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लौड़ा चूसने के बाद उन्होंने मुझे अपने बगल में लिटा लिया और उन्होंने मेरी चुत में अपना लंड प्रवेश कराके मुझे धकापेल चोदने लगे.इस तरह मंजुला के होटल पहुंच कर मैंने उसके कमरे के दरवाजे को धीमे से खटखटाया तो दरवाजा तुरंत खुला.

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चूंकि वो क्लासरूम था इसलिए मुझे डर था कि कोई हमें ये सब करते हुए देख न ले इसलिए मैंने उसकी पकड़ से छूटने की कोशिश की.

तब नौकरानी आयी, तो नीरजा देवी ने उसे खाना बनाने के लिए बोला और ठाकुर साब का ख्याल रखने के लिए बोल कर वो सब चले गए. मैं तब भी नहीं रुका तो उसने सोनाली का कंधा पकड़ लिया और उस चुदास को बर्दाश्त करने की कोशिश करने लगी. प्रियम … उफ्फ … छोड़ दो न प्लीज, मत सताओ मुझ अभागन अबला को!” मंजुला के मुंह से धीमी मीठी आवाज में मेरा नाम निकला और उसने मेरा सिर अपनी छातियों में दबा लिया.

बाबूजी ने डियो और तेल की शीशी अपनी साइड टेबल पर रखी और बाथरूम चले गये. मुझे उसकी उंगलियां अपनी चूचियों के निचले हिस्से पर महसूस हो रही थीं और मुझे बदन में अजीब सी झुरझुरी हो रही थी. मैं फिर पूरे दम से उसकी चूत मारने लगा; थोड़ी ही देर में उसकी चूत खूब पनिया गयी और फिर वो भी मेरा साथ निभाती हुई कमर उठा उठा कर लंड को लीलने लगी.

वो मेरी चूत पर तेजी के साथ हाथ से सहला रहा था और मैं उसके लंड पर अपने हाथ को ऊपर नीचे कर रही थी.

रहने दो, मैं आपके जैसी गंदी बात तो कभी न बोलूं!” वो शिवांश की तरफ करवट करवट लेते हुए बोली. मैंने बोला- आप अपने भाई का लंड ले सकती हो, लेकिन भाई के कहने पर दारू नहीं पी सकती.

सेक्सी फुल एचडी हिंदी बीएफ घर जाते ही लॉकडाउन चालू हो गया और मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से मिलने को तरस गयी. मैंने किरण से पूछा- कभी दारू पी है?किरण ने बताया- कभी नहीं और निखिल भी नहीं पीते थे.

सेक्सी फुल एचडी हिंदी बीएफ पिछले भागमेरे लंड की दीवानी गाँव की देसी बुर-1में आपने पढ़ा था कि मैं अपने गांव में चाची के घर गया हुआ था. कुछ देर के बाद दीदी बोलीं- ये दारू क्यों लेकर आए हो?मैंने कहा- आज हम दोनों पिएंगे.

कहानी लिखने का मेरा मकसद है उसे ये बताना कि जिस राह पर वो चल रही है, उसी को देखकर मैंने भी वो राह पकड़ ली है.

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फिर जब भाभी ने अपने पैर सीधे किए और चादर को अपने ऊपर पूरा ढक लिया, तो मैं डर गया और हल्का सा खुद को सिकोड़ कर पीछे कर लिया. मैं घर पर बोर होती थी। तो फेसबुक पर मेरा एक दोस्त बना। मुझे वो बातों से अच्छा लगा तो मैंने एक दिन उसे अपने घर बुला लिया. जब भी मुझे समय मिलता था मैं अपने पिता के साथ भी हाथ बंटा दिया करता था.

मैं अपने कपड़े बदलने के बाद सोचने लगा कि अब क्या करूं मैं!मैंने तय किया कि मैं आपा के पास जाता हूँ. मैंने कहा- कोई बात नहीं, रात को करते हैं। जो भी होगा देखा जायेगा।तो हमने खाने के बाद ऊपर चारपाई डाली और सब लेट गए। राबिया बाजी के पास लेटी थी। मतलब वो साली आज हमारी फिल्म देख कर ही मानेगी।आधी रात को बाजी ने मुझे हिलाया तो मैं उठ गया क्योंकि मुझे भी नींद नहीं आई थी।बाजी और राबिया दोनों गांड मटकाती हुई नीचे जा रही थीं. घर में मेरे मम्मी पापा, मेरी पत्नी, भाई और भाभी हैं और एक तीन साल की बिटिया है, लोरी नाम है उसका!”क्या मुनीम? बट मुनीम लोग तो ऐसे सूट टाई पहिन कर एयर ट्रेवल नहीं करते और ना ही ऐसा लाख रुपये वाला आई फोन हाथ में लिए रहते हैं, रहने दो आप बना रहे हो मुझे!” वो बोली और परे देखने लगी.

कुछ दूर भगाने के बाद मैंने उसकी गांड पर तमाचे लगाने शुरू कर दिये और उसकी गांड लाल कर दी.

ऐसे करते हुए कब मेरा हाथ उसकी लैगी से होता हुआ उसकी चूत पर पहुंच गया पता ही नहीं चला. अमित अब मेरी बीवी के निप्पल को काट रहा था और जोर जोर से उसकी रसीली चूत में उंगली घुसा रहा था. मेरा लंड पूरे उफान पर है।बाजी बोली- तू बाहर वाला गेट लॉक कर, मैं इसराना को देख कर आती हूं.

मेरे सामने एकदम नंगी पड़ी भाभी जी अपनी एक टांग को उठा कर मेरे हाथ में देकर मुझसे अपनी टांग पर चुम्बन का मजा ले रही थीं. पर जल्दी ही मैं संभल गया और वैसे कुत्सित विचारों को मन से झटक दिया और उस पर से निगाहें हटा लीं और पास में लगे टीवी स्क्रीन पर देखने लगा. मैंने उनसे पूछा- घर में और कौन कौन है?उन्होंने बताया कि वो, उनके पति, एक बच्चा और उनके देवर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं.

मेरा मन करता था कि कब मेरी सीलबंद चूत में किसी का लंड जाए और वो मेरी जम कर चुदाई कर दे. गर्म जवानी की कहानी में पढ़ें कि एयरपोर्ट पर मिली एक लड़की से मिलकर मुझे लगाने लगा कि यार इसकी चूत चोदने को मिल जाए तो मजा आ जाए.

कोई अनजान भी तुम दोनों को एक साथ देखे तो यही कहेगा कि तुम दोनों सगी बहनें हो. मैंने भाभी से कहा- ठीक है जानेमन!मैंने उनकी टांगों को फैलाया और घुटनों के बल उनके बीच में बैठ गया. धक्के के साथ ही मैंने उसके मुंह पर हाथ रखा और उसके ऊपर लेटते हुए लंड को पेल दिया.

एक दिन मैं वियाग्रा की टेबलेट्स खरीद लाई और रात को खीर की कटोरी में आधी टेबलेट पीसकर मिलाने लगी.

उसको तैराकी सिखाने के बदले में मैंने उससे कहा कि मैं उसको नंगी देखना चाहता हूं. डिस्चार्ज होने के बाद हम दोनों लिपट कर नंगे ही सोने का प्रयास करने लगे. हम दोनों एक दूसरे में चूमाचाटी में इतने मस्त हो गए थे कि हमें ये तक पता नहीं चला कि उसकी दीदी कब बाहर आ गयी.

फिर मैंने देखा कि ट्रेन छपरा से सोनपुर के 3 घंटे के सफर में 7 ट्रेन थीं तो मैंने भाभी से पूछा कि अगर आप चाहें तो हम इधर उतर कर किसी होटल या रूम में एक घंटे चुदाई का मजे कर सकते हैं. तो मैंने कहा- तू भी मेरी बुर चूस तनु!वो बोली- दीदी, पहले आप मेरी और चूसो.

मैं तो पहले से ही नंगा था, मैंने दीदी की कैप्री को एक झटके में उतार कर अलग कर दिया और फिर उनकी नारंगी रंग की पैंटी को देखने लगा. मगर ऐसा कुछ वहां पर हो नहीं सकता था क्योंकि उसके दोनों बच्चे भी साथ थे. मगर जवानी की उम्र ऐसी थी कि चूत की गर्मी हम लोगों में कूट कूट कर भरी हुई थी.

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हम दोनों ने एक दूसरे की तरफ आंखों में आंखें डालकर देखा और फिर एक दूसरे की तरफ आगे बढ़ते हुए दोनों हाथों से एक दूसरे के चूचे दबाने लगीं।प्रियंका ने अपना मुंह आगे करके मुझे किस करना शुरू कर दिया.

कुछ मिनट तक ऐसे ही चुदाई के बाद मैं और अमन एक साथ डिस्चार्ज हो गए और बहुत देर तक ऐसे ही पड़े रहे. अब अमित अपने सीने पर दारू धीरे धीरे गिरा रहा था, जो उसके लंड से मूत की तरह टपक रहा था. या तो मज़ा ले ले या झाड़ू लगा कर चूची हिला ले!वो चुप हो गई।बाजी ने बड़ी मस्ती से अपनी कमर हिलाना जारी रखा.

मैंने एक निप्पल को अपने मुँह में भर लिया और मजे लेकर चूसने लगा; हल्के हल्के दांतों से उन्हें खींचते हुए काटने लगा. हम ग्रुप की सभी सहेलियों ने सोचा था कि सबसे पहले अपनी पहली चुदाई की कहानी अन्तर्वासना पर भेजेंगे और फिर धीरे धीरे सभी कहानियों को अन्तर्वासना पर प्रकाशित करने के लिए भेजेंगे. বাংলাদেশী ব্লু ফিল্মमैंने उन्हें चूमा और कहा- चाची, किसी कुंवारे छेद को फाड़ने का हक तो बनता है न मेरा?चाची बोलीं- हां, मेरे मन में यही चल रहा है मगर मुझे बहुत डर लग रहा है कि कहीं फट न जाए.

मैंने उसकी चूत में थूक गिरा दिया और लंड को सेट करके जोर जोर से धक्का लगाने लगा।अब धीरे धीरे भाभी का दर्द कम होने लगा, अब वो भी धीरे धीरे अपनी गांड चलाने लगी थी।मैंने कहा भाभी- आपको दर्द हो रहा है क्या?वो बोली- राज, तुम मुझे भाभी नहीं, राखी बोलो. फिर जब मेरा होने लगा, तो मैंने उससे पूछा कि कहां लोगी?तो कहने लगी कि मुझे तुम्हारा पानी पीना है … प्लीज मेरे मुँह में निकाल दो.

वो बोलीं- अब मुझे भी तुम्हारे प्यारे लंड के रस को पीना है, मैं बहुत ही प्यासी हूं. क्योंकि मेरी फितरत के मुताबिकआई कांट सी ऐ डैम्सेल इन डिस्ट्रेस! मतलब मैं किसी हसीना को परेशानी में नहीं देख सकता. उसने मेरा साढ़े पांच इंच के लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसे जोर जोर से हिलाने लगी.

उसके साथ जब चुदाई का दूसरा राउंड चल रहा था तो मेरी सौतेली मां भी उसी कमरे में आ गयी जिसमें मैं तनु की चुदाई करके उसके साथ नंगा लेटा हुआ था. मैंने मनजीत को बोला- एक बार की चुदाई में क्या पता सुमन पेट से हो या न हो. तभी उसकी बेटी वहां पर आई और उसने अपने पापा को सांत्वना देकर चुप करवाने की कोशिश की.

फिर अंकल ने अपना मोबाइल निकाल कर मुझे मेरी वीडियो दिखाया, जिसको देखकर मेरे होश उड़ गए.

जब पापा मेरी चूत में झड़े तो मेरी चूत में उनका सीमन मुझे बहुत गर्म लगा. अब बलविंदर कभी अपनी जीभ उसके मुँह में देता, तो कभी उसकी जीभ अपने मुँह में लेकर चूसने लगता.

मैंने सोचा कि साला बड़ी मम्मी के नाम से मुठ मारने में जब इतना मजा आया है तो उन्हें चोदने में कितना मजा आएगा. कुछ देर मैंने उसको खूब अच्छे से समझाया … तो उसको बात मेरी समझ आ गयी. ”अगली बार प्रीति और मनमीत आईं तो प्रीति बाहर बैठ गई और मनमीत को मैं अन्दर ले गया.

शालिनी बोली- जैसे मैं तो आपको जानती ही नहीं? सब पता है मुझे! आपकी ठंडी बीवी ने चोदने नहीं दिया, इसीलिए मेरी याद आ रही है. मैंने कहा- मेरा एक कज़िन एकता कपूर की कम्पनी में असिस्टेंट डायरेक्टर है, मैं उससे बात करता हूँ. भाभी चीखी- ऊईई ईईई ऊईई ईईई सीईई ईईई आहहह हहह आहह मर गई … बचाओ बचाओ … मर गई!मैंने लंड को रोक दिया.

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मैं एकदम गोरी हूँ, दूध सी सफेद और मेरे चूचे खूब बड़े बड़े और सख्त हैं. मां बोली- मैं चुदने के लिए नहीं रोक रही हूं लेकिन बारी बारी से बुर और गांड चोद लो. संयुक्त परिवार होने के कारण सारा परिवार एक साथ एक बहुत बड़ी हवेली नुमा घर में रहता है.

आयज़ा पर मैंने फिर से दबाव देते हुए पूछा तो वो बताने लगी कि वो अपने पड़ोस के एक लड़के से बात करती है लेकिन सेक्स सिर्फ बातों में ही हुआ है, रियल में नहीं. भाभी की लंबाई लगभग पांच फुट चार इंच की थी, उनकी कमर छब्बीस और चूचियों की साइज बत्तीस रही होगी. स्टेटस सेक्सीउस समय बलविंदर के एक बार कहने पर अलीमा ने ऐसा कुछ भी करने से मना कर दिया था.

एक दो बार थोड़ा सा अन्दर बाहर करते हुए किरण ने लण्ड को चूत के अन्दर ठीक से स्थापित कर लिया और उछल उछलकर चोदने लगी.

जब उसकी बीवी से रुका न गया तो वो सिसकारते हुए बोली- आह्ह … प्लीज अब और परेशान मत करो. फिर मैंने माया के कपड़े उतार दिए और कहा- चलो कुछ फ्रैंकली बातें करते हैं.

मेरे टावर के जैसा खड़ा लंड देख कर पहले आंटी ने उसे अपने हाथ में लेकर सहलाया. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और मेरी जीभ को अपने मुंह में खींच रही थी. मुझे एकदम से याद आया कि खेत में वो देसी कमसिन लड़की भी इंतजार कर रही होगी.

मैंने गरज कर कहा- सुनो रश्मि डार्लिंग … जो हुआ सो हुआ, अब आगे का सोचो.

निधि- अच्छा तुम ये बताओ मॉल में तुम मुझे क्यों घूर रहे थे?मैं- तुम्हारे हुस्न की शान को घूर रहा था. मैं अपने घर में अपने माता पिता की एकलौती औलाद हूं इसलिए मेरे लिए किसी बात की मनाही नहीं है. तुम्हारा भाई (यानि चाचा का बेटा) पढ़ाई करके वापस आ जाए … तो मैं ये सब काम काज छोड़ दूंगा.

विस्की दारूउधर बलविंदर ने दरवाजे की चिटकनी को लगा दिया, फिर उसने सारा सामान टेबल पर रख दिया और अलीमा की ओर बढ़ने लगा. इस कहानी को पढ़कर आपको कितना मजा आया मुझे इसके बारे में जरूर लिखना.

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चूंकि गांव के बाथरूम कमरे से अलग कॉमन ही होते थे, तो ठाकुर की सास बाथरूम के अन्दर अपने आपको साफ कर रही थीं. लेकिन ऑनलाइन क्यों है? और तुरंत मेरी रिक्वेस्ट कैसे स्वीकार कर ली?मेरी चुल्ल बढ़ती जा रही थी तो मैंने तुरंत उस हॉट भाभी को एक मैसेज किया ‘हाय’मुझे भी तुरंत में उस बला की खूबसूरत माल का रिप्लाई आया. ऐसी बात माँ से करने में काफी डर लगता है।मां के जाने के बाद तनु मुझसे बोली- दीदी, आप भी पहनती हो क्या ये सब?तो मैंने तनु के इस सवाल का जवाब नहीं दिया.

उस दवा का असर मुझ पर अब भी इतना था कि मेरे शरीर में एक बूंद जान ना बची होने की बावजूद भी मेरी चूत में कुलबुलाहट होने लगी. उनकी मादक सिसकारियां ले रही थीं और बोल रही थीं- आह राज … मजा आ रहा है … आह बस ऐसे ही … हम्म … मस्त मज़ा आ रहा है. एक तो मेरे लंड का मोटा सुपारा और दूसरे मेरी बहन ज़ोहरा की चूत पर बढ़ी हुई झांटें … मेरा लंड आपा की चूत में नहीं जा पाया.

दोपहर के खाने के बाद मैं कमरे में आयी और कुछ देर बेटी से बात करके एक ब्लूफिल्म देखने लगी. फिर मुझे स्कूटी से उतार कर उस सड़क के किनारे मेरे होंठों को चूसने लगा जिसमें मैं भी उसका बराबरी से साथ देने लगी. मैं नजरअंदाज करते हुए फ़ोन पर बात करने का बहाना करके बालकनी में चला गया और वहीं से अपनी बीवी की हरकत देख रहा था.

मैं खडी़ हो गई, मेरा पल्लू निचे पडा़ था, कमर से ऊपर एक भी कपड़ा नहीं था. आकांक्षा ने अपनी आंखें बंद की हुई थीं और बहुत धीरे धीरे से सिसकारियां ले रही थी- आह हह उईई ईईई ओह … हहह!इतने में इंटरवल हो गया.

अचानक गुरप्रीत उठी और मुझ पर सवार हो गई, अपनी चूत के होंठों को फैलाकर मेरे लण्ड पर बैठ गई और रगड़ने लगी.

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मैडम मेरे दिल में उतर गयी थी … पर मैं करता भी क्या … वो एक ट्रेनी ऑफिसर थी. भाभी बोली- जल्दी से निकाल लो और मेरी चाटो!फिर मैं नीचे लेटा और जल्दी से वो मेरे मुंह पर अपनी चूत को रगड़ने लगी. सुबह अक्षय अपने घर चला गया और मैं भी घर के काम में लग गयी … लेकिन मेरा मन शांत नहीं हो रहा था.

मैंने उसे बिस्तर पर बिठा दिया और पूछा- चाय पियोगी?उसने हां में सर हिलाया, तो मैंने उसके लिए चाय बनाई और उसे पिलाई खुद भी पी. ऐसे ही मेरा एक हाथ सोनाली के बूब्स पर था और दूसरा गरिमा के बूब्स पर।मैं सोनाली की गर्दन पर किस कर रहा था जिससे वो मचल रही थी और उसकी सिसकारी सुनकर मेरी गर्लफ्रेंड जोश में आती जा रही थी. मगर मुझे कुछ डर भी लग रहा था कि कहीं वो ये बात मेरे मम्मी पापा को न बता दें.

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उसने टांगें खोलकर अच्छी तरह से सेठ का लंड अपनी चूत पर रगड़वाना शुरू कर दिया. फेक अकाउंट की वजह ये है कि मैं अपनी असली पहचान किसी को देना नहीं चाहता और किसी की जानना भी नहीं चाहता. पर क्या कर सकता था, मजबूरी में खानी पड़ी।फिर उसके बाद ध्वनि वहीं मेरे पास बैठ गई और मेरे साथ बात करने लगी। बोलते समय उसके पतले होंठ बहुत प्यारे लग रहे थे। मेरा दिल कर रहा था कि अभी चूस लूं।बात करते करते मैंने उसके होंठ पर किस कर लिया तो वो गुस्सा हो गई और जाने लगी।तब मैंने उसको पीछे से पकड़ लिया और फिर उसको आई लव यू बोला।ध्वनि- नहीं संजय, ये सब ठीक नहीं है.

गाड़ी में रखी एक व्हिस्की की बोतल से मुँह लगाया आर दो घूंट नीट ही खींच लिए फिर स्वाद ठीक करने के लिए मैंने एक सिगरेट सुलगाई और अपनी बीवी की चुदाई को देखने लगा.

उसके कुछ दिन बाद फिर श्वेता भी जान गयी कि उसकी मां की चुदाई भी मैं ही करता हूं.

मैं- जिया क्या वो भी सब काम करेगी … जो तू और तेरी बहन करती है?यह बात एडरिया ने सुन ली और वो झट से बोली- हां हां क्यों नहीं … बस जिया की सैलरी से ज्यादा सैलरी आरिया को देनी होगी. तो बाजी ने कहा- इमरान जल्दी कर, ज्यादा टाइम नहीं है।मैंने राबिया को कपड़े खोलने को बोला तो बाजी ने कहा- तू खुद उतार ले बहनचोद. पंजाब की ब्लू फिल्मेंमेरे शौहर के मुकाबले मेरे जेठ का लंड ज्यादा लम्बा और मोटा था और उसके शरीर में ताकत भी काफी ज्यादा थी।कई बार मैंने अपने जेठ को पटाने की कोशिश भी की थी.

मेरा उसके साथ एक अटैचमेंट सा हो गया था। होता भी यही है स्टार्टिंग में मुझे उसके पर भरोसा नहीं था लेकिन जैसे बाद में मुझे ऐसा लगा कि बंदा बहुत अच्छा है इसके साथ मैं खुल सकती हूँ. मैंने उसकी आंखों में वासना से देखा और आंखों की भाषा में ही उसको चोदने की लालसा जाहिर कर दी. मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो बस यूं ही करवट बदलता हुआ आंखें मूंदे उसी के बारे में सोचता रहा.

मेरी मेल आई डी[emailprotected]कहानी का दूसरा भाग:चुदाई की तमन्ना कॉलबॉय से पूरी की-2. मैंने भाभी को भी यही बोला कि मुझे उसकी चूत खानी है और उसकी चूचियों का दूध पीना है.

उसने टॉप और लैगी पहना था और लैगी पीछे से अंदर तक उसकी गांड में घुस गयी थी जिससे मेरी बहन की गांड उभर के आ रही थी.

मैंने उसे किस किया और उसकी चूत पर अपना लंड टिका कर एक धक्का दे मारा. उसे अंदाजा हो गया कि ये उसके पति के सामान से काफी मोटा लंबा और तगड़ा है. उसके गुबाली होंठों पर मेरा सफेद वीर्य लगा हुआ चमक रहा था जिसे देखकर मुझे बहुत सुकून मिल रहा था.

बिहारीगंज मेरे शरीर में बड़ी जान थी, लौड़े पर उचकते उचकते मैं पसीने से तरबतर हो गई लेकिन रूकी नहीं, मैं तब रूकी जब बाबूजी के लण्ड ने मेरी चूत में पिचकारी छोड़ दी. मैंने माधवी भाभी के पैरों को चौड़ा किया और उनकी चुत में एक ही बार में पूरा लंड डाल दिया.

मैंने उसे चूमते हुए कहा- मेरे साथ हर बार तुम दो से कम बार नहीं झड़ोगी. मगर फुसा ने बिना रुके मेरी मम्मी की चुत में दस बारह तेज झटके मार दिए. मुझे मज़ा आ रहा है! रुको मत!तो मैं 69 में हो गई और अपनी टांग चौड़ी कर दी।मेरी गांड फैल गई और बुर तनु के मुंह के पास आ गई.

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माधवी मेरी इस हरकत पर बोली- वाह मेरे किंग-कांग जियो राजा!मैं अभी भी पागल की तरह गर्ज रहा था. मैंने उससे पूछा तो उसने बताया कि उसके मां पापा दोनों नौकरी करते हैं और उसकी बहन शिफ़ा कोचिंग क्लास गयी हुई है. संजय मुझे देख कर बोला- अभी तक आप तैयार नहीं हुईं … चलो जल्दी तैयार हो जाओ.

वो बोले- क्या कर रही हो श्वेता, अगर किसी को पता लग गया तो बहुत बदनामी होगी. उसकी चिल्लाहटों के साथ मेरा जोश भी बढ़ रहा था और हम दोनों की चुदाई का मजा भी.

उनके जाने के बाद मैं कम्पार्टमेन्ट में घुसी और मेरे शौहर के सामने बैठ कर अपने ब्रा ठीक करके ब्लाऊज के बटन लगाने लगी.

जब रात को खाना खाने के बाद हम दोनों सोने के लिए हमारे कमरे में गए तब देखा कि ज़ोहरा आपा हमारे बिस्तर पर पहले ही सो चुकी थी. बनारस से ट्रांसफर होकर लखनऊ आया तो जो फ्लैट मैंने किराये पर लिया, उसके सामने वाला फ्लैट चौरसिया जी का था. आप लोग कमेंट बॉक्स में अपनी प्रतिक्रियाएं छोड़ दें अथवा नीचे दी गयी मेरी ईमेल आईडी पर मैसेज करें.

जब हम लोग शहर से वापस गांव की ओर आ रहे थे तो बीच रास्ते में ही बारिश शुरू हो गयी. मैंने कॉल रिसीव किया- हैलो कौन?उधर से- फॉरेस्ट आफिस से बाबू बोल रहा हूँ, क्या ये जय ठाकुर का नंबर है?मैं- जी … बोल रहा हूँ, कहिये क्या काम है आपको?बाबू- आपको अपने पेपर चैक करवाने के लिए एसडीओ सर ने बुलाया है … आप पेपर लेकर आ जाइए. पर वो कहते हैं ना कि अगर आप किसी चीज़ को शिद्दत से चाहते हो, तो पूरी कायनात उसे पूरा करने में लग जाती है.

फिर अशोक, रोहन को किस करने लगा और दोनों एक दूसरे के मुँह में सारा वीर्य देने लगे.

सेक्सी फुल एचडी हिंदी बीएफ: काफी देर तक घूमने के बाद जब हम तीनों ही थक गए, तो हमने थोड़ा आराम करने की सोची. जब तक रोहन के लंड से पानी नहीं निकला, तब तक उसने अपने चेहरे से रजक लाल का सारा पानी उंगली से लेकर चाट लिया.

अब हम दोनों की शादी हो गई है और अब जब भी मिलती हैं तो अपनी उन सब बातों को याद कर करके हंसती हैं।मेरी पिछली कहानी थी:ढोंगी बाबा तगड़ा चोदून्यू चुत के साथ लेस्बियन सेक्स की यह कहानी आपको कैसी लगी?. ज्यादा चूं चपड़ करेगा तो खर्चा पानी लेने के बाद दोनों को चलती ट्रेन से फेंक देंगे. उसने लन्ड हरदीप की गांड के छेद पर रखा।हरदीप ने उसको गांड चुदाई के लिए रोकना चाहा लेकिन धर्मपाल ने लन्ड उसकी गांड के छेद पर सेट कर दिया.

हम दोनों तो रूम में आकर ही एक दूसरे के ऊपर टूट पड़े और हम दोनों ने पल भर में सारे कपड़े उतार दिए.

मेरा लंड पूरे उफान पर है।बाजी बोली- तू बाहर वाला गेट लॉक कर, मैं इसराना को देख कर आती हूं. बुआ उठ कर खुद को ठीक करने लगीं और मैं उनके पास बैठ कर उन्हें देखने लगा. हमने राबिया की तरफ देखा तो वो अपनी सलवार में हाथ डालकर चूत रगड़ रही थी.