देहाती भाषा में बीएफ

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मैंने पकड़ तो रखी है तुम्हारी कमर… तुम्हें गिरने नहीं दूँगा और फिर लंड भी तो तुम्हारी गाण्ड में घुसा है, कैसे गिर जाओगी?”ठीक है. सेक्सी नंगा नंगा डांस’ की आवाज़ निकल रही थी।मुझे अब अनुभव हो रहा था कि धरती पर कहीं स्वर्ग है तो चूत मारने में ही है। करीब 25-30 झटकों में वो और मैं दोनों एक साथ झड़ गए और काफी देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहे।कुछ देर बाद फिर से हम दोनों एक-दूसरे को वासना भरी नजरों से देख रहे थे।इस बार मेरी निगाह उसकी गांड पर थी, पर वो इससे अनजान थी, मैंने ढेर सारी क्रीम लेकर उसकी गांड के छेद पर लगाई।वो बोली- यह क्या कर रहे हो.

तीनों उतर गये।बाहर एक 30 साल का ठीक-ठाक सा दिखने वाला आदमी खड़ा उनको वेलकम करता है और उनसे कहता है आप मेरे पीछे आइए रेहान सर अन्दर आपका वेट कर रहे हैं।वो जब अन्दर जाते है तो ज़बरदस्त लाइटिंग हो रही थी और स्वीमिंग पूल के पास हट (झोपड़ी) बनी हुई थी. डॉगी के साथ सेक्सी फिल्मआपकी राय के अनुसार ही मैंने बड़े आराम से चुदाई पेश की है और आगे के कुछ और भागों में भी यह चुदाई चालू रहेगी। आप बस मज़ा लेते रहिए और मेल करते रहिए। आपके ईमेल ही मेरी कलम की साँसें हैं।कुछ दोस्तों ने कहा कि रात को नींद भी नहीं आती कि अब आगे क्या होगा यही सोचते रहते हैं.

वो बात को संभालती हुई।आरोही- ओह सॉरी ग़लती से बोल दिया रेहान ने नहीं मेरे बॉय-फ्रेंड ने जब पहली बार चुदाई की थी उस टाइम बहुत दर्द हुआ था और खून भी आया था।राहुल- लेकिन अभी तुमने रेहान क्यों कहा.देहाती भाषा में बीएफ: वो ऐसा नहीं कर सकती, अभी छोटी है वो…!रेहान- यार तू किस जमाने की बात कर रहा है आजकल किस-किस उम्र की चुद जाती हैं…कुछ मालूम भी है.

अब साजन ने मेरी टाँगें, अपने कन्धों पर खींच लईमैंने अंग में अंग को घिसते, दस अंगुल का आनन्द लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.!”जीजा जी ऊपर से बोल रहे थे और मैं नीचे से उनका पूरा लौड़ा लेने के लिए ज़ोर लगाते हुए बड़बड़ा रही थी, ऊऊओ मेरे चुदक्कड़ राजा चोद दो… अपनी बिना झाँटों वाली इस बुर्र्र्र्र्र को और चोदोऊऊऊ फाड़ दोओ.

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रेहान आह… कुछ करो न… मेरा जिस्म गर्म हो रहा है…!रेहान पागलों की तरह आरोही पर टूट पड़ा उसके निप्पलों को चूसने लगा और मम्मों को दबाने लगा।आरोही-.!’ मैंने कहा और घुटनों के बल बैठ गया।उन्होंने अपनी टाँगें मोड़ कर ऊपर उठाईं और दोनों हाथों से अपनी चूत को चीर लिया। मैंने घबराहट में अपना लण्ड उनकी गीली चूत से लगाया और आगे धकेला.

तो वो चुप हो गई, मैंने पूछा- क्या हुआ?तो उसने बोला- प्यार तो मैं भी आपसे करती हूँ, पर मुझे बहुत डर लगता है कि अगर घर में किसी को पता चला तो बहुत मार पड़ेगी. देहाती भाषा में बीएफ तो मैंने भी सोचा क्यों न अपनी इस इच्छा को भी पूरा कर लूँ और देखूँ क्या सच में कोई इस तरह से भी मज़ा ले सकता है।तो मैंने भी उसके चूचे चूसते हुए उसकी चूत रस से सनी हुई उँगलियों में से एक ऊँगली उसकी गांड के छेद पर रखी ही थी कि माया ने आँखें खोल कर अपने हाथों से मेरी ऊँगली पकड़ कर अपनी चूत पर लगा दी।शायद उसने सोचा होगा मेरा हाथ धोखे से उधर गया है.

पापा का फ़ोन आए तो आवाज़ देना…!आरोही- अच्छा ठीक है जाओ…!राहुल बाथरूम चला जाता है और आरोही वहीं बेड पर बैठी सुसताने लगती है।ओके फ्रेंड आज के लिए इतना काफ़ी है। अब अगले पार्ट में बताऊँगी कि क्या हुआ? आज दोबारा जूही की चुदाई में मज़ा आया न…! अब जल्दी से मेरी आईडी[emailprotected]पर मेल करो और बताओ अब तो आप का दिल खुश है ना… ओके बाय…!.

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!इतना बोलकर अन्ना चला गया।बस दोस्तो, आज यहीं तक !उम्मीद है आपको पसन्द आया होगा।और आपके दिमाग़ में कई सवाल खड़े हो गए होंगे कि आख़िर आरोही ने ऐसा क्या किया रेहान के साथ, जो रेहान उसका बदला ले रहा है और ये अन्ना सच में डायरेक्टर है या कोई और. ! शिट साली… साहिल का ले लिया मुँह में उफ्फ मज़ा आ रहा था…!सचिन से बर्दाश्त नहीं हुआ, तो वो नीचे लेट गया और लौड़ा चूत में डाल दिया। अब जूही उकडूँ बैठी चुद भी रही थी और लौड़े चूस भी रही थी।जूही- आह आआआ. क्लिनिक पहुँच कर मैं मालविका का इन्तजार करता रहा लेकिन वो समय पर नहीं आई।बाहर मौसम भी बारिश का हो गया था तो मैंने उसे फोन करना ठीक समझा… क्लिनिक से ही मैंने उसका नंबर निकाला और उसको फोन किया तो उसने मुझे बताया कि वो रास्ते में ही कहीं रुक गई है और बारिश के कारण थोड़ी देर से आ पायेगी.

मैं- ओह… चलो तुम घर पहुँचो… मुझे भी एक डेढ़ घण्टा लग जाएगा…सलोनी- ठीक है कॉल कर देना जब आओ तो…मैं- ओके डार्लिंग… बाय. पर ननदोई जी तो झटके मारे जा रहे थे, हॉल में फच फच की आवाजें आ रही थी… मेरी सिसकारियाँ पूरे हॉल में गूंज रही थी।आज तो मैं खूब जोर से चिल्ला रही थी क्योंकि घर में कोई नहीं था. ! मैंने मानो इगनोर सा किया। उसका चेहरा मुरझा गया, मेरा दिल मचल रहा था सुबह-सुबह गांड में खलबली मच गई थी।खैर काम पर गए.

और अब तो उसने बिना कच्छी के पहनी है…उसकी जीन्स का बटन उसकी चूत की लकीर से एक इंच ऊपर ही था और फिर २ इंच की चेन है. अब वो बर्दाश्त ना कर सकी और चिल्ला उठी- निकाल लो बाहर! बहुत दर्द हो रहा है!मैंने नीचे हाथ लगया तो पता लगा उसकी चूत से खून निकल रहा है. अपने तीसरे प्रयास में मैंने उसके कौमार्य को भंग कर दिया… उसकी आँखों में ख़ुशी और दर्द दोनों के भाव थे.

!मैं उसके चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा। उसकी चूची सन्तरे की तरह कड़क हो चुकी थीं। मैंने फिर उसकी ब्रा उतार दी. प्रणाम पाठको, मैं सब की तरह अन्तर्वासना की बहुत बड़ी फैन हूँ। मेरी उम्र छबीस साल है। एक शादीशुदा चुदक्कड़ औरत हूँ और शादी से पहले स्कूल और फिर कॉलेज की एक चुदक्कड़ ‘माल’ रही हूँ।मुझे चुदाई बेहद पसन्द है। मैं चुदाई बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकती। मैंने कई तरीके के लंड डलवाए, चूसे और चाटे हैं, लेकिन जब बारी आई मुझे लाईसेंस प्राप्त लंड मिलने की.

रात में 10 बजे वो घर आया उसने शराब पी हुई थी।उसने घर आकर मुझे फिर से मारा और गंदी-गंदी गालियाँ दीं।मैं रोती रही.

हम तब तक लैंडमार्क के पास पहुँच गए तो मैंने उन्हें ठीक से बैठने के लिए बोला और होटल के एंट्री-गेट पर उन्हें उतार कर गाड़ी पार्किंग में लगाने चला गया।वहाँ मुझे मेरे पापा के दोस्त अपनी फैमिली के साथ मिले तो मैं तो उनको देख कर डर ही गया था.

मैंने उनको उस पत्र का उत्तर दे दिया और उन्होंने मुझे याहू पर जोड़ लिया और फिर हमारी उनसे तीन दिन तक अलग-अलग विषय पर बात हुई, जिससे उनके मन का एक वहम या सही कहूँ डर था, निकल गया. तभी अचानक सलमा के आंसू निकल आये!इरफ़ान ने पूछा- क्या हुआ?सलमा बोली- कुछ नहीं, हमारा पड़ोसी पप्पू याद आ गया! उसे भी यही स्टाइल पसंद था, मज़ा तो आता है, पर दर्द बहुत होता है. प्रोमिस करो।मैंने बुआ का हाथ पकड़ कर कहा- कसम से।बुआ ने अपना कुर्ता ऊपर करके ब्रा में से अपना उरोज निकाला.

मैं आराम से डालूँगा पर पहले मुझे प्यार तो करने दो…!आरोही- आ जाओ भाई आज मैं बहुत खुश हूँ जल्दी से आ जाओ…!राहुल ने आरोही के होंठों पर अपने होंठ रख दिये और उसके मम्मों को दबाने लगा।दस मिनट तक दोनों एक-दूसरे को चुम्बन करते रहे।राहुल कभी गर्दन को चूमता तो कभी निप्पलों को चूसता ! दोनों एकदम गर्म हो गए थे।आरोही- आ. ! जहाँ चूत देखी पिल पड़े… अब जब मेरी बुर में घुसा ही दिया है तो देखूँगी कि तुम्हारे लौड़े में कितना दम है… चोदो राजा चोदो इस बार चुदाई का पूरा सुख उठाऊँगी… हय मेरे चुदक्कड़ जीजा फाड़ कर लाल कर दो इस कमीनी बुर को … और ज़ोर से कस-कस कर धक्का मारो … ओह अहह इसस्स्स्सस्स बहुत मज़ा आ रहा है. नतीजतन मेरा शरीर बहुत मस्त था। मेरी हाइट 5 फीट 10 इंच उसी समय हो गई थी। मेरा सीना तब 36 इंच था, अभी 42 है।हाँ … तो अब मैं नीलम के बारे में बताता हूँ.

मोती रस से मेरी काम अगन, मोती सी शीतल हुई सखीमन की अतृप्त इस धरती पर, घटा उमड़-उमड़ कर के बरसीमैंने साजन का सिर खींच सखी, अपने वक्षों में छुपाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!’फिर उसने जीजा जी की तौलिया को खींच लिया। जीजाजी ने उसे अपनी बाँहों में भर लिया।वह अपने को छुड़ाती हुए बोली- फिर चाय ठंडी करनी है क्या. इस दुनिया से दूर हम एक अलग दुनिया बसाएँगे।आरोही- हाँ मेरे सपनों के राजा, ले चलो मुझे कहीं दूर यहाँ से. सोते साजन के बालों को, हौले-हौले सहलाय दियामाथे पर एक चुम्बन लेकर, होठों में होंठ घुसाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!”नब्बे के दशक का फेमस बालीवुड गाना रूम टीवी पर पर बज रहा था और गाने की धुन के साथ-साथ हमारे कूल्हे भी एक-दूसरे पर ताल दे रहे थेहय साहब, ये क्या कर दिया. !आरोही- भाई आपने बताया नहीं कि कौन सा खेल खेलेंगे?तभी जूही भी कमरे में आ गई।जूही- हाँ भाई मैं भी आ गई हूँ, अब बताओ क्या खेलें?राहुल- हम कुश्ती करेंगे. लड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ से ना जाने कितनी कीमती चीज छीन ली गई हो…सलोनी- ओह ज़मील, आज मुझे जल्दी जाना है… फिर कभी तुम घर आकर आराम से चेक कर लेना…और सलोनी ने झुककर उस लड़के के मुँह पर चूम लिया…बस अब तो कबीर की प्रसन्नता का गुब्बारा फट पड़ा.

कल सारी बात बता दूँगा अभी बस वीडियो बनाओ, मैं जाता हूँ जूही कहीं बाहर ना आ जाए…!साहिल- उसकी हिम्मत नहीं है यार.

जाओ पहले मेरे नाग को तैयार करो जी।आरोही अन्ना के लौड़े पर हाथ रख देती है, तभी डोर पर नॉक होती है।अन्ना- क्या हुआ जी?रेहान- डोर खोलो जल्दी से…!अन्ना मूड ऑफ करके डोर खोल देता है।रेहान- तुमने ठीक से बताया नहीं कि राहुल कहाँ है, ठिकाने लगा दिया का मतलब कहीं तुमने उसको मार तो नहीं दिया न. कुछ पलों में चाची ने शरमा कर अपना मुँह नीचे कर लिया।मैंने उनकी ठुड्डी पकड़ कर उनका चेहरा ऊपर उठाया और बोला- चाची आप दुनिया की सबसे सुंदर औरत हैं.

देहाती भाषा में बीएफ नींद ने मेरे ऊपर पूरा कब्ज़ा कर लिया था…जबकि दिमाग में यह आ रहा था… कि उठकर सब कुछ सही कर देना चाहिये… खुद को और मधु को कपड़े पहना देने चाहियें…वरना सुबह दोनों को ऐसे देख सलोनी क्या सोचेगी और ना जाने क्या करेगी?मुझे नहीं पता कि मैं कब बेहोशी की नींद सो गया. मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ।मुझे तो जैसे भरोसा ही न हुआ, मैं बस उसके होंठों पर झुक कर उसके प्यार का जवाब देने लगा।अधरों का रसपान भी बहुत ही मस्त था.

देहाती भाषा में बीएफ तब मुझसे गेंद भाभी की छत पर चली गई तो मैं लेने गया।छत पर जाकर मैंने देखा भाभी ब्रा-पैंटी में आँगन में नहा रही थीं।मैं तो उन्हें देखता ही रह गया। वो सांवली सी शक्ल वाली नीलम भाभी का बदन बहुत गोरा था। उनके बोबे क्या मस्त थे शानदार से और टाँगें क्या मांसल थी।वो मुझे छत पर देख कर एक पल को घबराईं, फिर मुझसे पूछा- क्या देख रहा है?मैं तो जैसे कुछ सुन ही नहीं रहा था. मैंने तो अनेकों बार सुनीता की चूत से निकले चरम रस मेरे दोस्तों की शीघ्रपतन की बीमारी का इलाज किया है.

मैं ट्यूब ले आता हूँ फिर तुझे मलहम लगा दूँगा।बस दोस्तों आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं.

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उस दिन मैंने अपने बॉयफ्रेंड दीपक को अपने घर बुला लिया दीपक भी टाइम पर पहुँच गया फिर हमने खाना खाया साथ में मिलकर. सन्ता डॉक्टर को बुलाने भागा तो पप्पू ने दरवाजे पर रोक कर बताया कि बन्ता चाचू बेड के नीचे नंगे छुपे हुए हैं।सन्ता वापस आया, बेड के नीचे से भाई बन्ता को निकाला और गुस्से से कहा- बेगैरत ! तेरी प्रीतो भाभी को हार्ट अटैक आया है ! और तू नंगा होकर बच्चों को डरा रहा है? शर्म नहीं आती !. मेरी उम्र 26 साल है, शादीशुदा लड़की हूँ !हमारी शादी को चार साल हो गये हैं ।मेरे पति यों तो मेरा बहुत ख्याल रखते हैं लेकिन एक दो बार संभोग के बाद वह गुदा मैथुन की मांग करने लगते हैं।हालांकि मुझे खुद गुदा मैथुन से कोई परहेज नहीं लेकिन मैं जानना चाहती हूं कि क्या गुदा मैथुन सही है?साथ ही मैंने सुना है कि गाण्ड मरवाने में बहुत दर्द होता है?.

!धीरे-धीरे पूरा लण्ड अन्दर चला गया, अब मैंने नीचे से लण्ड पेलना शुरू किया, तो कुछ ही धक्कों के बाद कविता को भी मजा आने लगा। उसने भी सिसकियाँ लेते हुए. मैं भी उसका साथ देता जा रहा था।मैंने कुर्ते के ऊपर से ही उसके मम्मों को दबाना शुरू किया और वो मेरे होंठ चूसती जा रही थी. साजन के हाथों के आर-पार, मैंने जंघाएँ सखी फंसा लईसाजन की गर्दन में बाहें लपेट, नितम्बों को धीमी गति दईदोनों हाथों से पकड़ नितम्ब, साजन ने उन्हें गतिमान कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!’और इस तरह चोदते-चोदते मैंने अपना पानी उसकी चूत में ही डाल दिया।फिर कुछ देर बाद जब वो रसोई में कुछ बनाने गई तो मैंने उसे नंगा कर दिया फिर रसोई के प्लेटफॉर्म पर बैठा कर उसके दोनों पैर अपने कंधे पर रखे और उसकी चूत में पूरा लंड डाल दिया।30-40 मिनट तक चोदने के बाद हमने एक ब्लू-फिल्म देखी और फिर हम ने दिन भर में 6-7 बार चुदाई की।वो बोली- आज तुमने मुझे वो मज़ा दिया है, जिसके सपने मैंने बचपन से देखे थे.

तकलीफ़ ह हो रही है अई बदन में बहुत दर्द ह हो रहा है…!रेहान- जान तुम बहुत पावरफुल गर्ल हो इतने दर्द के बाद भी होश में हो…आरोही तो बेहोश हो गई थी आई प्राउड यू माई लिटल गर्ल. क्या टाइट गाण्ड थी साला पानी जल्दी निकल गया, मज़ा खराब हो गया।अंकित- कोई बात नहीं राजा, अभी देख लौड़ा कैसे डालते है।संजू- हाँ देख हम दोनों साथ में डालते हैं आगे और पीछे. !माँ तो बिलकुल सन्न रह गईं, उन्हें मुझसे ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी।माँ मजबूर हो गई थीं, उसने कहा- तुम्हारी चूत में भी लंड पेलवा दूँगी, लेकिन ध्यान रहे तुम्हारी छोटी बहन को ये सब बातें मालूम नहीं होनी चाहिए।मैंने ख़ुशी से उछलते हुए कहा- ओके माँ.

!”मैंने चूची की नोक से से दो-तीन धक्के उनकी गाण्ड के छेद में लगाए और बोली- अपने चोदू लाल की गाण्ड मार रही हूँ। जहाँ बुर देखी पिल पड़ते हैं. तब मैं अन्दर कमरे में चली गई थी।आनन्द ने खाना लेकर बिल दे दिया और मुझे बाहर बुलाया।हम सब खाना खाने बैठ गए।आनन्द मुझसे बोला- अपने हाथ से मुझे आज खाना खिला।मैं भी बिना झिझक के उसके मुँह में निवाला डालने लगी।सलीम चुपचाप से देख रहा था।अब मुझे किसी का डर नहीं था… सलीम ही तो मुझे यहाँ लेकर आया था. एक दिन वो मेरे पास आई और उसने कहा- मेरे कंप्यूटर में कुछ खराबी आ गई है और मैंने एक जरूरी इमेल करनी है.

फच की आवाज़ कमरे में गूंज उठती, अगर कोई बाहर खड़ा सुन रहा होता तो फौरन जान जाता कि यहाँ ज़ोरदार चुदाई चल रही है।इसी तरह हम बहुत समय तक चोदते रहे, तेज़… बहुत तेज़… धीरे… बहुत धीरे… उसके नितम्ब कभी गोल गोल घुमाते हुए तो कभी दायें बायें हिलाते हुए… चुदाई धकाधक हुए जा रही थी।‘राजे. इरफ़ान उसे कंधे से पकड़ कर अपनी और घुमाने लगा तो सलमा बोली- आज चुदाई नहीं ! कल मैंने लेडी डाक्टर के पास चेक अप के लिए जाना है तो मै.

मैंने उसे अपने नीचे ले लिया और पूरे जिस्म को अपने आगोश में भर लिया। मेरी करतबों के निशान उसके पूरे शरीर पर छुट रहे थे. अब जाओ बाय…!ओके फ्रेंड्स… यह भाग भी गया।अब आपको रात का इन्तजार होगा कि जूही के साथ रेहान कैसे चुदाई करेगा और पार्टी में राहुल को ऐसा क्या नुस्ख़ा देगा कि राहुल स्ट्रॉंग हो जाएगा।आपको इन सभी सवालों के जवाब अगले भाग में देने की कोशिश करूँगी।और कुछ दोस्तों के मेल आए कि आरोही के साथ रेहान जो कर रहा है वो गलत है।दोस्तो, अपने अभी सिक्के का एक पहलू देखा है. उसकी साँसें गरम हो गई, मैं बता नहीं सकता कि उसके जिस्म से आग निकल रही थी, वो पागलों की तरह मेरे लंड से खेल रही थी और मुझे चुम्मे दे रही थी, एकदम जवान नई दुल्हन की तरह तड़प रही थी.

शादी के बाद मेरी हर रात सुहागरात से कम नहीं होती और हर रात कामवासना की नई कहानी लिख दी जाती क्यूंकि मैं और मेरी पत्नी दोनों ही सेक्स के जन्मजात भूखे हैं और कामक्रिया का पूरा मजा उठाते हैं.

!रेहान ने पास में रखी तेल की शीशी ली और जूही की चूत पर ढेर सारा तेल लगाया और अपनी ऊँगली से अन्दर करने लगा।जूही- आ उफ्फ रोनू दुखता है. ? किस ख़ुशी में अपनी मुन्नी को आज़ाद छोड़ रखा है?नीलू- हा… हा… वेरी फनी… आपको तो और भी मजा आ गया होगा !मैं- अरे वो तो है… ऐसा लग रहा है जैसे नंगे चूतड़ों पर हाथ रख रहा हूँ… आज तो रास्ते में लोगों को मजे आ गए होंगे. तू यकीन नहीं करेगी मुरझाए हुए लौड़े ने भी वो कर दिया जो तू सोच भी नहीं सकती जैसे ही मेरी चूत पर मैंने लौड़ा स्पर्श किया.

!आंटी, यह बच्चा हमारे प्यार की निशानी है।”तुम समझ नहीं रहे अमन, मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रहूँगी।”क्यूँ आंटी? आपका भी तो मन था कि आप माँ बनती।”मगर यह बच्चा नाजायज़ है, मैं किसी से क्या कहूँगी. ‘नहीं दीदी सिर्फ पिनें खोल दो… स्कर्ट तो पहले ही फटी पड़ी है’ मैं आने वाले लम्हे को सोच कर बेकाबू हो कर बोला.

लगता था, मुलायम बुलडोज़र ही हैं !चूची के छूते ही मेरे पूरे शरीर में सनसनाहट की लहर दौड़ गई और वो अंग्रेज़न भी मुझे देखकर प्यार से मुस्कुराई और साथ ही ‘सॉरी’ कहा. वाह मैंने सोचा था मुझे लंड चुसवाने के लिए तुझे बहुत मुश्किल से मनाना पड़ेगा, तुमने मेरी तबियत खुश कर डाली।”मैंने पागलों की तरह गप-गप करके उसका लुल्ला चूसा। जिसको लेने के लिए कई दिन से बेताब था।मैं तेरी धर्म-पत्नी बनने को राज़ी हूँ मेरे मालिक !”उसने भगवान जी की पिक्चर के सामने से सिन्दूर उठाया, मेरी मांग भर दी।अह. मैंने चाचू को लण्ड निकालने को कहा, चाचू ने लण्ड निकाला और मैंने अपने मेहंदी वाले हाथों से लण्ड को पकड़ा और मूठ मारने लगी और मुँह में ले कर चूसने लगी.

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उसने जल्दी से हाथ हटा लिया।मैंने पेन उठाया और ऊपर को उठते हुए उसके लौड़े को मसल दिया।वो मेरी हरकत को देख रहा था, उसे एक बार तो विश्वास ही नहीं हुआ कि मैंने उसका लौड़ा दबाया है।मैं उसकी तरफ देख कर मुस्कुरा दी, उसने भी मुझे आँख मार दी।बस उसी समय से मुझे वो वाला गाना बहुत पसंद हो गया-एक आँख मारूँ तो, परदा हट जाए,दूजी आँख मारूँ कलेजा कट जाए.

पता है…!इतना कहते मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई। मैं ज़्यादा गुस्सा करने लगी।वह रोने लगे मुझे मनाने लगे और बोले- इसके सिवा कोई चारा नहीं. वहाँ मिलासा ने गीता को पकड़ लिया और उसके बदन से खेलने लगा ! थोड़ी चूमाचाटी के बाद गीता बोली- चलो बीच पर चलते हैं !मीलासा बोला- मेरा दोस्त विक्रम आने वाला है फिर चलते हैं. !सचिन- मैं ले आऊँगा यार, वो मुझे जानते हैं कई बार उनके साथ हरामीपन्थी की है, एक नम्बर के लड़कीबाज हैं साले… बड़े आराम से ले आऊँगा उनको…!साहिल- फिर भी यार साथ जाने में क्या हर्ज़ है…!रेहान- नहीं बोला ना.

आपने मुझको उबार लिया है। आपका बहुत भला होगा, वैसे आदमी के जाने के बाद मैं किसी के संपर्क में नहीं आई, क्यूँकि सभी भेड़िये हैं… सालों को फ्री की डबल-रोटी और मक्खन मिले. हूँन्न्न न्नन्न्न्न !” मेरा शरारती लंड फिर से उस हसीन चुदक्कड़ औरत की गाण्ड की बगिया में घुस गया था। मस्त पकी हुई गाण्ड थी साली की, जैसे कोई पका हुआ पपीता हो. भोजपुरी सेक्सी पूरा!राहुल- तो अब कौन से बड़े हो गए और क्या फ़र्क पड़ गया है, अब यार तुम तो कहती हो कि मुझे फिल्म में हीरोइन बनना है, ऐसे शरमाओगी तो तुम हीरोइन कैसे बन पाओगी?आरोही- हाँ भाई.

मजा आ गया।लंबा सा कश खींच कर उसने मुझे सिगरेट बापस कर दी मैंने भी एक लम्बा कश खींचा और सीमा को दे दी। अब शब्बो की चूत में फिर से लौड़ा सटासट चलने लगा।शब्बो बोली- अब तू नीचे आजा, मुझे घुडसवारी करने दे. मैंने उसके आते ही उसको पकड़ कर एक चुम्मा उसके होंठों पर कर दिया तो वो शरमा कर बोली- बैठो, जल्दी जाना है.

मैं बना लूँगा। बस थोड़ी हिंट दे दीजिए।आंटी बोलीं- ठीक है जब बनाने लगो तब पूछ लेना।और मैं अपने रूम में चला गया। बाथरूम में जाकर पहले अपनी बगलें और झाटें साफ कीं, थोड़ा परफ्यूम डाल कर कमरे में आया और खाना बनाने लगा।मुझे भूख तो नहीं थी लेकिन मोनी के लिए तो करना ही था…!मैं खाना बनाने लगा और कुछ देर बाद मैंने आंटी को आवाज़ दी- आंटी जरा बताओ कैसे करें. और मत तड़पाओ…दीदी की गाण्ड अपने आप ऊपर की तरफ उठ कर लंड को अंदर लेने की कोशिश कर रही थी मगर उस पुलिस वाले को दीदी को तड़पाने में मज़ा आ रहा था. !अपने आप से बात करता हुआ रेहान अपने कपड़े उतार कर आरोही के पास लेट जाता है और उसके मम्मों को सहलाने लगता है दस मिनट तक वो उसके मम्मों को सहलाता रहा, तब कहीं आरोही की नींद खुली।आरोही- उहह ओह रेहान आपने मुझे उठाया क्यों नहीं.

जब सन्ता ने कार में बच्चों को पहचानना शुरू किया तो दो बच्चे उनकी नौकरानी के थे, एक बच्चा प्रीतो की बहन यानि सन्ता की साली का था, दो बच्चे पड़ोसन के और एक बच्चा सन्ता की सेक्रेटरी का था. मुझे सलोनी के चेहरे पर एक सेक्सी मुस्कराहट नजर आई…अब मैंने उसको स्लैब की ओर इशारा किया…वा… सलोनी ने खुद चुदाई का तरीका ढूंढ लिया था. कहानी शुरू होती है मेरी खलेरी भाभी से, पहले मैं अपनी भाभी के बारे में बता दूँ, वो बहुत सेक्सी हैं उनका रंग ऐसा है, जैसे किसी ने दूध में थोड़ा सा शरबते आज़म मिला दिया हो.

! मैं तो इसे अच्छे से जानता भी नहीं हूँ।बाद में हीना ने कहा- मेरी सहेली काफ़ी शरीफ़ है, आसानी से पटेगी नहीं, पर अगर मैं कुछ मदद करूँ तो तुम्हारी बात बन जाएगी।तो मैंने हीना से कहा- नेकी और पूछ-पूछ.

मगर इसको तो सब याद है, कहीं कोई पंगा ना हो जाए वो सोचने लगा कि इसको क्या जवाब दूँ।जूही- रोनू बताओ ना. !मैं थोड़ी देर के लिये बैठ गया।शैलेश भैया- और बताओ समर, पढ़ाई कैसा चल रहा है?मैं- एडमीशन लेनी है, शायद राँची में किसी कालेज में लूँगा।शैलेश भैया- हम्म.

तभी सुनील ने मेरी कमर पकड़ी और मुझे अपनी गोद में खींच लिया और बोला- आज तो देख ही लिया जाए, तुम आगे-पीछे, ऊपर-नीचे से कितनी अच्छी हो. मगर इसको तो सब याद है, कहीं कोई पंगा ना हो जाए वो सोचने लगा कि इसको क्या जवाब दूँ।जूही- रोनू बताओ ना. कुत्ते मेरे गाण्ड में उंगली घुसा साले !क्या क्या नहीं बोल रही थी साली रंडी…करीब 15 मिनट के बाद उसका पानी आ गया तो फच फच की आवाजें आने लगी और मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने कहा- कहाँ निकालूँ अपना पानी बोल मेरी रानी !तो उसने कहा- बाहर निकल दे !तो मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना मुठ गिरा दिया.

बात यूँ शुरू हुई!एक दिन मैं सुबह सुबह जॉगिंग कर रहा था कि तब अचानक एक लड़की को मैंने देखा, उसने टाईट टॉप और जींस पहनी है और वो भी जोगिंग के लिये आई है. उनकी हंसी मेरी मर्दानगी की धज्जियाँ उड़ा रही थी।मैं बोला- अब जब तक आप मुझे मर्द नहीं मानोगी तब तक आप ऐसे ही रहोगी. अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है।दोस्तो, बीच में आने के लिए सॉरी। मैं आपको बता दूँ कि अंकित तो सारी बात शॉर्ट में ही बता रहा है, इतना डीप में नहीं। मगर आप लोगों को चुदाई का भरपूर मज़ा मिले इसलिए वहाँ क्या हुआ, ये मैं आपको विस्तार से बता रही हूँ ओके…एंजाय…!अंकित आपने कपड़े निकाल देता है। उसका 7″ का लौड़ा आज़ाद हो जाता है।सिमरन- उउउ आ.

देहाती भाषा में बीएफ !वो कहने लगा- ऋतु सारा मज़ा तो रोशनी में ही आता है!मैं मान गई, आख़िर मुझे उसके साथ चुदना जो था और फिर उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे ऊपर उल्टा लेट कर मुझे ज़ोर-ज़ोर से चूमने लगा और कहने लगा- जानेमन इस दिन का मुझे कब से इंतजार था. वैसे ही मेरे पीछे आनन्द भी आ गया।उसने मेरे हाथ में अपना लंड देकर साफ़ करने को कहा।मैं आनन्द का लंड पानी से धो रही थी तब उसने मुझसे पूछा- कैसी लगी डार्लिंग इस सच्चे मर्द की चुदाई।मैंने जवाब मे सिर्फ़ खड़े होकर उसको चुम्बन किया और आँखों से ही प्यार से कहा- मैं बहुत संतुष्ट हो गई हूँ।फिर सब बाहर के कमरे में आ गए.

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रेहान आह… कुछ करो न… मेरा जिस्म गर्म हो रहा है…!रेहान पागलों की तरह आरोही पर टूट पड़ा उसके निप्पलों को चूसने लगा और मम्मों को दबाने लगा।आरोही-. !”मैंने उनके गाल पर गीला चुम्बन लिया और वे जाग गए, उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में समेट लिया।चमेली चहकी, वाह जीजाजी. मैंने अपनी जीभ निकाली और नीलू की चूत को चारों ओर से चाटा…नीलू- आआह्ह्ह्ह्ह… हाआआ… ओह्ह्ह… इइइइइ…वो खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाई, उसके मुख से तेज सिसकारियों की आवाज निकलने लगी.

कि क्यों निकाल लिया… फिर से पूरी ताकत से डाल दो ना…मैंने जल्दी से उसको उठाकर फिर से मेज के नीचे घुसा दिया. तो राजे अब तो हम मेरे पति के आने पर ही तेरे घर में सोना बंद करेंगे… तेरी पत्नी आयेगी बीस दिन के बाद और मेरा चूतिया आयेगा एक महीने के बाद…. हरियाणवी सेक्सी वीडियो नईबहुत इग्नोर किया उसे लेकिन एक दिन उससे बात करना ही पड़ी, यही बात काफी दूर ले आई हमें!पहले नेट चैट, फिर फ़ोन! हम काफी करीब आ गए थे कुछ ही दिनों में!फिर शुरू हुआ स्काइप पर वेब चैट!जय मुझे अब अपने कंप्यूटर स्क्रीन में देख रहा था!जय- यार तुम तो बहुत सेक्सी हो!मैं- लेकिन तुम तो एकदम बच्चे से हो.

हर स्पंदन के साथ सखी, मेरी मदहोशी बढ़ती गईमैं सिसकारी के साथ साथ, उई आह ओह भी करती गईअंगों के रसमय इस प्याले में, उत्तेजना ने अति उफान लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मेरी उम्र 26 साल है, शादीशुदा लड़की हूँ !हमारी शादी को चार साल हो गये हैं ।मेरे पति यों तो मेरा बहुत ख्याल रखते हैं लेकिन एक दो बार संभोग के बाद वह गुदा मैथुन की मांग करने लगते हैं।हालांकि मुझे खुद गुदा मैथुन से कोई परहेज नहीं लेकिन मैं जानना चाहती हूं कि क्या गुदा मैथुन सही है?साथ ही मैंने सुना है कि गाण्ड मरवाने में बहुत दर्द होता है?. हैलो फ्रेंड्स, मैं अन्तर्वासना का बहुत ही बड़ा फैन हूँ और मैं हर रोज इसकी कहानियाँ पढ़ता हूँ और मुठ मारता हूँ.

सलमा बोली- जी दरअसल एक मुंह मेरे इस्तेमाल के लिए है और दूसरा मेरे बॉस के इस्तेमाल के लिए है।सन्ता- सही जवाब ! तुम कल से नौकरी पर आ सकती हो !***सन्ता बॉस अपने लिए सेक्रेटरी रखने के लिए इंटरव्यू ले रहा था. !अन्ना- हम थोड़ा समय बाद आता जी यहाँ थोड़ी गड़बड़ हो गई है, आकर बताता हूँ। अभी फ़ोन रखता हूँ।रेहान सीधा नीचे जाता है।रेहान- साहिल तुम ऊपर के रूम में जाओ। मुझे जूही पर शक है वीडियो में देखो, उसने यहाँ कुछ सुना तो नहीं न. उसको बिस्तर पर लिटा कर कमरे से बाहर निकल गई।दीपाली- उसके बाद तेरे मन में दीपक का ख्याल आया।प्रिया- नहीं यार उसके बाद मैं अपने कमरे में आ कर सोचने लगी.

जब ध्यान दिया तो वो मेरी भाभी का पैर था, जो अपने पैर से मेरा पैर रगड़ रही थी, मैं ऐसे ही लेटा रहा और कुछ बोला नहीं.

मैं पूरे जोश में उसके लंड को चूसने लगी। उसके लंड से भी वीर्य की गाढ़ी बाढ़ मेरे मुँह में गिरने लगी। इस बार मैं एक दासी की तरह उसका पानी पी गई।वो मेरी चूत में अपनी ऊँगली अन्दर बाहर करते हुए बोला- रंडी. तो मैंने भी सोचा क्यों न अपनी इस इच्छा को भी पूरा कर लूँ और देखूँ क्या सच में कोई इस तरह से भी मज़ा ले सकता है।तो मैंने भी उसके चूचे चूसते हुए उसकी चूत रस से सनी हुई उँगलियों में से एक ऊँगली उसकी गांड के छेद पर रखी ही थी कि माया ने आँखें खोल कर अपने हाथों से मेरी ऊँगली पकड़ कर अपनी चूत पर लगा दी।शायद उसने सोचा होगा मेरा हाथ धोखे से उधर गया है. !रेहान- मेरी जान अभी सील टूटी नहीं है अब दाँत भींच लो और देखो कैसे तुम्हें कली से फूल बनाता हूँ…!इतना कहकर रेहान ने कमर को पीछे किया और जोरदार धक्का मारा.

बिहार का सेक्सी वीडियो लोकलठीक है, तब तक जो मेरे बगल मे लड़का नीचे था।वो बोला- भाई साहब आप आ जाओ… मैं ऊपर आ जाता हूँ।वो लड़का ऊपर आ गया। मैंने एक चादर बिछा ली और आराम से बैठी थी। रात के 9 बज चुके थे। एकाएक उस लड़के ने मेरी चूत को सहला दिया।मैं फुसफुसाई- कोई देख लेगा. चाची ने मेरे गालों पर हाथ लगा कर देखा, फिर वापिस मालिश शुरू कर दी और अब वो मेरी छाती की मालिश कर रही थी.

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उसे कभी मत कहना कि तुम सब जान गई हो और मैंने तुम्हारी सील तोड़ी है। अब तुम वो करो जो मैं कहता हूँ उसका मन भी हल्का हो जाएगा और वो कुछ बोलने के काबिल भी नहीं रहेगा।आरोही- वैसे एक बात कहूँ. !रेहान- यार राहुल, प्लीज़ चुप रहो, हीरोइन बनना इतना आसान नहीं है एक्टिंग, डांस सब आना चाहिए और सबसे जरूरी बात फिल्म लाइन में बहुत कुछ करना होता है. 30 बजे सुबह दिल्ली पहुँचने का समय था। ट्रेन से उतरकर जैसे ही मैंने माया दीदी को देखा तो देखता ही रह गया। 5.

मैंने तो चूस डाला उसको !उसकी चूत को अपने मुँह में लेकर जितना अन्दर डाल सकता था, डाला और चूसने लगा…उससे रहा नहीं जा रहा था, उसने बोला- भोसड़ी के, जल्दी चोद ! रहा नहीं जा रहा है. गब्बर- बसंती, चड्डी उतार !वीरू- नहीं बसंती, इस कुत्ते के सामने चड्डी मत उतारना।बसंती- वीरू तू डर मत, मैंने चड्डी पहनी ही नहीं है।***गब्बर रात के अँधेरे में बसंती से चुदाई कर रहा था।गब्बर- बोलो मेरी जान बसन्ती, मज़ा आया?औरत- बहुत मज़ा आया कुत्ते, लाइट जलाकर देख। मैं बसंती नहीं. जब पति को कोई फ़र्क नहीं, तो मैं क्यूँ चिंता करूँ…!फिर मैंने चूत के बाल साफ कर दिए, मेरी चूत लौड़ा लेने के लिए खिल उठी। फिर मैं फ्रेश हो ली। तब तक शायद कोई आया था, क्यूँ कि बाहर बात होने की आवाज़ आ रही थी। फिर मैं जल्दी से बाहर आकर तैयार हुई।तभी पति अन्दर आए, बोले- तुम मुझसे नाराज़ मत होना.

वो दिखने में क्यूट था और हैंडसम भी था। उसका नाम रेहान था… सलीम ने उसका मोबाइल नंबर लिया और फिर उसको फोन लगाया।सलीम और रेहान ने कुछ देर बात की फिर सलीम ने मेरे हाथ में मोबाइल दे दिया और बात करने को कहा।मैं डर गई लेकिन सलीम मेरी तरफ गुस्से से देखने लगे. अन्तर्वासना के समस्त पाठकों को कवि पंकज प्रखर का प्यार भरा नमस्कार…कई वर्षों से अन्तर्वासना की रागानुराग रंजित कथाएँ पढ़ने के उपरान्त मन में उत्कंठा जागी कि कुछ अपनी आपबीती भी दुनिया के साथ बाँट ली जाए… वरना दुनिया के अफ़साने पढ़ते पढ़ते कहीं अपने दिल की यादगार स्मृतियाँ समय के गर्त में विलीन न हो जाएँ…तो चलिए चलते हैं एक ऐसी रंगीन दुनिया में. !तैयार खाने में आवश्यक सब्जियों को चमेली नीचे से गरम कर लाई और तब तक मैं और कामिनी ने मिल कर टेबल लगा दी। अब खाना प्लेट में निकालना भर बाकी था।तभी जीजाजी की आवाज़ आई, अरे कामिनी.

उसकी मुँह से घुटी सी आवाज निकली, उई,” मैं थोड़ा रुका और नीलू की नारंगियों को अपने हाथ से सहला कर उसे बड़े प्यार से देखा और इशारे से पूछा तो उसने भी मूक स्वीकृति दी मैंने उसकी सहमति से एक ठाप और लगाई।उई ईईई. वो हल्का सा मुस्कुराया और बोला- तू समझदार लगता है मुझे इन मामलों में, अगर कुछ नहीं बोलेगा तो तुझे भी बहुत मज़ा आएगा।मैं बोला- वो क्या?उसने अपने लंड पर हाथ फिराते हुए बोला- तेरी बहन बहुत बड़ी रंडी है, कसम से बिना चोदे रात नहीं बीतती मेरी… आज रात भी चोदूँगा उसे.

मेरे एक चोदू ने मुझे बताया था जब मुझे ऑर्गनस्म आ रहा था तब उसने चूत के अंदर उठने वाली संकुचन को महसूस किया था, उसने कहा था कि उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसका लंड चूत में फंस गया था और फिर एक तेज़ बहाव आया, जिसे पानी छोड़ना कहते हैं.

मैंने अपने होंठों से उसके होंठ सिल दिए।लगभग दस मिनट तक हम एक-दूसरे के होंठों को चूसते रहे और प्रीति अपनी चूत में ऊँगली करवाते हुए पानी गिराती रही।‘आअह्ह. सेक्सी पिक्चर डबल एक्स!मैं उससे उम्र में बड़ी थी, इसलिए वो मुझे आप कहता था।मैंने गुस्से से कहा- अब यह नाटक बंद करो और जो मेरे साथ कुछ भी करना है. एक्स एक्स वीडियो एक्स सेक्सीवो अपने बदन पर क्रीम लगा रही थी, अपने चूचों को बड़े प्यार से मसल रही थी और सिसकारियाँ भर रही थी- आहह आहह. बल्कि उसको गन्दी नजर से देखने वाला गन्दा होता है… यह तो तुम खुद कहती हो ना… और मैंने कभी तुमको मना किया कुछ भी या किसी भी तरह पहनने को… यह हमारा जीवन है, चाहे जो खाएँ.

!रेहान अन्दर जाता है, तो आरोही उससे लिपट जाती है।रेहान- जान वो कॉंट्रेक्ट पेपर लेने गया है, मान गया तुमको.

लेकिन मैं चूसता रहा।मुझे लगा जैसे उसे मज़ा आ रहा है।मैंने चूचियाँ चूसते-चूसते अपना हाथ उसकी जाँघों पर फेर दिया।उसने थोड़ी देर विरोध किया और फिर अपने को ढीला छोड़ दिया।अब मैं हाथ पैन्टी में ले गया और उसकी कोरी चूत सहलाने लगा।कुछ ही देर में वो बिलकुल गीली हो गई. बंद कर दो ये तमाशा…मैं वहाँ से रसोई में चली गई लेकिन मन ही मन सोचने लगी कि ये कैसा मेरा शौहर है जो अपनी पत्नी के बारे में ऐसे गंदी बात सोचता है।मेरा दिमाग़ कुछ काम नहीं कर रहा था।दोपहर में खाना खाते वक़्त हम कुछ नहीं बोले।खाना ख़ाकर सलीम ने मेरे साथ अपनी हवस पूरी की।मैं सोने चली गई और वो फिर से नेट पर चैट करने लगा।शाम को चाय पीने के बाद वो मुझसे बोला- डियर. हम दोनों का यह नियम था कि एक बार में सिर्फ एक छेद की चुदाई करते थे, पर आज मैंने कहा- चाचू दोनों छेदों को अपने लौड़े की दुआ दो.

!”स्नेहल ने कहा- यार श्रद्धा मैं तो झड़ गई।मैंने अपनी उंगली निकाली और चाट ली।फ़िर उसके पैरों पर चुम्बन करके ऊँगलियाँ फ़िराने लगी। उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी।पैरों पर चूम कर मैं वापिस योनि की तरफ़ आ गई। मैंने अपना मुँह स्नेहल की योनि पर रख दिया और चाटने लगी।फ़िर अपनी जीभ मैंने उसके योनि के अन्दर डाल दी, वो चिल्लाई और मस्त हो कर आवाजें निकालने लगी, आ आ आह आ ओ आह आ आ ओ आ आह आ आ आआआह ओ आ आ आअ. मैं चीख उठी- शाहनवाज बाहर निकालो… जल्दी… बहुत दर्द हो रहा है…पर उसने तेजी से धक्के मारने चालू कर दिए. अब यह सेक्स का नशा मुझ इतना हावी हो गया है कि मुझे हर आती जाती लड़की सिर्फ एक चुदाई का माल दिखाई देती है।क्या आप लोग मेरी इस समस्या का कोई हल दे सकते हैं मुझे?मैं अपने दिमाग में से ये सब आदतें निकाल कर एक साधारण इंसान की जिंदगी बिताना चाहता हूँ।एक ऐसे इंसान की लाइफ जिसमें कोई गिल्ट न हो। आपके सुझावों का इंतज़ार रहेगा।.

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मनोज- हाइईन्न्न हैं…कक्क क्या बोला तुमने…सलोनी- अरे यार इसको आगे वाले को सुपारा ही कहते हो ना…मनोज- हे हे व्व्वो हाँ बिलकुल. !”फिर मैंने मम्मी से कहा- मम्मी, आप और पापा कल सुबह चले जाओ, मैं परसों आ जाऊँगी। वैसे भी शादी में अभी 4 दिन बाकी हैं। मैं कल से ही जाकर क्या करुँगी. भाई प्लीज़ आह फास्ट उई फास्ट आह…और फास्ट आह उईईई आआआ आआ…!आरोही ने राहुल के लौड़े को चूत में जकड़ लिया और झड़ने लगी। कभी उसकी चूत सिकुड़ती.

लेखक : इमरानपारस- वाह यार… तुम्हारा काम तो बहुत मजेदार है।लड़का- क्या साहब… बहुत मेहनत का काम है…पारस- वो तो है यार देख मेरे कैसे पसीने छूट गए…और तेरे भी जाने कहाँ कहाँ से, सब जगह से गीला हो गया तू तो…सलोनी- बस अब तो हो गया नापारस- हाँ जानेमन हो गया… अब स्कर्ट तो नीचे कर लो, क्या ऐसे ही ऊपर पकड़े खड़े रहोगी… हा हा?लड़का- हा हा… क्या साहब?सलोनी- उउऊऊनन्न्न मारूंगी मैं अब तुमको.

मुझको बाँहों में उठा सखी, कभी जल में उछाल के झेल लिया,कभी मुझे पकड़ कर कमर से, जल में चक्कर सा घुमा दिया,हाथों से जल मुझपे उछाल, कई भांति उसने चुहुल किया,उस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

समझ में नहीं आ रहा था कि वो मुझे चोद रही है या मैं उसे चोद रहा हूं! वो ऐसे ही दो बार झड़ गई और बोली- बस, अब और नहीं!तो मैंने कहा- कोमल अभी तो तुम्हारा ही हुआ है मेरा नहीं. वहाँ भी चाय गिरी है।यह कहते हुए मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। फिर भाभी ने जल्दी से पेटीकोट उतार दिया और फिर पानी डालने में लगीं।मैंने कहा- इधर कहीं जलन तो नहीं हो रही. कैटरीना सेक्सी वीडियो भेजोउसकी ब्रा फाड़कर मैंने फेंक दी और एक प्यासे की तरह मैं दोनों दूधों पर झपट पड़ा और बारी बारी से कभी बाईं चूची को, तो कभी दाईं चूची को पीने और मसलने लगा.

करीब 20-25 मिनट के बाद चाचू का पानी निकलने वाला था, तो चाचू ने लण्ड मेरी चूत से निकाला और मेरे मुँह में घुसेड़ दिया और मेरे मुँह को चोदने लगे और फिर सारा माल मेरे मुँह में ही डाल दिया. !उसने मुझ से पानी माँगा, मैंने उसे पानी लाकर दिया।उसने मुझसे पूछा- क्या आप अकेले रहती हो?तब मैंने उसे बताया कि मम्मी-पापा आज सुबह ही बुआ के घर चले गए हैं। मुझे ब्लाउज लेना था, इसलिए मैं अभी नहीं गई हूँ।उसने मुझे एक बैग दिया, जिसमें ब्लाउज था।मैंने उसे ‘थैंक्स’ कहा. मैं ठीक हूँ।पर सविता कहाँ मानने वाली थी वो उठी और मुझे पीटर से पास ले आई। पीटर लेटा हुआ था और उसका लंड सिकुड़ गया था।सविता मुझे पीटर के लंड के पास ले आई और उसका लंड मेरे हाथ में पकड़ा दिया और कहा- इससे दोस्ती कर लो.

इसे जितना ज़्यादा करेंगे, चुदास उतनी ही बढ़ेगी… इसका पूरा मज़ा लेने के लिये एक दूसरे के मुंह में अपनी जीभ घुसा दी जाती है और फिर बारी बारी से मर्द और औरत एक दूसरे की जीभ चूसते हैं। इससे दोनों के मुंह का रस दूसरे के मुंह में चला जाता है जिस से प्यार में वृद्धि उतनी ही अधिक होती है।कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. साजन भी अब जल में उतरे, मुझे अपनी बाँहों में उठा लियाफिर कमर से मुझे पकड़ सखी, अपने अंग पे जैसे बिठा लियाअंग से अंग मिल गया सखी, अंग स्वतः ही अंग में उतर गयाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!तो मैं उसे बहुत तेज-तेज चोदने लगा और फ़िर आखिर में वो इन्तजार की घड़ी आ ही गई, हम दोनों बुरी तरह से एक-दूसरे को जकड़े हुए थे और झड़ रहे थे…!उस रात हमने दो बार चुदाई की क्योंकि उसके बाद हमें पता नहीं था कि दोबारा मिलने का मौका मिले या ना मिले.

और जब ऊपर से ये दीदी पर आ जाए तो दीदी को कभी नहीं पता चलेगा कि उसके पीछे खाट के नीचे कौन बैठा है।अब उसने दीदी की टांगों को उठाकर अपने कंधे पर रख लिया और खुद उसके ऊपर चढ़ गया।सच कहूँ दोस्तो, आज तक इतना कामुक हसीन नज़ारा किसी ने नहीं देखा होगा जो आज मैं देख रहा था।सिर्फ़ कुछ इंच की दूरी पर मेरी दीदी की पावरोटी जैसे फूली हुई चूत थी. मैंने झट से उन पर कब्जा कर लिया। एक स्तन पर अपना मुँह लगा दिया और उसके निप्पल चूसने लगा।वो व्याकुल हो रही थी। उसके निप्पल एकदम कड़े हो गए। फिर मैंने अपने मोबाइल से उसकी कुछ तस्वीरें लीं और फिर उसकी पैंटी उतार फेंकी नीचे घना जंगल था।मैंने उससे पूछा- ये जंगल साफ नहीं करती क्या?उसने कुछ भी जवाब नहीं दिया। मैंने उसके घने जंगल के बीच उसकी चूत को बेपर्दा कर दिया।क्या मस्त चूत थी उसकी. !वो पूरी तरह गर्म हो चुकी थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और एक झटका मारा, लंड उसकी चूत में घुस गया।वो चीखी- आ.

मुंबई सेक्सी वीडियो मुंबई सेक्सी वीडियो !मैंने वैसा ही किया, अपना सारा माल उसकी चूत में डाल दिया और वहीं उस पर ढेर हो गया। थोड़ी देर हम ऐसे ही एक-दूसरे की बाँहों में पड़े रहे।कुछ देर सोने के बाद वो उठी, अपनी पैन्टी पहनी और जैसे ही वो नाईटी पहनने लगी, मैं उठा और उसको पकड़ लिया और कहा- आज तुम सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी ही पहनोगी मेरे लिए. बस इसी सोच में उसकी आँख लग गई और वो भी सो गया।दोपहर दो बजे नौकरानी ने राहुल को जगाया कि लंच तैयार है, आप कर लेना।दोस्तो, मैंने आपको बताया था न.

उसकी साँसें गरम हो गई, मैं बता नहीं सकता कि उसके जिस्म से आग निकल रही थी, वो पागलों की तरह मेरे लंड से खेल रही थी और मुझे चुम्मे दे रही थी, एकदम जवान नई दुल्हन की तरह तड़प रही थी. सवेरे फिर मित्र से बात हुई… वो बोले- रात में जो नहीं कर सकी…मैं बीच में टोकते हुए बोली- सॉरी !वो बोले- नो सॉरी, नो ! इसकी सजा मिलेगी !जब स्कूल में मैं काम करके नहीं ले जाती थी तब भी मुझे सजा मिलती थी, आज उसकी याद आ गई, मैंने कहा- ठीक है. और मैं आते चाची को अपने बाहों में भर लिया और फिर चाची इठलाती हुई अपनी बातें करनी लगी।अब हालात ऐसे थे कि मैं एक मर्द की तरह अपनी औरत के साथ चिपक लेटा हुआ था.

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अब तेरी गाण्ड मारकर तुझे एकदम पक्की चुदक्कड़ बना देता हूँ ताकि तू कभी भी किसी को भी खुश कर सके।दीपाली- सर आप की बात तो ठीक है मगर आपका लंड बहुत मोटा और बड़ा है. अब वो मेरी बीवी है…सलमान- (‘_’)***इरफ़ान शादीशुदा है, सलमान खान कुंवारा है।कुंवारा सलमान सोचता है कि शादीशुदा अच्छे हैं।शादीशुदा इरफ़ान सोचता है कि कुंवारे अच्छे हैं।फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि इरफ़ान दिन में सोचता है और सलमान रात को…***. मेरे अंग पर सीना रखकर, वह प्रफुल्लित होकर लेट गयामैंने अपनी एड़ियों को, उसके नितम्बों पर सखी फेर दियाशांति की अनंत चांदनी में, हमने परस्पर लिपट विश्राम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

बंद कर दो ये तमाशा…मैं वहाँ से रसोई में चली गई लेकिन मन ही मन सोचने लगी कि ये कैसा मेरा शौहर है जो अपनी पत्नी के बारे में ऐसे गंदी बात सोचता है।मेरा दिमाग़ कुछ काम नहीं कर रहा था।दोपहर में खाना खाते वक़्त हम कुछ नहीं बोले।खाना ख़ाकर सलीम ने मेरे साथ अपनी हवस पूरी की।मैं सोने चली गई और वो फिर से नेट पर चैट करने लगा।शाम को चाय पीने के बाद वो मुझसे बोला- डियर. इसलिए मैं तुम्हारे पीछे था और तुम्हारे जाने के बाद मैं अन्दर गया और मौका देखकर सिमरन की गाण्ड में लौड़ा डाल दिया था। साली बहुत ज़ोर से चीखी थी ही ही ही ही…!आरोही- बदमाश कहीं के पहले बोल देते तो उसकी सील ही तुड़वा देती तुमसे.

अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है।दोस्तो, बीच में आने के लिए सॉरी। मैं आपको बता दूँ कि अंकित तो सारी बात शॉर्ट में ही बता रहा है, इतना डीप में नहीं। मगर आप लोगों को चुदाई का भरपूर मज़ा मिले इसलिए वहाँ क्या हुआ, ये मैं आपको विस्तार से बता रही हूँ ओके…एंजाय…!अंकित आपने कपड़े निकाल देता है। उसका 7″ का लौड़ा आज़ाद हो जाता है।सिमरन- उउउ आ.

मेरा लंड अब थोड़ा और चलने लगा, अब वो शायद थोड़ा ठीक थी, मैंने लंड आधा बाहर निकाल कर फिर झटका दिया, उसकी फिर चीख निकली- आआआआआआआअ मर गई! जालिम, तुमने मेरी चूत फाड़ दी!मैंने उसकी बात नहीं सुनी और धीरे धीरे अंदर-बाहर करता रहा. !ऐसा करते हुए कविता एक बार फिर से झड़ गई। मैं अभी मैदान में ही था। थोड़ी देर चोदने के बाद मैं भी झड़ने वाला था।दीप- मैं भी आ रहा हूँ कविता कहाँ छोडूँ?कविता- चूत में ही प्लीज. !रेहान- अरे इतने कैमरे तो लगे हैं फिर ये क्यों…!सचिन- हाँ पता है, पर इसकी चूत पर जो तिल है उसको ज़ूम करके लूँगा तो मज़ा नहीं आएगा इसलिए नज़दीक से लूँगा.

रेहान आह… कुछ करो न… मेरा जिस्म गर्म हो रहा है…!रेहान पागलों की तरह आरोही पर टूट पड़ा उसके निप्पलों को चूसने लगा और मम्मों को दबाने लगा।आरोही-. मैंने उसके मुँह पर अपने मुँह को लगाया और ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगा ताकि उसके मुँह से आवाज़ नहीं निकले. तुझे तो बहुत शौक है न मूत पीने का…उसकी बात सुनते ही सलोनी उसके लण्ड को छोड़ दूर हट गई…अभी तक हम दोनों ही सेक्स में इतने आगे नहीं बढ़े थे कि सब कुछ अच्छा लगे !शायद मूत जैसी बात सुनकर ही सलोनी को घिन्न आ गई होगी और सच बताऊँ तो मुझे भी अच्छा नहीं लगा।वो मोटा किसी तरह चलकर हमारी ओर आ गया.

उसने पचास दफा मुझे फ़ोन ट्राई किया था, मैंने सोचा कि ऐसा मौका बार बार नहीं मिलता, क्यूँ न इस बेवकूफ से कुछ और पैसा बनाये जाये! फिर यह मुझे कभी ट्रेस भी नहीं कर पायेगा.

देहाती भाषा में बीएफ: फिर शाम को जब मैं घर आने लगा, तो भाई का फ़ोन आ गया कि वो आज नहीं आएंगे और मैं रात को भाभी के पास रुक जाऊँ. !मैं उसके मम्मे चूसे जा रहा। यहाँ मैं गबताना चाहूँगा कि मुझे मम्मे चूसना बहुत ज्यादा पसंद हैं। उन्हें मैं जी भर कर पीना चाहता हूँ और मेरी मोनी के तो मम्मे जैसे दूध से भरे थे.

!”फिर हम सब हँस पड़े।मैंने चमेली से कहा- चलो नीचे गैरेज का ताला खोलो, कार कई दिनों से निकली नहीं है साफ कर देना और मम्मी जो दे उसे रख देना, मेरा एक बैग मेरे कमरे से ले लेना, पर उसे मम्मी ना देख पाएं।”जीजाजी बोले- अरे उसमें ऐसी क्या चीज़ है. !दो मिनट अच्छे से चूसने के बाद आरोही ने लौड़ा मुँह से निकाल दिया और रेहान को कहा- अब बर्दाश्त नहीं होता. । तू इधर ही रुक, मैं अभी छत पर कपड़े डाल कर आती हूँ।इतनी देर में मैंने भाभी का ‘फोन’ लिया और रोहन के नम्बर पर मैसेज सेंड कर दिया कि मेरे हस्बैंड आ गए हैं और उसके नम्बर को ब्लैक-लिस्ट में डाल कर उससे आने वाली काल्स को रिजेक्ट पर लगा दिया।अब भाभी के कमरे में आते ही मैंने उनका हाथ पकड़ कर खींच लिया। भाभी मुझसे लिपट गईं।मैंने भाभी से कहा- इतने दिनों तक तड़पाने की क्या जरुरत थी.

मैं तो चाची को बचपन से ही चोदना चाहता था न जाने कितनी बार मैंने चाची के बारे मैं सोच क़र मैं मुठी मारी.

अब गड़बड़ हो गई तो?मैंने कहा- तो फिर यह डॉक्टर किस लिए है…अब जब भी मौका मिलता है, हम हरीश के क्लिनिक में सेक्स का मजा लूटते हैं…आपके मेल के इंतजार में…[emailprotected]प्रकाशित : 03 नवम्बर 2013. जैसा कि लड़कियों को पसन्द होते हैं।मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ मुझे अन्तर्वासना की कहानियाँ बहुत पसन्द हैं. कुछ हलचल हुई, मैं चौंक गई, साजन को परे हटाय दियारात में मिलूँगी साजन ने, सखी मुझसे वादा धराय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.