बीएफ सेक्स ओपन हिंदी

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इसका कारण यह था की मैं दिमागी तौर से पूरी सेक्सी बन चुकी थी गंदी किताबें और नंगी फोटो देख देख कर. नंगे चोदते हुएफिर इसके बाद मैं कम्बल में मुँह डाल कर घुस गई और वो बाहर सर निकाल कर बैठ गया.

मस्त चूचियां, पतली कमर, गदराया बदन, गांड भी पीछे से बहुत ही सुन्दर. व्वेक्सएक्सएक्सएक्सबुड्डे रमेश से रूपा के भरे हुए बदन को ठीक से संतुष्ट करना नहीं हो पाया, तो रूपा ने अपने आस पड़ोस के मजदूरों के साथ संबंध बना लिए थे.

वैसे मुझे डर था कि कैसे बहन को गर्लफ्रेंड बता कर जाऊंगा साथ में?लेकिन वो न तो मेरे शहर का था और न बहुत ख़ास दोस्त.बीएफ सेक्स ओपन हिंदी: आज चाची ने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा- कहां है मेरे राजा … मैं बाथरूम में हूँ.

भाभी बोलीं- क्यों आदी, तुम क्या करते हो?मैंने कहा- भाभी पढ़ाई … ग्रेजुएशन अभी कम्प्लीट हुआ है.बस उसी के साथ सेक्स करने के सपने देखता रहता था, पर उसे कभी ये बात बता नहीं पाया.

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मेरी मम्मी मुझे डांटने लगीं कि तू सारा दिन सोनम के यहां रहती है, ना घर में कोई काम करती और ना पढ़ाई कर रही है.फिर मैंने उसको सोफे पर बैठा दिया और उसकी दोनों टांगें फैला कर उसकी चूत को चाटने लगा अपनी जीभ से.

क्यों मीना, उससे कोई काम था क्या तुझे?नहीं नहीं … मैं तो यूं ही पूछने लगी!” व्यथित दिल से मीना वापस आने के लिए मुड़ी कि तभी उसकी जेठानी ने कहा- चिन्टू शायद कल आयेगा. बीएफ सेक्स ओपन हिंदी वह बहुत धीरे-धीरे और बड़ी अदा से बात करती थी, आंखें हमेशा उनकी ऐसे रहती थी जैसे उन्होंने ड्रिंक किया हो.

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैंने सोनू को सेक्स के लिए तैयार कर लिया था.

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फिर भाई बोला- देखो, इसको मुँह में लेकर चूसो जैसे तुमने पिक्चर्स में देखा है. मेरा अब मामा के घर जाना बहुत ज्यादा हो गया था और किसी को कोई शक भी नहीं था इसलिए जब भी मौका मिलता हम एक दूसरे को किस कर लेते थे. अब मैंने उसकी टी शर्ट ऊपर खिसकाते हुए उसके बोबों को दबाना शुरू कर दिया और उसकी ब्रा खोल कर निप्पल चूसने लगा.

मैंने भी मैडम की इच्छा को भांप कर अपना लंड अनुष्का की चूत में धकेल दिया. उसके बाद मैं उस दिन वहीं रुका और बाद में भाभी की इच्छा पर 3 दिन तक रोज रात को आकर भाभी को जमके पेलता था. मैंने पहली बार किसी लड़की को अपनी आंखों के सामने ऐसी हालत में देखा था.

राजन एकदम से डर सा गया और उसने अपने दोनों ही हाथों को अपने लिंग के ऊपर रख लिया और अपने लिंग को छिपाने की कोशिश करने लगा. पहले तो मुझे बुरा लगा, फिर मैंने भी सोचा कि ठीक है, मेरा बेटा नहीं है … बहू भी अकेली है … वासना की इच्छा सबको होती है. मैंने उसकी गांड को दबा दिया और उसमें उंगली घुसाने की कोशिश करने लगा.

कैसे हुआ ये ऐसा?मैंने कहा- तुमको याद कर करके मुठ मारने से ऐसा हो गया है. एक रात पतिदेव खाने के समय बताने लगे कि उन्होंने बच्चों के लिए सब व्यवस्था कर दी है.

उन्होंने दूध को दो गिलासों में निकाला और हम दोनों एक एक गिलास दूध पी लिया.

पूरे डिब्बे में 2-3 लाइट ही जल रही थीं, लेकिन मेरी डर के मारे फटी पड़ी थी.

जब सलोनी से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने मुझसे गुहार लगानी शुरू कर दी. फिर हम सिक्स नाइन की पोजीशन में आ गए और एक दूसरे के अंगों से मस्ती करने लगे. उस वक्त मेरी आंखें उनके उसी कड़ियल जिस्म पर टिक जातीं और मैं बस यही दुआ करता कि रवि मामा बस एक बार मुझे अपने जिस्म को छूने दें.

उसका मूत मेरे सर में बालों से होते हुए माथे में … और माथे से होते हुए नाक में … और नाक से मुँह में जाने लगा. सच कहूँ तो दोस्तो, मुझे भी समझ में नहीं आ रहा था कि इनके साथ कहां से शुरू करूँ. मैंने उससे पूछा- ऐसा क्यों करती है?वो बोली- लड़के बहुत परेशान करते हैं.

फिर उसने अपना हाथ सीधे मेरे पेंटी में डाल दिया और मेरी चूत को अपनी उंगली से रगड़ना स्टार्ट कर दिया.

वो मेरे ऊपर चढ़ सा गया और मेरे चूतड़ों के ऊपर अपनी दोनों टांगें फैला कर झुक गया. कुछ देर बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और मैं जाने को तैयार हो गया. 5 इंच का लौड़ा उसके मुख में था।अब मैंने सोचा कि कुछ और नया किया जाये।मैंने उसको उठाया वहां से और रूम के अंदर बेड पर ले गया.

कुछ सेकेंड तक जब मैंने कोई हरकत नहीं की, तब भाभी अपना चेहरा मेरे सामने लाकर मुझे देखने लगीं. चाची- आहह … ऊहह … हां मेरे राजा … छोड़ … ज़ोर से चोद मुझे … मेरी चुत का छेद बड़ा कर दे … बहुत हरामी हो गयी हूँ मैं … मुझे रंडी की तरह चोद … आअहह … ऊहह … आअहह राजा!मैंने पोज़िशन बदल बदल कर चुदाई की, कभी घोड़ी बना कर, तो कभी खड़े हो कर, पर सबसे ज़्यादा मज़ा तो रिवर्स काउगर्ल में आया … उस पोज़िशन में तो चाची का सारा दम निकल गया था. फिर मैंने कहा- कोई बात नहीं, अगर आपको मदद नहीं चाहिए तो कोई बात नहीं, मैंने तो बस ऐसे ही पूछ लिया था.

उसने मेरी बात मान ली और जैसा मैंने उसे सिखाया, वैसा ही करने का निश्चय किया.

मुझे लगा कि दीपक मजाक कर रहा है तब मैंने भी मजाक में ही हां कह दिया. मैं बोला- कल के लिए सॉरी पायल, लेकिन तुम्हें देख कर कोई भी ऐसा ही करेगा.

बीएफ सेक्स ओपन हिंदी अब भाभी मेरे होठों को चूसे जा रही थी, मुझे जिंदगी में पहली बार ये सब मज़ा मिल रह था और मैं इस मज़े का कोई भी पल मिस नहीं करना चाहता था. मैंने कुछ देर तक अपने लंड को हिलाया और फिर जोर से मुट्ठ मारते हुए वीर्य निकाल दिया.

बीएफ सेक्स ओपन हिंदी मैंने उसकी टांगों को चौड़ी कर दिया और उसकी चूत पर अपने होंठ रख दिये. मैंने उसके निप्पल छोड़ कर उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया और धकापेल चुदाई करने लगा.

बोले कि दोनों साथ में करेंगे!अब मामी बेचारी मरती क्या न करती? मामा कमोड पर बैठ गए और लंड को थोड़ा सहला कर अर्ध-सुप्त अवस्था में ले आए और मामी से कहने लगे कि अब तुम भी बैठ जाओ मेरी टांगों पर.

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वह मुझे पागलों की तरह किस करने लगी और मैं भी उसका पूरा पूरा साथ देने लगा था. फिर मैंने उसकी चूत की चुदाई तेज कर दी और वह उछल-उछल कर मेरा साथ देने लगी. मैंने रेड ब्रा पेन्टी स्ट्रिंग वाली और ब्लैक कलर का घुटने तक का सिल्क का गाउन पहन लिया.

मैंने कहा- मगर फोन तो संजीव का था, आप कैसे बात करते थे?वह बोला- अरे, हम पुराने यार हैं. कुछ दिनों बाद किसी कारण से कॉलेज को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया और मेरे मामा का लड़का अपने घर चला गया. मैं कुछ देर के लिए उसके ऊपर ही पड़ा रहा … कुछ देर के बाद वो भी शांत हो गई.

वो रात को 11-12 बजे तक ऑनलाइन रहती है, पर तब भी वो मुझको मैसेज नहीं करती.

मैंने उसकी टांगों को चौड़ी कर दिया और उसकी चूत पर अपने होंठ रख दिये. तकरीबन आधे घंटे बाद भाभी भी एक सेक्सी सा गाउन पहन कर आ गईं और वहीं बैठ कर टीवी देखने लगीं. उसकी चूत में अपना माल गिरा कर मुझे जो सुकून मिला, वो मैं बयान नहीं कर सकता.

मैं बिना रुके बुर का रस पी रहा था क्योंकि उसकी चुत से तो झरना बह रहा था. शादी से पहले मैंने किसी लड़के से रिश्ते नहीं बनाये क्योंकि मैं अपनी जवानी बस अपने पति को देना चाहती थी, पर मेरी किस्मत खराब निकली. उसने एक बार मुझे देखा और वो हंसने लगी और बोली- ऐसे घूर के क्या देख रहे हो?मैंने कुछ नहीं कहा, बस एक आंख मार दी.

कुछ ही देर में भाभी ने अपनी चूचियां और अपने मुंह को बेड के ऊपर रख दिया, जिससे मैंने उनकी जांघों को पकड़ कर जोर-जोर से चुदाई शुरू की. अगले दिन प्रीति से फिर मुलाकात हुई, मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?उसने मुझे बताया कि वो धीरे धीरे समय के अनुसार थोड़ा थोड़ा बात छेड़ने का प्रयास कर रही है.

रात का खाना खाने के बाद मेरी माँ ने सीमा से उनके हाथ में मेंहदी लगाने के लिए कहा. उसने मेरी टांगों को इधर-उधर फैला करके सीधे अपना मुँह रखकर उसे चूमा और फिर जीभ निकाल कर मेरी चुत में जैसे जीभ को डाल दिया. कोमल मेरे लंड पर ऊपर से नीचे तक जीभ ले जाती और फिर वापस से नीचे से ऊपर तक जीभ फिराती हुई वापस ऊपर की तरफ आ जाती.

मेरा ध्यान अनन्त पर गया तो उसने दीदी की चूत में अपनी जीभ डाल रखी थी.

तब नहलाती थी मैं तुझे, भूल गया क्या?मुझे वो दिन याद आ गया, जब मामी ने मेरी लुल्ली पकड़ी थी, जो कि अब लंड बन चुका था. करीब 10 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था, लेकिन मैं उसके मुँह में नहीं झड़ा. मेरा मुँह उसके बूब्स के बहुत करीब था मेरी सांसें उसके बूब्स पर टकरा रही थीं.

मैंने भाभी के घुटनों को थोड़ा मोड़ दिया और चूत के छेद के ऊपर अपने मोटे लंड का सुपारा रखा और अपनी पीठ से ज़ोर दे कर लंड को चूत के अंदर डालना शुरू किया. आज मैं मानो रवि मामा का मूसल सा लंड अपने मुँह में भरने को उतावला हो रहा था.

फिर तुंरत ही अपने चूतड़ों और घुटनों को ऊपर नीचे करके लंड को अपनी चूत पर टक्कर दिलवाने लगी. बातों के दौरान मैंने उसे बताया कि मेरे घरवाले 4 दिन के लिए कहीं गये हैं, मैं घर पर अकेला हूँ. तो ये बोला- तो आ जा … और जीतू को भी ले आना साथ में … वरना वो गालियां निकालेगा कि सबने अकेले अकेले चोद ली.

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हम सब शाम को 5 बजे पार्क में मिलने वाले थे, लेकिन मैंने श्रीतमा को सुबह 9 बजे बुलाया और उसे पता था कि हम एक साथ थोड़ी देर रहेंगे, तो हमारे लिए अच्छा होगा.

मेरी सेक्स कहानी के पहले भागजिगोलो बनते ही मिली मजेदार कस्टमर-1में आपने पढ़ा कि कैसे ऑनलाइन एक भाभी से मेरा संपर्क हुआ और उसने मुझे अपने शहर में बुलाया जिगोलो सर्विस के लिए. उसने बोला- बंध्या, तेरी गांड तो आइटम बम है … क्या गजब की गांड है … तेरे कूल्हे मस्त हैं. उसको देखते ही वह पागल से हो गये- वाह … इसको कहते हैं चूचक … कितना प्यारा और रसीला है.

दूसरा काम उसने ये किया कि पति की हर बात मानी, पहली बार प्रीति ने भी उसे अपनी योनि चाटने दी और प्रीति को भी ये अनुभव बहुत पसंद आया. कुछ दिन बाद जब हमारा टेस्ट हुआ तो मेरा स्थान उन दोनों बहनों के बीच आ गया. भागी हुई लड़कियों की जानकारीमैंने इंदु से बोला- भाभी जी, कहिये तो आपकी चुत के बाल बना दूँ?इंदु ने कहा- मेरे पास अभी बाल साफ करने वाली क्रीम नहीं है.

धीरे धीरे हम दोनों खुलने लगे थे और मुझे प्रीति की चिंता होती थी, इसलिए जहां एक तरफ प्रीति को सुझाव देती, वहीं दूसरी तरफ खुद से भी प्रयास करती कि सुखबीर, प्रीति की भावनाएं समझ जाए. जब सलोनी से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने मुझसे गुहार लगानी शुरू कर दी.

मैंने उसके बारे में पता लगाया, तो मुझे पता चला कि जिसे मैं सीधी साधी समझता था, वो बहुत तेज हो गयी है. कोमल की गांड गड्डा बन गई थी और चूत सूज कर पकौड़ा बन गई थी, उससे चला भी नहीं जा रहा था. मैं बस दीदी की खूबसूरती को निहारता रहता था, छुप छुप कर उसे बाथरूम में नहाते देखता.

मैंने भी बेशर्म बनते हुए अपनी पेंट में हाथ डाल कर अपने लंड को एक दो बार मसला. अब मैंने उठाकर उसको अपनी गोद में बैठा लिया और वह मेरी गोद में बैठ गई। वह मेरे लंड पर बैठ गई और मेरा लंड उसकी चूत में चला गया. मेरे द्वारा बताया हुआ उनको याद रहता था क्योंकि मैं एक एक चीज़ समझा कर बताता था पर सर वैसे नहीं बताते थे.

यह देखकर मामी ने मेरे गाल में हाथ फेरते हुए बडे ही प्यार से कहा- बेटा नींद आ रही है … चलो सो जाते हैं.

उसके बाद अनुष्का ने मेरे कच्छे को भी उतार दिया और मुझे नीचे से पूरा नंगा कर दिया. मैंने तुरंत उस लड़के की तरफ देखा और अपनी आंखें उसकी आंखों में डाल दीं.

मैं बड़े मजे से सर का लंड चूस रही थी और मैनेजर सर मजे से सिगरेट पीते हुए अपना लंड मुझसे चुसवा रहे थे. जैसे ही मैं उनके हाथ में टॉवेल और बाकी कपड़े देने लगा, मेरा ध्यान साइड के मिरर पर गया और मुझे मिरर में चाची के बड़े बड़े चूचे दिखने लगे. जिसमें मैंने आपको बताया था कि कैसे मेरी रूममेट कोमल के बॉयफ्रेंड मणि ने मेरी चुदाई की थी.

मैंने कुछ देर तक अपने लंड को हिलाया और फिर जोर से मुट्ठ मारते हुए वीर्य निकाल दिया. फिर भी मैंने डरते डरते मैडम से लंच के लिए पूछा तो वो बोली- चलो ठीक है, चलते हैं. पर यह बात मंसूर भाई ने भाभी को बताई नहीं थी, तो वह समझती थी कि उनमें ही कमी है.

बीएफ सेक्स ओपन हिंदी अन्तर्वासना पर लंड चुत की देसी चुदाई की कहानी का मजा लेने के साथ मुझे मेल भी करते रहो. मैंने सोनू से पूछा- फिर तुम्हारा दिल किया था करवाने को?सोनू ने बताया- कल तक तो आपसे मिलकर मैंने यह सोचा था कि मैं यह काम नहीं करूंगी, परंतु रात को जब मैंने मम्मी पापा को देखा तो मेरा फिर दिल किया और मैंने उंगली से करके अपनी प्यास बुझाई और मन में सोचा कि कल अगर आप कुछ करेंगे तो मैं मना नहीं करूंगी.

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मैंने उसके निप्पलों को अपने होंठों में भर लिया और उनको बच्चे की तरह पीने लगा. उसने मुझे जमीन से थोड़ा ऊपर उठाया और चूमते हुए बिस्तर पे लेजा कर लिटा दिया. फिर उन्होंने टांगें किसी रंडी के जैसे फैलाते हुए अपना फोन उठाया और मेरे सामने बैठकर ही अपनी सहेली, जिसका नाम सिमरन था … उससे फोन पर बात करने लगीं.

वैसे मुझे डर था कि कैसे बहन को गर्लफ्रेंड बता कर जाऊंगा साथ में?लेकिन वो न तो मेरे शहर का था और न बहुत ख़ास दोस्त. फिर उसने अपना हाथ सीधे मेरे पेंटी में डाल दिया और मेरी चूत को अपनी उंगली से रगड़ना स्टार्ट कर दिया. बुलेट पर जीजावह पूछने लगी- तुम्हें मेरे अंदर क्या अच्छा लगता है?उसकी यह बात सुनकर मैं मुस्कराने लगा तो वह बोली- मैं जानती हूँ तुम्हें मेरे अंदर क्या अच्छा लगता है.

उससे ऐसा लग रहा था कि भाभी भी सेक्स के लिए प्यासी है।मैं भाभी के होंठ 10 मिनट तक चूसता रहा.

फिर बड़े ज़ोर ज़ोर से झटके लगा कर उसने अपना सारा माल मेरी गांड में ही छोड़ दिया. वो बोले- तू एक काम कर … दारू के एक दो पैग और बनाने की व्यवस्था कर … मैं इसे थोड़ा और रंग के आता हूँ.

मेरे सगे मामाजी के चाचा के बेटे थे, जिनका नाम रवि था और वह मेरे मामा से उम्र में छोटे थे. मैं भी गर्म होने लगा था, तो मैंने उसके बालों में हाथ डालकर उसके होंठों पर होंठ रख दिए ओर मैं भी भाभी को किस करने लगा. अब मेरे स्तन उसके स्तनों के ऊपर थे, सोनल ने नीचे से मुझे बांहों में भर लिया और मुझे अपने शरीर पर दबाने लगी.

जब वो आंगन में झुककर झाड़ू लगाती थी तो मैं उसकी गांड देखकर बेकाबू हो उठता था.

प्रिय अन्तर्वासना पाठकोजनवरी 2019 प्रकाशित हिंदी सेक्स स्टोरीज में से पाठकों की पसंद की पांच बेस्ट सेक्स कहानियाँ आपके समक्ष प्रस्तुत हैं…पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …. मैं कुछ देर के लिए उसके ऊपर ही पड़ा रहा … कुछ देर के बाद वो भी शांत हो गई. मुझे जो आनंद मिला तो मैं आप को किसी भी तरह के शब्दों में नहीं बता सकता हूँ.

सेक्सी वीडियो पुलिस वालों कीमैंने शिखा से कहा- तो क्या आज हम दोनों घर पर अकेले हैं?शिखा ने कहा- जी हाँ … और वह मेरी तरफ देख कर मुस्कराने लगी. मैंने बहुत देर तक भाभी के चूतड़ों को पकड़कर अपने लंड की तरफ खींचे रखा और भाभी का पूरा पानी मेरे लंड के ऊपर से होता हुआ मेरी जांघों को भिगो रहा था.

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मन तो उसने बना ही लिया था और मैंने भी इस आसन में आकर उससे आधे मन से हां कह ही दिया था. मैं- कल्पना जी, जब आपने इतना बड़ा कदम उठा लिया है, तो अब झिझकिये मत … और खुल कर लाइफ के मज़े लीजिये. सीमा मेरी छोटी बहन के साथ मिल कर मेरी माँ के हाथ में मेंहदी लगाने लगी.

मुझे लगा शायद आज इतना ही, पर जैसे ही मैं उठी, उसने मुझे फिर से अपनी ओर खींच लिया और मुझे चूमना शुरू किया. वो फिर भी लगातार उसे चूसे जा रही थी और आखरी बूंद तक अपनी जीभ से चाट कर वैसे ही लंड को मुँह में लेकर ही मेरी कमर में हाथ डाल कर बैठी रही. जब तक उसने गैर मर्द का स्वाद नहीं चखा था, तब तक वो अपने पति से ही खुश थी लेकिन … अब क्या होगा?मैं आज नौकरी छोड़ के हमेशा के लिये गाँव में आ गया हूं.

हाथों से ऊपर से उसके मम्मों को मसलना, उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया. मुझे लगा अब ये मेरे कुछ करने का टाइम है, तो मैंने पीछे से उसे पकड़ लिया. मैं भी गांड उछाल कर उसका साथ देने लगी, उसे कसके पकड़ लिया, उसकी पीठ और उसके कूल्हों पे अपने नाख़ून से खरोंचती हुई चुदती रही.

उतावलेपन और उत्तेजना में मैंने ‘सर’ का सिर पकड़ा और अपनी तरफ खींच कर अपनी चूचियों में दबा लिया. इधर मैं भी इंदु की चुत को पूरे करीब से देख रहा था और चुत को जीभ से चाट रहा था.

निकुंज का गांड में और प्रेम का मुंह में, एक साथ दो लंड का मज़ा ले रहा था मै.

उसमें दिखाए गए लेस्बियन चुदाई के दृश्य से हम दोनों काफी गर्म हो गई थी. bfxxiv 2021 एलमेरे नितंब को अपनी हथेली में दबोचे हुए दूसरे हाथ को वो धीरे-धीरे पेट से ऊपर ले जाने लगे. मालिश वाली सेक्सीअब मैं भी उस घर में कभी नहीं जाऊंगा, अगर उस गांव आया भी तो सिर्फ अपनी बंध्या डार्लिंग से मिलने आऊंगा. अब मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया और ताबड़तोड़ चुदाई करने लगा.

मेरी ये कहानी स्मिता (बदला हुआ नाम) जैसी उन सभी लड़कियों को समर्पित है जिन्होंने अपनी सीमा रेखा से ऊपर उठ कर कुछ करने की ठानी है!आपको मेरी यह आपबीती पसंद आई या नहीं, मुझे ईमेल करें.

जब भी वो नहाने के लिए जाती तो मेरा मन करता कि मैं अपनी बेटी को नंगी नहाते हुए देखूं इसलिए मैंने बाथरूम में फोन का कैमरा छुपा कर लगा दिया. अब मैं वहां रुक गई, तो फिर से आशीष मेरे सामने बैठ गया और मुझे उसी तरह से एकटक देखने लगा. उसके बाद अनन्त ने दीदी के हाथों को अपने हाथों से हटा दिया और एक तरफ आकर दीदी के मुंह में अपने लंड को पेल दिया.

तूने देखा न मोटी जीन्स के ऊपर से तेरे चूतड़ दबाने में उन्हें कितनी मुश्किल हो रही थी. तभी भाभी बोली- तू तो बोल रहा था कि तुझे कुछ नहीं पता और तूने पहले कुछ नहीं किया है?मैंने जबाब दिया- भाभी ये सब तो मैंने सेक्स फिल्मों में देखा है. अब मुझे गांव के किसी बुजुर्ग या पहलवान किस्म के आदमी के लंड की तलाश थी.

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अति उत्तेजना के चलते उसका सपाट पेट कभी बाहर तो कभी अन्दर हो रहा था. थोड़ी देर बाद 9 बजे सुबह सोनम की दीदी की विदाई हो गई और मैं अपने घर चली आई. मैंने सोनू को समझाया कि तुम अब पूरी जवान हो चुकी हो, औरत की चूत में भगवान ने इतनी जगह बनाई है कि वह बड़े से बड़ा लंड भी ले सकती है.

अब वो मुझे बोलने लगी- मेरी चूत में लंड डाल!मैं मना करता रहा पर वो नहीं मानी, वो बोली- तेरा लंड तो तेरे भाई से भी तगड़ा है.

अब आगे:अगले हफ्ते एक शनिवार को कुछ यूं हुआ कि मॉर्निंग को मेरा कैंटीन पे जाना हुआ और दीदी का उसी वक्त वहां पे आना हुआ.

चाची मुझसे बोलीं- अब देर मत कर जल्दी से चोद ले मुझे … नहीं तो तेरे चाचा सो कर उठ जाएंगे, फिर ख़तरा है. थोड़ी देर के बाद उसने अपनी चूत में मेरे सिर को दबा लिया और मेरी नाक भी उसकी चूत में जा घुसी. এক্সক্সক্সক্সক্সउसके बाद दरवाजे की बेल बजी तो भाभी ने उठ कर तुरंत नाइटी पहन ली और अपने बालों को ठीक करती हुई बेडरूम से बाहर निकल गई.

उस वक़्त उन्होंने गुलाबी रंग की नाइटी को पहना हुआ था, जिसमें से उनके उभारों की झलक साफ दिख रही थी. जैसा कि आपको मैंने पिछली कहानी में बताया था कि वो वीडियो कॉल में मेरे लंड की साइज देख कर खुश हो गई थी और वो मेरा लंड लेने के लिए तड़प रही थी. मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था, जो मामी के नितम्बों पर दबाव बना रहा था.

मैंने उसकी गांड को दबा दिया और उसमें उंगली घुसाने की कोशिश करने लगा. चूंकि रिया की चूत वीर्य से भरी थी, एकदम चिकनी थी, इसलिए एक ही झटके में पूरा लंड अन्दर घुस गया.

मैं भी उनसे ज्यादा नहीं बातें करती थी क्योंकि जब कोई बात छिड़े, तो किसी न किसी की बुराई या बढ़ाई के अलावा कुछ नहीं था.

स्टीव का हाथ मेरे बालों के पीछे किए हुए था और मैं मज़े से उसे तेज़ चूसने लगी. वो मेरी चुचियां चूस रहा था, मैं उसका लौड़ा सहला रही थी, तब मैंने उसे बताया कि मेरी बहन कल आएगी. फिर मैंने उसकी चूत में दोबारा से जीभ डाल दी और अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर तो कभी बाहर करता हुआ अपनी जीभ से उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया.

ऐक्स ऐन ऐक्स मामी जी के मुँह से एक हल्की चीख निकल गई- ह्ह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… सीईई ईईईई अहह. फिर उन्होंने टांगें किसी रंडी के जैसे फैलाते हुए अपना फोन उठाया और मेरे सामने बैठकर ही अपनी सहेली, जिसका नाम सिमरन था … उससे फोन पर बात करने लगीं.

उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिये मैंने भी उसकी पैंटी को उतार दिया और उसकी चूत को देखने लगा. कंडोम पहनते ही मैडम ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरा लंड अपने हाथ से चूत पर सेट कर लिया. फिर भी अगर आपको लगता है कि मुझमें या मेरी कहानी में कुछ कमी रह गयी है, तो आप मुझे ईमेल करके बता सकते हैं.

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मुझसे अब रहा नहीं गया और मैंने अपना हाथ अपनी सहेली की जांघों पर रखा, उसकी हालत भी बिल्कुल मेरी ही तरह थी. अब मिसेज पाटिल अपनी चुत को ऊपर नीचे मटकाती हुई लंड चूसने का लुफ्त लेने लगीं. अब मैं हर रोज़ जॉगिंग के बहाने उनके सोफे पर बैठ जाता और जैसे ही चाची नहाने जातीं, दरवाज़े की छोटी सी झिरी में से नंगी चाची नहाते हुए देखता रहता.

मैंने अपने घर पर भी बोल दिया कि मुझे सरकारी नौकरी चाहिए फिर पता नहीं, घर वालों को क्या हुआ, उन्होंने मुझे कोचिंग के लिए कुछ पैसे दिए और मैं जयपुर चला गया. उसमें उस कहानी में मैंने थोड़ा सा झूठ लिखा था कि उसके पहले मुझे किसी मर्द ने टच नहीं किया.

उन्होंने फिर से दोहराया- क्या तुम दोबारा वह सब देखना चाहोगी?मैंने भी उतावलेपन में जीजू को हाँ बोल दिया.

मुझे करीब पांच मिनट से ज्यादा हो गए बिना पलक झपकाये, मेरी आंखें भर आईं, पर उस लड़के ने पलक नहीं झपकाईं. कमरे में अंदर घुसते ही मैं फट पड़ी- यह क्या रास-लीला चल रही है?मेरी आवाज सुनकर मामी भी स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कमरे में आ घुसी. मैंने कहा- जब एक साथ दो लंड लेना है, तो ले न … अब अब क्यों गांड फट रही है.

जब मैंने इस बात की पड़ताल की तो मेरे पैरों के नीचे से जमीन हिलने लगी. क्या आपको मुझ पर शक है?मैं- अरे नहीं नहीं काका, कैसी बात कर रहे हैं. जब विनय जीजू ने देखा कि अनन्त ऊपर की तरफ से हट चुका है तो उन्होंने भी दीदी की चूत से अपने लंड को निकाल लिया.

जैसे ही शावर का ठंडा पानी मामी जी के ऊपर पड़ा, उनकी जोर से सिसकारी निकल गई और वे मुझसे कसके लिपट गईं.

बीएफ सेक्स ओपन हिंदी: जब वो मेरे सुपारे को अपने होंठों से लगाए हुए थी, तभी मैंने उसकी जांघ पर चिकोटी काटी, जिससे उसका मुँह एक चीख के कारण खुल गया. मैंने कहा- यही तो जिंदगी का असली मजा है, अब तुम नहीं लेती तो बात दूसरी है.

उस नाशुक्री ब्रा ने कल्पना भाभी की चुचियों पर अपना कब्जा जमाया हुआ था. मैं जैसे ही नीचे जांघों के पास पहुंचा, मामी जी ने दीवार के सहारे खड़े खड़े ही अपने पैर खोल दिए. फिर झटके पे झटके लगने लगे और जो रिया की गांड मार रहा था, वो उसकी गांड के अन्दर ही झड़ गया.

मैं- बस 10 परसेंट? इससे अच्छा तो होगा कि मैं यह जॉब छोड़ दूं और कोई दूसरी जॉब तलाश करूं.

मैं कोमल को रात भर अपने पास रख कर उसके बदन के साथ खूब मस्ती करना चाह रहा था. मेरा रस निकलने वाला था, पर मैंने बाहर नहीं निकाला और मामी के मुँह में ही पिचकारी मार दी. यह बात जनवरी की थी और मार्च में होली के बाद मेरे दो दोस्तों ने मेरी इस समस्या से मुझे निकालने की कमान संभाली.