स ….

चंडी माता

‘जीजू, जोर से मारो ना… साली को फ़ाड़ डालो…! ‘ मेरे चूत में एक मीठी सी, प्यारी सी कसक उभर आई. नहीं तो आदमी को लोल समझ लेती है !ठीक है मास्टरनीजी !मैं तो चाहती हूँ इसी तरह कोई मेरी कमर पकड़ कर एक ही झटके में अपना पूरा लंड मेरी गांड में भी ठोक दे और आधे घंटे पेलने के बाद 8-१० पिचकारी अन्दर ही छोड़ दे…. मैं तड़प उठी…मैंने अपने हाथ से एक लण्ड छोड़ राजा के हाथ पर हाथ रख दिया और जोर-जोर से भींचने लगी.

बहुत मोटा है…मैंने उसके स्तन को दबाते हुए उसे प्यार किया और लंड को अन्दर धकेलता रहा. मनोज मेरे पास आकर मुझसे सट गया और उसका लिंग मुझसे छू गया तो मुझे अहसास हुआ कि वाकई मनोज का तो काफ़ी बड़ा है. सेक्सी राजस्थानी सेक्सी पिक्चरजैसे ही मैंने उसके नंगी टांगों को चाटना शुरू किया तो वो ऐसे तड़पने लगी जैसे बिना पानी के मछली !फिर उसकी पैंटी को उतार कर उसको नंगा कर दिया और उसको देखने लगा- क्या लग रही थी- बिल्कुल मक्खन जैसा बदन ! जिसके नाम की ना जाने कितने सालों से मुट्ठ मार रहा था आज वो हुस्न की मल्लिका मेरे सामने नंगी लेटी थी।उसने पूछा- ऐसे क्या देख रहे हो.

मैंने अपनी पकड़ ज्यादा कर दी तो उसके दोनों स्तन मेरे सीने से दब कर चिपक गए। डांस करते करते ही मैंने उसको चूमना शुरू कर दिया.

प्रेषक : आसज़सम्पादक : प्रेमगुरूकरेन थोड़ी आगे चली गई तो वैल ने कहा,”तो क्या तुम मेरे से शर्मिन्दा हो?”ओह…. मरर गई… जान मैं…मैंने भी अपनी पूरी ताकत से धक्के लगाने शुरू कर दिए और जोर जोर से हांफ़ने लगा…वो भी चिल्ला रही थी…हम दोनों को सर्दियों में पसीना आने लगा…करीब 20 मिनट के बाद मैं झड़ गया और उसके ऊपर से उठ गया…मैंने कहा- जान मज़ा ही आ गया !वो बोली- अब तो और आएगा.

दीदी की शादी तय हो गई और वो घर छोड़ कर अपने ससुराल चली गई जिसके बाद मैं भी उदास रहने लगा और उसी के कारण मैं एक विषय में फेल हो गया. ‘म्म युम्मी मम आह्ह्ह’ जैसे शब्द लड़की बोल रही थी।मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मुठ मारने लगा।इतने में क्या देखता हूँ कि पीछे से मुझे कोई बुला रहा है।मैंने जल्दी जल्दी लंड जींस के अन्दर डाला… और ‘ कौन है ‘ बोलते हुए बाहर गया. वाकई उसका लंड गज़ब का मोटा था मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन उसने मेरी एक भी नहीं सुनी और धक्का लगाना चालू रखा.

अब सिसकारियाँ मेरी निकल रही थी, मैंने उसका सिर पकड़ रखा था, 5 मिनट चूसने के बाद मुझे लगा कि मेरा छुटने वाला है, मेरी पकड़ उसके सिर पर मजबूत हो गई.

हो सकता है तुम्हें छोटा मोटा फिल्म में रोल मिल जाये और हमारी किस्मत चमक जाये?मैं- लेकिन अंकल …. फिर एक दिन मुझे कहीं काम से बाहर जाना था, तो उसने मुझे एक जगह छोड़ने को कहा तो मैंने उसको हाँ कर दिया. पीछे से उसका पार्टनर फर्श पर खडा होकर उसकी कमर को दोनों हाथों से पकड़ कर एक ही झटके में लंड उसकी चूत में ठोक देता है बिना रहम किये.

गीता रबारी सॉन्गकरीब 10 मिनट तक मैं आंटी की चूत को चूसता रहा, फिर आंटी बोली- हट जाओ, मैं झरने वाली हूँ. शालू बोली- अभी तो बहुत उछल उछल कर लण्ड मांग रही थी और अब छिप रही है?अमिता बोली- तुझे अपने भाई के सामने नंगी होने में शर्म नहीं आ रही क्या?तो शालू बोली- मैं तो इससे चुद भी चुकी हूँ और इसकी इच्छा तुझे चोदने की है तो इसलिए आज की रात तुझे अपने साथ सुलाया है.

सेकस व्हिडिओ

प्रिया फटाफट से खोल ! अब रहा नही जा रहा है।क्या खोलूँ राजा?मैंने कहा- फिलहाल तो सिर्फ़ बोतल खोल, बाकी तो मैं संभाल लूँगा…उसने बड़े ज़ोर से मुझे कोहनी मारी और कहा- बदमाश कहीं के !उसने बीयर की बोतल खोली, एक ग्लास भरा और दूसरा ग्लास लेने के लिए बोतल अपने टाँगों के बीच में रखी. मैंने उसे कहा- प्रिंसिपल ने मुझे कहा है शिकायत करने को! मैं उसे दबा सकता हूँ पर मेरी शर्त है. अब्बास के इस हमले से उसके अंदर पहली बार सेक्स की माँग को बढ़ा दिया था… वो मदहोश हो रही थी… और खुद पर से काबू खोती ही चली जा रही थी….

क्या स्वाद था।बुआ मस्ती के मारे सीत्कारने लगी। उसकी आहें कमरे में गूंजने लगी- आह्हह्ह आह्ह्ह राज मैं मर जाउंगी राज आह्हह्ह…. कहानी श्री विनोद शर्मा, ग्वालियर पर आधारित है, अपनी ये खूबसूरत आप बीती अपने ही शब्दों में उन्होंने भेजी थी, कहानी के रूप में आपके समक्ष प्रस्तुत है…मेरी नई नौकरी थी और मेरा पहला पद स्थापन था. उसका जिस्म फूलों की तरह महक रहा था!उसने अपने काले और लम्बे बाल खोल कर कहा- देख लो, जो देखना चाहते हो! जितना करीब से चाहो!मैं भूखे शेर की तरह टूट पड़ा!मैं उसकी गोल-मटोल चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा.

कोमल… हाय निकल गया मेरा माल तो…”पापा… निकाल दो प्लीज… पूरा निकाल दो…फिर से जमेंगे… निकाल दो…” कोमल ने मुझे प्यार से सहारा दिया. शन्नो बहुत ही सेक्सी है, उसकी चूची और गांड बहुत बड़ी है, एकदम बाहर की तरफ निकली हुई!जब वो चलती है तो उसके कूल्हे ऊपर नीचे हिलते रहते हैं. उस नीले रंग की नाइटी के साथ-साथ तान्या ने अपने होंठों पर भी नीले रंग की लिपस्टिक लगा रखी थी, तान्या के इस रूप को देखकर मैं इतना मस्त हो गया कि मैं सब कुछ भूल गया, मैं उसकी तरफ इतना आकर्षित हो चुका था कि मैंने उठकर जबरदस्ती उसे बाहों में भर लिया और अपने होंठो से उसके होंठ बंद कर दिए.

फिर उन्होंने अपना तन्नाया हुआ लंबा लण्ड माँ की गाण्ड में टिका दिया और उनकी कमर पकड़ कर अपना लण्ड पीछे से अन्दर घुसाने लगे. सरसों का तेल और पानी की मल्लम से मैंने बबलू के सिर पर थोड़ी देर मालिश की और उसको ये बोल कर कि मैं थोड़ी देर के लिये पड़ोस में जा रही हूँ, तेरे चाचा यहीं हैं, लौट कर खाना बनाऊँगी…उसके कमरे दरवाजा खींच कर बाहर आई, किचन में जाकर तेल से सने हाथ को अपनी चूत पर साफ़ किया और हाथ साफ़ कर गेस्ट रूम गई.

इतने में ही एक ज़ोरदार पिचकारी के साथ बहुत सारा वीर्य झटके से अनु के मुँह पर गिरा। आज तक मेरा कभी इतना वीर्य नहीं आया होगा जितना उस दिन आया.

आप यकीन नहीं करेंगे पर उस वक़्त मैं किसी सेक्सी लड़की से कम नहीं लग रही थी…मुझे वो रात अब तक याद है!अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई तो मैं अपनी पहली सेक्स की कहानी भी लिखूंगी वरना शायद नहीं…बाय लव यू आल…by[emailprotected]कहानी का अगला भाग :मैं किसी सेक्सी लड़की से कम नहीं-2. नताशा की सेक्सी वीडियोअब वो फ़ायरिंग करने को बेताब था…… मेरा लंड गीला होता जा रहा था और दीदी की चूत की प्यास बढ़ती जा रही थी। अब उसे रोकना नामुमकिन सा लग रहा था………. विराट कोहली सेक्सी वीडियो‘हाय हाय! मार डाला रे भैया ने… भैया चोद दो ना, अरे नहीं छोड़ दो ना!’तभी मुझे गोमती की मस्ती भरी चीख सुनाई दी. हाय क्या मजा आ रहा था!रीना भी गरम हो रही थी!मैंने कहा- रीना, मेरी पैन्ट खोलो ना!रीना- हाँ बाबूजी.

पर फिलहाल के लिए उसका उफनता गुस्सा देख मैं बाथरूम जाकर खुद को ठीक कर आई… तब तक वो भी अपनी क्लास में जा बैठा …पर अब मन में सोच लिया था कि.

प्लीज…लेकिन उसने हाथ नहीं छोड़ा…उसकी हालत देखकर मुझे लगा कि वो शायद ठीक से सो भी नहीं पाया है और कुछ परेशान भी है…फिर उसने धीरे धीरे अटक अटक कर बोलना शुरू किया- मैं कुछ दिन से बहुत… परेशान हूँ, ठीक से. ’‘गौरी, इनको तो अब आना ही पड़ेगा ना, जब भी आयेंगे, हम दोनों को चोद जायेंगे, है ना?’ राधा ने कसकती आवाज में कहा. बहादुर रीटा का खुला आमन्त्रण पाकर डरते डरते रीटा के सन्तरों को पौं पौं कर दबाने लगा और दूसरे हाथ से रीटा की दहकती और रिसती चूत में उंगली करने लगा.

वो एकदम से खुद को संभाल नहीं पाई और मेरे ऊपर आ कर गिरी, उसके स्तन मेरे सीने पर थे, लगा जैसे पूरे शरीर में बिजलियाँ दौड़ गई हों. मेरी तो यही कामना है कि ऊपरवाला सब की प्यास ऐसे ही बुझाये।आप अपनी राय इस कहानी के बारे में जरुर लिखे ताकि मैं आगे भी आपको मस्त कहानियाँ भेजता रहूँ ……. मैंने पापा की ब्रा के हुक पीछे से लगाए। पापा के स्तन इतने सही थे कि उन्हें कुछ भरने की जरूरत नहीं थी। फिर एक ब्लाउज पहनी, इसके बाद इतनी सफाई से उन्होंने साड़ी पहनी कि कोई कहे नहीं कि ये मेरी मम्मी नहीं मेरे पापा हैं।इसके बाद पापा ने मुझे पैंटी पहनाई। एक बहुत ही छोटी साइज़ की ब्रा निकली और कस कर पहना दी। मैं बहुत पतला दुबला हूँ.

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‘फिर आप साबुन लगाकर नहाई, नहाकर जैसे ही चुकी, आपके घर की घण्टी बजी, आपने जल्दी से कपड़े पहने और दरवाजा खोला तो सामने मैं खड़ा था!’इस समय मेरे होंठ उसके गालों पर रेंग रहे थे और हाथ वक्ष पर!मैंने पूछा- यह सच है या नहीं?अबकी बार उसने पूरी ताकत लगाकर अपने को छुड़ा लिया और…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. ??मैं : गाली मत दे मेरे सामने…उसने जो किया उसका जवाब भी मैंने उसे दे दिया…वेदांत : क्या जवाब दिया तूने वो मैंने भी देखा. उसने मेरी बुर पर थूका, पैर फैलाए और लंड घुसाने लगा !लड़की होने के नाते मैं आपको बताना चाहती हूँ कि जब तक बुर पूरी तरह गीली नहीं हो जाती, लंड जाने में दर्द होगा।मैं : आह नहीं ! बहुत दर्द हो रहा है !रोहित : बस बेबी ! शुरू शुरू में होगा ! बाद में मज़ा आयेगा !मैं : आह अह नहीं.

मेरा लण्ड बहुत सख्त हो चुका था और नीचे से लम्बा हो कर चाची के हाथ में धीरे धीरे मसला जा रहा था.

और लंड ने झूठी कल्पना पर ही अपना लावा उगल दिया। मैं तौलिया लपेट कर अपने कमरे में आया तो देखा जाने कब से यहाँ कोमल खड़ी थी। एक बार तो मैं बुरी तरह से डर गया कि कहीं इसने कुछ देखा तो नहीं? क्योंकि मैंने दरवाजा ठीक से बंद नहीं किया था, पर दूसरे ही पल लगा- अगर देखा होगा तो ठीक ही है।अरे कोमल इस वक्त यहाँ ?”प्रेम, गर्मी इतनी ज्यादा है कि मुझे बिलकुल भी नींद नहीं आ रही है, प्लीज़ कुछ करो न….

थोड़ी देर में दरवाजा खुला तो मैंने देखा कि एक बहुत ही सुंदर लड़की ने दरवाजा खोला है. तभी बाजी ने कहा- ओह्ह्ह मेरे चोदू राज! मेरा पानी निकलने वाला है! हाय ऊह्ह्ह अऔह्ह्ह्ह! और जोर से चूस मेरी बुर को!बाजी अपनी बुर को राज अंकल के मुँह रख कर अपनी गांड को जोर जोर से हिलाने लगी- ओहह्ह औऊउ हाय औऊउ ले साले मेरी बुर का पानी!और बाजी ने अपनी बुर का पूरा पानी राज अंकल के मुँह में गिरा दिया. पंजाबी वीडियो पंजाबी सेक्सी वीडियोमेरा शरमाना उनको सब कुछ करने की इजाजत दे रहा था।अनिल ने मौके को समझा और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए…मैंने आँखे बंद कर ली और सोफे पर ही लेट गई.

मैं रुक गया तो वो बोली- क्या हुआ?मैंने कहा- दर्द हो रहा है!वो बोली- पहली बार तो थोड़ा दर्द होगा ही! दुबारा कोशिश करो!मैंने हिम्मत करके दुबारा लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक जोरदार धक्का लगाया. मैंने वही किया जैसा कि सुहागरात में होता है, मैंने एक-एक करके सोनम के सारे कपड़े उतार दिए और सोनम को ब्रा-पेंटी में कर दिया. और झर झर करके रति-रस छलक पड़ता है। आभा ने मेरे लण्ड पर जोर लगाया और उसकी चूत लपलपा उठी। लहरें उठने लगी….

तो उस दिन के बाद किसी और को नहीं देख पायेगा तू…!!!मेरी आँखें भर आई थी… पर साथ साथ होंठों पर मुस्कान भी थी. मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, मेरा कद 5 फ़ुट 9 इन्च है। मेरे शरीर का रंग गोरा है और 7″ का लंड है.

यह सभी कुछ हम बारिश में गीली छत पर ही कर रहे थे और मुझे लगा काम को आखिरी अंजाम देने के लिए हमे बेड पर जाना ही पड़ेगा.

उस दिन पापा ने मुझसे कहा कि वो दिन में मम्मी के साथ शोपिंग पर जायेंगे और अभिषेक भी देर से आएगा इसलिए घर पर 2-3 घंटे मुझे अकेले रहना पड़ेगा. इतना तो पता चल ही गया था कि विश्रांती को लंड चूसने में बहुत मजा आता है… रेशमा ने इतने प्यार से कभी नहीं चूसा था… फिर जब विश्रांती मेरे लंड से खेल रही थी… मैं विश्रांती की चूची को मज़े देने लगा…. मेरा लण्ड बहुत सख्त हो चुका था और नीचे से लम्बा हो कर चाची के हाथ में धीरे धीरे मसला जा रहा था.

सेक्सी फोटो कहानी अगर आगे से वृंदा के आस पास भी फटका तो…उसे अनिरुद्ध पर जरा भी तरस नहीं आ रहा था… मैं उसका हाथ खींच कर बाहर ले जाने लगी. मैंने लण्ड निकाल कर उसकी गाण्ड की छेद पर थूक का लौन्दा लगाया और फिर से लण्ड घुसा डाला.

अब हम दोनों आमने-सामने थे, उसका लौड़ा तो वापस चूत में घुसा हुआ था, मेरे दोनों बोबे उसकी बलिष्ट छाती से टकरा रहे थे, चूमा-चाटी का सिलसिला अनवरत जारी था, उसने अपने दोनों हाथ मेरी गांड के नीचे टिका रखे थे जिससे वो गांड को सहला रहा था तो कभी कभी उस पर चिकोटी भी काट रहा था, कभी गांड में अंगुली भी कर देता तो मैं उछल जाती. मैंने पूछा- तुमने पहले भी देखा है क्या?तो उसने कहा- हाँ, मेरे स्कूल में मेरा एक बॉयफ़्रेंड है, उसी का देखा है…. मैं भी अब लौड़े की अभ्यस्त हो गई तो मैंने भी अपनी गांड को नीचे से हिलाना शुरू किया ताकि चूत और लौड़े का संगम अच्छी तरह से हो सके.

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बीच-बीच में वो बुदबुदा भी रही थी- फाड़ दे अपनी बहन की चूत को! उड़ेल दे अपना सारा वीर्य! और बना दे मुझे अपने बच्चों की माँ!मैंने कहा- चिंता मत कर मेरी रानी!मैंने अपने लंड को जैसे ही चिंकी की चूत में डाला, वो चीखने लगी- बाहर निकालो भैया! मेरी जान निकली जा रही है. फिर मैं कमरे से बाहर गया और अपने दोनों हाथों में कुछ लेकर वापस आ गया और फिर मैंने अपने दोनों हाथ नीचे से उसकी बनियान में डाल दिए और जो मेरे हाथों में था वो मैंने उसकी दोनों चूचियों के ऊपर रख कर उनको पकड़ लिया ताकि वो उस चीज को गिरा ना दे. ब्रा पैडेड थी! उस वक़्त अगर कोई भी लड़का मुझे देख ले तो कोई नहीं कह सकता था कि मैं लड़की नहीं हूँ, एकदम गोरी-गोरी पतली लड़कियों जैसी टाँगे, एकदम पतली लड़कियों जैसी कमर, और कमर पर लाल रंग की ब्रा और नीचे गुलाबी पेंटी!उस वक़्त रात के बारह बज चुके थे.

इससे भाभी भी जोश में आ गई और उन्होंने मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने चूचों पर रख दिया और हम दूसरे को पकड़ कर चूमते रहे. कोमल के बताये अनुसार मैंने रात को एक बजे सुमन को उसके कमरे में खिड़की से झांक कर देखा तो… सब कुछ समझ में आ गया… वो अपना कमरा क्यों बंद रखती थी, यह राज़ भी खुल गया.

राहुल अंकल अपने लौड़े से बाजी के गालों पर मार रहे थे जिससे बाजी जोर जोर से सिसक रही थी- ऊह्ह्हह आह औऊ ऊऊ! मेरे चोदू राजा! क्या मस्त लौड़ा है तेरा! कसम से, मैं तो मस्त हो गई हूँ तेरा लौड़ा चूस कर!उधर राज अंकल तेज़ी से बाजी की बुर को चूस रहे थे.

उसने मुझे जन्नत का मज़ा दिलवा दिया…थोड़ी देर बाद वो मेरे मुँह में ही झड़ गयी… और मैंने उसका पानी हाथ से साफ़ कर दिया और फिर चूत चाटनी शुरू कर दी. कि रात को जो कुछ हुआ सिर्फ एक सपना था…और उसी उत्तेजक स्वप्न के कारण ही मेरी कच्छी गीली थी…नहाने के बाद खुद को शीशे में देख कर मैं अपने ही यौवन पर इतराने लगी. जब मैं घर के अंदर पहुँचा तो देखा कि घर बहुत ही शानदार है, मैंने नौकरों से तान्या का कमरा पूछा और सीधा कमरे में घुस गया.

दीदी कहने लगी- तुम मुझे ये सब सिखाओगे? अभी बताती हूँ तुम्हारे घर में !अब मेरे लण्ड का जोश ठंडा पड़ रहा था…………. मैंने फिर से अपनी जीभ उसके मुँह में डालना चाही मगर उसने भी अपनी जीभ बाहर निकली और मेरी जीभ से रगड़ने लगी. ‘सोनू, शरम मत करो अब… तुम बेवफ़ा नहीं हो… अपनी प्यास बुझाने से बेवफ़ा नहीं हो जाते!’‘ना रे… मत करो ना…!’पर मैंने उसका पेटीकोट नीचे सरका ही दिया और लण्ड से चूत टकरा ही गई.

कहानी का पिछला भाग :मेरी बीवी की पहली चुदाईदोस्तो, मैं आज अपनी चुदैल बीवी नीना की वह दास्तान बताने जा रहा हूँ, जिसके बाद हम दोनों की जिंदगी में बहार आ गई.

यूपी की बीएफ फिल्म: आज मैं आपको वो दास्तान सुनाने जा रही हूँ जो अपने अंदर और कई दास्तां छुपाए हुए है। मैंने अपनी ज़िंदगी में जो कुछ किया, जो पाया, जो खोया सब आपके सामने रखूंगी। यह मत समझिएगा कि यह कोई गमगीन दास्तान है. !!!मैं : नहीं…!!!!मम्मी : सुन अब यह मुसीबत शुरू हो गई है, इसे माहवारी कहते हैं … अब तुझे.

तब हड़बड़ा कर उन्होंने कहा- यह अभी-अभी सोया है, कच्ची नींद में है इसलिए इसे अभी यहीं सोने दे. खैर मैं थोड़ी देर बात करने के बाद वापस आ गया और स्कूल के दरवाजे के सामने वाले कमरे में छुप गया. और जोर से चोदो… अ आ आया अह हह हह…उसकी स्पीड बढती जा रही थी अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था और मेरी बुर से सर सर करता हुआ सारा पानी बाहर आ गया… राहुल रुकने का नाम नहीं ले रहा था… मेरी बुर के पानी की वजह से उसके हर धक्के से कमरे में फत्च फच की आवाज़ आने लगी.

मैंने जब मना किया तो वो बोली- अगर मैं तुम्हें यह सब सिखा दूँ तो कैसा रहेगा?मैं उसकी बातें सुन कर कुछ भी नहीं बोल पा रहा था, बात घुमा कर मैंने उसे कोल्ड ड्रिंक के लिए पूछा तो वो बोली- जैसे मैं चाहूंगी, वैसे ही पिलानी पड़ेगी!मैंने हाँ कह दी.

अब मेरे सामने दिक्कत यह थी कि इसे उतारूँ कैसे!मेरे दिमाग में एक विचार आया, मैंने कैंची ली और उसकी ब्रा को काट दिया. मैंने पहले ही बताया था कि मुझे सेक्सी किताबें, खासकर मस्त राम की किताबों का बहुत शौक है. फिर मैंने अपनी साइड बदल कर उसकी तरफ मुँह कर लिया और उसके मोमे जोर जोर से दबाने लगा.