बच्चियों की बीएफ

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15 अगस्त का बैनर: बच्चियों की बीएफ, इतने में वो उठ गईं और बोल पड़ीं- यह क्या कर रहा है तू?मेरे तो जैसे होश उड़ गए.

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यह सुन कर मैं खुश हो गया और रोशनी के गाल पर एक जोरदार पप्पी लेकर उसे आई लव यू कहा. हिंदी सेक्सी फिल्म वीडियो में दिखाओतो मैंने उनसे पूछा- आपको मुझसे क्या काम था?उन्होंने कहा- अरे काम कुछ नहीं था.

सब कुछ आपके लिए ही है पापा… आप जैसे चाहो वैसे भोगो मेरे जवान जिस्म को!” बहूरानी समर्पित भाव से बोली. मां बेटी का फोटोउन्होंने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपनी चुत पर लगाया और बैठ गईं.

उसने मुझसे कहा- मैम आपको पूरी बॉडी मसाज करवानी है?मैंने कहा- हाँ!तो उसने कहा- आपको आपकी ब्रा पैंटी उतारनी पड़ेगी!मुझे शर्म आ रही थी।फिर मैंने कहा- ओके!और फिर मैं उल्टी लेट गयी और मैंने उसे कहा- मेरी ब्रा का हुक खोल दो।तो उसने मेरी ब्रा का हुक खोल दिया और फिर मेरी ब्रा उतार कर फेंक दी.बच्चियों की बीएफ: दोस्तो, मेरा नाम प्रवीण है। आज मैं अपनी एक सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ.

अब मेरा बहुत बुरा हाल हो गया तो मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपना लम्बा लंड उनके मुँह के सामने ले आया, जिसे देखकर पायल भाभी ने अपनी आँखें बंद कर लीं, पर मैं कहाँ रुकने वाला था.इतने दिनों का सब्र का बांध टूट पड़ा, मैं भलभला कर झड़ गई और पूरी तरह से उनके मुँह को चूतरस से भर दिया.

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” कह कर चिल्लाने लगी और अपनी दोनों टाँगों को उठा के एड़ी से मेरी पीठ पे दे मारी.मैं कस कस के झटके दिए जा रहा था और वो उतनी ज़ोर से चिल्ला रही थीं- आह… आईईईई… ज़ोर से… और तेज… आह… करते रहो… आह…मुझे भी जोश चढ़ गया और मैंने तुरंत भाभी को दीवार से हटकर बेड पर आधा लेटा दिया.

अब मुझे लगा कि अब अंजलि को नीचे से नंगी किया जा सकता है, मैंने अपना हाथ बाहर निकाला और उसके लोअर को नीचे खिसकाने लगा. बच्चियों की बीएफ दोनों धीरे से खड़े हुए, उसके दबे हुए पुठ्ठे मेरी जाँघों पर आकर और भी दबने लगे.

उसकी सुराहीदार गर्दन को चूमते चूमते मैं उसके निप्पलों को चूसने लगा.

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मैंने कहा- अभी मत पहनो… काम अधूरा मत छोड़ो, अभी बहुत कुछ बाकी है… तुम्हारी गांड मारनी है, आ जाओ बैठो!ऐसा कह कर उसे इशारा किया अपने लंड के तरफ. अपनी चूत पर भी थूक लगाया और लंड पर धीरे धीरे बैठने लगींमुझे बहुत दर्द हो रहा था. जिस दिन से मैंने तुमको रमेश के लिए पसंद किया था, उसी दिन से हमेशा ही सपना देखा है कि काश मुझे तुम्हारी ये गांड मारने को मिल जाए.

अब तक अवी भी आ गया था तो केक कटा, फिर सभी डांस करने लगे मैं भी कर रही थी. यह मेरी सच्ची कहानी है तो हो सकता है सेक्स कम और अन्य बातें थोड़ी सी ज्यादा मिले जिसके लिए माफ़ी चाहूँगा आपसे पहले ही!वैसे यह अपने आप में ही काफी रोचक घटना है, उम्मीद है कि आपको पसंद आएगी। यह घटना जोधपुर की ही है. दीदी के हाथ में एक चमड़े का हंटर था, जिसे दीदी उन तीनों की नंगी पीठ पर बरसाते हुए कह रही थीं- रांड की औलाद कुत्तों, तुम्हारी यही जगह है अपनी मालकिन के जूतों में.

थोड़ी ही देर में कल की सील टूटी लड़की किसी खिलाड़ी की तरह चूतड़ नचा नचा कर गटागट लंड घोंटने लगी. मैंने उससे पूछा- तुम्हे अच्छा लगा या नहीं!वो मेरे वक्ष से लिपट कर बोली- जीजू…और हाँ में अपनी गर्दन हिला दी. मैंने उसकी पैंटी को सूंघा तो मुझसे रहा नहीं गया और सीधा उसकी चुत पर मुँह रख कर चाटने लगा.

मैं भी उसका साथ देने लगी, क्या करती कई दिनों से मैं लंड की भूखी थी. कुछ पल बाद मयूरी दरवाजे को ठीक से अन्दर से बंद करने के बाद वापिस मोहन लाल के पास आई, उसने दुपट्टे का एक भाग अपने सर पर रखा और उसके पैर छूती हुई बोली.

उसकी ये बात मेरा दिल छू गई और मैं इसीलिए मैं आज भी उसे उसी दिन की तरह चोदता हूँ.

अगली सुबह मैंने देखा कि वो और उसकी माँ (वो भी सेक्सी) जा रही थी, तो मैंने पूछा- मामी जी कहाँ जा रहे हो?डॉक्टर के पास!” उनका जवाब आया.

दोस्तो, मैं एक बार फिर से हाजिर हूँ अपनी कहानी लेकर।मेरा नाम गोल्डी है, मैं दिखने में पतला और 6 फिट 2 इंच का 20 साल का अच्छा दिखने वाला लड़का हूँ। मेरा लंड 8 इंच का है और मोटा है जो अच्छी अच्छी लड़कियों औरतों का दम निकल सकता है। मेरी यह कहानी पूरी सच है. भाभी ने उनसे कहा कि समीर ने दिन भर बहुत मदद की है, इसकी आज पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पाई होगी. मैंने दीदी से कहा- मेरा निक्कर खराब हो गया है, मैं चेंज करके आता हूँ.

वो भी तनिक लजा कर बोली- मैं भी तुमको पसन्द करती हूँ पर कभी कह नहीं पाई. फिर दो मिनट के बाद मैंने फिर से एक धक्का लगाया तो उसको थोड़ा मज़ा आने लगा. ये मिनी स्कर्ट की तरह थी लेकिन इसमें पेट खुला या पीठ का कुछ भी खुला नहीं था.

पर आज जब वह ख्याल आता है मैं उसकी चूत को याद करके मुठ जरूर मारता हूँ.

अब उसकी इतनी पॉजिटिव रिस्पांस पाकर मैंने टीवी को चालू किया और उसे पकड़ कर अपने गोद में बैठा लिया और बोला कि अब बोल भी दो ममता भाभी. मैंने अपनी गर्ल फ्रेंड को फोन किया, तो उसने कहा कि बस 15 मिनट रुक कर आना, घर वाले बस निकल ही रहे हैं. अब मैं बिल्कुल तड़प उठी अंदर से!तभी और ऊपर मेरे पेट को चाटने लगे, पूरे पेट पर जीभ चलाने लगे और नाभि को बहुत चूमने लगे.

वैसे तो कई बार मैंने उंगली से खुद को ठंडा किया था, मगर आज जो सुख मिल रहा था, मैं बता नहीं सकती. डॉक्टर अच्छी थी, उसने नेहा की तकलीफ समझी और मदद के लिए तैयार हो गई।लेकिन डॉक्टर ने बातों बातों में नेहा के घर का पता और फोन नम्बर पूछ लिया. थोड़ी देर में सिराज हमें ढूंढता हुआ वहीं आ गया जहां खेतों के बीच मेरी ठुकाई हो रही थी.

मैं कुछ देर परेशान होती रही कि इसे कैसे पहनूं, तब तक स्वाति तैयार हो चुकी थी और वो मेरे पास आई और उसने कहा- मिनी पहनो भी, क्या इतनी देर लगा रही हो?तो मैंने भी कहा- ये कैसे पहनूं?स्वाति ने कहा- आज पहली बार इस तरह की ली है क्या?मैंने हां में सर हिलाया तो उसने कहा- अपने दोनों हाथ ऊपर करो.

मैं अन्दर गई और एक एक करके सारी ड्रेस पहन कर देखीं, पर अवी को नहीं दिखाया और बाहर आकर बताया कि जो सबसे पहले अवी ने पसंद की थी, वो और जो मैंने पसंद की थी वो. होठों के बीच थोड़ी जगह बनाते हुए ओमार ने अपना टोपा नताशा के मुंह में घुसेड़ दिया और मेरी आज्ञाकारी पत्नी अपनी आँखें फाड़े श्याम श्वेत लौड़ों को, या सच कहें तो टोपों को चूसने लगी.

बच्चियों की बीएफ इतना सुनते ही मैंने अपनी और भाभी की प्लेट साइड में की और उन्हें बेड पर लिटा कर चूमने लगा. मैंने कहा- पहले पूरा लंड निकालो, बाद चूत पे फिर से सैट करो, फिर जोर से धक्का मारो.

बच्चियों की बीएफ आते वक्त मैंने एक मोबाइल लिया जिसमें सीक्रेट तरीके से फ़ोन रिकॉर्ड हो सके और किसी को पता न चले. फिर वो मेरे बूब्स पर आ गया और उसने मेरे बूब्स भी मसाज करना शुरू कर दिया.

मेरी सेक्सी कहानी में अभी तक आपने पढ़ा कि प्रेरणा और मैंने वाइल्ड सेक्स करके अनोखा सुख पाया.

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पुलकित को यह भय था कि अगर मंजरी का भाई और मम्मी घर आ गए तो कहीं उसे यह मौका भी न गंवाना पड़े, तो पहले एक बार मंजरी कंजरी को ठोक लो, चुदाई कर लो, प्यार बाद में करते रहेंगे. तीव्र काम-उत्तेज़ना के कारण मेरे नलों में हल्का-हल्का सा दर्द भी हो रहा था लेकिन प्रिया को सम्पूर्ण रूप से पाने की लगन कुछ और सूझने ही नहीं दे रही थी. जैसे उसने अपना लंड मेरी गांड से निकाला, मैं अपने आप जमीन पे लुढ़क गयी.

मेरी पिछली कहानीअपनी मां की चुदाई की हसरतको आप सबने बहुत पसंद किया और मुझे खूब प्यार दिया. लंड के रास्ते इतना ज़्यादा मजा मुझे कभी नहीं आया था इतना उस समय दूसरे धक्के में आया क्योंकि पहले धक्के में मुझे भी बहुत दर्द हुआ था. क्यों?”मैंने बोला कि अगर मेरे से प्यार करती है तो मुझसे मिल लेना वरना कोई जरूरत नहीं है.

अब ऐसी दशा में मेरा पूरा शरीर उससे टच कर रहा था और मेरे खुले अंग पर उसका छूना तो बहुत ही अच्छा लग रहा था.

नया नया ऑफिस होने की वजह से जब मैं इधर उधर भटकने लगता तो किसी को पूछना पड़ता. उसने हाँ कर दी और बोली कि जब हम वापिस कॉलेज जाएं तो मेरे फोन पर कॉल कर लेना, मैं आपकी बात करा दूँगी. लंच खत्म होने के बाद मैंने उसे उसके कॉलेज ड्रॉप किया और खुद अपने कॉलेज जाने के लिए निकला, तभी उसने मुझे पीछे से आवाज़ लगाई.

”मेरे खुले शब्दों पर भाभी हँस दीं, फिर गहरी सांस लेने के बाद बोलीं- अगर न बताऊँ तो?मैंने कहा- भाभी जैसा आपको अच्छा लगे, मैं तो पहले ही कह चुका कि इस बारे में किसी को कुछ नहीं कहूँगा. मैं भी जल्दी जल्दी से तैयार हो गई और अपने पहले वाली ड्रेस उसी बैग में रख कर बाहर आ गई. मैंने उसकी जाँघों को पूरा फैला दिया फिर उसकी नाजुक कली जैसी चूत पे अपना लंड टिका कर रगड़ दिया.

इसलिए उसने अंकित को नहीं रोका और अपनी गांड को पीछे की तरफ धकेलने लगी. उन लोगों ने भी अपना इंट्रो दिया और बोला- कोई भी प्रॉब्लम्स हो तो हम लोगों को बताना.

दूसरों के सामने की तो बात ही क्या, जब कभी हम अकेले भी होते तो बहूरानी हमेशा अपने सर पर पल्लू डाल के नज़र नीची करके मुझसे सम्मान से बात करती; उसने कभी भी मुझे यह बात जताई नहीं कि वो मेरी अंकशायिनी भी है. जब वो किचन में जाने लगी, तब मैंने उसे अपने कमरे में आने के लिए बोला लेकिन वो बोली- नहीं, जो बोलना है यहीं बोलिए. मैंने फिर से हाथ फेरना शुरू किया, अब ज़ायरा भाभी मेरा हाथ नहीं रोक रही थीं.

अब बॉस ने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रख दिया और मेरे चूतड़ों को पकड़ लिया.

मैंने उन्हें सीधा किया और उनकी ब्रा और पेंटी को पूरी तरह से हटाते हुए फेंक दिया, मैं बोला- डार्लिंग असली सरप्राइज़ तो तुम्हें मैं अब दूँगा. चूंकि सुधा ने सब कुछ पहले से ही फ़ोन पर तय कर रखा था तो प्रिया पहले से ही तैयार थी. ये कहते हुए उन्होंने मेरी पेंट खोली और नीचे सरका करके मेरा लंड निकाल कर देखा.

वो बहुत चिल्लाई… पर मैंने उसका मुँह दबाया और उसकी गांड मारनी चालू कर दी. आह्ह्ह उसने मेरा मुँह अपने हाथों से दाब दिया, वो बोला- बेटी, थोड़ी देर दर्द होगा, फिर मजा आयेगा.

मार डाला तुम कमसिन उम्र के नए गांडू गांड मराने के इतने उस्ताद खिलाड़ी कैसे बन गए. मेरी रियल सेक्स स्टोरी कैसी लगी, मुझे मेल करके बताएं![emailprotected]. राहुल ये गेंदे की महक किसकी है?”मैंने अपना लंड उसके मुँह पर रख कर कहा- एक बार चूस कर देख लो अपने प्यार को.

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फिर अचानक ही उन्होंने मुझसे सवाल किया- तुम्हें कैसी लड़की पसंद है?मैं भाभी की बात को सुन कर चौंक गया.

मैं अपने होंठों से उसके होंठ चूसने लगा, थोड़ी देर में उसका शरीर अकड़ने लगा, वह झड़ गयी और मैंने तौलिये से अपने हाथ और उसकी चूत को साफ़ किया. इतने दिनों बाद लंड को मुँह में लेकर मेरी आत्मा तृप्त हो गई थी, मैं उसके लंड को अपने गले तक लेने की कोशिश करती, पर मुझे उबकाई सी आ जाती और उसका लंड बड़ा होने के कारण में उसका आधा लंड ही ले पा रही थी. अब तक अवी भी आ गया था तो केक कटा, फिर सभी डांस करने लगे मैं भी कर रही थी.

तभी माँ ने मुझे बोला- अपना फ़ोन दो!तो मैं डर गया लेकिन माँ की बात थी तो डरते डरते देना पड़ा. भाभी ने उठते हुए मुझे पकड़ा और मेरे लंड को जोर से अपनी चूत पर दबा दिया और कहा- मुझे भी चुदना है तुझसे. सेक्सी वीडियो चित्र दिखाओमैं करण पाटिल, आज अपनी जिंदगी की पहली चुदाई की सेक्सी कहानी बताने जा रहा हूँ, जो कि पूरी तरह सच है, इसको लिखते समय कुछ गलती दिखे तो माफ करना.

शुरू में उन्हें रात में सुबह, मैं बिस्तर छोड़ने से पहले बोनस चाहिए होता था, अगर दोपहर में ऑफिस से आ जाते तो उस समय की भी बोनस चुदाई. मैंने आगे के दोनों बटन बंद कर लिए और जहाँ तक हो सका, खुद को छुपाने की कोशिश की.

फिर से उसने मुझे अपनी बांहों में दबा लिया और मेरे कुरते में हाथ डाल दिया. ”क्या सेक्स में ये सब करना पड़ता है?”नहीं, पर बहुत से लोग करते हैं. सुकुमारी भौजी के ऐसे कर्णभेदी शब्दों ने मेरे लंड को खड़ा करने में पुरजोर समर्थन दिखाया और मैं उठ कर खड़ा हुआ.

मैं भाभी को किस करता रहा, फिर मैंने उनका ब्लाउज खोला और भाभी की ब्रा को ऊपर सरका कर उनके रसभरे संतरे का रस पीने लगा. मेरा अभी झड़ना बाकी था तो मैंने उसे डॉगी स्टायल में झुकाया और पीछे से उसकी चुत चोदने लगा. मैंने ताकत से अपना पूरा लंड बाहर खींचा, रोशनी एक जोरदार चीख निकली और पिंकी की चूत का रस उसके मुँह में जाने लगा.

कुछ देर में भाभी अपने देवर की कमर पकड़ कर अपनी चूत पर और तेज धक्का देने में मदद करने लगीं, साथ ही उनकी देह अकड़ने लगी, तो मैं समझ गई कि वो अब निकलने वाली हैं.

क्योंकि जो हुआ, उतना प्यार और प्रेमरस का पान जिंदगी में कभी किसी को नहीं मिला होगा. तो मैं धीरे धीरे अपने माँ के कमरे के पास जाने लगा और वहां पहुँच कर देखा कि मेरी माँ किसी से फ़ोन से बात कर रही है.

दीदी की पीठ भी हल्के झटके खाने लगी थी।कुछ देर बाद मैंने दीदी के सर को ऊपर उठा दिया और दीदी को सोफे की बैक से लगा कर बिठा दिया, दीदी के लिप्स पर हल्का थूक लगा हुआ था, वो मेरी तरफ देख रही थी और तभी मेरा ध्यान दीदी के बूब्स की तरफ गया जहाँ से ब्रा नीचे लटक रही थी और बूब्स लगभग सारे नंगे हो गये थे. ऐसी ही तमन्ना लिए अपने गांव गया और बुआ की खूबसूरत दोनों लड़कियों की चुत का उद्घाटन, उनके ही बड़े भाई के साथ कर दिया था. मैं खुद किसी और दिन डलवा लूँगी; आज बस मेरी चूत की खुजली मिटा दो।उसने इतनी मासूमियत से कहा तो मैंने भी अपना प्लान बदल दिया; फिर उसकी कमर पकड़कर लण्ड पीछे से चूत पर रगड़ने लगा।थोड़ी देर बाद मधु अपना हाथ पीछे लाई और लण्ड को पकड़कर चूत पर लगा दिया। मैं उसे और तड़पाना नहीं चाहता था, इसलिए एक झटके में ही पूरा लण्ड चूत में ठोक दिया।मधु के मुँह से आहह्.

तभी उन्होंने मेरा एक हाथ अपने मम्मों पर रख दिया, मैं भी जोश में आकर उनके मम्मों को दबाने लगा. वे सुदंर थीं, हँसमुख थीं उनकी 30-32 साल की थी, पर उम्र से कम दिखती थी. और तुमने ही तो कहा था कि मेरे पास ऐसी ड्रेस नहीं है, जो मैं पहन कर तुमसे मिलने आ सकूँ.

बच्चियों की बीएफ मैंने अब लंड उसकी चूत की बजाय उसकी गांड पर रखा तो वो मना करने लगी तो मैंने उसे समझाया और वो मान गयी. मैं चुप थी और उनके दोस्तों के नाम थे, लड़की का नाम स्वाति और लड़कों में एक का अरुण और दूसरे का शैलेष था.

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”वो हल्के से मुस्काई और बोली- अच्छा चलो मैं ही तुम्हारी पार्टनर रहूँगी, तो तुम कैसे मुझे मनाओगे?”मना लूँगा, जब तुम सच में तैयार हो जाओगी. कुछ देर बाद विनोद का फ़ोन आया कि स्वाति हम बाहर खड़े हैं, तुम बाहर आ जाओ. अब ब्रायन ने मम्मी को बेड से नीचे उतारा और एक सोफे के सहारे खड़ा करके एक टांग उठा कर चोदने लगा.

फिर आनन्द ने दूसरा धक्का दिया और पूरा लिंग चला गया योनि कि जड़ में उतर गया. फिर काफी देर तक मैं उसकी चूत को ऐसे ही चाटता रहा कभी धीरे से तो कभी तेज तेज!जब उसको बहुत ज्यादा मजा आने लगा तो वो मेरा मुँह अपनी चूत में दबाने लगी मुझे सांस आनी बंद सी ही गयी थी।मैं उसकी चूत चाटने के साथ साथ उसके दूध को भी दबाये जा रहा था. மலையாள நடிகை செக்ஸ்यह बात नहीं मेरे घर में किसी को पता थी कि मैं अपने पड़ोस से चाचा से व्हाटसप्प पर रात भर बातें करती हूँ.

कुछ देर बाद मैंने अपना गला खंखारा तो वे दोनों चौंक गए मुझे देख कर और सॉरी बोलने लगे.

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कुछ दिनों बाद प्रिया के कॉलेज खुल गए और प्रिया को हॉस्टल भी मिल गया, तो प्रिया हमारे घर से चली गयी. आनन्द- तुम जैसी जवान और खूबसूरत लड़की के साथ संभोग करने मिला यही बहुत है. आखिर बीवी को चोदे हुए महीने भर से ऊपर हो चुका था; मैंने यूं ही अपनी चड्डी में हाथ घुसा के लंड को सहलाना शुरू किया.

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फिर एक दिन मैं व्हिस्की की बोतल लेकर घर गया और टीवी पर ब्लू फ़िल्म देखते हुए व्हिस्की पीने लगा. जैसे जैसे मैं उनकी चूत की तरफ बढ़ रहा था, ममता जी की जाँघें अब फैलती जा रही थी, साथ ही मुझे गीलापन और गर्मी भी महसूस हो रही थी।यह इतनी देर से चल रही इस चुदाई क्रीड़ा का असर था कि उनकी चूत ने अपना रस बाहर निकाल दिया था।मैंने सहसा अपने होंठ सीधे उनकी चूत पर रख दिये और उनकी छोटी सी नर्म मुलायम चिकनी नंगी चूत को प्यार से चूम लिया. उनकी उम्र 32 साल है लेकिन वो देखने में किसी जवान लड़की से कम नहीं लगती हैं.

ಕನ್ನಡ ಸೆಕ್ಸ್ ಪಿಕ್ಚರ್ ಪ್ಲೀಸ್मैंने नीचे देखा तो मेरा पूरा लंड अन्दर जा चुका था और चुत में से पानी बह रहा था. एक साफ़-सुथरा छोटा सा, बीच में से फूला सा V का आकार, जिस पर किसी रोम या बाल का नामोनिशाँ तक नहीं, जिसकी भुजाओं का ऊपर का खुला फ़ासिला तीन इंच से ज्यादा नहीं और बिलकुल मध्य में जरा सा नीचे की ओर गोलाई लेती एक पतली सी दरार जिस के ऊपरी सिरे पर से ज़रा सा झांकता भगनासा.

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वैसे मैं उसकी चुचियां पहले भी दबा चुका हूँ पर आज जो मजा उसकी चुचियां दे रही थीं, वो मजा इससे पहले कभी नहीं मिला था. मैंने भी यही ठीक समझा और हम दोनों ने मुंह हाथ धोए और कपड़े पहने और फिर से मिलने वादा करके वह निकल गई. वह बोला- अबे यार, मैं भी तेरे पर मरता हूं, पर अभी तेरी नहीं मारूंगा.

मैंने विशाल की तड़प को और ज्यादा बढ़ाते हुए अपना स्मार्ट फोन निकाल कर उसे उस जुगाड़ की तस्वीर भी दिखा ड़ी जिसमें वह बेहद सेक्सी और खूबसूरत लग रही थी। मेरी जुगाड़ की फोटो देख कर उत्तेजना के मारे उसका गला सूखने लगा इसलिए विशाल ने उसे घर पर बुलाकर मिलने की इच्छा जाहिर की. उन्होंने मेरा सिर ऊपर खींचते हुए बोला- बदमाश थोड़ा आराम तो करने दे. साथ ही वह हरामजादा पदमा की निप्पल को भी नशे में दांत से काट रहा था, जिससे पदमा दर्द से व्याकुल होकर जोर जोर से ‘मर गई छोड़ो.

मैंने ज्यादा ना तड़पाते हुए कंडोम लगाया और ऊपर से एक्स्ट्रा तेल लगा कर चुत के अन्दर डालने लगा. अब मैं निर्मला की चूत में हाथ फिराने लगा, चूत की दरार को एक उंगली से सहलाने लगा. प्लीज मुझे और मत तड़फाओ और मेरी सील तोड़ दो।थोड़ी देर बाद वो कमर उठाने लगी.

मैंने कारण जानने की कोशिश की, उससे पूछा तो उसने बताने से इन्कार कर दिया. मैंने कहा- कैसी बातें कर रहे हो भैया, इसमें बुरा मानने या मेहरबानी वाली कौन सी बात है.

जैसे ही भाभी की नजर मुझ पर गई, उन्होंने सोफा छोड़ दिया, जिसकी वजह से मेरा संतुलन बिगड़ गया और सोफा मेरे पैरों पर गिर गया, जिसकी वजह से मुझे चोट लग गई.

भैया ने रोशनी को उसके नाजुक पुट्ठों से उठा कर उनकी जाँघों पर रखा और करीब सौ झटके मार कर उसकी चूत में ढेर सारी मलाई की छूट कर दी. देहाती सेक्सी वीडियो चोदने वालीउन्हें देख मेरा हाथ भी अचानक मेरी पेंटी के अंदर चला गया, मैंने भी उस समय सिर्फ एक छोटी टीशर्ट और पेंटी पहनी हुई थी, जिसमें मेरी पेंटी साफ दिख रही थी।तभी रानी की नजर मुझ पर गई और वे दोनों बैठ गए, रवि का लण्ड खड़ा हुआ था. सेक्सी पिक्चर मोटी औरत कातभी मुझे उसके चूतड़ दिखे और मैं उसकी गांड मारने के बारे में सोचने लगा. लाइन में सबसे आगे मेरा छोटा भाई खड़ा था, उसके पीछे सोनी और सोनी के पीछे में था.

सिर्फ मेरी प्रियतमा ने अपनी पोजीशन थोड़ी बदल दी थी, और अब वो सोफे पर कमर के बल लेटी हुई थी और ओमार ने बिना अपना लंड बाहर निकाले मुफ्त की रण्डी को १८०° पर घुमाते हुए कमर के बल लिटा दिया था, और अपने लंड को उसकी गांड में घुसाना जारी रखे था.

कि 3-4 इन्च का लिंग भी औरत की इच्छा पूरी करने के लिए काफी होता है।हाँ, यह बात ठीक है. पहले की बात और थी… लेकिन अब प्रिया दो साल बड़े शहर में रह कर, बड़े शहर की आज़ादी के रंग ढंग देख कर वापिस गयी थी तो… उस का ऐसी बंदिशों से ऊबना स्वाभाविक ही था. फिर मैंने उसकी कमर पकड़ कर एक जोर का झटका मारा और लौड़ा पूरा का पूरा एक ही चोट में अंदर… उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआ… भै.

भाभी मेरे पास आकर कहने लगीं- सॉरी मुझे उस दिन तुम पर गुस्सा नहीं करना था. वो दोनों बीच पर घूमने गए, मैंने पीछे लगा था, बाद में वे दोनों पब में गए और काफी पी. इसलिए मैं बिल्कुल ही चुपचाप दुबक कर अन्दर खिड़की की छेद से झांकने लगा.

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मैंने अपना लंड निकाला और उसके मम्मों पर सारा पानी निकाल दिया और उसके पास लेट गया. अवी ने मुझसे कहा- बेबी क्या लोगी बताया नहीं?मैं- एक कोई अच्छी सी ड्रेस लेनी है और एक टॉप दिव्या के लिए बस. मेरे घर वालों ने मेरी जान रोशनी और मेरे भैया जो दूसरे शहर में जॉब करते थे, उनके साथ करने का फैसला लिया.

लंड तो मेरा भी कब से तड़प रहा था उसकी चूत में उछलने के लिए तो मैंने पहले बहूरानी के निप्पल जो सख्त हो चुके थे, उन्हें मसल कर बारी बारी से चूसा, साथ में अपनी कमर को उसकी चूत के दाने पर घिसा.

हाँ…”मेरे मन में तो लड्डू फूटे… आहिस्ता आहिस्ता मैंने उसकी गर्दन को चूमना चालू कर दिया.

तब भाभी ने तुरंत डेटोल और रुई ला कर जहां से खून निकल रहा था, वहां लगाया. कभी कभी हम किस करते, वो मौका देख कर मेरे मम्मों को दबा देता तो मैं भी उसके लंड को सहला देती. सेक्सी वीडियो बनाता हैगोलू ने अपनी भिन्डी बाहर निकाली, पर एकदम से पूजा की कली फिर से सूरजमुखी का फूल बन कर गोलू की तरफ मुड़ गई.

उस परिवार में सुरेंदर भैया और उनकी वाइफ रजनी थीं और उन दोनों का एक साल का एक लड़का भी था सोनू. मैं घर से बाहर हमेशा बुरके में ही निकलती हूँ और घर में भी ज्यादातर रुमाली या फुल साईज दुपट्टे में ही रहती हूँ. चाचा मुझे चोदना चाहते थे और मैं भी अब धीरे धीरे चुदवाने के मूड में आने लगी थी.

सेक्स करने को कहां से ढूंढूंगा? क्या तुझे कभी किसी के साथ सेक्स करने की इच्छा हुई है?”नहीं रे, मैंने कभी सेक्स के बारे में सोचा ही नहीं. अब मैं थोड़ा जोर से सिसकारियाँ ले रही थी क्योंकि चाचा अब मेरी चूची को बड़ी बेदर्दी मसल रहे थे तो मुझे दर्द हो रहा था और मुझे मजा भी आ रहा था.

उसके बाद कमल ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मेरे दोनों कूल्हों को अपने हाथों से पकड़ कर मेरी चूत में अपने लंड को जड़ तक पेल दिया और मुझे उछालते हुए चोदने लगा.

कुछ 5 मिनट की लंड चुसाई के बाद मैंने खुद ही उनको पकड़ कर खड़ा किया और बेड पर लेटा दिया, उनकी दोनों मखमली टांगों को फैला कर, मैं उनकी चुत में अपनी उंगलियों से खेलने लगा. उधर बहूरानी भी वासना के ज्वार में बहने लगीं और अपनी कमर उठा उठा के लंड लीलने लगीं. और मुझे तो उसने शांत ही नहीं किया, खुद की तसल्ली की और ठण्डा पड़ गया, मैं तो प्यासी ही रह गई.

सेक्सी फीलिंग टेबलेट्स नेम्स मेडिसिन अंजलि का कद कोई 5 फीट 3 इंच, एकदम गोरी अपनी मम्मी की तरह, दुबली पतली फीगर होगा कोई 32-26-30, वो अपने शहर में बी ए की पढ़ाई कर रही थी. मैंने उसको मेरे इस धक्के के बारे में बताया नहीं था वरना वो पहले ही डर जाती और उसको ज्यादा दर्द होता.

कुछ दिनों बाद ये सिलसिला बंद हो गया क्योंकि भैया का तबादला दूसरे शहर में हो गया और वो लोग वहां शिफ्ट हो गए. मैं अपने होंठों पर जीभ फिराते हुए बोला- मेरी जान आज तो मैं तुम्हें थका कर ही दम लूँगा. प्यार से उसकी तरफ देखा तो पता चला कि वो नींद के आगोश में दुबकी हुई है.

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अब मुझे लगा कि अब अंजलि को नीचे से नंगी किया जा सकता है, मैंने अपना हाथ बाहर निकाला और उसके लोअर को नीचे खिसकाने लगा. मैं चाहता हूँ कि आप मुझे मेरी भाभी की चुदाई कहानी के बारे में मेल करें और बताएं कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी. मैंने कहा कि ये गन्दा है, मैं इसे मुँह में कैसे ले लूँ?उसने कहा- ये लड़कियां मुँह में लेकर मजा करती हैं.

दो दिन बाद वह सुबह कपड़े धो रही थीं, तभी मेरा अपने घर के पीछे कुछ काम से जाना हुआ, तब मेरी नजर भाभी पे गई. लेकिन मेरे साथ तो बहूरानी थी और हम लोगों का ट्रेन से दिल्ली जाने का एक ही उद्देश्य था – चुदाई चुदाई और चुदाई!अदिति बेटा, अब आजा फिर से!”क्यों आऊँ पापा जी… मैं तो यहीं ठीक हूं!”अरे आ ना टाइम पास करते हैं दोनों मिल के!”टाइम तो अच्छे से पास हो रहा है मेरा यहीं बैठे बैठे!”बेटा जी, इस कूपे का हजारों रुपये किराया दिया है हमने.

सोनी घबरा गई और उसने मुझे पीछे से आवाज़ भी दी, पर मैं नहीं रुका और फुल स्पीड से जाने लगा कि तभी रास्ते में एक कुत्ता आ गया और उसे बचाने के चक्कर में मैं बाइक लेकर जोरदार तरीके से फिसल गया.

मेरा नाम राकेश सिंह है। मेरी पिछली कहानीभानजी और बेटी की चूत गांड की चुदाईपढ़ी और पसंद की. पर मैं होंठ भींच कर पड़ी रही। मैंने हाथ से छूकर देखा तो यश का पूरा लण्ड अन्दर था और मेरे हाथ पर खून लगा था। मैं खुश थी कि आज मैं एक लड़की से औरत तो बन गई। मेरा दर्द कम हुआ. इस बार चुदाई करते करते, भाभी ने अचानक हटने को कहा तो मैंने पूछा- क्या हुआ?उन्होंने कुछ कहा नहीं, बस धक्का देकर मुझे अलग किया और खुद उठकर घोड़ी बन गईं और बोलीं- अब आओ.

चाची के घर में अन्दर जाने के बाद देखा कि उनका बेबी तो सो रहा है मगर जरीना चाची नहीं दिखाई दे रही हैं. बस अपनी भाषा को सभ्य रखिएगा।कहानी जारी है।[emailprotected]गांड चोदन कहानी का अगला भाग :पंजाबन लड़की की गांड चोदन कहानी-2. झड़ने के बाद मैंने उन्हें किस करना चालू रखा और साथ में उनके मम्मों को भी चूसता रहा.

पर नेहा ने, उसके साथ ऐसा किसने किया, ये बात छुपा ली, उसके लिए उसे बहुत मार भी पड़ी।और बाद में जल्दी शादी भी कर दी गई।उसकी शादी के बाद हम फिर मिले वो आज भी मेरा अहसान मानती है, अब वो दो बच्चों की माँ है और अपने पति के साथ अपनी ससुराल में बहुत खुश है।समाप्तकहानी कैसी लगी इस पते पर बताएं…संपादक संदीप –[emailprotected]लेखक रोनित-[emailprotected].

बच्चियों की बीएफ: खैर मैंने जोया को औंधा किया, जिससे उसकी गांड का छेद मेरे सामने आ गया. मैंने किसी तरह अपने जज्बात पर काबू पाते हुए भैया को वादा किया- आप चिंता न करें मैं भाभी को सब कुछ दिखा दूँगा.

क्योंकि मम्मी पापा के जाते ही वो अब केवल नाइटी में ही रहने लगी थीं. नीग्रो ने नताशा को बिना इंतजार करवाए उसकी कामना को पूरा कर दिया, बल्कि इससे भी कहीं ज्यादा. मेरी बड़ी उंगली प्रिया की योनि के पद्मदलों पर ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर विचरण करने लगी.

मैंने एक पल की भी देर नहीं की और अपना मूसल लंड दीदी की चूत में पेल दिया.

मुझे भरोसा था कि वो जरूर आएगा, मेरे लिए नहीं तो तेरे लिए जरूर आएगा. मैंने अपने आपको थोड़ा ठीक किया और दरवाजा खोला तो सामने सोनी हाथ में पानी की बोतल ले कर खड़ी थी. ”पर इस समय आरुषि कुछ सुन नहीं पा रही थी उसे लन्ड चाहिए था जो उसकी चूत की आग को बुझा सकता- छक्के के बाप, डाल भी दे अब… या तेरे से भी नहीं होगा?वो चिल्ला उठी.