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बीएफएक्सएक्ससी: बीएफ बीएफ बीएफ सेक्स, इस बार मैं आपको इस सेक्स सीरीज का आखिरी भाग डेलिवरी बॉय सेक्स कहानी लिख रही हूँ.

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अपने लंड के सुपारे पर मामी जी की चूत की गर्मी को महसूस करते ही, मैं भी जोर से सिसक उठा- ओह्ह मामी, आपकी चुत कितनी गर्म है. देसी चुदाई स्टोरीगांव में जो हमारी थोड़ी सी जमीन थी, उसे बेच कर मैंने शहर में एक छोटा सा घर ले लिया और मां को भी अपने पास शहर ले आया.

अफ़रोज़ ने मुझे चूमते हुए कसकस कर दो चार धक्के दिए और और ‘हाय आशना मेरी जान …’ कहते हुए झड़कर मेरे ऊपर चिपक गया. देहात की सेक्सी वीडियोशायद जिसके लिए नीतू तैयार नहीं थी तो वो अपने सर को पीछे करने लगी लेकिन मैंने उसके सर कस के दबाये रखा।मेरे लंड से एक के बाद एक कई पिचकारी निकली जिससे उसका पूरा मुंह मेरे माल से भर गया।उसके मुंह में मेरा सफ़ेद माल भरा हुआ था जिसे नीतू थूकना चाहती थी।नीतू जैसे ही उठने को हुई मैंने उसकी नाक दबा ली। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी.

मुझे समझ नहीं आया कि इतनी जल्दी कोई कैसे एक्सेप्ट कर सकता है, वो भी बिना जान पहचान के.बीएफ बीएफ बीएफ सेक्स: मैंने उसे विश किया और पूछा- कितनी बड़ी हो गई हो?उसने मुझसे कहा कि मैं अब पूरी जवान हो गई हूँ.

मैंने दो ठोकरें मारकर अपना लण्ड जड़ तक धँसा दिया तो बहार चूतड़ उठा उठाकर मुझे चोदने लगी.मामी थोड़ा इमोशनल होकर बोलीं- मैं बहुत तड़प रही हूँ … प्लीज़ मुझे शांत कर दो.

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कुछ देर रुकने के बाद मामी हम लोगों से मिलकर जब जाने लगीं, तो मेरी मम्मी ने उन्हें रोका.वह बैठा तो मैंने उसके पजामे के इजारबंद को खोलकर पजामा नीचे कर दिया.

अगली गलती पर जब उन्होंने मेरी गांड पर हाथ मारा, तो बहुत तेज़ से चट की आवाज़ आयी. बीएफ बीएफ बीएफ सेक्स इस बीच मैं अपने काम में व्यस्त रहा।शहर के बाहरी हिस्से में ही मृणालिनी का घर था। इस बीच लोलिशा मुझे अक्सर फोन करती थी लेकिन मैं कोई जवाब नहीं देता था अपनी सास की वजह से।एक दिन उधर से गुज़रते हुए मैंने मृणालिनी को बाज़ार में देखा.

वो स्लेब पर पेट के बल झुक कर सर टिका के खड़ी थी और उसकी साँस तो ऐसी तेज चल रही थी जैसे बहुत से दूर भाग कर आयी हो।मैंने अपने सारे कपड़े लोवर, टी- शर्ट और अंडरवियर खुद उतार कर रसोई के बाहर फेंक दिए और आगे बढ़कर उसकी पीठ को सहलाने लगा.

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हम जूनियर्स कॉलेज में कहीं भी आते जाते थे तो सीनियर दोस्तों की वजह से हमारी हॉस्टल में कोई रैगिंग नहीं करता था. उसने कहा- मार्केट में भी तो आधा लीटर का दूध पानी मिलाकर एक लीटर मिलता है. मुझे आशा है कि मेरी इस सेक्सी गर्ल Xxx कहानी को पढ़ने वालों के लंड से पानी निकल जाएगा और लड़कियों व भाभियों की चुत गीली हो जाएगी.

ममता भी अब पूरी तरह खुल गई- भैया आपसे एक बात पूछूं … आप मास्टरबेट रोज करते हो?अभय- नहीं कभी कभी जब …उसके मुँह से अचानक निकल गया. हम दोनों अपने फ्रेंड्स के साथ पार्टी करते और बहुत बार रात को एक दूसरे के घर भी रहते. इसलिए मैं उससे बोली- अरे यार, तूने मेरी चुत की अपने ख़्यालों में इतनी पूजा की है … और तुमने अपना वादा भी निभाया है … इसलिए मैं अपने प्यारे भाई का दिल नहीं तोड़ूँगी.

फिर मैंने उसकी कैप्री उतार दी और उसकी गांड को जोर जोर से दबाने लगा, मसलने लगा. 20-25 शॉट के बाद मैंने वीर्य की पिचकारियों से यामिना की चूत को भर दिया और शान्त हो गया. बात चुदाई तक कैसे पहुंची?दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का काफी पुराना पाठक हूँ, आज बहुत संकोच के बाद मुझे पहली बार सेक्स कहानी लिखने की इच्छा हुई.

फिर मैंने अपने बैग से व्हिस्की की बोतल निकाल कर और बाकी चीजें भी सेंटर टेबल पर सजा दीं. नमस्कार मित्रो, मैं आरुष दुबे फिर से अपनी सेक्स कहानी का तीसरा भाग लेकर हाजिर हूँ.

मैं आज जिस सेक्स कहानी के बारे में आपको बताने जा रहा हूँ, वो आज से लगभग दो साल पहले की उस समय की घटना है.

नाना जी के देहांत के बाद वो भी पूरा टूट गया था, लेकिन मां के कहने पर वह अपनी पढ़ाई में लगा रहा.

मेरी इसी प्रतिभा के कारण पूरी सोसायटी में मैं भभियों के बीच चर्चा का विषय बन गया हूँ. शीना भी लन्ड मुंह से बाहर निकाल कर एक लंबी सिसकारी भरती और बदले में मेरे लन्ड पर अपने दांत गड़ा देती. जब मैं छुट्टियों में घर वापस आया तो चाची जी एक महीने के लिए गांव से बाहर गए हुए थे.

मां मेरे पास ही सोती थीं क्योंकि उनके लिए अभी ये जगह नहीं थी और उन्हें यह सब समझने में समय चाहिए था. मेरे पापा कहते थे कि जब बेटे का पैर पापा के जूते में आने लगे, तो बेटा पापा का दोस्त बन जाता है. मैंने पूछा- ये हॉट हॉट आम खुद बनाए हैं या किसी से बनवाए हैं!वो हंस दी और बोली- तुम आम खाने से मतलब रखो यार … पेड़ गिनने से क्या हासिल होगा.

मैंने अपने लौड़े की रफ्तार बढ़ा दी और तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा.

तो मित्रो, अब उमर के हिसाब से तो ये शादी ब्याह की जिम्मेवारी संभालना, समाज में आना जाना, तो अब मेरे बेटे अभिनव की जिम्मेवारी बनती है. मैंने कहा- देखा चाची, हम दोनों ने कुछ ऐसा वैसा किया भी नहीं और दोनों सॅटिस्फाई हो गए. शीना- सच में अंकल, वैसे आंटी ने कब तक आना है?मैं- वो एक हफ्ते के लिए गयी है, अब एक हफ्ते तक तो मैं अकेला ही रहूंगा.

सास सोई पड़ी थी।रात को मुकेश पीकर लौटा और रोज की तरह लंड घिसकर सो गया. मैं झड़ने के बाद अपने लंड को ऐसे ही मां की चूत में डाले उनसे चिपक कर सो गया. मैं उनके दोनों हाथों की उंगलियों में अपनी उंगलियां फंसा कर उनके दोनों हाथों को ऊपर ले गया.

जब पानी निकलने वाला था तो मैंने उसके मुँह में पूरा लंड अन्दर घुसा दिया.

अब भाभी के जीने का सहारा मात्र उनका बच्चा रह गया था जो अब 9 साल का हो गया था. वो भी मेरे लिप किस का भरपूर मजा ले रही थी और मेरा पूरा साथ दे रही थी.

बीएफ बीएफ बीएफ सेक्स चूंकि उनका बच्चा अब उनका दूध कम पीता था, इसलिए भाभी को अपनी चूचियों में दूध भरे रहने के कारण काफी दर्द होने लगा था. मेरी मां रज्जी थोड़ा शर्माती हुई बोलीं- ऐसे कैसे बैठ सकती हूं … मैंने मैक्सी पहनी हुई है.

बीएफ बीएफ बीएफ सेक्स वो बोली- मैं तो तब ही समझ गयी थी, जब तुमने उस दिन कहा था कि भाभी देख रही हैं … और तुम इनको चोदोगे. हैलो फ्रेंड्स, मैं आर्यन एक बार फिर से आपके सामने एक मस्त कॉलेज सेक्स स्टोरी लेकर हाजिर हूँ.

कभी कभी उसकी मुनिया को पैंटी के ऊपर से चूम कर जल्दी से लौट जाता।बाहर से आती रोशनी उसके लहंगे में छन कर आ रही थी जिससे मुझे उसकी जांघें तो दिखाई दे रही थी लेकिन चूत नहीं।नीतू तो अपनी चूत चटवाने के लिए मरी जा रही थी इसलिये वो कई बार अपने हाथों से लहंगा उतारने की कोशिश करती.

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मैंने भी मां से और कुछ नहीं बोला और चुपचाप खाना खाकर, बाहर टहलने निकल गया. अब आगे देसी ब्लोजॉब स्टोरी:हुर्रेम से फ्री होने के बाद मेरी नजर नवीन और विवेक की ओर गई. अब कमरे में लंड और गांड की रेस शुरू हो गई थी और आहह आहह की आवाज से पूरा कमरा गूंज रहा था.

फिर अंकल ने उनसे कहा- अब मेरे कपड़े उतारो और मेरा लंड मुँह में लेकर शुरू हो जाओ. मेरी भाभी की बात सुनकर बंगालन भाभी बड़ी खुश हुई और मेरे लंड को लहराते हुए देख कर बंगालिन भाभी बुदबुदाती हुई बोलीं- अरे मेरे देवर राजा … काश में तेरी सगी भाभी होती. वो मुझे एक मकान में ले गयी और कहने लगी कि तेरे खिलाफ शिकायत आयी है.

जिस पर वो हंस कर मेरी गोद में लेट जाती थीं और मेरे लंड को सहला देती थीं.

मैंने उनका एक पैर उठा कर अपनी गोद में रख लिया और उसे प्यार से सहलाने लगा, पंजे से लेकर पिंडली जांघ और चूत तक मेरे हाथ फिरने लगे. मैंने झट से आंखें खोलीं और पूछा- ये क्या कर रहे हो?एक ने अपने लंड की तरफ इशारा करके कहा- भाभी, यहां से मलाई निकालनी है, इसके लिए आपकी मदद चाहिए. पहले पहल तो मैंने अपना पुराना रुटीन आजमाया, पर चाची की तरफ से कोई सकारात्मक भाव नहीं था.

अपने होंठों पर रेड लिपस्टिक और आंखों में काजल लगा हुई वो जन्नत की हूर सी लग रही थी. हाय … मोना दीदी … आह्ह … बहुत मजा आ रहा है … प्लीज … करती रहो … आह्ह … ऐसे ही … आह्ह।मैं बोली- अब तू मेरे ऊपर आ जा और ऐसे ही कर जैसे मैंने किया. मैंने वासना से उसे देखते हुए कहा- तू मेरी कुतिया रंडी है … आज बड़ी मस्त सजी है … आज तो मैं तुझे जरूर चोदूंगा.

दूसरे दिन सुबह सुबह वो बाहर चले गए और उस दिन मैंने मेरी दोनों छोटी बेटियों को रोक लिया. मेरे भाई ने बहन को चोदा … आपको कैसा लगा?प्लीज़ मेल और कमेंट्स जरूर कीजिएगा कि यह Hindi Sexy Audio Story सुनकर कैसी लगी?आपकी चुदक्कड़ बहन आशना.

और हम किस करते-करते इतने मस्त हो गये कि सोनाली कब आकर दरवाज़े पर खड़ी हो गयी हमें पता ही नहीं चला।उसने जैसे ही आवाज़ लगाई काज़ल थोड़ा पीछे हट गयी।सोनाली ने मजाकिया लहज़े में बोला- डिस्टर्ब कर दिया क्या?तभी काज़ल बोली- दीदी आप भी न!सोनाली बोली- अरे वाह मेरी लाड़ो अभी तक तो तू एकदम छुई मुई बनी थी और अब देखो … चल कोई बात नहीं तू एन्जॉय कर मैं चलती हूँ. अजय बोला- ऐसे नहीं … मुंह खोलो हल्का सा!मैंने कहा- नहीं।उसने बोला- खोलो तो!मैंने हल्का सा मुंह खोला और फिर अजय ने अपना लंड मेरे होंठों पे रख के दबा दिया।विरोध में मैंने ‘उम्म’ किया पर उसने मेरा सिर पीछे से पकड़ लिया और अपना लंड मेरे मुंह में धकेलने लगा।धीरे धीरे उसका सख्त लंड मेरे मुंह में अंदर तक चला गया और मैं म्म … हम्म … हम्म … कर रही थी क्योंकि मैं उसे निकाल नहीं सकती थी. चुदाई के इस खेल में मैं और शन्नो ये भूल गए कि हमारे अलावा घर में उसका बुड्ढा शौहर शौकत और बेटा साहिल भी रहते हैं.

फिर मैं पूछा- आपका कितनी देर तक खड़ा रह सकता है?अंकल बोले- वो तुम चिंता मत करो, मैं दवा ले लूंगा.

मैंने भाभी को अपनी गोद में बिठाया और हम दोनों ने एक दूसरे को खाना खिलाया. यह बात तब की है, जब अमित ने बोला था कि चलो डॉक्टर से सलाह ले लेते हैं कि तुम अभी मां बनने के लिए तैयार हो या नहीं. मैं बोला- मैंने तो पहले ही कहा था … पर अब मैं कैसे शांत होऊं!वो बोली- बाबू तुम उसकी टेंशन मत लो … मैं तुम्हारे लंड को शान्त कर देती हूँ.

फिर मैंने उसे नीचे लिटा लिया और उसके पेट को चूमते हुए नाभि से होकर शॉर्ट्स के पास आ गया. [emailprotected]मॉम सन हॉट सेक्स स्टोरी का अगला भाग:विधवा देहाती मां की चूत चुदाई- 3.

इससे मेरी मम्मी एकदम से चिहुंक पड़ीं- आह आआह … यार ये तू क्या कर रही है साली कुतिया … वैसे ही मेरी चुत में बहुत खुजली मची है और तू मेरी आग को और भड़का रही है. कोई पांच मिनट बाद मैंने भाभी की टांगों को चौड़ा कर दिया और भाभी की गुलाबी चिकनी चूत को जोर-जोर से चाटने लगा. अब लंड को भीतर धकेल दो पापा जी और बेरहमी से चोद डालो अपनी बहूरानी को!” अदिति फुसफुसाती हुई बोली.

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मैंने हंस कर उसे उठाया और अपनी गोद में टांग कर उसे वैसे ही चोदने लगा.

जब मैं मोबाइल उसे देकर बाहर जाने के लिए उठी तो वह पहली बार बोला- आपा, सारा मज़ा तो आपने ख़राब ही कर दिया, अब मैं क्या मज़ा करूंगा!मैं- अरे अगर तुमने दरवाज़ा बंद किया होता तो मैं आती ही नहीं. अगले दिन वो मुझे स्कूल जाती हुई दिखाई दी पर उससे कुछ बात ना हो पाई. चूंकि मेरे पति ने कर्ज बहुत अधिक कर रखा था तो मेरी और उनकी तनख्वाह में से किसी तरह ही घर चल पाता था.

घर आकर उसने अपनी चूत की भी वेक्सिंग कर ली।आज वो रात को बेड पर प्रकाश को पूरा निचोड़ना चाहती थी।उसने नेल पैंट का गुलाबी रंग का नया शेड लगाया जो उसकी चमकती त्वचा पर बहुत खिल रहा था।वो मार्केट में से कुछ गुलाब के फूलों की पंखुड़ी भी खरीद लायी थी।शाम को डिनर तैयार करके उसने बीयर की दो केन ठंडी कर ली, फिर बाथटब को भरकर उसमें गुलाब जल की शीशी को डाल दिया. इधर राजकुमारी पूजा मेरे निप्पल चूसे जा रही थी और मीना मुझे किस किए जा रही थी. रहिमन चुप हो बैठिएउसने कहा- मैं भी आ रही हूं … उम्म्म म्म्म!फिर हम दोनों एक साथ झड़े और वो चीख सी पड़ी- ईई अर्र ईई आ!हम दोनों इस धाकड़ चुदाई के बाद थक गए थे, दोनों की सांसें तेज चल रही थी।काफी देर तक हम दोनों अपनी साँसें संभालते रहे.

मैंने हल्का सा जोर लगाया तो अभी सुपारा ही चुत की फांकों को चीर कर अन्दर गया था कि उसकी चीख निकल गई- आ … मर गयी मम्मी!उसके होंठों पर मैंने होंठ रखे और एक ही झटके में लंड उसकी चुत में डाल दिया. बस इसके बाद तो जेठ जी अपनी गांड आगे पीछे करते हुए धीरे धीरे धक्के मारने लगे.

जैसे ही मैंने फ़लक की नाजुक हथेली को अपने हाथ में लिया मुझे लगा जैसे मेरे हाथ में कोई ग़ुलाब का फूल आ गया. तो क्या मैं आपसे कुछ व्यक्तिगत बात पूछ सकती हूँ?मैंने सोचा कि होगी कोई बात … मैंने कहा- हां पूछो?गीता बोली- आपकी कितनी गर्लफ्रेंड हैं या थीं?मैंने कहा- आज तक पत्नी के अलावा मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. वहां जो भी 7-8 लोग थे, वो सब सेक्स वीडियो देख अपना लंड हिला रहे थे.

जब उनको लगा कि उनका कहीं मुँह में ना छूट जाये तो लंड को उन्होंने बाहर खींच लिया और बोले- सीधी लेट कर टाँगें उठा मेरी जान!उन्होंने अपने होंठ मेरी चूत पर टिका दिए. पापा जी, देख लेना सब देख लेना, सारी रात है आपकी जो चाहो जैसे चाहो सो कर लेना पर अभी तो जल्दी से चोदो मुझे प्लीज …” बहूरानी मिसमिसाती हुई बोली और अपनी कमर फिर से बेहद कामुक अश्लील अंदाज़ में उचकाई. कभी वो अकेले ही घूमने चली जाती, अकेले ही फ़िल्म देखने चली जाती, घर में किताबें पढ़ती रहती … लेकिन उसके अन्दर की आग उसे चैन से जीने नहीं दे रही थी.

मेरा पूरा लंड उसके मुंह में नहीं जा पा रहा था।मैं एकदम से सातवें आसमान पर था- चूस मेरी जान … आह्ह … बस ऐसे ही।मुझे काफी मज़ा आ रहा था.

तभी एक दिन चित्रा ने अपने कमरे में बुलाया और मुझे लेकर बाथरूम में घुस गई. मैं बहार के करीब गया और उसका हाथ पकड़कर कहा- ईश्वर की यही इच्छा है कि दोनों बहनें एक साथ रहें तो इसमें हर्ज क्या है.

कारण ये कि विगत वर्ष में मुझे आप सब चहेते पाठक पाठिकाओं के दसियों ई मेल मिले जिनमे सिर्फ अदिति बहूरानी के संग कोई नया कथानक लिखने का आग्रह किया जाता रहा है. एक हाथ से मां के चूतड़ को खोला और दूसरे हाथ से लंड को अन्दर डालने लगा. और हां आप सब पाठकों से निवेदन है कि फादर इन ला सेक्स कहानी के सम्बन्ध में अपने कमेंट्स, सुझाव इत्यादि शालीन भाषा में ही लिखें; अदिति बहूरानी के बारे में कोई भी निकृष्ट बात न लिखें.

पर एक बार वे कुछ महीनों के लिए विदेश गए तो मेरे जिस्म की प्यास मुझे सताने लगी. कोई भी सामाजिक फंक्शन, चाहे आस पड़ोस में हो या कहीं दूर रिश्तेदारी में, वो सब जगह ख़ुशी ख़ुशी निभाते हुए बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती है. आज से पहले कभी ऐसा मौका नहीं मिला था मगर आज तो जीजा जी खुद से जन्नत दिखाने का बोल रहे थे, तो मेरे मन में हेनू हेनू होने लगा.

बीएफ बीएफ बीएफ सेक्स वो बोली- राज कोई बात नहीं।मैंने कहा- ठीक है कोल्ड ड्रिंक ही पी लेंगे।अब उसने पुलिस की ड्रेस उतार कर एक गाउन पहन लिया था और वो कोल्ड ड्रिंक लेकर आ गई।उसने बताया कि तुम्हारे नाम एक रिपोर्ट है. कहानी के पिछले भागमेरी पुत्रवधू के कामुक जलवेमें आपने पढ़ा कि फटाफट चुदाई के एक दौर के बाद हम ससुर बहू आगरा में ताजमहल देखने चले गए.

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बुआ अपने हाथ को अपने तेज़ धड़कते दिल तक ले गईं और कुछ सोचते हुए उन्होंने अपना सिर अपने और मेरे हाथ जुड़े हुए हाथों पर झुका दिया. फिर मैंने अपने लंड का सुपारा गांड में डालने की कोशिश की पर लंड अन्दर नहीं जा रहा था. मैंने गर्म पानी से भरा हुआ कटोरा उठाया नीतू के पास चला गया।नीतू अभी भी वैसे ही आँखें बंद करके चादर ओढ़े पड़ी हुई थी।मैंने उसे जगाया और चादर उसके शरीर से हटा दी। मैंने उसकी एक टांग को उठा कर अपने कंधे पर रख लिया और उसकी चूत का मुआयना करने लगा।उसकी चूत कई जगह से सूज गई थी, दाने के पास भी एक दो जगह कट गया था.

एक चूची पर हाथ फेरते हुए मैंने दूसरी चूची मुंह में ली तो वो सिसकियाँ भरने लगी. अब मैं दीदी की चुत के पास मुँह करके लेटा था और मेरा लंड दीदी के मुँह के पास था. दूल्हा दुल्हन कैसे कपड़े पहनते हैंफिर वो धीरे धीरे आगे पीछे हिलने लगे और मेरी गांड को लंड का मजा आने लगा.

चूंकि उत्सव चल रहा था इसलिए मैं थोड़ा रूक गई कि भीड़ छंट जाए, तब निकलूंगी.

ममता भी अब पूरी तरह खुल गई- भैया आपसे एक बात पूछूं … आप मास्टरबेट रोज करते हो?अभय- नहीं कभी कभी जब …उसके मुँह से अचानक निकल गया. कुछ देर बाद मैंने ज़बरदस्ती उसका मुँह चूची से हटाया और दूसरी चूची की तरफ़ लाते हुए बोली- अबे साले ये दो होती हैं … और दोनों में बराबर का मज़ा होता है.

फिर जैसे ही अंकल मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगे तो कुछ ही पल में मेरा माल निकलने लगा. उसकी आहें निकलने लगीं और वो मुझसे प्यार से न जाने क्या क्या कहते हुए बड़बड़ाने लगी- ओह माय लव यू आर सो स्वीट … आह मुझे मालूम ही नहीं था कि तुम मुझे मीठी करके चोदने वाले हो. मैं- सालू बेबी, तुम्हारे घर पर ताला क्यों है?सलोनी- बाबू मेरे घर पर आज कोई नहीं है.

ऐसे ही उसके मुँह से निकलने वाले, न जाने कितने अनगिनत अश्लील शब्दों ने मेरे खून में हवस को खौलाने का काम किया.

बेटा ये रिवर्स काउगर्ल पोज़ क्या होता है, ठीक से समझा कर बता ना? मैंने इस आसन का नाम तो सुना है पर कभी किया नहीं!” मैंने पूछा. मैं भी अपनी चरम सीमा पर था और उनके मम्मों को मसलते हुए मैंने पूरे दूध लाल कर दिए थे. तुम एक को आवाज लगाओगी तो दस आकर खड़े हो जाएंगे और दसों के दस कमीन टाइप के निकलेंगे.

मारवाड़ी सेक्सी पिक्चर फिल्ममुझे फ़लक की चूत इतनी पास लगने लगी कि दिल किया कि उसके पास जाऊं और गिरा कर चोद दूँ. चाची- हे भगवान कैसे?मैं- ज़्यादा कुछ नहीं हुआ, चाची क्रिकेट खेलते वक्त बहुत बार उधर गेंद लग चुकी है, इसलिए अब जरा सा भी दबने से दर्द होने लगता है.

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वो और थोड़ा मेरे पास सरक आई और बोली- आप पक्का किसी से कहोगे तो नहीं!मैंने गीत का हाथ पकड़ा और दोनों हाथों के बीच में लेकर वादा किया कि आप निश्चिंत रहें, मैं किसी से कुछ भी नहीं कहूंगा. उसने दूसरे राउंड में मेरी कुंवारी गांड मारने की कवायद शुरू कर दी थी. सबने भोजन पूर्ण किया और शयनकक्ष की ओर चल पड़े, हमारा चुदाई का सिलसिला पुनः चलने लगा.

मैंने भी उसे बांहों में भर लिया और उसके चुंबन का जवाब उसके बालों में उंगलियां घुमा कर देने लगी।जब जतिन ने अपनी जुबान मेरी नाभि में डाली तो मैं जैसे कामवश में होकर मदमस्त हो गई।जतिन ने पूरी मेहनत से मेरे पूरे शरीर को चूमा।अब जतिन अपने लंड पर कंडोम चढ़ा कर मेरी टांगों के बीच में आकर बैठ गया। मेरी दोनों टांगें फैला कर जतिन ने अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रखा कर धक्का लगाया. सोचा कि आपको ताजमहल की सैर करवा ही दूं; आज का दिन और आज की रात जी भर के मनमानी कर लो; अब तो खुश पापाजी?” बहूरानी अपने बालों की लट अपनी उंगली में लपेटते हुए बोली. उसकी जांघ पर हाथ रखे रखे ही मैंने पहले की बात आगे बढ़ाई- तुझे पता है कि लड़की को कैसे पटाया जाता है?अफ़रोज़- अरे आपा, अभी तो मैं छोटा हूँ.

पहले हम दोनों लड़कियों को बाहर जाकर बात करने दो, फिर बताती हैं कि क्या करना है. उन्होंने लंड के सुपारे पर चढ़ी चमड़ी को पीछे किया और गुलाबी सुपारे को आजाद किया. कृति चिल्लाते हुए तड़फ उठी- आह … उम्मह … चोद दे मुझे मेरे राजा … आह … चोद दे अपनी इस रंडी रानी को … अहह … याह.

भाभी भी दोनों के बीच में पड़ी हुई बहुत तेज तेज कामुक सिसकारियां ले रही थीं. थोड़ी देर बाद मुझे लंड पर कुछ गीला सा लगा तो मैंने उठ कर देखा तो नीतू मेरे लंड को चाट रही थी.

अंततः रमेश की बात पर दीदी मान गईं और बोलीं- ठीक है रमेश मैं तेरे लिए ये भी कर देती हूँ.

हिना मेरे पास आई और उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी बहन की गांड से बाहर निकाला और चाटने लगी. वुमन डे इमेजघर आकर मां ने अपना सबसे पहले ब्लाउज खोला और बोलीं- हे भगवान! अब जाकर मेरे दूध आजाद हुए, कितने समय से आजाद होने का रास्ता देख रहे थे. सुन मेरी शहजादी सॉन्गमैंने नगमा को घुटनों पर बिठाया और लवड़ा मुँह में दे दिया और हिना को बोला कि आ जा मेरी रंडी … अब तू मेरी गांड चाट, ये सजा है तेरी. ममता की चूत ककड़ी की तरह फटती चली गई, पर लंड का सिर्फ सुपारा ही अन्दर गया.

मैंने उसे ऐसे ही बिस्तर पर डाल दिया और बॉडी आयल की शीशी लेकर उसके सफेद गोरे जिस्म की मालिश करने लगा.

जीवन में पहली बार मैं किसी को चोदने वाला था लेकिन ब्लू फिल्म्स देखकर बहुत तजुर्बा हासिल कर चुका था. फिर मैंने उसके कंधों पर मालिश करते हुए उसके बालों की चोटी बना कर अपनी पकड़ बनाई और उसे हल्के से खींचा. मैं अपनी गांड उछाल कर लौड़ा अंदर लेने लगी।मुझे चुदने में आनंद आने लगा.

क्योंकि हम दोनों ऐसा करते, तो यूं समझो हम दोनों उसके साथ जबरिया सेक्स करते … और मेरे भाई ये हरगिज सही नहीं रहता. फिर अभय ने एक जगह गाड़ी रोक दी ओर ममता की तरफ अपनी छोटी उंगली दिखा कर कहा- मैं अभी आया. हमने अपने नंबर एक दूसरे से शेयर किए … थोड़ी बहुत बात की और मैं अपने रूम पर आ गया.

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जब आधा लंड गांड में घुस गया तो उन्होंने धीरे धीरे गांड मारनी शुरू कर दी. उसे मज़ा आने लगा था और वो अपनी चूत से लंड को चोदने लगी थी।अब मैंने अपना लन्ड रोक दिया; मालती खुद चूत को ऊपर से दबा दबा कर लंड पर उछल रही थी।लंड अंदर बच्चादानी तक जाने लगा. मैं- तभी मैं सोचूं कि इतनी मीठी खीर कैसे बनी, पर भाभी आज तो मुझे नींद ही नहीं आएगी.

ह्म्म्मम् … सही है पापाजी!” बहू बोली और लंड को मुंह में भर लिया और अपनी जीभ के दबाव से चूसने लगी.

मैं अपने मुंह को चूत के बिल्कुल पास ले गया और अपनी जीभ से बाहर जमा हुए रस को चाट लिया।चूत पर जीभ पड़ते ही नीतू भी उठ कर बैठ गई।हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे।इधर वियाग्रा की गोली अपना काम कर रही थी; लंड तन कर कड़क हो गया था.

वो लंड हिला कर बड़े प्यार से बोली- अच्छा अब बता … कैसे चोदेगा?मैंने कहा- गुलाम हूँ जैसे तुम कहो!उसने कहा- जा सामने फ्रिज में से आइस क्रीम ले आ. इतना कहकर वो मेरे ऊपर से उठ कर अपना मुँह मेरे लंड की तरफ और अपनी चूत मेरी तरफ करके लेट गई. सेक्सी डॉग सेक्सी डॉग सेक्सीचाची ने हंसते हुए मेरी मम्मी की एक चूचि उनके ब्लाउज के ऊपर से पकड़ ली और जोर से दबाने लगीं.

भाभी ने उसकी डिब्बी से एक सिगरेट सुलगा कर मुझे दे दी और मैं धुंआ उड़ाने लगी. किस करते करते मेरे हाथ उसकी मदमस्त जवानी की निशानी यानि उसकी चूचियों पर चले गए और मैंने उसकी एक चूची पकड़ कर जोर से दबा दी. फिर मैंने उसे बाहर निकाला और पुल के किनारे आराम कुर्सी में लिटा दिया.

इसके बाद उसने लंड चुत में पेल दिया और लगभग आधे घंटे में मुझे बहुत फटाफट … लेकिन बढ़िया से चोद दिया. वो बोली- हां तो आप वो हॉट वाली क्या बात कह रहे थे?इतना कह कर वो अपनी आंखें नचाती हुई अपनी टी-शर्ट ठीक करने के बहाने से अपने मम्मे उठाती हुई मुझे रिझाने लगी.

फिर जो चुदाई शुरू हुई तो इस बार साढ़े पांच बजे तक बहुत ज़बरदस्त तरीके से शहज़ाद ने मुझे चोदा.

शन्नो भी मेरे लंड को चूसने लगी और उसने 5 मिनट चूस कर मेरे लंड का पानी निकाल दिया. मैं दीदी के कान की लौ को भी पी रहा था, साथ ही मेरा लंड दीदी की जांघ के ऊपर रगड़ रहा था. पांच मिनट की चुदाई में बुआ की चुत मेरे लंड के लिए कुछ अभ्यस्त सी होने लगी थी और उनके चेहरे पर अब मुस्कराहट साफ़ देखी जा सकती थी.

सेक्सी गांव की फोटो मैंने दीदी की ब्रा पैंटी को खोल कर उनके तन से अलग दिया और दीदी को पूरी नंगी कर दिया. मैंने उसे विश किया और पूछा- कितनी बड़ी हो गई हो?उसने मुझसे कहा कि मैं अब पूरी जवान हो गई हूँ.

वो बोला- हां तो आगे आओगी, तो मारनी पड़ेगी ही ना!मैंने बोला- मुझे नहाने जाना है. वो बोला- सपना जी आपकी हिलती गांड रोज़ मेरे लंड की हालत बुरी कर देती थी. उसने मेरी एक चूची को मसलते हुए कहा- इतनी भी क्या जल्दी है भाभी जी! आज तो हमारे पास पूरी रात है.

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तब पता नहीं नींद में … या जान बूझकर पर थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरे लंड को हाथ में पकड़ लिया. मैंने चड्डी के अन्दर हाथ डालकर चुत पर हाथ फेरा तो दीदी की चुत एकदम क्लीन थी. मैंने कुच्ची से पूछा- फिर क्या हुआ?कुच्ची- फिर शब्बो ने बाद में कहा कि ऐसा करो, मेरी एक सहेली है जमीला.

मैंने भाभी को बिस्तर पर चित्त लिटाया और अपने लंड को उनकी चूत पर सैट करके एक जोर से धक्का दे मारा. मेरे निढाल पड़ते ही वो अपनी कमर को चलाने लगा, तो मैंने उसको रुकने के लिए इशारा किया.

वो चीखने को हुई मगर मैंने बड़ी फुर्ती से उसका मुँह दबा दिया और लंड को गांड में पेलता चला गया.

फिर रमेश ने बड़ी स्टाइल से दीदी की नंगी चुत की एक दो फोटो ले लिए कुछ पोज उसने दीदी से खुद की चुत में उंगली करवाते हुए और दूध मसलवाते हुए ले लिए उसने मेरी दीदी की रंडी की तरह फोटो ले ली थीं. अब तक उसने लंड को पैंट की जिप से निकाल कर चूसा ही था लेकिन पूरा खोल कर नहीं देखा था. वो बहुत अच्छे से मेरा लंड चूसने लगी, लंड चूसने की वो पुरानी खिलाड़ी लग रही थी।बीच बीच में थोड़ी बीयर पीती … फिर मेरा लंड चूसने लगती,ऊपर से मैं भी बीच बीच में बीयर पिता रहता.

मैंने मां से पूछा- मां आज इतनी जल्दी आपने बिस्तर लगा दिया, आपको नींद आ रही है क्या?मां बोलीं- नहीं बेटा, वो तो आज मैंने घर का सारा काम बहुत जल्दी ही कर लिया था … तो सोचा बिस्तर भी लगा ही देती हूं. कुछ पल बाद सोनिया भाभी नॉर्मल हो गईं और नीचे से अपनी गांड हिलाने लगीं. अब मेरी दीदी को भी शायद मजा आ रहा था तो वो भी अपनी पैंटी निकालने के बहाने एक मिनट तक कुतिया सी बनी रहीं और रमेश के लंड का मजा लेती रहीं.

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मैं और मीना एक साथ में ही चिल्लाते हुए झड़ गए.

बीएफ बीएफ बीएफ सेक्स: पूजा लंड पर चूत सैट करके धीरे से हल्की सिसकारी के साथ बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी. एक दिन जेठ जी ने मुझे नहाकर आते हुए दबोच लिया और मुझे नंगी करके चूमने लगे.

साढ़े दस बज चुके थे, वहां से निकलते समय मैंने पायल को व्हाट्सएप किया- हमने खाना खा लिया है और यहां से निकल रहे हैं, अगर मैं इसे रात को अपने पास रोक लूँ तो कैसा रहेगा?जैसे तुम चाहो, ऑल द बेस्ट दोस्त. अंकल का लंड तब ज्यादा कड़क होने लगता था, जब मैं उनके ऊपर झुक कर अपने मम्मे दिखाती हुई तेल लगाती थी. बंगालिन भाभी- अरे वाह भाभी के देवर … आज अपनी इस भाभी को भी ऐसे ही मजे देना.

अब आगे भाई बहन की सेक्सी स्टोरी :अफ़रोज़- तो फिर आपा … आज रात का प्रोग्राम पक्का?मैं- चल हट … केवल अपने बारे में ही सोचता है, ये नहीं पूछता कि मेरी हालत कैसी है.

मेरे पूछने पर कि क्या हो गया?उसने पैथोलॉजी की रिपोर्ट मेरे हाथ में थमा दी कि मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली हूँ. हुर्रेम ने मेरे होंठों पर किस किया तो मैं भी उसका पूरा साथ देने लगा. तभी लोलिशा भी आ गई।देव के आने के बाद हमने खाना खाया।वह बहुत थक गया था जाम की वजह से।फिर वो सो गया।उसके बाद उस रात मैंने लोलिशा को तीन बार और चोदा।मैं सुबह पाँच बजे जाकर बाहर वाले कमरे में सो गया।फिर देव ने मुझे सुबह आठ बजे जगाया.