एक्स एक्स एक्स देसी बीएफ मूवी

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मेरे अन्दर इतना सेक्स आ गया था कि मैं जोर जोर से सिसकारियाँ लेने लगी.लड़के पैदा करने के बाद से शबाना और मुमताज की चूत कुछ ढीली हो गई थीं लेकिन नाज की चूत अभी भी कमसिन थी.

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मैंने करीब 10 मिनट बाद जब उसने अपना हाथ लंड से हटा कर मेरा लोअर नीचे सरकाया, तो मेरा लंड तुरन्त बाहर निकल आया.

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मैंने अन्वेषी को वो ही लाल रंग वाली जालीदार ब्रा और पैंटी पहनने का बोला. तब तक मैंने जल्दी से कमरे में आकर बेडशीट को हटाया और धोने में डाल दिया. कुछ ही पलों में मेरी उत्तेजना इतनी अधिक बढ़ गई थी कि मेरे लिंग से वीर्य निकल आया और सारा रस उसके मुँह में आ गया.

वो बला की खूबसूरत हसीना मेरे सामने सिर्फ एक थोंग वाली नीली पैंटी में खड़ी थी जिसका आगे का हिस्सा बड़ी मुश्किल से उनकी चूत को छुपा रहा था और पीछे का हिस्सा उनकी गांड की दरार में फंसा हुआ था. उसे देख कर लग रहा था जैसे वो कुछ सोच रही हो … मतलब उसके मन में किसी बात की तन्हाई सी दिख रही थी. मैंने लुंगी खोलकर अपना लण्ड मुमताज के हाथ में देते हुए कहा- मुमताज, यह तुम्हारे जन्मदिन का खास तोहफा है, इसे चूमकर कबूल करो.

मैं वाइन शॉप से दो बियर किंगफिशर 5000 की हार्ड अल्कोहल वाली बियर की बोतल और एक ब्लेंडर व्हिस्की का हाफ ले आया. वो पूरे मज़े ले रही थी और इधर मेरा बेचारा लंड ऐसी सजा काट रहा था, जैसे भूख से तड़प रहा था. मैंने उसकी चूत में झटके मारने शुरू कर दिए और धीरे-धीरे झटकों की स्पीड बढ़ाने लगा.

2 मिनट बाद भाभी आयी तो मैं उनसे नजर चुरा के ड्राइविंग सीट पे बैठ गया. इसीलिए शायद हमें कभी बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड की जरूरत नहीं महसूस हुई.

कभी उसके स्तन पर साबुन लगा कर दूध मसलता और दबाता, तो कभी उसकी चूत के ऊपर साबुन लगाता और अन्दर तक उंगली डाल कर चुत को मसलता.

सरोज को चोदने के बाद में भी रात के बारे में सोचने लगा और मेरी कब नींद लग गई, पता ही नहीं चला.

धीरे धीरे नीचे सपाट पेड़ू का निचला हिस्सा, एकदम दूध सा ऐसा चिकना, जैसे आज ही किसी ने पूरी फसल कटाई करके जमीन को समतल किया हो. मेरे इस कॉलेज की मेस में खाना बनाने वाला एक लड़का था, जिसका नाम रोहन था. अब तक मैम ने भी मेरी पैंट घुटनों के नीचे सरका दी थी और मेरी अंडरवियर के ऊपर से मेरे लंड को मसलने लगीं.

इसके अगले दिन मैंने उससे थोड़ी बात करने की कोशिश की, तो उसने मेरी तरफ ध्यान ही नहीं दिया. अब से दो साल पहले मेरे पति को उसके ऑफिस से उसके ट्रांसफर की खबर मिली. इसके बाद हम दोनों ने कुछ देर आराम किया और उस रात फिर से चुदाई में जुट गए.

इसी बीच धीरे धीरे उसकी भी मेरे माध्य्म से आशीष से जान पहचान हो गयी.

आंटी की चुत बहुत हॉट लग रही थी … ख़ास बात ये थी कि आंटी की चुत एकदम गोरी और मांसल चुत थी. मैं वापस रूम के अन्दर आ गया और चुपचाप उस कच्ची उम्र की प्यास को देखने लगा. मेरी इन सब लीपापोतियों से उसका आत्मविश्वास ओर उसकी वासना सातवें आसमान पर थी.

आंटी आह आह करके मेरे सर को अपनी चुत में घुसेड़ लेने की कोशिश कर रही थीं. फ्रेंड्स, आपको मेरी देसी अंकल सेक्स कहानी में मजा आ रहा है न … मैं अगली बार ओमी अंकल से अपनी चुत गांड दोनों में उनके लंड का स्वाद चखूंगी, आप मेरे साथ अन्तर्वासना से जुड़े रहिए और मुझे मेल भेजते रहिए. तभी उन्होंने पैंट की चेन खोलकर मेरा लंड बाहर निकाल लिया उसे सहलाने लगी.

”जब बकरा बकरी करते हैं तो दिल नहीं मचलता?”ऐसा मचलता है कि बकरी को हटाकर खुद बकरे के नीचे हो जाऊँ.

मैंने जानबूझ कर पैर की नस चढ़ जाने का बहाना किया और ‘दर्द हो रहा है’ ऐसा कहा. ये जून का महीना था और ट्रेन में काफ़ी गर्मी थी, जिस वजह से मुझे कुछ असहज लगने लगा था.

एक्स एक्स एक्स देसी बीएफ मूवी मैं अमित से कहने लगी- अमित प्लीज अब मुझे मत तड़पाओ … तुम पहले मेरी चूत में लगी हुई आग को बुझा दो. उसके मुँह से एक लम्बी आह निकली मगर उसने दांत भींच कर पूरा लंड चूत की जड़ तक ले लिया.

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मैंने हॉल में हल्की रोशनी कर दी और मैं अपने कमरे में आ कर दरवाजा उड़का कर बिस्तर पर लेट गई और ओमी अंकल से अपनी चूत चुदवाने का तरीका सोचने लगी.

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दोस्त बोला- अरे भाबी … आज शादी का मैटर है … आपसे जैसा ठीक लगे … आप बस कर दो. एक दो पल उसके होंठ चूसे और कमर को एक पॉवरफुल झटका देते हुए लंड बुर में घुसेड़ दिया. हम दोनों लगभग रोज़ रात को घंटों फ़ोन पर बात करते थे और कभी कभी हम फोन सेक्स की किया करते थे.

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मैंने बैठते ही सबसे पहले अपनी चारों तरफ बिखरी मोटी कमर को साड़ी के पल्लू में समेटा और गोद में सब्जी का थैला रखकर बैठ गई.

फिर रश्मि सोफ़े पर बैठ गई और डायरेक्टर उसे पोज देने और एक्टिंग करना समझा रहा था. सक्सेना सोफ़े पर बैठ गया और मुझसे अपनी गोद में बैठने का इशारा किया. उसके बाद मैं धीरे धीरे उसके चिकने, गोरे और सपाट पेट को अपनी जीभ से चूसते हुए गीला करने लगा.

हुस्न परी शब्बो की जांघों को अपनी बाँहों के घेरे में लेते हुए मैंने लण्ड को अन्दर धकेला. ये सुनकर मैं खुश था कि मैं हरियाणा की तीन तीन जाटनी बहनों को चोदने वाला बन जाऊंगा. फिर वो बोलीं- अच्छा हाथ चला रहे हो … कभी हमें भी तो उसके दर्शन कराओ.

पोर्न बैन होने के बाद मैं हताश हो गया था और अपने पुराने कलेक्शन से बोर हो गया था. मैंने पूछा कि क्या करना है?शब्बो ने बताया कि चार दिन बाद उसकी शादी की बीसवीं सालगिरह है, वह जुम्मन को बुलवायेगी, अच्छा खाना खिलायेगी और उसे उकसाकर एक बार चुदवा लेगी, बच्चा जुम्मन का ही कहलायेगा.

कुछ देर बाद जब मौसी से रहा नहीं गया तो उन्होंने कहा- जल्दी से अन्दर बाहर कर दे … कोई आ जाएगा, तो मजा किरकिरा हो जाएगा. वो अपना सर हां में हिलाने लगी तो मैं लंड चूत से खींच कर उसके ऊपर से हट गया और वो लपक कर कुतिया बन गई. हम आसानी से एक दूसरे को पहचान सकें … इसलिए दोनों ने कपड़े के रंग भी बता दिए.

उसके पतले और लाल सुर्ख होंठों को मैंने अपने थूक से गीला करना शुरू कर दिया था.

अंकल जी मुझे अपनी गोद में ले गए और उन्होंने भी मेरे सामने पेशाब की. जल्द ही मैडम ने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और हमारे बीच सेक्स का खेल एक बार फिर से शुरू हो गया. मैडम ने दो गिलास, पानी और नमकीन काजू सामने टेबल पर रखे और अल्मारी से व्हिस्की की बोतल निकाल आकर पैग बनाए.

खैर … जब मैं स्कूल पास करके कॉलेज गयी, तो वहां का माहौल एकदम अलग था. कोहनी के नीचे से लेकर कलाई तक उसका हाथ मेरे नंगे पेट पर पूरे दबाव से चिपक रहा था.

जब मोटो कुछ नॉर्मल हो गई तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और वह भी नीचे से धक्का मारना शुरू करने लगी. मैंने भी लंड के सारे रस का एक एक कतरा चूस लिया और लंड को चूस कर साफ़ कर दिया. मस्त चुत थी!मैंने अगले ही पल अपना लंड निकाला और दीदी की सास की टांगों को फ़ैला दिया.

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वो मेरे गले से लग कर मुझसे मिला और उसने मेरे माथे पर एक चुम्बन कर दिया.

उंगली तो कपड़े रूपी दीवारों के कारण घुसने में नाकाम रही, पर साड़ी की मोटी सलवटों और पेटीकोट के कपड़े सहित उंगली की मोटाई किसी मध्यम आकार के लिंग के समान हो गई. मैं दर्द भरी आवाज में भाई से बोला- भाई प्लीज इसे बाहर निकाल लो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है भाई प्लीज मेरी बात मानो … भाई प्लीज. आज तो मेरा लौड़ा अपने आप ही मालती की चूत में अन्दर-बाहर करने लगा था.

मेरी पत्नी, रूपा भाभी के साथ क्यों गई थी, इस बात को जब निशा ने मुझे बताया … तो मैं हैरान हो गया था. मेरा सीना भी बहुत दुख रहा था और साथ ही मेरे गांड में भी एक अजीब सा दर्द स्टार्ट हो चुका था. होटल वाला सेक्सी वीडियोमैं कुत्ते की तरह अपनी जीभ से भाभी की गांड को फैलाकर मस्त चाटते हुए लव बाइट्स करने लगा.

मैं उनकी ओर देखने लगी और उन्हें आंखों से इशारा दिया कि आइए आपकी प्रिया आपका इंतजार कर रही है, मना लीजिए सुहागरात अपनी प्यारी प्रिया के साथ, जिसका कि हम दोनों को कब से इंतजार था. वो सब औरतें ठीक मेरे पास ही खड़ी थीं क्यूंकि बस में काफी भीड़ भी थी और कोई सीट खाली नहीं थी.

मुझे ऐसा लगा शायद उसने मूत के साथ अपनी चूत का भी पानी छोड़ दिया होगा तभी वह निढाल पड़ी थी. मैंने उसे गोदी में उठाया, तो उसने मेरी गर्दन में अपनी बांहें डाल दीं और इस पोजीशन में उसकी गांड मेरे लंड पर आ गई. हम साथ वक़्त बिताने में इतना मग्न हो गए कि आने वाली परिस्थितियों के बारे में कुछ समय के लिए ही सही, पर भूल गए थे.

तो पाया कि सुबह जब मैं सोकर उठता हूँ, तो मेरा लंड मुझे झड़ा हुआ मिलता है. मैंने कहा- क्या मतलब!वो लंड को अन्दर लेते हुए बोली- मेरी बड़ी दीदी शुरू से चुदक्कड़ है. मेरे मन में आ रहा था कि आंटी उंगली से क्या होगा … आप मेरा लंड इस्तेमाल कर लो … पर मैं ऐसा नहीं कर सकता था.

मेरी मेरी सेक्सी चुत चुदाई कहानी के पिछले भागलंड चूसने में माहिर लौंडियामें आपने पढ़ा था कि कार्तिकेय ने मुझे अपने प्यार में इस हद तक डुबो दिया था कि मुझे और उसे बस अब किसी भी तरह चुदाई की आग बुझाना थी.

उसके सारे कपड़े निकालने के बाद मैंने फिर से उसे किस करना शुरू कर दिया. यदि सुशी जी पहले कह देतीं तो मैं कुछ पहले ही चुत से लंड निकाल कर उन्हें वीर्य पिला देता.

तीन रात सुमन को उसके घर में ही चोदा था, जो तुम्हारा खानदानी पलंग है … उसी में लिटाकर पेल दिया था. लण्ड का सुपारा नाज की बच्चेदानी के मुँह से टकराता तो उसे दर्द होता लेकिन मैं बेरहमी से चोदता रहा. मैं भी झट से बोल पड़ा- मुझको भी अपनी दीदी की चूत का बर्थडे मनाना है.

संजना ने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और मेरे लिए पानी लाने अन्दर चली गयी. कसम से उसकी गुलाबी और फूली हुई निबोड़ियों ने मुझे एकदम से पागल कर दिया और मैं उसके एक निप्पल को चूसने लगा. जैसे ही मैंने उनकी तरफ देखा, तो वो मुस्करा दीं और मेरे बगल में ही बैठ कर चाय पीने लगीं.

एक्स एक्स एक्स देसी बीएफ मूवी मैंने मन में सोचा कि विक्की तुम भी पेल लो भोसड़ी के … क्योंकि मैंने तुम्हारी मां को भी चोद लिया है. मेरे लंड के चारों तरफ नर्म-नर्म गर्म-गर्म … रंगोली किसी मछली की तरह तड़पने लगी.

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मैं तैयार होकर अभी बैठी ही थी कि जेठ जी का फोन आ गया- मैं बाहर आ आ गया, तुम जल्दी से आ जाओ. उसके पति ने उसकी समुन्दर जैसी रसीली जवानी की एक बूंद मात्र ही पी है. बस अब डर मुझे इस बात का था कि ये सब यहीं न रुक जाए … और मैम को सही ग़लत सोचने का वक़्त न मिल जाए.

और उस समय मेरी नजर वाशरूम के दरवाजे से अंदर गयी तो में अचानक शॉक हो गया. उसने मुझसे पूछा- तुम्हें कैसी लड़की पसन्द है?मैंने तुरन्त रिप्लाई किया- बिल्कुल तुम्हारी जैसी होना चाहिए. बाप ने अपनी बेटी को चोदामुझे उनकी टांगों की मालिश करते समय उनके चूतड़ों की थिरकन बड़ी मस्त लग रही थी.

मैं लगातार मैडम की चूची को खींच खींच कर पी रहा था और मैडम खुद अपने हाथ से अपने दूध पकड़ कर मुझसे चुसवा रही थीं.

उसके होंठों को जोर से चबा कर लौड़े से एक करारा धक्का मारा और लंड से पानी की बौछार उसकी चुत में गिरने लगी. जब वह मेरे कमरे में आया, तो आकर बैठ गया … पर सर्दी का सीजन था, तो मैंने उसको मेरी रजाई में आने को कह दिया.

एक रात 10 बजे हम दोनों बात कर रहे थे कि तभी अचानक से उसने बाय बोल दिया. मैंने अन्वेषी भाभी को फिर से पकड़ लिया और कसकर अपने पास खींचकर उनके मम्मों पर हाथ रखकर जोर से मसल दिए. भाभी 69 में बिस्तर पर लेट गईं और हम दोनों लंड चुत की चुसाई का मजा लेने लगे.

मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था लेकिन फिर भी मैंने अपना मुँह हटाते हुए कहा- मौसी आप ये क्या कर रही हो … मैं आपके बेटे के बराबर हूँ.

सुनील मुझसे बोला- चल बे मस्त माल हैं तीनों … कोई जुगाड़ सैट करते हैं. उसके बाद मैंने रूबी आंटी के पेटीकोट और चड्डी को हटा दिया और उनकी चूत चाटने लगा. चूंकि ट्रेनिंग का आख़िरी दिन था तो सब लोगों ने मिलकर पब जाने का प्लान किया.

पंजाबी झवाझवीमैंने आगे उनकी चैट पढ़ी, तो पाया उसमें दीदी ने आशीष को लिखा था कि मुझे मालूम है कि तुम ही वो लड़के हो जो मेरी दोनों बहनों की रोज़ ले रहे हो, उन दोनों के मोबाइल में तुम्हारी फ़ोटो है. अबकी बार एक ही झटके में मेरा पूरा लौड़ा मुंतज़िर की चुत में अन्दर तक चला गया था.

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चूसते चूसते वो मेरे ऊपर आ गयी और मेरे हाथ अपने आप उसके गोल गोल सुडौल गांड को सहलाने लगे. निशा की नजर जैसे ही मेरे पजामे के ऊपर पड़ी और उसने देखा कि मैं लौड़े को सहला रहा हूँ तो वह बिना पलकें झपकाए मेरे हाथ को देखती रही. मुझे इतना मजा आ रहा था कि मेरी आंखें बंद हो गईं और मैं बस ऊपर देख रहा था.

उन्होंने एक हाथ से अपने एक चूतड़ को पकड़ लिया और मैंने हल्का धक्का दे दिया. फिर उसने मुझे देखा और कहा- तुम बहुत ही गर्म माल हो और तुम्हारा माल भी मस्त था. फिर मैंने पूछा- आप क्या पढ़ाई करती हैं?उन्होंने बताया- हां, मैं एमए कर रही हूं.

वो अपनी प्लानिंग के अनुसार दिल्ली आ गए और उन्होंने एक होटल में रूम बुक कर लिया. निशा- हां, चूस भोसड़ी के … और जोर से चूस मां के लवड़े … पी जा सारा चूत का रस … आह आज तुझे मैं अपना मूत भी पिलाऊंगी साले गांडू. मैंने उसकी चूत को इतना चाटा इतना चाटा कि वो झड़ गई और उसने मेरे बाल पकड़ कर मुझे रोक दिया.

अभी कुछ ही महीने पहले उनकी शादी हो गयी और वो अपनी ससुराल चली गई थीं. कैसे हो मेरी कमसिन प्यासी नमकीन चूत वाली आंटी, भाभी, गर्ल्स और दोस्तो.

मैंने दस बारह तेज शॉट मारे और उससे पूछा- मजा आ रहा है जान!वो चीखने लगी, चिल्लाने लगी- ओह रॉकी बहुत मज़ा आ रहा … और जोर से करो … आह.

उन्होंने अपनी हथेली पर थूका, उस थूक से अपनी ऊँगली गीली की और मेरी बुर में चलाने लगे. रेखा भाभी की चुदाईमैं मन ही मन उनकी चुत चोदना चाहता था मगर इसकी शुरुआत कैसे हो मुझे इस बात का इंतजार था. सेक्सी वीडियो एचडी हाई क्वालिटीशीना भाभी के बड़े बड़े स्तनों का मेरी छाती से स्पर्श मुझे पागल बना रहा था. सेक्सी हॉट भाभी अपने मुँह में पूरा कामरस निगल गईं और मेरा लंड अपने मुँह से चाट कर साफ कर दिया.

विजय ने भाभी के हाथ से नाश्ता लिया और कहा- भाभी आप जाओ, मैं ये नाश्ता कुछ देर बाद कर लूंगा.

इसी सोच के चलते मैं उन दोनों के संबंध के लिए मन ही मन में राज़ी हो गयी थी. आह … हम दोनों की जीभों ने कुश्ती लड़ना शुरू की तो हम दोनों ही मदहोश हो गए. खुशबू एक अच्छी खिलाड़ी की तरह दोबारा से मेरा चूसने लगी।अब खुशबू और उसकी चूत मेरे लंड को अपने अंदर लेने के लिए तैयार हो गई थी।मैं भी उतावला हो रहा था नयी चूत के लिए … मैंने देर ना करते हुए उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया।उसके बूब्स को मैं अपने मुंह में लेकर चूसने लगा.

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मैडम को चुदाई में मजा आने लगा और दस मिनट बाद मैंने मैडम के कहने पर अपना पानी उनके पेट पर निकाल दिया. आंटी ने मेरे गाल पर एक जोर का तमाचा मारा और बोलीं- मादरचोद, मैं तीन महीने से तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ. दिल्ली का gb रोडउसकी झीनी सी नाइटी गीली हो गई और ब्रा के ऊपर से ही मैं उसके दूध चूसने लगा.

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संत चरमदास[emailprotected]हाउस मेड सेक्स कहानी का अगला भाग:मेरी अन्तर्वासना और गर्लफ्रेंड की चूत चुदाई का ख्याल- 2. क्योंकि हमें फोरप्ले करते हुए काफी टाइम हो चुका था और आज लौड़ा भी ज्यादा फुंफकार इसलिए मार रहा था कि मेरे जीवन में यह पहला मौका था जिसमें मुझे इतनी कमसिन लौंडिया चोदने को मिलने वाली थी.

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इधर मेरे पति को अपने काम से फुर्सत ही नहीं मिलती है मुझे चोदने के लिए … इसलिए मैं आज उनके बड़े भाई के सामने थी. उसके स्तनों से अभी दूध भी निकलता था … जिसे पीकर मुझे मानो अमृत का मजा मिल रहा था. इस बात से वो एकदम से खुश हो गया और मेरी तरफ देख कर गहरी सांस लेने लगा.

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इतने में आंटी ने बाथरूम का दरवाजा थोड़ा सा खोला और बोलीं- अरे विजय, मैं तौलिया वहीं कुर्सी पर छोड़ आई हूँ, जरा पकड़ा देना. सात आठ मिनट में उसने अपने लंड का पानी दीदी की चूत में गिरा दिया और पानी निकाल कर लंड चुत से खींच लिया. उसको भी एक लड़का पसंद आने लगा था, लेकिन वो लड़का उसको भाव नहीं देता था.

मैंने नोटिस किया कि अब निशा का हाथ हल्के से गर्म हो रहा था और उस कमरे में मुझे अब निशा की चलती सांसों का अहसास हो रहा था. मेरी बहन स्वाति, मम्मी का हाथ बंटा रही थी और मेरा छोटा वाला भाई बाहर अपने दोस्तो के साथ कुछ गेम खेल रहा था.

तभी उन्होंने अलमारी खोली, उसमें से एक शीशी में तेल लेकर अपनी हथेली पर मला और अपने लण्ड की मालिश करने लगे.

ये दोनों जिस्मों की रगड़ मुझे नहीं लगता था कि किसी और ने उस नजर से देखी होगी, जो मैं महसूस कर रही थी और जिस तरह से उसने रगड़ा था. मेरे पति के तबादले के बाद मैं कई महीने से अकेली रह कर हर रात अपनी चुदाई याद करती थी. मेरा लम्बे मोटे लंड को देखते ही वो उछल पड़ी और बोली- मैंने जिंदगी में कभी इतना बड़ा लंड नहीं देखा.

यह बात उसने मुझे बाद में बताई और अपनी चिकनी चूत में मेरे कुंवारे लंड को जगह दी. फिर करीब तीन महीने बाद मुझे उसकी रूममेट प्रियंका का फ़ोन आया जिसके साथ वो पहले रहती थी. मैंने अपने लौड़े को पूरी रफ्तार से अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया और तेज़ तेज़ झटके मारने लगा.

तुम कहो तो मैं तुम्हारी मालिश कर दूँ?ये बात सुनकर मुझे ये बात मालूम हो गया कि जेठ जी मुझे पसंद करते हैं.

एक्स एक्स एक्स देसी बीएफ मूवी: लंड क्या घुसा … मेरी सारी जवानी निचुड़ गई और मेरी चुत में इतनी जोर से दर्द हुआ कि मैं छटपटा कर कार्तिकेय के होंठों से अपने होंठ छुड़वाने की जद्दोजहद करने लगी. थोड़ी देर बाद जब वो अपनी गांड उठा उठाकर मेरे धक्कों का जवाब देने लगी तो मैंने कॉलेज गर्ल की चुदाई की स्पीड को बढ़ा दिया.

मैंने मुमताज को पीठ के बल लिटाकर चूतड़ के नीचे तकिया रखा और मुमताज पर लेटकर उसके होंठ चूसने लगा. उसने अपने दोनों हाथों के पंजों को मेरे हाथों की उंगलियों में डालकर जोर से कस लिया. मैं उसे जाते हुए मचलती गांड को हिलते हुए देखने लगा फिर बेमन से गेट खोलने चला गया.

ये मैं भलीभांति समझ चुका था कि मेरी बीवी की चुत गांड की प्यास मेरे लंड से बुझने वाली नहीं है, वो पक्के में और मर्दों के लंड अपनी चुत गांड में पक्के में लेती होगी.

उसी समय मैंने अपना लंड कोमल के हाथों में दे दिया और उसके निप्पलों को चूसते मरोड़ते हुए उंगलियों से उसकी चूत से खेलने लगा; चुत के दाने को छेड़ने लगा. ये मेरा आकलन है … हो सकता है कि मैं गलत होऊं … पर कमोवेश ये ही स्थिति है. ऐसा 2-3 बार हुआ और हर रगड़ के बाद वो मेरी आंखों में सवाल भरी नजरों से देखता.