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तो फिर क्या हुआ?आंटी न्यूड स्टोरी के पहले भागचाची की बहन की चुदासमें आपने पढ़ा कि मैं कोटा में कोचिंग करने आया तो चाची की बहन के घर किराये पर रहने लगा.उसकी किसी और के साथ मिलने की बात सुन कर मुझे लगा कि उसका कोई आशिक़ पहले से है.

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मैंने कहा- तुम्हारी मसाज की जा रही थी इसलिए तुम्हें कपड़े निकालने थे. बाद मैंने ध्यान से देखा तो पता चला कि उसकी पैंटी थोड़ी सी गीली हो गई थी. मैंने अपने हाथ उनके सीने पर फेरना शुरू कर दिए और झुक कर किस कर दिया.

इस बार मैंने लण्ड पर थूक लगाया और दोबारा से सटीक प्रहार किया जिससे लंड उसकी चूत में जा घुसा. तो गांड का तो फट कर हाथ में आ जायेगी।मैंने कहा- भाभी, धीरे धीरे करूंगा, ज्यादा से ज्यादा तेल लगाऊँगा।फिर उन्होंने कहा- ओके मेरी जान, कर ले पर धीरे धीरे।मैंने उन्होंने वापिस डॉगी स्टाइल में किया और उनकी गांड पर खूब तेल लगाकर एक उंगली उनकी गांड में डाल कर गांड का छेद थोड़ा ढीला किया. मैं बोला- दे दूंगा मेरी जान, तू टाइम तो निकाल, जिन्दगी का असली मजा चुदाई में ही है.

अब आगे गाँव की लड़की की सेक्स कहानी:रास्ते पर एकदम अंधेरा छाया था, हमें देखने वाला कोई नहीं था. वो(मन में कैसे कहूँ दीदू)नेहा- कहीं तू ये तो नहीं कहना चाहती कि मैं तुझे अपनी चुदाई का लाईव टेलीकास्ट दिखाऊं?स्नेहा- हं.

मैं बोली- विजय, तुम्हारी दोस्ती के प्रस्ताव पर शालू कैसे मना कर सकती है.

प्रियंका- आह जीजू … आज तो मार ही डाला आपने आह लगे रहो मेरे जालिम जीजू … आह आज अपनी साली की चुत का भोसड़ा ही बना दो.

वो मुझे देख कर हमेशा की तरह मुस्कुरा दीं और बोलीं- क्या हुआ आज इस वक्त?मैंने कहा- हां नींद नहीं आ रही थी. चौथी बार डॉगी स्टाइल में करने से समीना के स्तन लटक लटक कर हिल रहे थे. एक ही धक्के में मेरा आधा लंड मम्मी की चूत को फाड़ता हुआ अन्दर चला गया.

8-9 साल पहले मिली उस नवयौवना का यौवन बार-बार नेत्रों के सामने आ रहा था।उसके उन माँसल नितंबों को न जाने मैंने कितनी बार कामुक कल्पनाओं में दुलारा था। उसने वैभव के दफ्तर जाने के बाद सुबह 9 बजे बुलाया था।उस सुबह का समय पहाड़ जैसा प्रतीत हो रहा था। 8. फिर मेरे फनफनाते लंड पर शॉर्ट्स के ऊपर से ही सहलाते हुए उसने कहा- कहीं तुम ये पिलाने की बात तो नहीं कर रहे?बदले में मैंने उसकी चूचियों को दबाते हुए कहा- अगर आप मेरा पीना चाहती हैं तो फिर आपको भी अपना कुछ पिलाना पड़ेगा. वो नीचे टांगों से नंगी थी और गैस पर ताहरी चढ़ाने की तैयारी कर रही थी.

अब मेरे मुंह से निकल गया- लोगे क्या?वे भी शायद इसके लिए तैयार ही थे, बोले- डाल दो.

महंत को रीना ने दबोच लिया था और वो उसे अपने हुस्न का जलवा दिखा रही थी. मैंने सामने प्रियंका की चूत देखी, तो मैं उसकी चुत को अपनी दो उंगलियों से चोदने लगा. मैं लंड हाथ में पकड़े हुए था, उसकी बात सुनकर एकदम से भौचक्का रह गया.

मेरा हाथ नीचे जाते ही अनामिका हल्के से उठ गई और मैंने ब्रा का हुक खोल कर ब्रा को उसकी टी-शर्ट के साथ कर दिया. लेकिन मैं ऐसे बर्ताव कर रहा था कि उसके मम्मों पर मेरा ध्यान है ही नहीं. उसको इसका तनिक भी अन्दाज़ा नहीं हो पाया था कि मैं अचानक से लंड उसकी बुर की गहराई में उतार दूँगा.

बच्चे हो जाने के बाद वे भर जाती हैं और उनका पति बाहर किसी जवान और कमउम्र की लड़की की चूत चोदने का जुगाड़ करने लगता है.

उसने कहा- नहीं तो!मैं- अब तू बता, अगर चुत में किसी और का लंड चला जाए तो क्यों दुनिया बखेड़ा करती है. वो(मन में कैसे कहूँ दीदू)नेहा- कहीं तू ये तो नहीं कहना चाहती कि मैं तुझे अपनी चुदाई का लाईव टेलीकास्ट दिखाऊं?स्नेहा- हं.

गांव की बीएफ सेक्सी हिंदी मैं यहां पर पहले से ही अकेला रह रहा था तो इसी बिल्डिंग में मैंने उनको ये फ्लैट वाजिब किराये में दिलवा दिया था जो मेरे फ्लैट के एकदम साथ ही था. उसका सात इंची मेरी चूत को खोलता हुआ अंदर जा घुसा और मैं उसके सीने से लिपट गयी.

गांव की बीएफ सेक्सी हिंदी मुझे गांड मरवाने का बहुत शौक है, मैं पिछले 3 साल से गांड मरवा रही हूं. उनका लंड मेरे दोनों चूतड़ों के बीच बार बार टक्कर पर टक्कर दे रहा था.

फिर उन्होंने मुझे बालों से पकड़कर मेरे चेहरे को ऊपर उठाया और जोर से मेरे होंठों पर काट लिया.

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उसने मेरी गांड पर जोर से थप्पड़ मारा और मेरे मुंह से निकला- हायल्ला!सच में दोस्तो, मैं बहुत रोमांचित हो गया था. इसका मतलब था कि घर में ना तो‌ कोई उठा था … और ना ही कोई घर से बाहर गया था. मैं तुम्हारा साथ पूरी जिंदगी के लिए चाहती हूं मैं तुमसे सच्चा प्यार करती हूं.

रूबी- आह … मादरचोद … मैं मर गयी साले कुत्ते … आह बस एक बार तो निकाल ले … फिर डाल लिए भैन के लंड. एक बार रात को करीब बारह बजे मामी मेरे कमरे में आ गईं और मुझे बेतहाशा चूमने लगीं जिससे मेरी नींद खुल गई. दोनों के लंड अंदर जाते ही दोनों के दोनों फिर से मुझे कुतिया समझकर चोदने लगा.

उसके स्पर्श से मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा था और दो ही मिनट में एकदम टनटना उठा.

मैं और सन्नी बहुत ही प्रोफेशनल और मस्त सेक्स के लिए हमेशा रेडी रहते हैं. हां लेकिन उसने ये जरूर बोला है कि पैसे लौटाने की कोई जल्दी नहीं है, अगर ना भी लौटा पाओ तो फिर भी किसी तरह वो संतोष कर लेगा. उसने मेरा सर पकड़ लिया और अपनी गांड ऊपर उठाते हुए मेरे मुँह पर चुत अड़ाने लगी.

कुछ ही देर में भाभी की चूत में पच पच की आवाज होने लगी क्योंकि मेरे लंड से भी काफी कामरस निकल रहा था और भाभी की चूत भी लगातार पानी छोड़ रही थी. मैंने अपनी हॉट देसी भाबी सेक्स कहानी लिखने के लिए काफ़ी समय लिया क्योंकि ये मेरी पहली सेक्स कहानी थी. जब वो सामने झुककर पौंछा लगा रही थी तो उसकी चूचियां सूट में अंदर हिलती हुई दिख रही थीं.

इस कहानी के पहले भागडाक बंगले में गांड चुदाई- 1में मैंने बताया था कि मैं गांव में नौकरी कर रहा था और वहां के डाक बंगले में रहने वाले शेखर बाबू लौंडेबाज थे. नीचे से मैं गांड उठा कर उसकी चुत चोद रहा था और ऊपर से वो कमर चला रही थी.

इतने दिनों से उसके यौवन के रसस्वादन और दर्शन की जो कल्पनायें की थीं वो एक सब अधूरी सी छोड़कर वैभव और रेनू यह फ्लैट छोड़कर चले गये. मैंने उसके होंठों को चूम लिया और दोनों चुचियों को भी चूमकर अपनी पोजीशन में आ गया. इस कहनी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं अपनी भाभी के भी के घर में उसके साथ वासना भरा खेल खेल रही थी.

लेकिन मैं कुछ भी सोचने की हालत में नहीं थी क्योंकि मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था.

जैसे ही मैंने दरवाजा खोला तो संजीव ने मेरी ओर देखा और फिर दोबारा से नजर नीचे कर ली. मेरी बेटी की चुत की कहानी के पहले भागमेरा दोस्त मेरी बेटी की चूत का प्यासामें अब तक आप पढ़े चुके थे कि मेरे ठरकी दोस्त सुरेश ने पैसे उधारी देने के बदले में मेरी बेटी की चूत मांग ली थी. मैंने उसके हाथों को अपने हाथों में लिये रखा और बोला- देख लो, तुमने वादा किया था.

मैंने एक उंगली उसकी गांड के छेद पर सैट की और गोल गोल घुमाते हुए अन्दर डालने की कोशिश की. वो बोली- हाय बाप रे … इतना बड़ा? तेरा तो बहुत बड़ा है अंकित।मैं बोला- नहीं वैशाली भाभी.

मगर अब जैसे ही मैंने उसकी चूची को पकड़ा, वो छुईमुई की तरह सिकुड़ सी गयी. फिर तो भाभी में भी जोश आ गया और वो अपने गांड को आगे पीछे करके मेरा लंड अपने आप अंदर ले रही थी. वो उसे देखकर हंसने लगे और बोले- तेरी बेगम को इससे तू खुश रख पायेगा?मैं बोला- मैं क्या करूं चचा … अब मेरा है ही इतना.

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उसके पहले वह साईं बाबा के मंदिर गए और भगवान से प्रार्थना की- भगवान मुझे यह दिन अच्छी तरह से मनाने के मौका देना.

उसकी हंसी तो अब गायब सी ही हो गयी थी और चेहरा तो जैसे बुझ ही‌ गया था. अगर आपकी पसंद कोई और है, तो आप बिना झिझक कर बोल दें … मैं चुप रहूँगा. मेरे लंड में ना जाने कहां से पहली बार इतना पानी निकला था कि मुझे विश्वास नहीं हुआ.

सोनी की चूत ने उसका लंड बाहर धकेल दिया था क्योंकि अब उसमें जान नहीं थी. मेरे पास एक ही बैग था, जिसे मैंने अपना तकिया बना लिया … जबकि वो 3 बैग पैक कर लाई थी. హిందీ సెక్స్ హిందీअगले ही पल आंटी ने अपने होंठों से मेरे गाल चूम लिए और बोलीं- अब ऐसे मत देखो … मुझे वो सब चाहिए.

क्योंकि बहुत दिन बाद आज चूत मिली थी तो मैं ज़्यादा से ज़्यादा मज़ा लेना चाहता था. पर मेरा लंड तो अब भी वैसे ही फटने को हो रहा था।अब भाभी उठ कर बाथरूम गयी और अपनी चूत साफ़ कर के बाहर आयी।वे पास आ कर मेरे पास लेट गयी और बोली- दीपू, तुमने आज जो अभी तक मुझे जो सुख दिया है, वो मेरी लाइफ का सबसे बेस्ट मोमेंट था, जिसे मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकती। सच कहूँ तो मैंने सिर्फ आज तक सुना था कि चूत चटवाने में मजा आता है.

दूसरी तरफ ममता भी अपना मुँह खोल कर ज़्यादा से ज़्यादा मेरे लंड को मुँह में लेकर चूस रही थीं. उसके एग्जाम थे तो उसकी मां ने मुझे बुला लिया और कहा कि मैं उनकी बेटी के एग्जाम के लिए नोट्स लाकर दे दूं. फिर सुरेश ने अपने दोनों चूतड़ भींच लिए और बिल्कुल नीचे करके सोनी के चूतड़ों पर चिपक गया.

मुझे रूपा भाभी की कही हुई बात याद आ गई कि एक दो बार नानुकर करने के बाद, वो जो करे … उसे करने देना. उसके मुँह में मेरा लिंग होने की वज़ह से वो सीत्कार भी नहीं पा रही थी, मगर उसके नितंब सिकुड़ जाते थे।मैं झड़ने वाला हूँ!” मैंने उत्तेजना को संभालते हुए कहा. इधर मेरे 7 इंच लम्बे और 2 इंच मोटे लंड को अर्चना बहन ने चूस चूस कर गहरा लाल कर दिया था.

उसको पूरा गर्म करके चुत को पूरी रसीली बना दिया, तो टांगें खोल कर लंड के लिए आ गई.

मैंने भी उसके होंठों को अच्छी तरह से चूमा और हल्की से मुस्कराहट बिखेरते हुए पूछा- अब ठीक है. मैंने तो सोचा था कि वो हमारी आवाज सुनकर या तो दरवाजा खुलवाकर हमें खूब खरी-खोटी‌ सुनाएगी, या फिर वो वहां से चुपचाप वापस चली जाएगी.

आज मैं भतीजा बुआ सेक्स कहानी की उसी कड़ी से जुड़ी हुई कड़ी को आगे बढ़ाना चाहता हूँ. लॉकडाउन में सब घरों में ही रहते थे और किसी तरह से अपना टाइम पास कर रहे थे. उसने मॉम को 5 मिनट और चोदा और कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ, कहां लेगी माल?मॉम ने कहा- मुँह में.

यह तो जब वह निलेश के साथ शहर गया तो उसके एक साथी ने भूरा को देख कर कहा था- यार! बड़ा नमकीन लौंडा लाए हो. मैं समझ गया था कि मेरी बीवी की चुदास भड़कने लगी है और वो गैर मर्दों के लंड लेने के लिए राजी हो गई है. मैं लंड को सहलाने लगा और फिर अंडरवियर में हाथ डालकर मुट्ठ ही मारने लग गया.

गांव की बीएफ सेक्सी हिंदी मैं अपना लंड से उनकी चूत पर रगड़ने लगा जिससे भाभी पागलों की तरह तड़पने लगी और सिसकारियां भरने लगी. यहाँ कुछ लोग सोच रहे होंगे कि मैंने उस समय अंकल से अपनी चूत क्यूं नहीं चुदवाई?तो मैं उन्हें बता दूँ कि मेरा स्टाइल थोड़ा अलग है.

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बोला- सर! आप लौंडिया चोदते नहीं, आप तैयार हो तो दिलवाऊं? किसी को मालूम नहीं पड़ेगा. मैंने उसे सहलाना चालू किया, उसके होंठों पर किस करने लगा, उसकी पलकों को किस किया और आंसुओं को चाट लिया. तीन तीन मर्दों से चुदने के बाद मेरी बीवी थक गई थी इसलिए कुछ देर के लिए चुदाई रोक दी गई.

अब आगे थ्रीसम चुदाई की कहानी:कुछ देर की चुदाई के बाद प्रियंका की एक कसक भरी आवाज निकली- आह … जीजू मेरी चुत टपकने वाली है. शायरा अब भी वहीं थी मगर वो शायद अपनी चूत पर हाथ घुमाने के सिवा कुछ नहीं कर पा रही थी. এক্সএক্স সানি ভিডিওपर समीना सबसे पहले एक अच्छी और आदर्श मां है … इसलिए वह इस प्रॉब्लम का सोल्यूशन नहीं निकाल पा रही है.

इतने में तो निलेश साहब ने मेरी गांड में लंड लगा दिया और वो मुझे चुम्बन करने लगे थे.

जबसे चाची जी चुत की खुजली वाली बात सुनी थी, तब से दिमाग भन्ना गया था. ललिता अकेली है बेटा, तू इसके साथ चला जाएगा क्या? कल शाम तक वापस आ जाओगे.

सुहागरात में क्या और कितनी बार चुदाई हुई … ये सब एक दूसरे से शेयर कर चुकी थीं. अंकल ने पलटकर मुझे किस किया और पूछा- कैसा लगा?मैंने शर्मा कर आंखें झुका लीं. यह बात अभी से लगभग 2 साल पहले की उस वक्त की है जब मैंने पहली बार अपनी सौतेली मम्मी की चुदाई की थी.

मैं उनके घर तो जरूर जाता था किसी काम के बहाने … पर कुछ कर नहीं सकते थे.

जब कभी भी मैं रात को लकी भैया के घर जाता था, तो वह मुझे मार्केट से चॉकलेट कैंडी या लॉलीपॉप दिला कर लाते थे. फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड के छेद में अपनी जीभ से मजा देने लगा. उस दिन काम निपटाते निपटाते रात के 11 बज गए थे, समय का पता ही नहीं चला था.

ভোজপুরি সেক্সस्नेहा- क्या दीदू उसको खोलने देना था ना?नेहा- मुझे पता है इसकी चूचियां पिलपिली होकर लटक चुकी हैं, पता नहीं कितनों ने इसके चूसे ओर दबाये होंगे. करीब आधा घंटा बाद उन्होंने लंड निकाल कर मॉम की चूत में एक साथ दो लंड पेल दिए और मॉम की चूत फट गई थी.

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दोस्तो, मैं राज आपको अपनी पत्नी की सुहागरात में हुई उसकी चूत गांड चुदाई की कहानी सुना रहा था. वो मेरे लंड से खेल रही थी और मुँह में लेने के लिए उतावली हो रही थी लेकिन मैं जल्दबाज़ी में नहीं था. वो बोली- क्या विचार है प्रकाश और एक बार मन है तो अब घर चलें?मैं हामी भर दी.

इसी तरह पूरे एक हफ्ते तक हम वहीं रहेऔर इस बीच मैंने भाभी का खूब ख्याल रखा, जिससे भाभी बड़ी खुश थीं. लेकिन उसने कभी सेक्स नहीं किया था क्योंकि वो अपने मम्मी और पापा से डरती थी. हम दोनों की कमर की रफ्तार बढ़ने लगी और मैं जल्दी जल्दी झटके लगाकर ललिता भाभी की गांड में अपना लंड अन्दर बाहर करके चोद रहा था.

फिर हम दोनों ही सीट पर लेट गए और चादर ओढ़ कर एक दूसरे को किस करने लगे. मैं पास में बैठ गया।आंटी बोली- राज, कुछ खाएगा?मैं बोला- बहुत कुछ खाऊंगा।इस बात पर आंटी ने मेरी ओर अजीब सी निगाहों से देखा और फिर हल्के से मुस्करा दी. मैं क्या करूं? मैं उसे चोदूं या नहीं?साथियो, मैं आपको अपनी सेक्स कहानी के पिछले भागमेरी गर्लफ्रेंड को चुदाई की आदत लग गयीमें प्यार के बाद सेक्स और उसमें होने वाली विसंगतियों को लेकर बता रहा था.

मैंने भी उनकी गांड में थप्पड़ मारे और लौड़ा चुत की जड़ तक पेलते हुए कहा- ले भैन की लौड़ी साली … चुदक्कड़ ले लंड खा रांड. हम जब भी लॉज में जाते तब हमारे बीच सेक्स कम और उसकी शादी की या शादी के बाद की बातें ही होतीं.

उसने मेरी गांड में जीभ लगाकर चाटना शुरू किया तो मैं और ज्यादा मचल उठी.

जब मैं वापस आया तो मेरा लंड मेरे अंडरवियर में तनकर एक तरफ निकला हुआ था और उसने वो भी देख लिया मगर मुझे जाहिर नहीं होने दिया कि वो भी देख रही है. गर्ल एक्सएक्सएक्सइसलिए मैंने बिना कुछ कहे, साइड से अपना स्कूटर निकाला और स्टार्ट करने लगा. गुजराती सेक्सी चूतफिर मैंने उसको उल्टा लेटा दिया और उसके पीछे से उसको चाटने लगा उसकी पीठ पर उसे किस करने लगा. मैं बोली- मगर यहां कैसे डालोगे?उसने मेरी साड़ी के ऊपर से ही मेरी चूत को रगड़ते हुए कहा- तुम बस खड़ी रहना.

अब उन्होंने मुझसे कहना बंद कर दिया और मेरे सामने ही नमन को लेकर कमरे में चुदने चली जाती हैं.

एक पैंटी जैसी चमड़े की पेटी थी, जिसे पहना जा सकता था … और एक डिब्बी में चिकनाई के लिए क्रीम थी. कुछ ही पलों में वो मस्ती में आ गया और उसने अपने लंड को एकदम से रेल के इंजन की रफ्तार से दौड़ा दिया. इसको अपने बच्चे की मम्मी बना दे मादरचोद को।फिर झटके देते हुए रवि भी मेरी गांड में झड़ गया और मेरी गांड में अब दोनों लौड़ों का वीर्य भर गया था.

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उसमें 6 अलग अलग तरह के नकली प्लास्टिक और रबर के लिंग थे, जैसे कि वयस्क फिल्मों में होते हैं. ऐेसी चुदाई मैंने आज तक नहीं करवाई थी और न ही इतनी उत्तेजना कभी महसूस हुई थी. आधी नंगी खड़ी रेशमा मेरे पास आयी और उसने मुझे किस करते हुए कहा- कहां खो गए वीरू जी? मैं पसंद आई?मैंने उसके सवाल का कोई ज़वाब दिए बिना उसके होंठ अपने होंठों के कब्ज़े में ले लिए.

मुझे अपना गदराया हुआ जिस्म बड़ी सनसनी दे रहा था, तो मैं अपनी नंगी फोटो खींचने लगी.

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मेरे पति की ये आदत है कि वो संभोग करने से पहले ढेर सारी बातें करते हैं.

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वो अपनी नाक को बार बार मेरी चूचियों की घाटी में रगड़ रहा था और मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा था.

गांव की बीएफ सेक्सी हिंदी: हम दोनों ने बाहर से खाना मंगाया और साथ में खाना खाया।उसका मेरे घर पर होना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि वो मेरे लिए बहुत ही खास बन चुकी थी; मैं उसे अपनी सबसे अच्छी दोस्त मानता था।वो अपने साथ एक बैग लायी थी जिसमें उसके कपड़े थे. मैं उनकी भरी हुई गांड को भी जोर-जोर से दबा रहा था, बीच-बीच में मैं शॉवर भी शुरू कर देता था.

मैंने होंठों से एक पल की मुक्ति पाकर उन्हें देखा तो वो नशीली आंखों से मेरी तरफ देखने लगीं. वो बोला- वो मेरी स्पेशल वाली कोल्डड्रिंक है, बाजार में नहीं मिलती है. उसके दस मिनट के बाद फिर मैंने पूरी स्पीड बढ़ा दी और उसकी चूत के चिथड़े होने लगे.

मैंने टी-शर्ट नहीं पहनी थी, तो मुझे ठंड लग रही थी लेकिन अच्छा लग रहा था.

जो बिना शादी किये ही इस माल को चोदने जा रहे हो।सन्नी मेरी चूत की पप्पी लेते हुए बोला- तुम अगर आज्ञा दो तो अभी के अभी तुमसे शादी कर लूँगा।उसके होंठ मेरे चूत पर जैसे ही पड़ी मैं तड़प उठी. मुझे ये बात मुंबई शहर पहुंच कर पता चली कि मुंबई को माया नगरी क्यों कहा जाता है. वो बोलीं- तू पागल है, मैं मम्मी हूँ तेरी, किसी को पता चल गया तो?मैंने कहा- कौन बताएगा.