बीएफ लड़कियों का

छवि स्रोत,ओपन सेक्स इंडियन

तस्वीर का शीर्षक ,

आजा आजा सेक्सी वीडियो: बीएफ लड़कियों का, वो तड़फ कर बोलती रही- आह … बाबू फट गई है … हटो ना प्लीज!मैंने उसको किस किया और थोड़ा सा लंड बाहर किया … क्योंकि पूरा उसे फिर से दिक्कत देता.

निपल्स दर्द कारणों in hindi

ऐसी स्थिति में जो आनंद मुझे आ रहा था मैं आप लोगों को यहाँ पर शब्दों में बता नहीं सकता. सेक्स वीडियो हिन्दी मेअब मेरे लंड की चिकनाहट और ज्यादा बढ़ गई और गच्च-गच्च की आवाजें करता हुआ मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ने लगा.

मैं आशीष में खो गई थी, मेरी सांसें और सीना इतना तेज गति से चलने लगे कि मैं बता नहीं सकती. सेक्सी इंग्लिश हिंदी पिक्चरबातों बातों में उसने बताया कि अगले दिन मेरा जन्मदिन है, पर मैं किसके साथ मनाऊंगी … हस्बैंड तो ड्यूटी पे है.

तुम्हारी दीदी की चूत से तो बहुत ज्यादा ही सुंदर है, कम से कम एक बार तो अपनी साली की चूत जरूर चोद दूंगा चाहे कुछ भी हो जाए.बीएफ लड़कियों का: मैंने रूपाली से पूछा- तुम ब्रा नहीं पहनती हो?उसने कहा- तुम आने वाले थे, तो नहीं पहनी.

मैंने जेब से रंग निकाला और दोनों हाथों में लेकर भाभी के गोरे गोरे गालों पर मलने लगा.इतना मोटा और लंबा लंड!मैंने उसकी चुत को रगड़ते हुए कहा- सच बोल रही हो डाक्टर?तो उसने कहा- हां हर्षद.

అనసూయ సెక్స్ వీడియోస్ - बीएफ लड़कियों का

फिर धीरे से वो मेरे लंड के पास अपना मुँह ले आए और मेरे तने हुए लंड को मुँह में भर कर धीरे धीरे चूसने लगे.अब मैंने उसकी चूत में उंगली करते हुए उसे कमर के बल सीधा लेटा दिया अब उसके तने हुए स्तन मेरे सामने थे.

उसकी ये सेक्सी हरकत देख कर मैंने बॉक्सर भी उतार दिया और अपने खड़े लौड़े को सहलाने लगा. बीएफ लड़कियों का अब वो बस ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे सामने थी और मैं अकेली जींस में था.

फिर उसने जैसे ही मेरे लंड को अपने मुँह में लिया, मेरी आवाज निकलने वाली हो गई थी.

बीएफ लड़कियों का?

मेरी आपा जो अब मेरी दुल्हन थी, उसकी चूत बुरी तरह से सूज चुकी थी लेकिन मेरा लण्ड तना हुआ खड़ा था. मैं अब उसकी बातों से थोड़ा नर्वस हो गई और शर्मिन्दा होने लगी … क्योंकि यह वह सच बोल रहा था. मुझसे रहा नहीं गया, मैं झट से घुटनों के बल बैठ गई और अपने पति का लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

यह सब कुछ मेरी चाची छुपकर देख रही थीं और मेरे लंड का साईज़ देखकर मानो वो अब मेरे साथ सेक्स करने के लिए तड़प गईं. आरती ने सही कहा था, दूसरे दिन सुबह सुबह ही वो आ गया और बोला- कंपनी का खास काम है और शाम तो वापिस जाऊँगा. मैं बोला- क्या देख रही हो?वो बोली- उसकी पैन्ट में।आखिर सन्जू की भी लगातार इमेजिन कर कर के कहीं ना कहीं उसके मन में भी पराये लंड से चुदवाने की इच्छा थी। लेकिन स्त्री अपने आप को सीमित कर के रखती है।मैं सन्जू को और जोर से चोदने लगा, वो जोर जोर से आहें भरने लगी और पूरा कामातुर हो गई.

तभी मुझे थोड़ी देर में अहसास हुआ कि वो जागी हुई हैं और मेरे इस लंड के काम को एंजाय कर रही हैं. मैं अपनी उंगली पर थोड़ा सा थूक लगा कर उनकी चूत के दाने को मसलने लगा. पूरा लण्ड मुंह में घुसाना मेरे लिए मुश्किल था तो जितना मैं आराम से ले सकती थी, उतना चूसने लगी.

उसने कहा- देखो साहिल, कल हमारे बीच में जो भी कुछ हुआ तुम उसको दिमाग से उतार दो. शायद वो सो गई थी इसलिए मैंने थोड़ी और हिम्मत की और हाथ उसके शर्ट के अन्दर डाल दिया.

इसलिए मैंने उससे बातों ही बातों में पूछा- क्या तुमने कभी अपने पीछे वाले छेद में भी लंड लिया है?वह बोली- नहीं, मेरा पति तो आगे वाले छेद को ही शांत नहीं कर पाता.

वसुन्धरा के मुंह से सिसकारियाँ मुतवातिर जारी थी लेकिन अब वक़्त था कर्म करने का.

बस फिर मैंने अपने हाथ उसके मम्मों पे रखकर थोड़ा सा धक्का मारा, तो मेरे लंड का टोपा उसकी चुत में घुस गया था. फिर उसने मेरा अंडरवियर उतार दिया और मेरा 6 इंच का लंड तनकर बाहर आ गया. फिर मैंने रिया की कमर पर हाथ रखा, तो उसने मेरे सामने देख कर स्माइल की और मेरे कंधे पर हाथ रख कर चलने लगी.

तीसरी बार में उन्होंने मुझे बेड पर नीचे लटका कर चोदा और इस प्रकार उस रात चार बार पापा ने मेरी चूत को पेला. ’मैं भी कुछ ऐसे ही बड़बड़ा रहा था- हाय मेरी अंजलि रानी तेरी चूत … आह्ह … कितनी गर्म है … बहुत मजा आ रहा है तेरी चूत चोदने में…. जब भी मैं उनके घर पर जाता था तो भाभी को थैंक्यू बोलता था क्योंकि उनकी वजह से ही मेरी जॉब लगी थी.

उसके शर्ट के ऊपर से ही मैंने उसकी चूचियों को पकड़ लिया और मसलने लगा.

लेकिन इस बार इतनी दूर मुंबई जाना था तो मम्मा ने मुझसे बोला कि उनको अकेले जाने में डर लग रहा है. अब रोहन का लंड मेरी गांड में था और जॉन का लंड मेरी चूत में और एलेक्स का मेरे मुँह में. मुझे उसका एहसास हुआ, इतना गर्म लंड रस था कि मुझे लगा मेरी चुत जल जाएगी, पिघल जाएगी.

मैंने धीरे से उसकी कुर्ती की चेन को खोलना शुरू कर दिया तो सुषी एकदम अलग होकर दीवार से जा लगी और सट कर खड़ी हो गई. मेरी अनछुई कोरी छातियों में कसक सी उठ रही थी कि कोई उन्हें दबोच कर भींच डाले, मीड़ दे और आटे की तरह गूंथ दे. कुछ देर हमने बैठकर इधर उधर की बातें की और बातों ही बातों में मैडम ने बताया कि वो अकेली रहती हैं.

हॉस्पिटल नर्स सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं अपने पापा की सेवा के लिए कई दिन अस्पताल में रुका तो मेरी दोस्ती एक नवविवाहिता नर्स से हो गयी.

यदि कोई 45 प्लस अंकल मेरे मोटे और लम्बे लंड से चुदवाते हैं, तो मुझे जन्नत का सुख मिलता है. खैर मेरी हालत खराब हो चली थी, लेकिन तब भी मैं उनका पूरा साथ दे रही थी.

बीएफ लड़कियों का फिर हम थोड़ी देर एक दूसरे से चिपक कर बातें करते रहे और एक दूसरे को किस करते रहे. मैंने एक तकिया अपने चूतड़ के नीचे रख लिया ताकि ज्यादा आसानी हो और अपनी मांसल मोटी जाँघें फैला कर योनि को सुखबीर के सामने कर दिया.

बीएफ लड़कियों का हालांकि आज मीरा बहुत खुश थी कि उसे उसकी प्यास बुझाने वाला मिल गया था. मैं- तुमको प्यार करके ही बड़ा हो गया है ये!प्रिया- भैया और कस कसके कीजिए ना … आज एकदम गहरी कर दीजिए.

मैंने अस्पताल पहुंच कर रिया को सहारा देकर नीचे उतारा और कहा- तुम यहीं रुको … मैं कार पार्क करके आता हूं.

सनी लीओन बर्फ

मेरे चेहरे को अपने हाथों में लेकर सरनी बोली- आज तुम्हें जो चाहिए, जैसे चाहिए, मैं वैसे करने को तैयार हूं. फिर एक दिन उन्होंने मुझे ऐसा कुछ ऐसा बताया कि मेरे पैरों तले से जमीन निकल गयी. पर देखते ही देखते एक मिनट में उसका लंड सिकुड़कर बेहद छोटा होकर अपने आप मेरे चुत से बाहर हो गया और मेरे अन्दर की प्यास और आग नहीं बुझी.

उसने दबा कर मेरी चूत को चोदा, कभी मुझे लंड पर चढ़वाया और कभी खुद चूत पर चढ़ा, कभी गोद में ले कर चोदा तो कभी खड़ा करके चूत में लंड को पेला. मैं अभी अपने ही ख्यालों में खोया ही था कि मुझे बाथरूम में हलचल महसूस हुई तो होल से देखा तो मौसी बाथरूम में रखे छोटे से स्टूल पर बैठ कर नहाने लगीं. फिर सुषी ने पूछा कि क्या मैंने अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ कुछ किया है?मैं सुषी के इस सवाल पर थोड़ा हैरान हो गया.

मैं हताश हो गया और सोचा कि ये तो हाथ में आया मौका निकल गया लाईव चुदाई देखने का.

मैंने घबराकर पिंकी की ओर देखा कि कहीं उसके साथ भी ऐसा ही तो नहीं कर दिया. फिर रोहन और जॉन ने भी अपना लंड मेरे मुंह से निकाला और मुझे छोड़ दिया. मेरा लंड फड़फड़ाने लगा तो उसने एक हाथ से लंड पकड़ा और दूसरे हाथ से वो बार बार दवाई डालकर मुझे मजा देने लगी.

तो मैंने खाने के लिए फिर कॉल किया, तो अंकल बोले कि बना ले, मैं भी खा लूंगा. फिर मैंने लंड आधा बाहर निकाला तो सरिता की चूत से चूतरस बाहर बहकर उसकी जांघों पर बहने लगा था. मैंने पीछे से उसके चूचे पकड़ लिए और दबाना शुरू कर दिया जिससे वो कसमसाने लगी। मैंने उसकी गांड पर हाथ फिराते हुए उसे गर्म कर दिया और धीरे-धीरे साड़ी उतार कर उसे सिर्फ पैंटी में लाकर छोड़ दिया।फिर उसके बूब्स को पकड़ कर मैं सहलाने लगा और चूमने लगा.

दोपहर से ही हम सब शादी में गए थे और रात होते होते दिनभर की थकान की वजह से सब अपने अपने सोने के लिए लिए जगह ढूँढने लगे. रितेश ने मीरा की ब्रा उतार कर उसके भूरे निप्पल को पागलों की तरह चूसने लगा.

आप मेरी इस स्टेप मॉम सेक्स स्टोरी पर अपने विचार भेजने के लिए मुझे मेल करें. साथ ही साथ मामी का अंगूठा मेरी गांड में तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था. पूजा ने अपने एक पैर जमीन रखा था, दूसरा पैर घुटने से मोड़कर बेड पर रखा हुआ था.

लेकिन फिर भी अपने लिंग को वसुन्धरा की योनि से बाहर खींच कर दोबारा अंदर घुसाने में वसुन्धरा की योनि की उत्कृष्ट संकीर्णता आड़े आ रही थी और अपने लिंग को दोबारा योनि-प्रवेश करवाने के लिए मुझे बल प्रयोग करना पड़ रहा था.

उसके बाद मैंने उस एक्ट्रेस को कैसे चोदा?मैं मुंबई से आपका दोस्त अजय सिंह. तो कुलीन मुझ पर लाइन मारने लगा था और ऐसे ही हम दोनों लोग की दोस्ती भी हो गयी. तो उसने हम दोनों से पूछा कि कुछ दिक्कत है क्या?मिनी ने ही उसे समझाया कि कोई दिक्कत नहीं है, बस हम लोग एक दूसरे को समझ रहे हैं.

मेरी उंगली का सिरा तो योनि की दरार के ऊपरी हिस्से पर स्थित चने के दाने के साइज़ के भगनासे पर आ कर ठहर गया लेकिन वसुन्धरा के मुंह से जोर-जोर से कराहें … कराहें क्या एक तरह से चीखें निकलने लगी. मेरी इस घमासान धक्कम-पेल को चलते अभी कुछ ही देर हुई थी कि अचानक से मोनी का पूरा बदन थरथरा सा गया और उसके हाथ-पैर कंपकंपाते हुए मेरे शरीर पर जोरों से आकर लिपट गये। मेरे लंड को अपनी चूत में पूरा निगलकर उसने अब किसी बेल की तरह मेरे शरीर से खुद को लिपटा लिया था.

लेकिन वो अगली बार के लिए कह के अपना बैग उठा के वहाँ से दोबारा अपने आफिस के लिए निकल गयी।अब मैं और रश्मि हम दोनों ही रूम में रह गए थे. हम दोनों को कब नींद आ गयी पता नहीं चला। उस दिन हमारा ‘सुहागदिन’ था. वे अचकचा गए- नहीं नहीं …पर मैंने उनके अंडरवियर में हाथ डाल ही दिया और लंड को बाहर निकाल लिया.

सेक्सी बीपी नंगी वीडियो

यह भी मुझे तब पता लगा जब मेरी माँ अपनी बहन यानि मेरी मौसी के घर गई हुई थी और घर में काम काज के लिए मेरी मामी यानि धीरज की माँ कुछ दिनों के लिए हमारे घर आई हुई थी.

रात को अब मैं अपने घर पर जाऊं या यहीं रुक कर अपनी चूत की आग विलियम के लण्ड से बुझाऊं … मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था. वैसे तो पापा शराब नहीं पीते थे मगर उनके दिमाग को शांत करने के लिए वह आज पी रहे थे. आंटी रखवाने वाला सामान लेने दूसरे कमरे में गईं तो मैंने अपने लंड को बैठाने की कोशिश की.

आपने पढ़ा था कि कैसे मैंने सारा आपा के हलाला से पहले नूरी खाला को चोदा. मैंने मेरे पति का लंड अपने मुँह में भर लिया और अपना मुँह आगे पीछे करके उनका लंड चूसने लगी. चाइना के लोगमगर मैं कहां कुछ सुनने वाला था … किस करता रहा और लंड पेलने की कोशिश करता रहा.

बाकी लंड की जरूरत होने पर वो अपने हस्बैंड से बस ढीलापोला सेक्स कर लेती थी. पर मैंने उसको मना कर दिया कि तुमसे कैसे बात करूँ यार … तुम तो मेरे फ्रेंड की बहन हो.

हां इतना पता चला कि उसका आदमी अब वो मजा नहीं देता था, जो कभी दिया करता था. उनकी आंखों से दर्द साफ झलक रहा था परंतु साथ ही संतुष्टि की भाव भी टपक रहा था. वो नाइट गाउन पहन कर सोई हुई थी तो उसका नाइट गाउन उसके पैरों के काफी ऊपर चला गया था.

उसकी आंखों से आंसू आने लगे थे, तो मैंने लंड को उसकी चूत में थोड़ी देर तक यूं ही घुसेड़े रखा. यही सब बोलते हुए कल्पना भाभी एक बार और झड़ गईं … और उनकी चूत भी धड़कने लगी. तभी मेरे कानों में मेरी रानी की आवाज पड़ी- कहाँ गायब हो गए आते ही? तुम्हारा भी पता नहीं चलता, क्या कर रहे हो?राशि ने जोर से आवाज़ दी.

मैंने बोला- कोई बात नहीं, यह कितने बजे उठती है, उस टाइम मैं चाय बना कर ला दूंगा.

नितिन अक्सर ड्रिंक्स लेता है, इसलिए मैंने भी परमिशन दे दी, मैं उस गुड न्यूज के बारे में ही सोच रही थी. मैं नहीं चाहता था कि अजय मीना के सामने आये और अजय को देख मीना बिना चुदे ही चली जाए.

उसकी चूत काफ़ी खुल चुकी थी तो लंड आराम से अन्दर बाहर हो रहा था … और प्रिया की चूत से काफ़ी आवाज भी आ रही थी. एक नारी लगभग अपनी आधी जिंदगी गुजरने के बाद आज पहली बार अपने नारीत्व को प्राप्त हुई थी. मेरा पूरा लंड अमीषी की चूत चीरता हुआ अन्दर उसकी बच्चेदानी से जा लगा.

तब उन्होंने फिर से अपनी कमर को उठा कर पैंटी और अपनी चूत के साथ को कुछ समय के लिए तोड़ दिया. दूसरे दिन सुबह चुत को अच्छे से साबुन लगाकर साफ किया और उस पर भी डीओ लगाया, अंकल को अच्छी खुशबू आए इसलिए. उस रात को उन्होंने मुझे फिर से दो बार चोदा और अबकी बार उन्होंने मेरी गांड की भी सील तोड़ दी.

बीएफ लड़कियों का जब उन्होंने पहली बार मेरा लंड देखा था, तो मुझे पटा कर चुदाई कराने लगी थीं. फिर आए दिन कोई भी ये सब करने लगेगा … इसलिए भूलकर कभी ऐसी गलती नहीं करना.

भाई बहन की चुदाई की

मैंने भाभी से पूछा- ये क्या है?भाभी बोलीं- मेरा तो पानी चूचियों पीने से ही छूट गया है. मीरा तो पहले से इतनी गर्म हो चुकी थी कि रितेश के 3-4 मिनट चाटने से ही वो एकदम से झड़ गयी. मेरे मुँह से चूत और बुर शब्द सुनते ही वो शरमा गईं और अपना चेहरा मेरे सीने से छुपा लिया.

मैंने हिम्मत करते हुए अपने सारे कपड़े उतारे और सिर्फ चड्डी में होकर बाथरूम में घुस गया. वसुन्धरा के गोरे और पुष्ट नितंबों से मेरी जांघें जा कर ज़ोर से टकराती, एक ‘टप्प’ की आवाज़ आती. ಸೆಕ್ಸ್ ವಿಡಯೋಗಳುजबसे मैंने उसकी गांड का उद्घाटन किया है, तब से तो उसे अपनी गांड मेरे लंड से चुदवाना भी बहुत पसंद हो गया है.

मुझे पश्चाताप हुआ कि कोई ब्वॉयफ्रेंड बनाया होता, तो आज काम बन जाता.

मैंने थोड़ी सी कोशिश कर उसकी चूत तक जीभ पहुँचा ही दी और फिर जैसे ही जीभ उसकी चूत के अंदर जाने लगी, मीना की सिसकारियाँ बढ़ने लगी. थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद मैं फिर उनके बदन पर अपने हाथ चलाने लगा.

इसलिये मैं अपनी एक और नई मस्तराम कहानी लेकर आपके सामने आई हूँ, शायद आपको पसंद आ जाए. मेरा मुंह मेरी बांहों में छिपा था पर इस तरह कि मैं तिरछी नज़र से अंकल जी को देख सकूं. मैं उन्हें किस और स्मूच करता रहा और उनकी नंगी पीठ कमर पर अपने हाथ चलाता रहा.

मैंने कहा- अमीषी आर यू रेडी?वो मेरे लंड को किस करके बोली- या ऑफकोर्स …वो उठ कर ड्रेसिंग टेबल से वैसलीन ले आई और उसने मुझको दे दी.

आख़िर में मैंने भी लास्ट झटके मार के नफीसा की चुत में माल निकाल दिया. बातों ही बातों में हम दोनों ने स्मूच किया और मैंने उसकी आंखों में देखते हुए उसका टॉप निकाल दिया. मैंने लहंगा गोल करके, कुएं की सी शेप बना कर कुर्सी के आगे ज़मीन पर वसुंधरा के पैरों के पास रखा और हाथ बढ़ा कर वसुंधरा के दोनों पांव उठा कर लहंगे के बीचोंबीच रख दिए.

माधुरी दीक्षित नंगी फोटोमैंने कहा- जी नहीं अंकल, अभी अभी मेरे एग्जाम खत्म हुए हैं, अब मैं बिल्कुल फ्री हूँ. करीब 12-13 मिनट की बेदम चुदाई करने के बाद आशीष बोला- अब मुझे कुछ हो रहा है बंध्या … क्या बताऊं मेरे अन्दर खलबली मची हुई है.

एक्स एक्स एक्स हिंदी मूवी सेक्सी

इसी तरह मेरी कहानियां पढ़ कर आप अपनी चूत में अपने बॉयफ्रेंड का लंड डलवाकर या उंगली डालकर अपना पानी निकालती रहें और मुझे मेल करती रहें. मैंने सोचा कि जो कोई भी है, अगर इसकी चूत मारने को मिल जाए तो कैसा रहे?बस फिर क्या था, मैं उसको चोदने के सपने देखने लगा. अन्दर आकर मैंने खिड़की भी बन्द कर दी और फिर से अपनी महबूबा को बांहों में लेकर उसको चूमने लगा.

उसके बाद ना जाने मैंने अपनी देसी गर्लफ्रेंड की कितनी बार मेरे रूम पर … और उसके घर पर चुदाई की, खूब मजे लिए. हर समय, हर घड़ी …तभी मैंने देखा कि चाची घर के पीछे बने स्टोर की तरफ जा रही थी (उनके घर के पीछे तीन स्टोर बनाये थे जिन्हें उन्होंने साफ सफाई करके चाची के परिवार वालों को रहने के लिये दिया था शादी में) लेकिन अभी थोड़ी ही देर पहले मैंने चाची के भाई कपिल को उधर जाते देखा था. उसने बोला- मैं तुम्हारा लंड चूसकर शांत कर देती हूं।मैं भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था.

उसकी बुर मेरे मुँह के बिल्कुल सामने थी। उसने टेबल से जैम की बोतल ली और ढ़ेर सारा जैम अपनी चूत पर लगा लिया।मैंने उसकी आँखों में देखा और मुस्कुराया और अपना मुंह उसकी चूत में लगा दिया।मेरी जीभ का स्पर्श पाते ही वो चिहुँक उठी. हॉल में डाइनिंग टेबल पर बिल्कुल नंगी बैठी हुई मेरी बहन मुझसे अपनी सेक्सी चूत चटवा रही थी. अभी 15 दिन पहले की बात है, शाम के समय मैं घूमते घूमते एक पार्क में जाकर बैठा गया.

जमाई जी का तना हुआ गर्म लौड़ा हाथों में ऐसा आया कि हाथों ने मजे ही मजे में लंड को सहलाना शुरू कर दिया. तुम कहती हो तो नहीं खाता चॉकलेट … पर थोड़ा रिसर्च अब भी बचा है, उसको तो पूरा करने दो.

मैं भी थक गया था, पूजा की हालत तो बहुत ही खराब हो गई थी, अब मैं गांड की चुदाई खत्म करना चाहता था.

ये मैंने झूठ बोला था क्योंकि इतने अंधेरे में कहां कुछ दिख रहा था, जो मैं वीडियो बना पाता. टैटू कैसे बनाते हैंहमारे बीच में सामन्यत: उसके और उसके हस्बैंड के बीच की बातें, उसके बच्चे के बारे में होती थीं. पंजाबी हॉट सेक्समैंने उन्हें बताया कि तीन पर्ची बनाते हैं, उसमें नम्बर डालते हैं फिर पर्ची फेंकते हैं. मैं अब उसको सेक्स के लिए बोलता तो वह मना करती कि अब मुझे मेरे पति के अलावा किसी के साथ नहीं करना है.

मैं भाभी के पीछे जाकर फिर से चिपक गया और बगल से दोनों हाथ निकाल कर उनके दोनों मम्मों को जोर जोर से मसलने लगा.

जमाई जी- अभी मेरा कहाँ हुआ है … कहकर उन्होंने फिर से धक्कम-धक्का कर दी. बुर की दोनों फांकें एकदम फूली हुई थीं, जैसे पावरोटी एक दूसरे से चिपकी हुई हों. तो वो पूछने लगी- क्यों?मैंने कहा- मेरे डैड से मेरी बनती नहीं है, इसलिये मेरी मॉम ने मुझे ये अलग फ्लैट दिया हुआ है.

मैं दिखने में इतना सुंदर तो नहीं हूँ कि लड़कियां मुझे देखते ही अपनी खोल दें मगर जब उनकी खुलती है तो फाड़ने में कोई कसर भी नहीं रहती है. नुकसान होने के बाद बिजनेस बंद हो गया, जिसके कारण मिनी का पति दिमागी रूप से थोड़े परेशान हो गया था. अभी तक तो मैं आंटी के चूतड़ और चूचे ही देखता था लेकिन एक दिन मेरी किस्मत खुली और मैंने पम्मी आंटी को बिल्कुल नंगी देख लिया.

सेक्सी व्हिडिओ ब्लू पिक्चर

मैंने किसी तरह से उसको मनाया और वह संडे को सुबह 10:00 से 10:30 के बीच मेरे कमरे पर आने को राजी हो गई. सोनम बेटा, तू कितनी सुन्दर दिखती है जब ऐसे अपनी चूत अपने हाथों से खोल कर लेटती है. उस दिन से मुझे भाभी को चोदने का भूत सवार हो गया था और मैंने इरादा बना लिया था कि मैं अपनी भाभी को जरूर चोदूंगा.

फिर मैंने अपना अंतिम झटका उसकी चूत में मारा और लंड बाहर निकाल कर अपना माल उसके दोनों चूतड़ों पर गिरा डाला.

उसके अगले दिन सन्डे था तो दोपहर में मैं डॉली के घर चली गयी और उसे अपनी पहली चुदाई की खबर दी.

कल तुमने मेरे साथ सेक्सी हरकत करके मुझे गरम कर दिया था तो मुझे फिर से आग लग गई थी. मैं भी एक हाथ से उनके चुचे दबा रहा था और दूसरे हाथ से उनकी पेंटी में हाथ डाल कर भाभी की चूत को मसल रहा था. साउथ इंडियन सेक्स वीडियोसउन्होंने पूरी तैयारी कर ली थी, पर मैं उनकी वाइफ न होने से थोड़ी ऑकवर्ड महसूस कर रही थी.

जैसे जैसे संभोग और धक्कों की अवधि बढ़ती जा रही थी, वैसे वैसे हम दोनों की सांसें तेज़ और जोश आक्रामक रूप लेती जा रही थीं. मेरे लिंग पर वसुन्धरा की योनि का रह-रह कर स्पंदन हो रहा था जैसे कोई नर्म-गर्म मख़मल अपने हाथ में लपेट कर मेरे लिंग की सख़्ती की थाह ले रहा हो. मैंने भी डर का बहाना बनाते हुए आव देखना ना ताव … आंटी के कंधों को पीछे से पकड़ने के बहाने सामने की ओर ज़ोर से अपने आपको धकेला कि उनका मुँह अब सीधे मेरे लंड पर चला गया.

बस अब कुलीन के सामने उसकी बहन रिम्पी का भेद खुल गया है कि सहेली डॉक्टर के यहां नहीं, बल्कि अपनी चुदाई के लिए जाती थी. उसकी चूत की झिल्ली फट गई थी और खून उसकी जांघों से बहता हुआ नीचे आने लगा.

उन्होंने अचानक रुक कर मेरी तरफ देखा और बोलीं- तुम दोनों अकेले क्या कर रहे हो.

मैं मम्मी के एकदम पास गया और देखा मम्मी के होंठ हल्के हल्के थिरक रहे थे … वो लंबी लंबी सांसें भी ले रही थीं, एकदम कामुकता के साथ डरी सहमी हुई थीं. वो अब और घबरा गई और अब उसे अहसास हुआ कि मैं उसके सामने नंगा खड़ा था और उसके हाथ में मेरा लौड़ा था. अब वो समय बिल्कुल नजदीक था, जब मुझे मेरी ही पकाई हुई खीर को खाने का मौका मिलने वाला था.

पीरियड में कपड़ा कैसे लगाते हैं आख़िर में मैंने भी लास्ट झटके मार के नफीसा की चुत में माल निकाल दिया. फिर जब रानी के होश हवास दुरुस्त हुए तो वो मेरा मुंह चूम के धीमी आवाज़ में बोली- राजे, प्यार में चुदाई के बाद एक दूसरे को जीभ से चाट के सफाई करनी होती है.

उसकी गांड से टच होते ही मेरा लंड एकदम से टाइट हो गया और तन कर सात इंच लम्बा होकर सीधा खड़ा होने की कोशिश करता हुआ पैंट में अंदर ही मुड़ गया. लंड चूसते-चूसते राशि को बीच-बीच में टट्टे चूसने और चूतड़ चाटने का भी शौक है. कह रही थी- आमिर, प्लीज … मेरी चूत के अंदर बहुत जलन हो रही है, निकालो!मैंने उसकी बात को अनसुना करते हुए अपने काम को करना चालू रखा.

राजस्थानी एक्स एक्स एक्स बीपी

विशाल ने मुझे ऑफिस में बुलाया और बताया कि वह पंद्रह दिन के बाद आयेंगे. मैं- जीजू, आप से कभी भी चोदने के लिए नहीं कह सकती, यह भूल जाओ जीजू कि मैं खुद तुमसे मुझे चोदने के लिए कहूंगी. मैंने हंसते हुए उसे फिर से पकड़ लिया और उसके गले और उसके पूरे चेहरे पर किस करने लगा.

एक दिन में उसके रूम में झाड़ू लगा रही थी, तो वह अपने बेड पर बैठे हुए हसरत भरी निगाहों से मेरी गहरे गले की टी-शर्ट में झांक रहा था. हम जब पटना उतरे तो वहां से सीधे एक ऑटो पकड़कर अपने घर पर पहुंचे मतलब कि चाची के मायके में आ गए.

हम दोनों झूले से नीचे उतरे तो मेरा लण्ड अभी भी अकड़ा हुआ था और दिलिया निढाल पड़ी थी.

वह झड़ने लगी, उसके रस से पूरी चूत रसमयी हो गई और उसकी चूत में अब मेरा लौड़ा सटासट अन्दर जाने लगा. मेरा हाथ अपने हाथों में ले कर बोली- एक तो तुम्हें गुस्सा बड़ी जल्दी आता है. यह देखते ही जीजू ने अपना एक हाथ मेरी चूत पर रख दिया और बोले- शरमाओ मत मेरी साली रानी, लो मैंने तुम्हारी पिंकी को अपने हाथ से छुपा लिया, अब इसको कोई नहीं देख पाएगा, वैसे तुम्हारी चूत बहुत ही सुंदर है.

वो जोर-जोर से सीत्कारने लगीं- हां आह आह मजा आ गया … औरजोर से चोदो मुझे… आंह और तेज और तेज़. ये कुछ और नहीं मीना के पैर थे जो मेरे लंड (चूत का वैद्य) को खोज रहे थे मानो (महारानी) चूत ने (सेनापति) टांग को आदेश दिया हो कि जाओ उस लंड वैद्य को ढूंढ कर लाओ जो महारानी चूत की बेचैनी का इलाज कर सके!कुछ ही क्षण बाद मीना ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे कानों में कहने लगी- कितना तड़पाओगे राज? अब नहीं रहा जाता. अपने बांये हाथ में मेरा लंड पकड़कर गांड के छेद पर सैट किया, फिर लंड को अपनी गांड में लेते हुए उस पर बैठ गई.

फिर थोड़ी देर मुँह चोदने के बाद मुझे उल्टा कर दिया और मेरी गांड के छेद में अपना लंड रख दिया.

बीएफ लड़कियों का: पर फिर मेरी जिद पर उन्होंने मुझसे कहा- ठीक है अपनी तीनों बीवियां अपने साथ ही ले जाओ. कभी हम उनको तो कभी अपने घर को देखते हैं!जूली शरमाते हुए बोली- अंदर आने के लिए नहीं बोलोगे?मैंने कहा- सॉरी … अंदर आ जाओ! आज तक तुम इतनी सुन्दर नहीं लगी.

निशा ने शिल्पा की तरफ मुँह कर रखा था और अपनी गांड को हल्के से पीछे कर रही थी. जब भाभी ने उससे पूछा तो उसने गर्दन हिला कर दर्द रूक जाने के संकेत दिया लेकिन उसे नींद आ गयी क्योंकि उस पर अभी भी शराब का नशा था. लगभग 5 मिनट तक एक दूसरे को चूसते रहने के बाद जब दोनों की सांसें चढ़ने लगीं, तब हम अलग हुए.

जागृति मेम ने मुझसे कहा- आकांक्षा में ऐसा क्या है कि तुम उसके पीछे पागल हो?मैं सकपका गया और मैंने अपनी नजरें नीचे कर लीं.

फिर उसने मुझे नीचे लेटा दिया और मेरे बदन को चूमती हुई नीचे की तरफ जाने लगी. वो मुझे इस सोफे से उठ कर दूसरे सोफे पर बैठने को बोल रही थीं ताकि वो इधर झाड़ू लगा सकें. और वो बाथरुम चली गई।इधर रोहित मेरे पास आकर हाथ जोड़कर बोला- भैया, मैं आपका ये उपकार जिंदगी भर नहीं भूल पाऊँगा।मैं उसे बोला- कोई बात नहीं … जाओ कपड़े पहन लो!और वो अपने कपड़े पहनमें लगा।तब तक संजना फ्रेश होकर आ गई, वो अबकी बार एक लाल रंग की नाईटी पहन कर आयी थी जिसमें उसकी चूची और गांड का उभार स्पष्ट दिख रहा था, वो पूरा फ्रेश दीख रही थी।वो आई और बोली- रुकिये, मैं आप लोगों के लिए कुछ खाने को लाती हूँ.