बीएफ पटेल

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ओड़िया ब्लू पिक्चर: बीएफ पटेल, मेरे मना करने पर वो जाने लगी और जैसे ही वो मुड़ी … तो उसकी चुनरी उसके पैरों में फंस गई और वो घूम कर मेरे ऊपर गिर गयी.

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वो इंजीनियरिंग छोड़ कर टीवी सीरियल और मूवीज में एक्टिंग करना चाहती थी. शादीशुदा औरतभाभी ने घर के बगल वाले कमरे का दरवाजा खोला और बाहर मेन दरवाजे पर सामने से आ गईं.

एक बार भीड़ में उसने मेरी गांड को भी दबा दिया था, उससे मुझे बड़ा मजा आ गया. श्रीदेवी सेक्सी पिक्चरवो अपनी प्लानिंग के अनुसार दिल्ली आ गए और उन्होंने एक होटल में रूम बुक कर लिया.

अभी मेरा सिर्फ ऊपर का हिस्सा ही अन्दर गया था कि उसकी आवाज और आंसू दोनों निकल पड़े- आआह … संदीप … फक मी … आआह!मैंने चुदाई के साथ साथ उसके मम्मों को मसलना चालू कर दिया ताकि उसे थोड़ा आराम मिले.बीएफ पटेल: मुझे उम्मीद है कि ये स्लीपिंग सिस्टर सेक्स कहानी आपको काफी पसंद आएगी.

तभी वहां किसी के आने की आहट हुई, तो हम दोनों जल्दी से वहां से निकल आए.मैं ये सब सामान कुछ इस तरह झुक कर रखती कि मेरे मम्मों की बीच की काफी गहरी गहराई उन तीनों अंकल को साफ़ साफ़ दिख जाती और सब मेरी जवानी को शराब के नशे में अपने अन्दर उतार रहे थे.

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उसने मुझसे पूछा कि तुम शादी में क्यों नहीं गए?तो मैंने उत्तर दिया कि मेरा मन नहीं था.मेरी सगी बहन मेरे लंड से चुद गई थी और अन्तर्वासना पर भाई बहन की चुदाई की कहानियों को पढ़कर मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं भी आपके साथ मेरी ये सच्ची सेक्स कहानी शेयर करूं.

मैं क्या करती, मेरी गांड की हालत उस बकरी जैसी हो रही थी जिसके सामने शेर खड़ा हो और कोई कहे कि हिम्मत रखो, कुछ नहीं होगा. बीएफ पटेल वो मुझसे बोले- मेरी जान तू मुझसे डर क्यों रहा है … अगर तूने मेरे आदेश का पालन नहीं किया तो ये तेरे लिए अच्छा नहीं रहेगा.

जेबा ने मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और 5-7 मिनट बाद मैं उनके मुंह में ही झड़ गया.

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मैंने शुरू में तो उनसे मैडम ही बोला, फिर एक दो बार उनका नाम भी लिया. हम दोनों साथ में बैठ कर मैगी का मजा लेने लगे और हॉल में बैठ कर टीवी देखने लगे. वो मेरी दीदी को सोफे पर लेकर आ गया, जहां मैं भी उसके लंड से चुदी थी.

जब मैं कमरे से बाहर निकला तो देखा बैठक में रंगोली झुककर झाड़ू लगा रही थी. अमित के कहने पर उस दिन मैं अपनी शादी का जोड़ा पहन कर तैयार हो गई थी. उनके नंगे जिस्म के ऊपर अपना दबाव बनाना शुरू किया तो मेरी छाती उनकी चूचियों को दबा रही थी.

दीदी की चूत जैसे ही लंड पर पड़ी, हम दोनों आंख बंद करके परम आनन्द की प्राप्ति में खो गए थे. मेरी यह सच्ची सेक्स कहानी मकान मालकिन की बड़ी बेटी मालती की चुदाई की है, जिसको उसकी सगी छोटी बहन ने ही मेरे बिस्तर तक पहुंचाया था. वो सोढ़ी के सीने पर अपना सर रखकर कभी सोढ़ी की छाती की घुंडियों से खेलने लगती तो कभी उसकी छाती के बालों से खेल रही थी.

ऐसे में जब लड़की खुद ही इतनी चुदासी हो तो उसके चेहरे को देखते हुए जोर जोर से धक्के मारकर उसकी आहें निकलवाना और भी ज्यादा मजा देता है. मैंने मॉम से कहा- एक नया सॉन्ग आया है, सुनना चाहोगी? मूड फ्रेश हो जाएगा.

मेरे आते ही उसने मुझे गद्दे पर लेटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ कर मुझ पर टूट पड़ा.

मैं पूरी जीभ को अन्दर करके करीब 10 मिनट तक चुत को चूसता रहा और मैंने चुत को खूब चाटा.

जैसे ही सरिता भाभी विजय से चिपकी, विजय के रोम रोम में बिजली सी दौड़ गई. उफ्फ क्या फीलिंग थी वो … पर मैंने उसे हटा दिया और कहा- पहले सेक्स कर लेते हैं … नहीं तो ब्लोजॉब में ही झड़ गया तो मज़ा खराब हो जाएगा. कुछ देर आराम करने के बाद सुशी जी को देख मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

मैंने मेरे लंड को चड्डी से बाहर निकाल दिया और अर्शिया की चड्डी पर टिका दिया. दीदी की चुत मेरे सामने खुली पड़ी थी और उन्होंने मेरा लंड भी चूस लिया था तो अब मुझे भी कोई डर नहीं रह गया था. उसकी पैंटी मेरे सामने थी तो मैंने इलास्टिक में उंगलियां फंसाईं और नीचे खींच कर पैरों से निकाल कर अरुणिमा को थमा दी.

क्योंकि पूरी गाँव में मेरा दबदबा था, हर कोई मेरे अहसान तले दबा हुआ था.

हम दोनों ने एक दूसरे से अपने अपने गिले-शिकवे दूर किए और इस सबमें एक घंटा गुजर गया. उन्हें चोदने का मेरा मन जब हुआ जब मैंने उन्हें रात को डैड के साथ सेक्स करते देखा है. उन्होंने हमें लिटा दिया और हमारे शरारे का नाड़ा खोलकर उतार दिया, फिर हमारी पैन्टी उतार दी.

फिर मैंने उसको किसी तरह से अपना एक बॉक्सर एंड टी-शर्ट पहनाई और उसको बेड पर सुला दिया. मेरे घर वाले जैसे ही दोपहर तीन बजे घर से निकले, मैंने आशीष को फोन से बोल दिया कि मेरे घर आ जाओ, आज फ़ाइल पूरी बना ली जाए, घर में कोई नहीं है. उनका लंड एकदम कड़क और 7 इंच लम्बा और किसी दो इंच के पाइप की तरह मोटा लग रहा था.

मैंने असीम को कुछ पैसे दिए और कहा कि मुझे देर हो सकती है, तो तुम कुछ खा-पी लेना और मेरे फ़ोन का इंतजार करना.

अब मैंने इशारे से उन्हें लंड चूसने को बोला तो उन्होंने मेरा लंड चूसना चालू कर दिया. मैंने एक बार उसके दोनों नंगी मम्मों को अपने हाथों से पकड़ कर मसला और उसकी एक मीठी आह सुनने के बाद मैं नीचे चूत की तरफ देखने लगा.

बीएफ पटेल लेकिन पिछले कुछ दिनों पहले की एक और घटना ने मुझे ये मानने पर मज़बूर कर दिया कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है. तुमने अपना वर्क कर लिया?निशा ने भी एकदम से अपना हाथ अपनी चूत से बाहर निकाला और इसी चक्कर में उसका स्कर्ट उसकी जांघों तक ऊपर हो गया.

बीएफ पटेल आह … मेरी तो जैसे मन की मुराद पूरी हो गई थी; मैं अपने आपको बहुत मुश्किल से संभाल पा रही थी. वो ब्रा खोलने की बात 3 बार बोलीं- शर्माओ नहीं, यहां कोई तीसरा नहीं है.

मेरी यह कहानी मेरे और मेरे घर के सामने वाली दूकान वाली महिला की है.

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तभी हमारी सोच पर रोक लगाते हुए परेश की आवाज आई- आपको ऐतराज ना हो तो बगल के कंर्पाटमेंट में मेरी सीट है, आप वहां शिफ्ट हो सकते है क्या? हम फैमिली हैं … तो प्लीज़ हमें सहयोग कीजिएगा. मैंने फिर से उसको दबा कर नीचे कर लिया और उसके मुँह को ही छेद समझ लिया. मुझे एक तरफ चुम्मी का मजा आ रहा था और दूसरी तरफ उसके मोटे मूसल लंड का स्पर्श अपनी चुत पर बड़ा ही हॉट लग रहा था.

मेरे मुँह में अंगूर का दाना गया तो ऐसा कि कोई एकदम गर्म फल मेरे मुँह में आ गया हो. मैं मस्ती से अपनी जीभ से मैडम की चुत का एक एक कतरा चाट कर साफ़ करने में लगा हुआ था. मैं क्या करती, मेरी गांड की हालत उस बकरी जैसी हो रही थी जिसके सामने शेर खड़ा हो और कोई कहे कि हिम्मत रखो, कुछ नहीं होगा.

भाभी मेरे मुँह में अपनी जीभ डालकर चूसते हुए अपनी बड़े बड़े स्तनों को मेरे बदन पर रगड़ रही थीं.

आपको मेरी ये होम ट्यूटर सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मेल करके जरूर बताएं. दीदी एकदम चिहुंक गईं और अपनी दोनों टांगों को फैलाने लगीं ताकि मैं उनकी भूरी नशीली कुंवारी गांड को अच्छे से चूस सकूं. इसी बीच एक दिन कॉलेज में जब मैं अपनी दूसरी क्लास से बाहर निकल रही थी, तो मैंने संजना को स्कूल के पीछे की तरफ जाते देखा.

फोन कट गया और कुछ ही पलों बाद उन्होंने मुझे अपने घर का पता भेज दिया. वो मुझे चोदता हुआ बोला- चुप साली भोसड़ी की … चुप रह रंडी … बस मजा ले. एक ही झटके में उनके शरीर पर लटकी हुई ब्रा और ब्लाउज को अलग कर दिया.

अंकल मुझे बाइक से उतार कर बोले- तुम अन्दर चलो, मैं बस 10 मिनट में आता हूँ. मुझे इसका अहसास तब हुआ जब उसने मेरी चूत में अपनी दो उंगलियां घुसेड़ दीं और जोर जोर से चुत में उंगली करने लगा.

उसने पल की भी देर न की और लपक कर मेरे लंड को अपने मुंह में भर लिया. अंकल एक प्राइवेट फर्म में जॉब करते थे, तो वो ज्यादातर आउट ऑफ़ सिटी रहते थे. विजय ने कुछ कहे बिना ही सरिता भाभी को गोद में उठा लिया और अपने रूम में ले गया.

नन्दिनी ने भी आह की सीत्कार की मगर अगले ही पल उसने दर्द से भींचे हुए होंठों के साथ मेरे लंड पर अपनी कमर चलानी शुरू कर दी.

फिर मेरे लंड ने उसकी गांड में जमकर एक पिचकारी मारी तो उसके मुंह से ‘आहहह …’ की एक गहरी सिसकी निकल गई. चाची सिसकारियाँ भरती जा रही थी- वाह मेरे राजा … मेरे राजा आराम से कर ना! जब मैं तेरी हूं! आज के बाद मैं अपनी चूत तेरा नाम करती हूँ. उसे अपने करीब खींचते हुए मैंने उसकी चोली की डोरी खींच दी तो फड़फड़ाते हुए कबूतर मेरे सामने आ गए.

वो मुझे अक्सर ताना देती रहती हैं कि तुझे तो अपनी मौसी का ख्याल ही नहीं है, कभी हाल चाल भी नहीं लेता. इतने बड़े घर में रात को अकेली सोती थी, तो उस बात से मुझे थोड़ा डर सा भी लगा रहता था.

वो मुझसे कहने लगीं- अनुज, आज मैं एक सही और मेरे काबिल मर्द की बांहों में हूँ. मौसी ने अपनी टांगों को फैला दिया और उनकी रस उगलती चुत मेरे मुँह में नमकीन मलाई छोड़ने लगी. कुछ ही देर में नाज ढीली पड़ गई तो मैंने उसे गोद में उठा लिया और पहली मंजिल पर बने अपने हरम में ले आया.

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सुशी जी का कमरा घर के एमदम पीछे की तरफ था और मैं पीछे दीवार फांद कर उनके कमरे में आ जाया करता था.

नंबर मिलते ही उसके चेहरे की चमक ही बदल गई और उसने तुरन्त मेरे नंबर को अपने फोन में सेव किया. इन शब्दों का मेरे मन पर या यूं कह दूँ कि मेरी वासना पर गहरा आघात लगा. निशा, जिसको मैं एक सीधी-साधी लड़की समझता था, वह मेरे मोबाइल पर वही अन्तर्वासना की कहानी पढ़ रही थी और एक हाथ से अपनी चूत को मसल रही थी.

मैं उसकी इस बात से काफी खुश हुआ और बाद में उसे उसके कमरे तक छोड़ने चला गया. मैं उनकी दुकान से पारले जी बिस्कुट लेने गया था जो ऊंचाई के ऊपर रखे हुए थे. मामी को भांजे ने चोदामैं भाभी की चूत देखकर एकदम झूम उठा क्योंकि इतनी सुंदर चूत मैंने पहले कभी नहीं देखी थी.

फिर एक दिन मैंने गलती से उसका पुराना फ़ोन देख लिया जिसमें उसका इंस्टाग्राम का अकाउंट आलरेडी लॉगिन था. ये सब देखकर मुझे दुख हुआ कि मेरी बीवी ने मुझे ऐसी बातें बताना तक ठीक नहीं समझा.

फिर बीस मिनट तक रमामैडम की चुतका बाजा बजाने के बाद जैसे ही मुझे लगा कि मेरा होने वाला है, मैं अपनी पूरी ताक़त से उन्हें चोदने लगा. उसके मुँह से बहुत ही कामुक सिसकारियां निकलने लगी थीं- हहाईई … मउम्मीईईई. मुझे समझने में थोड़ा सा भी वक्त नहीं लगा और बिना रुके मैं उनसे सटने की कोशिश करने लगा.

फिर मैं उसके होंठों की तरफ बढ़ा, जो लाल सुर्ख गुलाबी ऐसे लग रहे थे, जैसे दुनिया के सारे रस आज इसी के होंठों में भरे हुए हैं. चूंकि वो शादीशुदा थीं, पर पति से दूर रहने और महीनों सेक्स ना करने से उनकी चूत कसी हुई थी. मैं उनके पास को गया तो बोलीं- तुमने कभी किस किया है?मैंने सोचा आंटी आज मूड में हैं इसलिए ऐसी बात कर रही हैं.

लेकिन मेरा सिर्फ आधा लंड ही उसके मुँह में जा रहा था तो मैंने जोर से उसका मुँह दबाया और मेरा पूरा लंड उसके गले तक चला गया.

कुछ देर के बाद मेरी चुत बिल्कुल गीली हो गई और ना जाने मुझे क्या हुआ, मैं वहां से जाने लगी. मैंने अपनी आंखें ऊपर करके कोमल को देखा तो वो जग चुकी थी और मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी.

मैं भी पूरी ताकत से भाभी से लोहा ले रहा था, उनके छेद को और भी चौड़ा कर रहा था. दीदी बोलीं- क्या हुआ मेरे विक्की बाबू को?तब विक्की बोला- कुछ नहीं भाभी. पहले एक फिर दो फिर तीन उंगलियों से मैंने मैडम की गांड को ढीला किया.

उसके होंठों को जोर से चबा कर लौड़े से एक करारा धक्का मारा और लंड से पानी की बौछार उसकी चुत में गिरने लगी. फिर मैंने अमिता को जगा कर एक 40 मिनट की चुदाई की जिसमें अमिता ने बहुत मजा लिया. हम दोनों पहले भी चुदाई कर चुके थे तो लंड पेलने में कोई परेशानी नहीं हुई.

बीएफ पटेल उसने अपने दोनों पैर मेरे चूतड़ों से लपेट दिए और चुत में लंड लेने लगी. मेरी उम्र 31 साल है … मैं दिखने में ठीक-ठाक सा एक साधारण इंसान हूँ.

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थोड़ी देर ऐसा करने के बाद वो फिर से झड़ गयी और मैंने उसका सारा पानी पी लिया. ट्रेन की लाइट में उसका दूध सा गोरा चिकना बदन उसे और भी सेक्सी बना रहा था. लता बार बार मुझे बधाई पर बधाई दिए जा रही थी कि मुझे आपकी सेक्स कहानी में जो आपने किया है … वो बहुत पसंद है.

दो मिनट बाद मैं उनके पास गया, तो वो अपने पति से बात भी करती जा रही थीं और लंड को सहलाती भी जा रही थीं. चाचा चाची के आने का समय हो रहा था तो मैंने उसे जगाया, तब जाकर वो उठी. नंगी लुगाई फोटोलेकिन उसका लंड एकदम विशाल रूप ले चुका था, जो लाख छुपाने से भी नहीं छुप रहा था.

वो पौंछा लगाते समय या कपड़े धोते समय अपनी साड़ी को इतना ज्यादा उठा देती थीं कि मुझे अक्सर उनकी पैंटी दिखाई दे जाती थी.

बाद में कई बार मेरा उसके साथ संसर्ग हुआ … लेकिन ये वाकिया इसलिए याद रहता है क्योंकि मेरे ऑफिस ज्वाइन करने के दस दिन के अन्दर हीमेरे लंड को चुत मिल गईथी. पर अभी मेरा लंड थोड़ा बाहर था तो मैंने उनसे कहा- भाभी, अभी थोड़ा बचा हुआ है.

सफर में उस मस्त माल का साथ था तो पता ही नहीं चला कि कब हम दोनों ग्वालियर पहुंच गए. मेरी मंजिल जैसे जैसे करीब आ रही थी, मेरे लण्ड का सुपारा फूलने लगा था. मैं पूरे दिन काम का थका शाम को हाफ-डे लेकर ऑफिस से जल्दी आ गया था और आते ही बेड पर सो गया.

उन लड़कों ने तो पूरे ग्रुप के साथ ही जन्मदिन मनाने की शुरूआत कर दी थी.

उसी समय मैंने साली साहिबा को दूसरे कमरे में जाते देखा तो दस मिनट बाद मैंने उसे व्हाट्सैप पर हाय लिख कर भेज दिया. वो घुटनों के बल बैठ गई और लंड को अपने मुँह में लेकर मजे से चूसने लगी. मैं भी दीदी की गांड के स्वाद को चखते हुए अपने होंठों पर जीभ फिराई और बेडरूम में जाने लगा.

एक्स एक्स एक्स लाइव वीडियोमैंने देर न करके लंड को चुत पर रखा और एक झटके में अन्दर घुसेड़ दिया. मैंने अपनी कमर उठा कर उसके लंड को चुत में लेने की कोशिश की, तो उसी समय उसने धीरे से धक्का लगा दिया.

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मैंने उनकी गीली हो चुकी पैंटी टांगों से निकाल दी और चुत पर हाथ फेरा, तो चुत में से चिपचिपा पानी निकल रहा था. उधर बना कृत्रिम छिद्र को मेरी योनि छिद्र मानकर वो उसमें हर धक्के से और गहरी चोट करते जा रहा था. अचानक ही उसको ध्यान आया कि उसने बाथरूम का दरवाजा बंद नहीं किया है वो अगले ही पल पलटी तो उसकी नजर सीधी मेरे ऊपर गयी.

कुछ देर यूं ही लंड चूसने के बाद मैंने उसे उठाया और उसके चुचों के बीच लंड रगड़ने लगा. मेरा लंड चूत की मखमली नाजुक पंखुड़ियों को चीर कर पूरा अन्दर तक घुस रहा था. एक दिन मुझे किसी काम से सुबह सुबह उनकी दुकान में जाना पड़ा जहां उनके साथ मेरी मुलाकात हुई.

रानी ने मेरी कमर पर जहां-तहां अपने नाखूनों से निशान बना दिए थे- आह जाआनन्नन … चोदो ओर चोदो … आह मैं आने वाली हूँ बस. कुछ मिनट तक उसे गले लगाने के बाद मुझे लगने लगा कि इसे भी मज़ा आने लगा है क्योंकि उसका विरोध खत्म हो गया था, उसकी सांसें तेज तेज चलने लगी थीं. लता बार बार मुझे बधाई पर बधाई दिए जा रही थी कि मुझे आपकी सेक्स कहानी में जो आपने किया है … वो बहुत पसंद है.

अब मैं भी जोश में आ चुका था, तो मैं जोर जोर से लंड को अन्दर बाहर करने लगा. इसी दौरान मैंने शरद के कहने पर असीम को सर्वेंट क्वार्टर से निकाल कर घर में ही रहने कह दिया था.

रानी- अपनी आंखें बंद करो और मेरी पैंटी उतार दो ताकि मैं पेशाब कर सकूं.

मैं दीदी के चूतड़ों को फैलाते हुए नीचे बैठ गया और दीदी की भूरी नशीली गांड को सूंघने लगा. दिल्ली की भाभी की चुदाईक्योंकि मेरी चुत का छेद बिल्कुल छोटा सा था और अंकल जी लंड गधे जैसा हब्शी लंड था. म से मुस्लिम बॉय नामउस समय मेरा हाथ गलती से उसके लंड पर पड़ गया जो कि एकदम टाइट हो चुका था. वो मेरे होंठों को चूमने लगी और बोली- जल्दी डाल दे अब, घर वाले आ सकते हैं।मैंने उसकी चूत पर लंड को सेट किया और अंदर घुसाने लगा.

यह कूल्हों से शुरू हुआ दोनों का जोड़, नीचे मेरे घुटनों तक जा रहा था और फिर उसका घुटने से मुड़ा हुआ पैर पिंडली से वापस मुझसे सटा हुआ था.

दोस्तो, मेरा नाम रश्मि है और इस वक़्त मैं एक 32 साल की शादीशुदा महिला हूँ. उसके संतरे मेरी आँखों के सामने उसकी छाती पर लटक रहे थे और जिनके निप्पल बहुत ही नुकीले होकर आगे की ओर चोंच बनाये हुए थे. हईई … मैम की दिलकश जवानी मेरे सिर से पांव तक 440 वोल्ट का करंट दौड़ा रही थी.

एक तेज गर्म धार उसने अपनी मूत की चूत से बहानी शुरू कर दी और मैं हवस का मारा उसकी चूत से बहते हुए मूत को पीने लगा. मैं बोला- तो एक काम करो मुझे अपना ब्वॉयफ्रेंड बना लो … मुझ पर तो भरोसा कर सकती हो ना!वो मजाक़ समझ कर हंसने लगी और बोली- सिमरन मेरा मुँह नोच लेगी. बात उस समय की है, जब मेरी पहली वाली गर्लफ्रेंड की मां गीता के साथ चुदाई का आलम मस्ती से चल रहा था.

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मैंने उसी समय बाथरूम में जाकर उस ब्रा-पैंटी को पहना, तो मेरे चूचे और चुत साफ़ दिख रहे थे. इसके बाद हम दोनों ने उसी होटल में रुक कर करीबन 10 दिन तक लगातार चुदाई की. ”यह कहकर मैंने अपना लण्ड लुंगी से बाहर निकाल कर शबाना के हाथ में पकड़ा दिया.

ये सुनकर मैं और जोश में आ गया और लंड को तेज़ तेज़ अन्दर बाहर करने लगा.

वो सिसकारियां भरने लगी- ऊईई ईईई हाह ईईई ऊईईई ईश्श!मैंने कहा- तुम तो शादीशुदा हो, फिर भी दर्द?वो बोली- मेरे इनका लौड़ा छोटा है और ये बहुत कम चुदाई करते हैं।मैंने पास में रखी तेल की शीशी उठाई और उसकी चूत में लन्ड पर लगाकर जोर से धक्का लगाया.

अपनी टाँगें मेरे कंधों से नीचे उतारते हुए शब्बो बोली- तुम्हारा लण्ड बहुत बड़ा है विजय!और कितने लण्ड खाये हैं जो मेरा बहुत बड़ा लग रहा है?”खाया एक है लेकिन देखे दो हैं. मगर अलीज़ा के बारे में अभी ये कहना मुश्किल था कि वो मेरे लंड से चुदेगी भी या नहीं. साथिया वीडियोउसकी चूत से मेरा लौड़ा टकरा रहा था और उसके छोटे से बोबे मेरे सीने से पिस रहे थे.

लड़का- यार, उस रात के बाद से मुझे तुम्हारी चूत की बहुत याद आ रही है. दोस्त के पास पहुंचने के बाद मैं उससे मिला और उसे हम दोनों ने शादी के लिए बधाई दी. मैंने भी अपना एक हाथ बढ़ाया और उसकी कमर पर रख दिया और उसकी गांड पर लंड रगड़ने लगा.

चूंकि चाचा चाची दोनों जॉब पर चले जाते थे और हम पूरा दिन नंगे रह कर मस्ती करते थे. साली रोज रोज ऐसा करती है, तो क्यों न एक दिन इसको फिर से लंड दिखा ही दूँ.

नमस्कार दोस्तो,मैं आपका अपना दोस्त अभी कुमार अपनी पहली सेक्स स्टोरी लेकर आपके सामने हाजिर हुआ हूं.

मेरे मुँह से ‘आआ आह हह उहहह उफ़्फ़ मरर गयी डॉक्टर साहब … औरचोदो मजा आ रहा है. केवल 3 साल के अन्दर मुंबई जैसी जगह में उसने अपनी चुत के दम पर कार और फ्लैट खरीद लिया था. दो मिनट बाद ही मैं कोई गाना गुनगुनाता हुआ अन्दर आने लगा ताकि उसको अहसास हो जाए कि मैं आ रहा हूँ.

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मुझे क्या पता था कि किसी और डिब्बे में मेरे कुंवारे लंड का इंतजार एक हसीन मदमस्त चिकनी चूत कर रही है. वो भाभी मेरे एकदम पास में ही खड़ी थी और मेरी सीट पर हाथ रखे हुए थी. हैलो मैं अनुज मिश्रा आपको सेक्स कहानी के पहले भागजींस टॉप वाली सेक्सी पड़ोसन को पटायामें सुना रहा था कि भाभी मुझसे चुदने के लिए राजी हो गई थीं और उन्होंने मुझे अगले दिन के लिए कहा था.

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मेरे लौड़े से एक के बाद एक पिचकारी निकलती रहीं … और मौसी मेरे लंड को मुठियाती रहीं. मैं हंसने लगा क्योंकि मेरा इरादा तो कुछ और ही था, मैंने कहा- अभी थोड़ा और मजा ले लो मौसी. मैं काफी देर से गर्म था तो भाभी ने मेरे लंड की मुठ मारने के बाद 5 मिनट में ही मेरे माल निकल गया और मेरी पैंट पर गिर गया.

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क्योंकि चुत बहुत गीली हो चुकी थी तो लंड सरसराता हुआ अन्दर तक घुसता चला गया.

बीएफ पटेल: पापा और अंकल दोनों ही हमारे घर पर बैठ कर देर रात तक बातें करते रहते हैं. मैंने अपना अगला कामदेव का तीर फेंका और निशा के कोमल से हाथ को आराम से चूमा.

इससे तो भाभी और जोर से उछलने लगीं और मेरी गांड पर चमाट लगाती हुई मेरी जीभ को चूसने लगीं. मैंने फिर से करीब जाकर देखा तो आंटी मेरा नाम लेकर अपनी चुत में उंगली कर रही थीं. गुस्से में लाल होकर अब्बू बोले- क्यों आई थी?वो अब्बू … मैं कपड़े बदलने आई थी, इन कपड़ों में बहुत गर्मी लग रही थी.

थोड़ी देर बाद मैं मॉम के मुंह में ही झड़ गया मॉम ने सारा रस अपने कंठ में बसा लिया.

लंड के सुपारे के चूत के मुहाने पर जाते ही रंगोली सिहर गयी और चिल्ला दी- आह … धीरे!उसी समय साहिल ने तेज़ी से अपना लंड रंगोली की चूत में घुसा दिया. उसने मेरे लंड का मजा कैसे लिया?सभी चूत की मालकिनों और लंड के मालिकों को मेरा नमस्कार!दोस्तो, मेरा नाम मनोज है और उम्र 35 साल की है. वो एक जीरो फिगर वाली प्यारी सी लड़की थी, उसके खुले हुए बाल हवा में लहर रहे थे.