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इसी बीच उसने मुझसे अपने मम्मी और पापा की चुदाई की बातें करना शुरू कर दीं. आज प्रिया का व्यवहार कुछ बदला हुआ सा लग रहा था, पहले तो वो मुझसे बच कर भागती रहती थी, मगर अब वो खुद ही चलकर मेरे पास आ गयी थी. मुझे खुशी हुई कि अब बेचारी खुशी से रहेगी और मैंने भी उससे बात करना बंद कर दिया.

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मैं आपको बता देती हूँ कि हम दोनों पति पत्नी दिन में कभी भी किसी भी समय मूड बन जाने पर शौक से चुदाई कर लेते हैं, इसलिए मैं अक्सर चड्डी पहनती ही नहीं हूँ. वैसे ये अच्छा मौका भी था, मेरा वेतन भी काफी बढ़ रहा था और हमारा परिवार अब बढ़ने वाला भी था तो मैंने हां कह दी. अनुप्रिया नीचे थी और मैं अनुप्रिया के ऊपर थी कि तभी जोर कमर उछालते हुये अनुप्रिया मेरे मुँह में फच्च से झड़ गई.

ये सभी दृश्य मेरे दिमाग में खलबली मचाते हुए मुझे उकसा रहे थे और मुझे झकजोर रहे थे कि ये वही मर्द है, जिसके लंड और जिस्म की कल्पना भी तुझे पागल कर देती थी और जिसकी अंडरवियर भी तुझमे कामुकता पैदा कर देती थी.

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बीएफ ओपन शॉट नेहा के कहने पर मैंने अपने कपड़े तो पहन लिए, मगर मैं फिर से उसके बिस्तर पर लेट गया क्योंकि नेहा को छोड़कर जाने का मेरा दिल ही नहीं कर रहा था. तीसरी बार पानी निकल जाने के कारण हम दोनों बहुत थक गए थे और हम दोनों की फिर से नींद लग गयी.

तब जाकर मालिनी खामोश हुई, लेकिन पूरे रास्ते वो मन ही मन हंस रही थी.

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2 मिनट बाद मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और मनीषा मेरा सारा पानी पी गयी और मैं बेड पे उसके पास लेट गया. शाम को सुनीता फिर से आई और मुझे देखते हुए दीदी को बोली कि मेरे वो आज भी नहीं आएंगे, घर में सब्जी ही नहीं है. उन्होंने पूछा- क्या हुआ?तो हेमा भाभी ने बता दिया कि सामान उतारते वक्त मैं गिर गई थी, राज सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था तो आवाज सुन कर अन्दर आ गया।भाभी ने लता भाभी को नहीं बताया कि इसे मैंने बुलाया था और मैं राज के ऊपर गिरी थी.

वंदना ने मेरी कमीज की सभी बटन खोल दिए और मुझे बोला कि खुद कपड़े पहने हुए हो और मेरे सब कपड़े उतार दिए. इससे वो और भी जोरों से सिसक उठी और अपनी कमर को ऊपर हवा में उठाकर मेरी उंगली को अधिक से अधिक अपने अन्दर लेने का प्रयास करने लगी. मेरी फैंटेसी भी पूरी हो रही थी और साथ ही उसकी गांड चोदने का मज़ा भी मिल रहा था.

कुछ ही देर बाद मेरी वासना के ज्वालामुखी फट पड़ा और मैं ज़ोरों से छूट पड़ी.

दूसरे हाथ से चाची की फूली हुई बड़ी सी चूत को मुठ्ठी में भर पकड़ कर जोर जोर से मसलने लगा. फिर लड़कियां वहां से चली गयीं।राहुल मुझसे बातें करने लगा, राहुल ने पूछा- भाभी आपको कुछ चाहिए तो नहीं? कोल्ड ड्रिंक वगैरह?मैंने मना कर दिया।फिर थोड़ी देर बाद हम लोग ऊपर छत पर चले गए. वो फ़िर से एक बार वो झड़ गयी, यानि वास्तव में उसे बहुत सेक्स की भूख लगी थी.

मैंने नेहा को जोरों से भींच लिया और उसकी मुनिया को अपने वीर्य से पूरा भरकर उसके ऊपर ही लेट गया. प्रशांत को वैसे भी वाशरूम तो जाना नहीं था, उसने तो नीना को आज फिर पेलने के चक्कर में इस ओर रुख किया था. उसका मुँह दादाजी की तरफ था, उनकी आंखों में देखते हुए उसने एक हाथ से उनके लंड को अपनी चुत की दरार पर रखा और उनके लंड पर बैठ गई.

मैं जैसे अंकल की गोद में बैठने लगी तो जगत अंकल का लौड़ा मेरी गांड के छेद पर टच हो गया. मैं उसके घर गया, उसने दरवाजा खोला और कहा- तू बाथरूम में जा … मैंने पानी गर्म किया है, वो लेके आती हूँ.

मैं बोला- जी जी … बोलिये?तो उसने बताया कि उसने अपने पति से बात की है और वो आज शाम को पैसा मेरे पास भिजवा देंगे … तो मैं आपको कॉल करके बुला कर पैसा दे दूंगी. उसने मुझे अपनी एक ढीली सी जीन्स लाकर पहनने को दी, क्योंकि मेरी जीन्स चाय गिरने से गंदी हो गई थी … जो उसके बाथरूम में गीली पड़ी थी. मैडम भी मीठे दर्द से भरी सिसकारियां ले रही थी ‘आह्ह अहह आह्ह्ह …’उसकी वासना से लिपटी हुई सिसकारियां मुझे और उत्तेजित कर रही थीं.

अब मैं उसकी दोनों टांगों बीच में आया और लंड का सिरा उनकी चूत पे रगड़ने लगा.

और मैंने एक जोरदार झटके के साथ अपना आधा लंड पायल की कुंवारी बुर में पूरी ताकत के साथ ठोक दिया. मैं बोली- नहीं मम्मी … मैं वहीं चल कर खा लेती … पर अभी यहां मेरा मन नहीं है, तुम होकर आ जाओ. उसकी चूचियों के निप्पल गुलाबी थे … मगर जिस निप्पल को मैंने अभी तक चूसा था, वो एकदम लाल और तन कर कठोर हो गया था.

वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई और मुझसे बोली- तुम भी मुझे बहुत अच्छे लगने लगे हो जानू. मैंने भी अब सोचा कि जब ये लड़की होकर नहीं डर रही तो मुझे क्या है और वैसे भी घर‌ में नेहा ही है, जिसको पहले से ही सब पता है.

थोड़ी देर में सन्नी के मोनिंग की आवाज़ें आने लगी, शायद अभिषेक सन्नी के साथ बहुत अच्छा बॉडी प्ले कर रहा था. फिर मैं ही उठ गई किधर गयी चुड़ैल…” मैं मन ही मन उसे गाली देते हुए उसे ढूंढने लगी. मैंने भाभी की एक न सुनी और उसकी चूत में दो उंगलियां डाल कर उसकी चुत को अपनी उंगलियों से चोदने लगा.

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उसने मादक होकर पागल की हालत में मेरी पीठ में नाख़ून गड़ा दिए और ‘आआआहह.

अब मैंने मौका देख पायल की बुर पर अपना लंड सेट किया और नीरू को इशारा किया कि तू इसके होंठों को मुंह में ले ताकि इसकी चीख ना निकले. जब उसको मज़ा आने लगा, तो मैंने उसको चूमना चालू कर दिया और बड़े प्यार से बाकी का आधा लंड अन्दर घुसाता चला गया. उससे मुझे रगड़ते हुए पहले मेरी नाभि और पेट को सहलाया, फिर पीछे तरफ से ही हाथ को सीधे ऊपर किया, जहां से अंकल ने अपने हाथ इस हाथ को मेरी समीज के ऊपर से मेरे मम्मों पर पहुंचा दिया और धीरे से एक को दबा दिया.

तो वंदना बोली- अब यहीं खड़े-खड़े सुहागरात मनाओगे क्या?? बेड पर भी चलोगे या नहीं?मैंने उसे गोद में उठा कर बेड पर लेटाया और जो अपने साथ बाजार से गोल्ड रिंग लेकर आया था, वह उसको दी. प्रिया अब बिल्कुल नंगी मेरी बगल में लेटी हुई थी और ट्यूबलाईट की दूधिया रोशनी में उसका बदन किसी संगमरमर की मूर्ति की तरह चमक रहा था. छोटी उम्र की लड़कियों की बीएफयह कहते हुए अंकल मेरे बाल पकड़कर सीधे अपने लंड तरफ मेरा मुँह करने लगे.

यार भाबी जी का क्या मस्त फिगर था … आह बड़ी सी गांड, बड़े उठे हुए बूब्स … सच में मैं तो बस उनका दीवाना ही हो गया था. मैं बोल ही रही थी कि जेठ जी ने एक ही झटके में अपना पूरा लंड मेरी चुत में पेल दिया.

इसलिए मुझे उसकी बातों पर पहली बार में तो भरोसा भी नहीं हो पा रहा था. [emailprotected]कहानी का तीसरा भाग:कामवासना पीड़िता के जीवन में बहार-3. मैं सोचने लगा कि देखो तो साले अनिल को क्या मस्त सुन्दर सी चूत चोदने को मिली है.

मैं एक पल के लिए ये सोचने लग गया कि इतनी कामनीय काया की स्वामिनी सलोनी पर किसी ने डोरे क्यों नहीं डाले?सलोनी मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी. उसकी छटपटाहट एकदम से उस तरह की हो गयी थी, जैसे मछली को पानी से बाहर निकाल लिया हो. फिर शाम को मैंने अपने साथी विरेन्द्र को बोला कि मुझे यहाँ आस पास रहने के लिए घर चाहिए.

उससे बातें करते करते लगभग 2 बज गए, पर संभोग सम्बन्धी बातें नहीं हुई.

नेहा के चिकोटी काटने से जब मुझे दर्द हुआ तो जैसे मैं होश में आ गया और मैंने नेहा की तरफ देखते हुए उससे पूछा- क्या?? क्या है?क्या है? जान से मारेगा क्या?? आराम से भी तो कर सकता है ना …” नेहा ने कराहते हुए कहा. मालती बहुत हैरान हो गई और बोली- मेरे पास कहां से आया तुम्हारा पति?तब मैंने कहा- मेरी चूत से किसने खून निकाल कर मुझे लड़की से औरत बनाया था?मालती ने कहा- मेरे डिल्डो ने?मैंने कहा- तब मेरा पति हुआ ना वो?मालती हंस पड़ी और बोली- क्या बात है डार्लिंग.

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मैं तुम्हारी उस गुलाबी चुत को पीना चाहता था … लेकिन तुम अपना हाथ वहां से हटाने को तैयार ही नहीं थीं. वो मुझसे बोला- तू कुछ पहनेगी या ऐसे ही ऊपर चलेगी?मैंने पूछा- यहां कोई है क्या?महेश बोला- नहीं कोई नहीं है. ’ फिर मैंने कायदे से उसके दूध को बाहर से दबाया फिर अन्दर हाथ डाल कर दबाया और उसकी दूध की घुंडी को मसलता रहा.

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तभी रवि ने रिक्शा वाले से बोला- आज अपने लंड का रिक्शा मेरी बहन की चूत पर चढ़ा दे. तभी एकता ने बोला- यार बड़ी मुश्किल से आठ दस दिन के लिए इसे उन दोनों ने छोड़ा है … वो भी ट्रेनिंग के वास्ते गई हैं तब लाने दिया है. फिर वो बोली- तूने मेरी चूत देख ली, अब अपना नहीं दिखाएगा?मैंने बोला- आप खुद देख लो.

चाची ने शरमाते हुए कहा- बेटे का लंड अपनी गांड पर महसूस करने के बाद तो किसी की भी चूत गीली हो जाएगी. उस दिन की रात बड़ी मुश्किल से निकली हम दोनों की!अगली सुबह जब मैं उठा तो देखा सभी अपने सामान पैक करके गाड़ी में डाल रहे थे. फुल एचडी में बीएफ भेजोलता भाभी की सफ़ेद जांघें और केले के पेड़ जैसी शेप की टांगें, सुन्दर गुदाज गोल चूतड़, गज़ब ढहा रहे थे.

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प्रमिला ने भी अपनी दोनों जांघों को मेरे सर के आजू आजू रख लिया और मैंने प्रमिला को उसकी कमर से पकड़ के अपनी तरफ चिपका लिया. हम दोनों लोग पूरी मस्ती से सेक्स कर रहे थे और एक दूसरे से खुल कर बातें भी कर रहे थे. उन्होंने मेरे होंठों को तो अब छोड़ दिया और दोनों हाथों से मेरी पीठ को पकड़कर जल्दी जल्दी अपनी कमर को उचकाते हुए मुँह से ‘इईईई … इश्श्शश … आआ … अह्ह्ह्हह …’ की आवाजें निकालने लगीं.

फिर अगले हफ्ते उन्होंने बुधवार के दिन रामगढ़ जाने की बात बताई और कहा कि रात तक आएंगे.

कमाल की बात ये थी कि पहली बार इस पूरी गांड चुदाई में मेरा लंड न जाने क्यों नहीं खड़ा हुआ. अंकल ने कहा- रेशमा, लंड का पानी छोड़ने वाला हूँ, कहाँ छोड़ूँ?मामी बोली- साली रंडी की चूत में ही छोड़ दो. खैर मैं उसकी चूत में उंगली डालकर अन्दर बाहर करने लगा और साथ में उसके होंठों का रसपान भी करता रहा.

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फिर मैंने चाची को घुमा दिया और पीछे की साइड में आकर उनकी नंगी पीठ और कमर को चूमते हुए उनके मम्मों को खूब दबाया. मेरी प्यारी भाभियो और सेक्सी लड़कियो! माफी चाहूंगा कि बहुत दिन बाद आया हूँ, किसी काम में व्यस्त होने के कारण कोई कहानी नहीं लिख पा रहा था। बहुत सारे पाठकों ने मुझे आगे की कहानी लिखने के लिए कहा, लेकिन मैं टाइम नहीं निकाल पा रहा था. उसने अपनी मॉम की चुदाई के बारे में मुझे बताया कि वो अपनी मॉम को चोद चुका है.

ये सब खुले आम चलने लगा था, हद तो तब हुई … जब एक दिन रविवार का दिन था, दोपहर का वक्त था. मैंने अब उसकी चुत की दोनों फांकों के ऊपर से चाटना शुरू कर दिया, जिससे मेरे मुँह में उसकी कमसिन चुत का नमकीन स्वाद घुलने लगा. मैंने तुमसे कहा था कि जान मेरे लंड को चूसो ना …तो तुमने कहा था कि हां जानू अभी लो …लंड चुसाई से मेरे लंड में उत्तेजना भरने लगी … और तुम्हारी चुदास बढ़ने लगी थी.

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तभी मैंने देखा कि उसकी पहली चूची, जिसको मैं अब तक चूस रहा था, उसका निप्पल बिल्कुल लाल हो गया था. लगे हाथ आंटी ने एक्सेप्ट भी कर ली और आंटी का ही मैसेज भी आ गया- अरे वाह … इतनी जल्दी प्रोफाइल भी खोज ली?मैंने स्माइल वाला इमोजी भेज दिया, तो आंटी ने भी स्माइल का इमोजी भेज दिया.

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फाइनल एग्जाम शुरू होने से कुछ दिन पहले किसी सबजेक्ट के सिलसिले में मेरी गुड़िया से बात हुई और फिर धीरे-धीरे हम दोस्त बन गए और तब मुझे पता चला कि गुड़िया मुझे लाईक करती है. उस जगह पर चारों तरफ से बाउंड्री बनी थी और अगर कोई ऊपर आ भी जाता, तो वो हमें पहले ही दिख जाता. रोमांटिक वीडियो सेक्सी बीएफदस बजे पूजा का फोन आया और उसने बताया कि मैं ट्रेन सही समय से है और मैं आधा घंटे में पहुंच जाऊंगी.

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जब तक उसको मेरी चूत में पूरी तरह से फँसा ना दिया, वो नकली लंड को मेरी चूत में पेलती रही. इन्हीं सब चीजों के बारे में सोचते हुए मैंने उसकी चूत की ताबड़तोड़ चुदाई जारी रखी.

रूपा कांपती हुई आवाज़ में कराहने लगी- अहह मालिक आराम सेईई ओह्ह्ह्ह धीरे धीरे करो ना … ओह सीईईईई…उधर अपने सामने अपनी बीवी और मालिक के कामुक चुदाई के दृश्य देख कर, कब रमेश का लंड खड़ा हो गया और कब उसका हाथ खुद ब खुद लंड के पास पहुंच गया, उसे खुद भी पता ही नहीं चला.

मैं बोली- राजा जी जो करना है, ऐसे ही कर लो, पूरा मत उतारिए … नहीं तो बाकी के लोग क्या सोचेंगे. मुझे आज ये बात समझ आ गई थी कि जब औरतों को लंड नहीं मिलता है, तो वे किसी से भी चुदवाने लगती हैं. प्रशांत ने जड़ तक लंड डालकर मेरी चुदक्कड़ बीवी की चूत में गचागच कई धक्के मार डाले.

देसी गांव की चुदाई बीएफ अब पुनीत बिल्कुल जोश में आकर बोला- साली फुल कुतिया है तू, तेरी गांड अन्दर बेहद गर्म है. आप विश्वास नहीं करोगे कि आधे घंटे से ज्यादा देर तक मैं अपनी गांड चुदवाती रही थी.

इतनी तपिश मैंने आज तक किसी चूत में नहीं देखी, जैसी तेरी चूत में है. उसके बाद मैंने नीरू और अपनी तो बीवी दोनों को बेड पर डॉगी स्टाइल में चुदाई शुरू की. पहले नैना ने अपनी टांगें ज़ोर से बंद कीं, फिर उसे मज़ा आने लगा, तो उसने अपनी टांगें ढीली छोड़ दीं.

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हम लोग फॉर्म हाउस से लगभग 300 मीटर दूर खड़े होकर अपनी रंगरेलियों में मशगूल थे. अब मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं उसे अपने उपर से हटाने के लिए धक्के देनी लगी लेकिन वो हट नहीं रहा था. शायद उन्हें भी इसी बात का इंतज़ार था, वो भी जमके मेरा साथ देने लगीं.

प्रिया के कमरे से बाहर जाने के कुछ देर बाद ही नेहा मेरे पास आ गयी … उसने मेरी पिटाई तो नहीं की, मगर उसका भी यही सवाल था. वो पूरा लौड़ा मुँह में गले तक लेती और धक्के मारती हुई अन्दर तक लंड ले लेती.

अब मैंने जैसे-तैसे करके उसको डिल्डो (नकली लंड) लेने के लिए मना लिया.

मेरी पिछली कहानीट्रेन में बनी सहेली संग लेस्बीयन सेक्समें आपने पढ़ा कि मैं अनुप्रिया के घर पहुँच गई थी और वहाँ उसके मम्मी, पापा और वो थी. ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने पास मुझे खींच लिया और लपेट कर अपनी बांहों में जकड़ कर बोले- तुम्हारे बदन की खुशबू बहुत मस्त है. ”वैसे आपकी और मेरी बहू की काफी जमती है, फिर मुझसे बात करने के बहाने क्यों जी?”आप भी ना, अरे दो औरतों … और एक औरत और मर्द के बीच बात का फर्क अलग ही होता है.

अब मैंने भी उसके चेहरे से अपना हाथ फेरते हुये धीरे से उसके गालों से होते हुये उसके होंठों पर अंगूठा टिका दिया. मैंने लंड हिलाते हुए कहा- अरे मेरी जान, डरती क्यों हो … जरा अपनी टांगें फैलाओ … मैं तेरी चूत को चिकन बना दूंगा. भाभी मस्ती में लहरा उठी और उसने अपनी चूत कस ली और बड़बड़ाने लगी- हां.

पर थोड़ी देर बाद उन्हें भी मज़ा आने लगा और वो भी गांड उछाल कर मेरा साथ देने लगीं.

बीएफ ओपन शॉट: फिर मैं जाने लगा तो उसने मुझे गले से लगा कर एक किस दी … और मैं आ गया. फिर मैंने पूछा- क्या काम है?उसने तेज़ आवाज़ में कहा- तुम मेरे साथ दोपहर में क्या कर रहे थे?मैंने धीमी आवाज़ में जवाब दिया- क्या … क्या … कर रहा था मैं?उसने कहा- मेरी चूत के साथ क्यों खेल रहे थे?उसके मुंह से यह बात सुनकर तो मेरे होश ही उड़ गए। मैं चुपचाप वहीं पर खड़ा रहा। उसने फिर हँसना चालू किया और मैं उसे देखता रह गया.

वो बोली- मैं पिछले 5 घन्टे से पुष्कर घाटी में उस घटना के बाद से इसका इन्तज़ार कर रही थी पर तुम हो कि आगे ही नहीं बढ़ रहे थे. मैं बस उसका अच्छा दोस्त बन के रहना चाहता था, पर जो कल से अब तक हुआ था, वो दोस्ती से आगे बढ़ चुका था. उसने मेरे वहां से जाते समय मुझसे बस एक ही बात कही- बस धोखा मत देना.

फाइनली मेरी ब्रा उसने हटा दी और मेरे मोटे मोटे मम्मे उसके सामने अब आजाद थे.

मीना ने बोल दिया कि कोई बात नहीं अंदर ही छोड़ दो, मैं गोली ले लूंगी. मिल में काम करने की वजह से जेठ जी की तीनों शिफ्ट में जॉब रहती थी, इसलिए जब भी उनको समय मिलता, वह खाने के लिए यहीं हमारे फ्लैट में आ जाते थे. उसका टॉप छाती से इतना उठा होता था कि टॉप, पेट को टच न करके पेट पर छतरी की तरह तना रहता था.